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एंड्रॉएड यूजर्स का 15GB फ्री स्टोरेज जल्दी होगा फुल, SMS और कॉल हिस्ट्री बैकअप भी होगा काउंट

एंड्रॉएड स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए क्लाउड बैकअप से जुड़ा एक महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है। अब फोन के बैकअप में शामिल SMS, कॉल हिस्ट्री, डिवाइस सेटिंग्स और दूसरे बैकअप डेटा को भी यूजर के Google Account स्टोरेज में गिना जाएगा। इससे उन लोगों का फ्री क्लाउड स्टोरेज पहले के मुकाबले थोड़ा जल्दी भर सकता है, जिनके अकाउंट में पहले से Gmail, Google Drive और Google Photos का काफी डेटा मौजूद है।

नई व्यवस्था 7 जुलाई 2026 से लागू होना शुरू हुई है। नए अकाउंट्स और नए बैकअप यूजर्स पर इसका असर पहले दिखाई दे सकता है, जबकि मौजूदा यूजर्स के लिए बदलाव आने वाले महीनों में धीरे-धीरे रोल आउट होने की रिपोर्ट है। बदलाव के बाद एंड्रॉएड फोन के बैकअप में शामिल SMS, कॉल हिस्ट्री, डिवाइस सेटिंग्स और कुछ अन्य डेटा यूजर के उपलब्ध Google Account storage quota का हिस्सा बनेंगे।

अभी एक सामान्य Google Account के साथ अधिकतम 15GB फ्री स्टोरेज मिलता है। यह स्टोरेज केवल किसी एक सर्विस के लिए नहीं है, बल्कि Gmail, Google Drive और Google Photos जैसी सेवाओं के बीच साझा होता है। अब एंड्रॉएड डिवाइस बैकअप का अधिक डेटा भी इसी उपलब्ध स्टोरेज में गिना जाएगा।

इस बदलाव को आसान भाषा में समझें तो अगर आपके Google Account का 15GB स्टोरेज पहले से Gmail attachments, Drive files और Photos के कारण लगभग भर चुका है, तो फोन बैकअप का अतिरिक्त डेटा भी उसी सीमा में जगह लेगा। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर यूजर का स्टोरेज अचानक कई GB कम हो जाएगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, Google का अनुमान है कि इस बदलाव से औसतन लगभग 40MB अतिरिक्त स्टोरेज इस्तेमाल हो सकता है। इसलिए जिन यूजर्स के अकाउंट में कई GB जगह खाली है, उनके लिए तत्काल बड़ा असर दिखाई देना जरूरी नहीं है। लेकिन जिन लोगों का 15GB quota पहले ही 14GB या उससे अधिक इस्तेमाल हो चुका है, उनके लिए हर अतिरिक्त डेटा महत्वपूर्ण हो सकता है।

इस बदलाव से पहले एंड्रॉएड बैकअप के कई हिस्से यूजर के सामान्य cloud storage quota में नहीं गिने जाते थे। अब SMS messages, call history और device settings जैसे डेटा भी quota का हिस्सा बन रहे हैं। यही कारण है कि इसे एंड्रॉएड बैकअप पॉलिसी में महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।

इस खबर का दूसरा और सकारात्मक पक्ष यह है कि यूजर्स को बैकअप पर पहले से अधिक नियंत्रण भी दिया जा रहा है। नए backup controls में अलग-अलग categories को चालू या बंद करने के विकल्प मिल सकते हैं। यानी यूजर तय कर सकेगा कि SMS और MMS messages, call history, device settings या दूसरी उपलब्ध categories में से किसका backup रखना है और किसे बंद करना है।

यह सुविधा खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है जो हर प्रकार का डेटा cloud पर सेव नहीं करना चाहते। उदाहरण के लिए, अगर किसी यूजर को पुरानी call history का backup जरूरी नहीं लगता, तो उपलब्ध विकल्पों के अनुसार उसे बंद किया जा सकता है। इसी तरह जरूरत के आधार पर दूसरी backup categories को भी manage किया जा सकता है।

हालांकि अलग-अलग कंपनियों के एंड्रॉएड फोन में Settings menu का नाम और रास्ता थोड़ा अलग हो सकता है। Samsung, Pixel, OnePlus, Xiaomi, Motorola और दूसरे ब्रांड्स अपने software interface के अनुसार settings को अलग जगह दिखा सकते हैं। इसलिए यूजर अपने फोन की Settings में Google Backup, Backup by Google One या Backup Details जैसे विकल्प खोज सकता है।

इस बदलाव को समझने के लिए 15GB फ्री स्टोरेज की पूरी व्यवस्था समझना जरूरी है। कई यूजर्स सोचते हैं कि उन्हें Gmail के लिए अलग 15GB, Drive के लिए अलग 15GB और Photos के लिए अलग 15GB मिलता है। ऐसा नहीं है। उपलब्ध 15GB quota इन सेवाओं के बीच साझा होता है।

मान लीजिए किसी यूजर के Google Photos में 8GB फोटो और वीडियो हैं, Gmail में 3GB ईमेल और attachments हैं और Drive में 2GB documents तथा दूसरी files हैं। इस स्थिति में उसके कुल 15GB में से लगभग 13GB पहले ही इस्तेमाल हो चुका है। अब backup data का अतिरिक्त हिस्सा भी इसी बचे हुए storage में गिना जाएगा।

यही कारण है कि बदलाव का असर सभी लोगों पर समान नहीं होगा। जिस व्यक्ति के अकाउंट में केवल 2GB या 3GB डेटा है, उसके लिए कुछ MB का अतिरिक्त backup तत्काल चिंता की बात नहीं है। लेकिन जिसका account quota पहले से 90% से अधिक भरा है, उसे storage management पर ध्यान देना पड़ सकता है।

Google Account का स्टोरेज भरने पर केवल phone backup ही प्रभावित नहीं हो सकता। Gmail में नए ईमेल प्राप्त करने, Drive पर नई files upload करने या Photos backup जारी रखने की क्षमता पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए समय-समय पर account storage usage की जांच करना उपयोगी है।

सबसे पहले यूजर्स को यह देखना चाहिए कि उनके अकाउंट में सबसे ज्यादा जगह कौन-सी category ले रही है। कई बार समस्या SMS या call history नहीं होती, बल्कि लंबे समय से जमा बड़े video files, duplicate photos, पुराने email attachments या Drive की बड़ी files होती हैं।

ईमेल inbox में वर्षों पुराने promotional emails और बड़े attachments काफी storage ले सकते हैं। इसी तरह smartphone से रिकॉर्ड किए गए high-resolution videos तेजी से cloud storage भर सकते हैं। 4K video recording का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए कुछ मिनट की video files भी काफी बड़ी हो सकती हैं।

इसलिए नए बदलाव के बाद तुरंत paid storage खरीदना हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं है। पहले storage usage की जांच करना, अनावश्यक files हटाना और backup preferences को अपनी जरूरत के अनुसार बदलना बेहतर कदम हो सकता है।

एक महत्वपूर्ण सवाल यह है कि call history और SMS का backup आखिर जरूरी क्यों होता है। जब कोई यूजर नया एंड्रॉएड फोन खरीदता है या पुराने फोन को reset करता है, तो backup की मदद से कुछ महत्वपूर्ण डेटा restore किया जा सकता है। इससे नए device पर setup आसान हो जाता है।

कई लोगों के लिए SMS आज भी महत्वपूर्ण हैं। बैंक alerts, पुराने transaction messages, booking information और दूसरी जरूरी जानकारी SMS inbox में हो सकती है। हालांकि OTP जैसे messages की उपयोगिता आमतौर पर सीमित समय के लिए होती है, फिर भी हर व्यक्ति की जरूरत अलग हो सकती है।

इसी तरह call history कुछ users के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। अगर किसी व्यक्ति को पुराने संपर्कों की जानकारी call log से चाहिए, तो backup उपयोगी हो सकता है। लेकिन अगर किसी को इसकी जरूरत नहीं है और उसके device पर category control उपलब्ध है, तो वह अपनी आवश्यकता के अनुसार backup settings manage कर सकता है।

यह बदलाव cloud storage के बढ़ते महत्व को भी दिखाता है। कुछ साल पहले तक smartphone users का अधिकांश डेटा phone memory या memory card में रहता था। अब photos, documents, emails, contacts और backup data का बड़ा हिस्सा cloud services से जुड़ा हुआ है।

इसका फायदा यह है कि फोन खराब होने, खोने या नया device लेने पर डेटा restore करना आसान हो सकता है। लेकिन इसके साथ storage limit और subscription cost का सवाल भी जुड़ जाता है।

फ्री storage खत्म होने के बाद यूजर्स अतिरिक्त cloud storage plan लेने पर विचार कर सकते हैं। भारत में उपलब्ध plan और कीमत समय, account eligibility, promotional offers तथा billing option के अनुसार बदल सकती है। इसलिए किसी निश्चित कीमत को सभी यूजर्स के लिए स्थायी मानने के बजाय अपने Google One account में वर्तमान उपलब्ध plan और final billing amount जांचना जरूरी है।

खबरों में शुरुआती paid option के लिए ₹59 जैसी कीमत का उल्लेख किया जा रहा है, लेकिन यूजर को purchase से पहले अपने account में दिख रही वास्तविक storage capacity, monthly या annual billing और taxes सहित final price की जांच करनी चाहिए। अलग-अलग account या offer के कारण उपलब्ध विकल्प बदल सकते हैं।

अगर आपका Google Account storage लगभग भर चुका है तो सबसे पहले Gmail में बड़े attachments वाले emails देखे जा सकते हैं। कई साल पुराने emails में PDF, video, presentation और ZIP files हो सकती हैं, जिनकी अब जरूरत नहीं है। जरूरी files को local device या किसी दूसरे सुरक्षित storage माध्यम पर रखने के बाद अनावश्यक mail हटाए जा सकते हैं।

Google Photos में भी storage management किया जा सकता है। Screenshots, blurry images, unnecessary videos और duplicate-looking content की समीक्षा करना उपयोगी हो सकता है। हालांकि delete करने से पहले जरूरी photos और videos का सुरक्षित backup होना चाहिए।

Google Drive में बड़ी files की जांच करना भी जरूरी है। कई बार users किसी project, video या पुराने backup की बड़ी file upload करके भूल जाते हैं। ऐसी files कई GB storage इस्तेमाल कर सकती हैं।

फोन backup settings की समीक्षा करते समय केवल storage बचाने के लिए जरूरी डेटा का backup बंद करना सही रणनीति नहीं होगी। पहले यह समझना चाहिए कि अगर फोन खो जाए या reset हो जाए तो कौन-सा डेटा आपके लिए वापस पाना जरूरी होगा।

उदाहरण के लिए, अगर आपके SMS में महत्वपूर्ण जानकारी रहती है तो केवल कुछ MB बचाने के लिए backup बंद करना सही फैसला नहीं हो सकता। दूसरी तरफ अगर आपको पुरानी call history की बिल्कुल जरूरत नहीं है और आपके फोन में उस category को बंद करने का विकल्प मौजूद है, तो आप अपनी जरूरत के अनुसार फैसला ले सकते हैं।

नए बदलाव से privacy और user control की चर्चा भी बढ़ सकती है। सकारात्मक बात यह है कि granular controls से users को यह चुनने की अधिक सुविधा मिल रही है कि कौन-सा data backup किया जाए। पहले कई users backup को एक सामान्य on-off feature की तरह देखते थे, लेकिन category-level controls इसे ज्यादा flexible बना सकते हैं।

मौजूदा users के लिए यह जरूरी है कि अगर उनके फोन में नई settings अभी नहीं दिखाई दे रही हैं तो वे घबराएं नहीं। रिपोर्ट के मुताबिक बदलाव का rollout धीरे-धीरे हो रहा है। इसका मतलब अलग-अलग devices और accounts पर feature अलग समय पर दिखाई दे सकता है।

नए फोन पर switch करने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए backup settings की जांच और भी महत्वपूर्ण है। नया फोन setup करने से पहले यह देखना चाहिए कि contacts, photos, messages और दूसरे जरूरी data का backup सही तरीके से हुआ है या नहीं।

सिर्फ storage बचाने के लिए backup पूरी तरह बंद कर देना जोखिम भरा हो सकता है। फोन चोरी होने, खराब होने या factory reset की स्थिति में cloud backup उपयोगी होता है। बेहतर तरीका यह है कि user अपनी जरूरत के अनुसार data categories चुनें और अनावश्यक cloud files की सफाई करें।

इस बदलाव को लेकर सबसे बड़ी गलतफहमी यह हो सकती है कि call history और SMS के कारण 15GB storage बहुत तेजी से कई GB भर जाएगा। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक औसत अतिरिक्त असर लगभग 40MB बताया गया है। इसलिए headline में storage जल्दी भरने की संभावना सही है, लेकिन वास्तविक प्रभाव account usage पर निर्भर करेगा।

अगर किसी user के पास 10GB से ज्यादा free space है तो उसे तत्काल कोई बड़ा अंतर महसूस नहीं हो सकता। लेकिन जिस user के पास केवल 50MB या 100MB space बची है, उसके लिए नया backup data storage warning का कारण बन सकता है।

यह बदलाव users को अपने digital data management पर ध्यान देने का मौका भी देता है। अक्सर लोग smartphone बदलते रहते हैं, लेकिन cloud account वर्षों तक वही रहता है। इस दौरान हजारों photos, videos, emails और documents जमा होते रहते हैं।

इसलिए महीने में एक बार storage dashboard देखना अच्छी आदत हो सकती है। इससे पता चलता रहेगा कि कौन-सी service तेजी से storage इस्तेमाल कर रही है और किन files की अब जरूरत नहीं है।

एंड्रॉएड यूजर्स के लिए फिलहाल सबसे जरूरी बात यह है कि अपने Google Account storage को जांचें, backup settings देखें और केवल जरूरी data को सुरक्षित रखने की योजना बनाएं। अगर storage पहले से लगभग भरा है तो अनावश्यक data हटाना paid plan लेने से पहले पहला विकल्प हो सकता है।

नई policy का असर धीरे-धीरे ज्यादा accounts तक पहुंचने की रिपोर्ट है। इसलिए आने वाले महीनों में अधिक Android users अपने backup settings और storage usage में बदलाव देख सकते हैं।

कुल मिलाकर यह बदलाव दो पहलुओं वाला है। एक तरफ SMS, call history, device settings और दूसरे Android backup data का अधिक हिस्सा account storage quota में जुड़ने से free storage पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। दूसरी तरफ users को backup categories पर अधिक control मिलेगा।

15GB free quota Gmail, Drive और Photos के साथ साझा होता है, इसलिए जिन users का account पहले से भरा हुआ है उन्हें storage management पर खास ध्यान देना चाहिए। हालांकि औसत अतिरिक्त backup size लगभग 40MB बताए जाने के कारण ज्यादातर users के लिए तत्काल बड़ा संकट आने की संभावना कम है।

सही रणनीति यही है कि user panic में backup बंद न करें। पहले account storage usage देखें, बड़ी और अनावश्यक files हटाएं, backup categories को समझें और जरूरत होने पर ही अतिरिक्त storage plan पर विचार करें। इस तरह जरूरी data सुरक्षित भी रहेगा और cloud storage का बेहतर इस्तेमाल भी किया जा सकेगा।

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