Site icon abworldnews

10% विजन के साथ अनिष्का ने CBSE में 92% हासिल किए

कभी-कभी जिंदगी ऐसे मोड़ पर खड़ी कर देती है, जहां सब कुछ खत्म होता हुआ नजर आता है। लेकिन वही पल किसी की असली ताकत भी दिखा देता है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है अनिष्का की, जिसने मुश्किल हालात के बावजूद CBSE परीक्षा में 92% अंक हासिल कर यह साबित कर दिया कि अगर हौसला मजबूत हो, तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती।

एग्जाम से ठीक दो दिन पहले अनिष्का की आंखों की हालत अचानक बिगड़ गई। उन्हें सब कुछ धुंधला दिखने लगा। जहां एक तरफ छात्र इस समय अंतिम तैयारी में लगे होते हैं, वहीं उनके लिए पढ़ाई करना लगभग असंभव हो गया था।

डॉक्टरों के अनुसार अनिष्का की दृष्टि (vision) केवल 10% रह गई थी। यानी वह सामान्य व्यक्ति की तुलना में बहुत कम देख पा रही थीं। इस स्थिति में परीक्षा देना ही एक बड़ी चुनौती थी, अच्छे अंक लाना तो दूर की बात लग रही थी।

लेकिन अनिष्का ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी समस्या को अपनी कमजोरी बनने नहीं दिया। इसके बजाय उन्होंने इसका समाधान खोजा।

उन्होंने पढ़ाई के लिए मैग्निफायर डिवाइस का इस्तेमाल शुरू किया। यह एक ऐसा उपकरण होता है जो छोटे अक्षरों को बड़ा करके दिखाता है, जिससे कम दृष्टि वाले लोग भी पढ़ सकते हैं।

मैग्निफायर की मदद से उन्होंने अपने नोट्स पढ़े और आखिरी समय में जितनी तैयारी कर सकती थीं, उतनी की। यह आसान नहीं था, क्योंकि हर शब्द को समझने में सामान्य से ज्यादा समय लगता था।

इस दौरान उनके परिवार ने भी उनका पूरा साथ दिया। माता-पिता और शिक्षकों ने उन्हें लगातार प्रेरित किया और हिम्मत नहीं हारने दी।

परीक्षा के दिन भी उनके सामने कई चुनौतियां थीं। पेपर पढ़ना, सवाल समझना और जवाब लिखना—हर चीज उनके लिए दोगुनी मेहनत मांग रही थी।

लेकिन उन्होंने हर मुश्किल का सामना किया और पूरी ईमानदारी से परीक्षा दी।

जब रिजल्ट आया, तो सभी हैरान रह गए। अनिष्का ने 92% अंक हासिल किए थे। यह केवल एक नंबर नहीं था, बल्कि उनकी मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास की जीत थी।

उनकी यह सफलता उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो छोटी-छोटी परेशानियों से घबरा जाते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे उदाहरण यह दिखाते हैं कि सही सपोर्ट सिस्टम और मजबूत इच्छाशक्ति से कोई भी बाधा पार की जा सकती है।

आज के समय में टेक्नोलॉजी भी ऐसे छात्रों के लिए बड़ी मददगार साबित हो रही है। मैग्निफायर जैसे उपकरण शिक्षा को सभी के लिए सुलभ बना रहे हैं।

अनिष्का की कहानी यह भी सिखाती है कि हमें अपनी परिस्थितियों को बहाना नहीं बनाना चाहिए, बल्कि उनसे लड़कर आगे बढ़ना चाहिए।

उनकी इस उपलब्धि पर स्कूल और समाज में भी खुशी का माहौल है। सभी उनकी तारीफ कर रहे हैं और उन्हें एक रोल मॉडल के रूप में देख रहे हैं।

यह कहानी केवल एक छात्र की सफलता नहीं, बल्कि यह संदेश है कि मेहनत और हिम्मत के आगे कोई भी मुश्किल टिक नहीं सकती।

आज अनिष्का उन लाखों छात्रों के लिए एक प्रेरणा बन चुकी हैं, जो अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं।


CTET Answer Key and Result 2026: CBSE जल्द जारी करेगा फाइनल मार्कशीट और रिस्पॉन्स शीट

http://CBSE topper story low vision student success

Exit mobile version