भारत के कॉर्पोरेट सेक्टर में वरिष्ठ नेतृत्व को लेकर एक नया सर्वे चौंकाने वाली तस्वीर सामने लेकर आया है। देश के 1,200 से ज्यादा C-level executives और senior leaders पर किए गए एक अध्ययन में पता चला है कि 94% वरिष्ठ अधिकारी नए करियर अवसरों के लिए खुले हुए हैं, जबकि 63% अधिकारी सक्रिय रूप से नई भूमिका की तलाश कर रहे हैं। इतना ही नहीं, 41% वरिष्ठ अधिकारियों को उम्मीद नहीं है कि वे अपनी मौजूदा भूमिका में एक साल से ज्यादा समय तक बने रहेंगे। यानी कंपनियों के शीर्ष पदों पर बैठे कर्मचारियों के बीच भी job mobility काफी तेज हो रही है।
यह रिपोर्ट Page Executive India, जो Michael Page India का हिस्सा है, की Executive Compensation & Talent Trends Report 2026 – India पर आधारित है। रिपोर्ट में वरिष्ठ नेतृत्व की बदलती प्राथमिकताओं, वेतन, career progression, AI के बढ़ते इस्तेमाल और कंपनियों के लिए talent retention की चुनौती को सामने रखा गया है। आंकड़े यह संकेत देते हैं कि आज सिर्फ ज्यादा salary देकर किसी senior executive को लंबे समय तक कंपनी में बनाए रखना आसान नहीं रह गया है। वरिष्ठ अधिकारी अब promotion, ज्यादा जिम्मेदारी, बड़े projects, बेहतर work impact और career growth जैसे पहलुओं को भी उतना ही महत्व दे रहे हैं।
सर्वे का सबसे बड़ा संकेत 94% वाला आंकड़ा है। इसका अर्थ यह नहीं है कि 94% senior executives तुरंत अपनी नौकरी छोड़ने वाले हैं। इसका मतलब है कि इतने प्रतिशत अधिकारी नए career opportunities को explore करने के लिए तैयार हैं। इनमें से 63% लोग ऐसे हैं जो वास्तव में सक्रिय रूप से नई role की तलाश कर रहे हैं। यह अंतर काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि किसी नए अवसर के लिए खुला होना और actively job search करना एक जैसी स्थिति नहीं है।
रिपोर्ट के मुताबिक वरिष्ठ अधिकारियों की नौकरी बदलने की इच्छा के पीछे सबसे बड़ा कारण सिर्फ पैसा नहीं है। आज के leaders अपने career में तेजी से आगे बढ़ना चाहते हैं। वे ऐसी भूमिका चाहते हैं जिसमें उन्हें ज्यादा जिम्मेदारी मिले, बड़े business decisions में हिस्सा लेने का मौका मिले और उनके काम का असर संगठन के स्तर पर दिखाई दे। यानी senior talent market में अब “कितनी salary मिलेगी” के साथ “कितना बड़ा role मिलेगा” भी उतना ही महत्वपूर्ण सवाल बन चुका है।
सर्वे में 41% executives ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं है कि वे अपनी वर्तमान position में एक साल से ज्यादा समय तक बने रहेंगे। यह आंकड़ा कंपनियों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि senior-level employee का अचानक जाना सामान्य कर्मचारी के जाने से ज्यादा बड़ा असर डाल सकता है। किसी senior executive के पास organization की strategy, clients, teams, processes और business decisions से जुड़ा महत्वपूर्ण अनुभव होता है। उसके जाने पर सिर्फ एक vacancy नहीं बनती, बल्कि कई बार पूरी team के काम करने के तरीके पर असर पड़ सकता है।
रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि कंपनियों के सामने अब talent retention की चुनौती पहले से ज्यादा गंभीर हो रही है। Page Executive India के Managing Partner Jon Goldstein के अनुसार भारत का executive market talent की कमी से नहीं, बल्कि organizations की उस talent को develop और retain करने की गति से प्रभावित हो रहा है। वरिष्ठ नेता तेजी से progression, ज्यादा impact और performance तथा reward के बीच स्पष्ट संबंध चाहते हैं।
इसका मतलब यह है कि कंपनियों को केवल recruitment पर ध्यान देने के बजाय existing senior talent को बनाए रखने की रणनीति भी मजबूत करनी होगी। किसी executive को लंबे समय तक रोकने के लिए उसे सिर्फ annual increment देना पर्याप्त नहीं हो सकता। अगर उसे लगातार लगता है कि उसके लिए कंपनी में आगे बढ़ने का रास्ता बंद है, तो वह दूसरे organization में बेहतर opportunity तलाश सकता है।
सर्वे में compensation को लेकर भी एक दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। 65% executives ने कहा कि वे अपने वर्तमान remuneration से संतुष्ट हैं, लेकिन इसके बावजूद 94% नए opportunities के लिए खुले हैं। वहीं 87% executives ने compensation को job satisfaction का महत्वपूर्ण कारण बताया। इसका सीधा मतलब यह है कि salary महत्वपूर्ण है, लेकिन salary अकेली retention की गारंटी नहीं है।
यही बदलाव corporate HR के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। अगर कोई senior executive salary से संतुष्ट है लेकिन फिर भी दूसरी नौकरी तलाश रहा है, तो कंपनी को यह समझना होगा कि समस्या शायद compensation के बाहर है। यह promotion की कमी, decision-making में कम autonomy, नए projects की कमी, काम के प्रभाव को लेकर असंतोष या career growth की धीमी गति हो सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक 34% executives नई role तलाशने के पीछे promotion की इच्छा को कारण बताते हैं। वहीं 59% अगले 12 महीनों में higher-profile projects पर काम करना चाहते हैं। इससे पता चलता है कि senior professionals अब केवल designation और salary से संतुष्ट नहीं होना चाहते। वे ऐसी जिम्मेदारी चाहते हैं जिससे उनका career profile मजबूत हो और उन्हें बड़े स्तर पर काम करने का मौका मिले।
भारत में Global Capability Centres यानी GCCs का विस्तार भी इस बदलाव को बढ़ावा दे रहा है। भारत में कई multinational companies अब सिर्फ back-office operations के लिए नहीं बल्कि global functions, product development, technology, analytics और strategic decision-making के लिए भी बड़ी teams तैयार कर रही हैं। इससे भारतीय executives को ऐसी roles मिल रही हैं जिनमें वे global business पर ज्यादा बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं। इसी वजह से senior leadership market में career mobility बढ़ने की एक वजह भारत में बढ़ते leadership opportunities को भी माना जा रहा है।
AI भी senior leadership के इस बदलते माहौल का एक बड़ा हिस्सा बन गया है। रिपोर्ट के अनुसार 75% executives अपने काम में AI का सक्रिय रूप से इस्तेमाल कर रहे हैं। इतनी ही संख्या यानी 75% executives ने कहा कि AI के इस्तेमाल से उनकी productivity बढ़ी है। वहीं 72% ने काम की quality में सुधार महसूस किया। इसका मतलब है कि AI अब केवल IT department या technology companies का विषय नहीं रह गया है, बल्कि senior management के रोजमर्रा के काम का हिस्सा बनता जा रहा है।
AI के इस्तेमाल का तरीका भी बदल रहा है। पहले कंपनियों में सवाल यह था कि AI को अपनाया जाए या नहीं। अब सवाल यह बन गया है कि AI को business operations, decision-making और team performance में किस तरह इस्तेमाल किया जाए। यानी senior executives से सिर्फ AI tools की जानकारी नहीं बल्कि यह अपेक्षा की जा रही है कि वे AI को business strategy का हिस्सा बना सकें।
Michael Page India and Singapore के Senior Managing Director Nilay Khandelwal के अनुसार executive level पर AI की चर्चा अब adoption से आगे बढ़कर accountability की तरफ जा रही है। जैसे-जैसे roles बदल रही हैं और नए skills महत्वपूर्ण हो रहे हैं, AI के साथ प्रभावी तरीके से काम कर सकने वाली talent को पहचानना, विकसित करना और बनाए रखना leadership की महत्वपूर्ण प्राथमिकता बनता जा रहा है।
इसका असर future leadership hiring पर भी पड़ सकता है। आने वाले समय में कंपनियां ऐसे senior executives को प्राथमिकता दे सकती हैं जो अपने traditional management skills के साथ technology और AI को भी समझते हों। उदाहरण के लिए CFO से केवल financial reporting की उम्मीद नहीं होगी, बल्कि data analytics और AI-driven forecasting को business decisions में शामिल करने की क्षमता भी महत्वपूर्ण हो सकती है। इसी तरह HR leaders से workforce planning के साथ AI-based talent analytics की समझ की उम्मीद की जा सकती है।
रिपोर्ट में variable pay यानी performance-linked compensation का भी महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। 88% C-level executives और senior leaders variable compensation प्राप्त करते हैं, जबकि बाकी APAC markets में यह आंकड़ा करीब 85% बताया गया है। यानी भारत में senior leadership compensation का बड़ा हिस्सा performance से जुड़ा हुआ है।
Variable compensation की मात्रा सभी executives के लिए समान नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार 42% executives के लिए variable pay उनके total compensation का 21% से कम है। 23% के लिए यह 21 से 30% के बीच है, जबकि 10% executives को 31 से 40%, 7% को 41 से 50% और 6% को 51% से ज्यादा variable compensation मिलता है। इससे पता चलता है कि senior-level pay structures में performance-linked component काफी अलग-अलग हो सकता है।
कंपनियां variable pay तय करते समय भी अलग-अलग business indicators को देख रही हैं। रिपोर्ट में profitability 52% के साथ सबसे बड़ा factor बताया गया है, जबकि revenue growth 51% पर है। इसके बाद operating margin 29%, market-share growth 26% और long-term growth targets 25% जैसे factors आते हैं। Return on investment 24% और cash flow तथा employee engagement/talent retention 22%-22% के स्तर पर हैं।
इससे यह समझ आता है कि senior executive की compensation अब केवल उसकी individual performance पर निर्भर नहीं है। कंपनी कितना profit कमा रही है, revenue कितना बढ़ रहा है, market share में क्या बदलाव आया और long-term growth कैसी है—इन सभी चीजों का असर executive compensation पर पड़ सकता है।
लेकिन यही performance-linked compensation senior executives को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं दिख रही है। 88% executives को variable pay मिलने के बावजूद 94% नए opportunities के लिए खुले हैं। इससे एक महत्वपूर्ण बात सामने आती है कि financial reward और career satisfaction दो अलग-अलग चीजें हैं। पैसा जरूरी है, लेकिन senior professionals अपने काम में meaning, influence, growth और visibility भी चाहते हैं।
Skills-based hiring भी इस रिपोर्ट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। कंपनियां धीरे-धीरे केवल degree, designation या पुराने job titles पर निर्भर रहने के बजाय candidate के actual skills और capabilities को ज्यादा महत्व देने की ओर बढ़ रही हैं। इसका फायदा उन professionals को मिल सकता है जिनके पास किसी particular technology, business function या specialized domain की मजबूत expertise है, भले ही उनका career path पारंपरिक तरीके से सीधा न रहा हो।
Skills-based hiring के पीछे एक और वजह talent pool को बड़ा करना है। अगर कंपनियां केवल traditional qualifications और fixed career paths पर निर्भर रहेंगी तो उन्हें सीमित उम्मीदवार मिलेंगे। इसके बजाय अगर वे actual skills और potential को देखें तो अलग-अलग background से आने वाले professionals को senior roles तक पहुंचने का मौका मिल सकता है। रिपोर्ट के अनुसार organizations इस approach की potential को पहचान रही हैं, हालांकि इसका implementation अभी सभी कंपनियों में समान नहीं है।
Senior executives की बढ़ती mobility का असर recruitment agencies पर भी पड़ सकता है। जब बड़ी संख्या में experienced professionals नए अवसरों के लिए खुले होते हैं, तो executive search firms के लिए talent pool बड़ा होता है। दूसरी ओर companies को भी competition बढ़ने के कारण attractive roles और बेहतर career propositions तैयार करने पड़ सकते हैं।
यह trend केवल बड़ी multinational कंपनियों तक सीमित नहीं है। भारतीय कंपनियां भी leadership roles में बदलाव, digital transformation और AI adoption के दौर से गुजर रही हैं। जैसे-जैसे businesses नए markets में expand कर रहे हैं, senior executives से ज्यादा complex responsibilities संभालने की उम्मीद की जा रही है। इसलिए ऐसे leaders जिनके पास technology, strategy, people management और business transformation का combined experience है, उनकी मांग बढ़ सकती है।
कर्मचारियों के नजरिए से देखें तो यह सर्वे एक दूसरी तस्वीर भी दिखाता है। अगर 63% senior leaders actively नई नौकरी तलाश रहे हैं, तो companies के बीच experienced talent को लेकर competition बढ़ सकता है। इससे कुछ professionals को बेहतर salary, promotion या larger responsibilities मिलने की संभावना बढ़ सकती है। लेकिन इसका दूसरा पहलू यह है कि frequent leadership changes से organizations में continuity प्रभावित हो सकती है।
किसी senior executive के जाने पर कंपनी को replacement ढूंढने में समय लग सकता है। नए व्यक्ति को business model, clients, team structure और internal processes समझने में कई महीने लग सकते हैं। इसलिए companies के लिए succession planning भी महत्वपूर्ण हो जाती है। अगर किसी critical leadership position के लिए internal replacement तैयार नहीं है, तो executive के जाने का असर ज्यादा गंभीर हो सकता है।
AI इस पूरी तस्वीर को और बदल रहा है। एक तरफ 75% senior executives AI का इस्तेमाल कर रहे हैं और productivity में सुधार की बात कह रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ AI के कारण कई traditional roles और skills भी बदल रहे हैं। इसका मतलब है कि senior leaders को खुद भी लगातार reskilling और upskilling करनी होगी। केवल पुराने experience के आधार पर लंबे समय तक leadership role में बने रहना भविष्य में कठिन हो सकता है।
आज का senior executive अगर technology को समझता है, AI को business strategy से जोड़ सकता है, teams को manage कर सकता है और measurable business impact पैदा कर सकता है तो उसकी demand मजबूत रहने की संभावना है। दूसरी ओर जो leaders नए technology trends और बदलती workplace expectations के साथ खुद को update नहीं करते, उनके लिए competition बढ़ सकता है।
कुल मिलाकर Page Executive India की यह रिपोर्ट भारतीय corporate leadership market में एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करती है। 94% senior executives नए opportunities के लिए खुले हैं, 63% actively नई role तलाश रहे हैं और 41% को उम्मीद नहीं कि वे अपनी मौजूदा भूमिका में एक साल से ज्यादा रहेंगे। साथ ही 75% leaders AI का इस्तेमाल कर रहे हैं, 75% ने productivity में सुधार देखा है और 72% ने work quality बेहतर होने की बात कही है। दूसरी तरफ 65% executives compensation से satisfied हैं, फिर भी 87% salary को job satisfaction का महत्वपूर्ण factor मानते हैं।
इन आंकड़ों से सबसे बड़ा संदेश कंपनियों के लिए है कि senior talent को बनाए रखना अब सिर्फ salary का खेल नहीं रह गया है। बेहतर compensation के साथ clear career path, promotion opportunities, high-profile projects, meaningful responsibility, flexibility, AI-enabled working environment और decision-making में ज्यादा autonomy जैसे factors भी जरूरी हो गए हैं। वहीं executives के लिए संदेश है कि आने वाले समय में career growth के साथ AI और नए digital skills पर पकड़ बनाना बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।
भारत का senior leadership market फिलहाल तेजी से बदल रहा है। कंपनियां global roles भारत में ला रही हैं, AI business operations का हिस्सा बन रहा है और experienced executives ज्यादा बड़े अवसर तलाश रहे हैं। ऐसे माहौल में जो organizations अपने leaders को केवल कर्मचारी नहीं बल्कि long-term strategic talent मानकर develop करेंगी, उनके लिए retention की चुनौती कम हो सकती है। दूसरी ओर senior professionals के लिए भी यह दौर नए अवसरों के साथ-साथ लगातार सीखने और खुद को बदलते रहने का है।
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