स्मार्टफोन की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की जंग अब और तेज होने वाली है। Apple ने अपनी वॉइस असिस्टेंट Siri को बड़े बदलाव के साथ Siri AI के रूप में पेश किया है। नई Siri पहले की तरह केवल अलार्म लगाने, कॉल करने या मौसम बताने तक सीमित नहीं रहेगी। कंपनी का दावा है कि यह यूजर के साथ ज्यादा स्वाभाविक बातचीत कर सकेगी, इंटरनेट से ताजा जानकारी खोज सकेगी, फोन की स्क्रीन पर मौजूद चीजों को समझ सकेगी और Messages, Mail, Photos जैसी जगहों में मौजूद निजी संदर्भ के आधार पर जवाब दे सकेगी।
इस बदलाव के कारण Siri का अनुभव ChatGPT जैसे आधुनिक conversational AI assistants के ज्यादा करीब पहुंचता दिखाई देता है। हालांकि Siri AI और ChatGPT अलग सेवाएं हैं और इनके काम करने के तरीके भी अलग हैं। नई Siri की सबसे बड़ी खासियत iPhone और Apple के ecosystem में इसकी गहरी integration होगी।
Apple ने Siri AI को 8 जून 2026 को WWDC26 में पेश किया। कंपनी के मुताबिक इसके नए फीचर्स फिलहाल developer testing में हैं और supported devices पर English में beta इस साल बाद में उपलब्ध कराने की योजना है। भाषा और क्षेत्र के हिसाब से उपलब्धता अलग हो सकती है।
सबसे दिलचस्प फीचर है onscreen awareness यानी स्क्रीन पर क्या चल रहा है, उसे समझने की क्षमता।
मान लीजिए आपके दोस्त ने Messages में किसी restaurant का नाम भेजा है और वह बातचीत आपकी स्क्रीन पर खुली है। आपको restaurant का नाम copy करके अलग-अलग apps में search करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आप Siri से उसी स्क्रीन पर मौजूद जानकारी के बारे में सवाल पूछ सकेंगे।
इसी तरह अगर iPhone की स्क्रीन पर किसी चीज की तस्वीर दिखाई दे रही है, तो Siri उसके बारे में सवाल समझकर संबंधित जानकारी देने में मदद कर सकती है।
Apple के WWDC26 demonstration में Siri AI को स्क्रीन पर दिखाई दे रहे cricket ball के बारे में जानकारी देते हुए दिखाया गया। इसी तरह Camera के Siri mode में खाने की तस्वीर देखकर उसके बारे में जानकारी देने का उदाहरण भी दिखाया गया।
यानी भविष्य में Siri से बातचीत कुछ इस तरह हो सकती है—“स्क्रीन पर दिखाई दे रही इस चीज के बारे में बताओ”, “इस message में जिस जगह की बात हुई है उसकी जानकारी दो” या “यहां जो लिखा है उसके आधार पर मुझे क्या करना चाहिए?”
इसके लिए हर बार पूरी परिस्थिति Siri को दोबारा समझाने की जरूरत कम हो सकती है।
यही बदलाव voice assistant के इस्तेमाल को काफी अलग बना सकता है।
पुरानी Siri के साथ सबसे बड़ी सीमाओं में से एक context था। अगर आपने कोई complicated सवाल पूछा या बातचीत के बीच विषय बदल दिया, तो कई बार Siri आपकी बात ठीक से नहीं समझ पाती थी।
Siri AI को ज्यादा conversational बनाया गया है।
Apple के मुताबिक यूजर open-ended questions पूछ सकेगा, ideas brainstorm कर सकेगा और Siri के साथ natural back-and-forth conversation कर सकेगा।
इसका मतलब Siri के साथ बातचीत अब सिर्फ एक command और एक answer वाली प्रक्रिया नहीं रहेगी।
उदाहरण के लिए आप पहले पूछ सकते हैं कि “दिल्ली में दो दिन घूमने का प्लान बनाओ।” इसके बाद उसी बातचीत में कह सकते हैं—“इसमें museums कम कर दो”, फिर कह सकते हैं—“दूसरे दिन shopping भी जोड़ दो।”
Conversational context बने रहने पर assistant को समझना होगा कि अगला सवाल पिछले जवाब से जुड़ा है।
यही ChatGPT जैसे AI assistants की प्रमुख खूबियों में से एक रही है और Apple अब Siri को भी इस दिशा में ले जा रहा है।
नई Siri की दूसरी बड़ी ताकत होगी Personal Context Understanding।
आपके फोन में रोजाना बहुत सारी जानकारी आती है। Messages में किसी ने कोई address भेजा, Mail में flight booking आई, Notes में आपने किसी काम की जानकारी लिखी और Photos में हजारों तस्वीरें जमा हैं।
समस्या तब होती है जब महीनों बाद वही जानकारी ढूंढनी हो।
Apple का कहना है कि Siri AI Messages, emails, photos और दूसरी व्यक्तिगत जानकारी में relevant context खोज सकेगी।
उदाहरण के लिए अगर किसी दोस्त ने कई महीने पहले आपको restaurant recommend किया था, तो आप Siri से उस recommendation को खोजने के लिए कह सकते हैं।
आपको यह याद होना जरूरी नहीं होगा कि message किस तारीख को आया था।
इसी तरह पुराने email में मौजूद hotel confirmation number खोजने या किसी पुरानी trip की तस्वीरें निकालने जैसे काम natural-language request से किए जा सकेंगे।
यह feature उन लोगों के लिए खास हो सकता है जिनके iPhone में हजारों photos, emails और messages मौजूद हैं।
Search bar में exact keyword डालने के बजाय वे Siri को सामान्य भाषा में बता सकेंगे कि उन्हें क्या चाहिए।
Apple ने Photos से जुड़ा उदाहरण भी दिखाया है जिसमें Siri AI पिछले weekend की तस्वीरें खोजकर relevant लोगों और विषयों के आधार पर results दिखाती है।
नई Siri की तीसरी बड़ी क्षमता है broad world knowledge और web answers।
पहले Siri कई सवालों पर web search results दिखाती थी या किसी external source की ओर भेज देती थी। Siri AI ज्यादा विस्तृत और conversational जवाब generate कर सकेगी।
Apple के मुताबिक Siri AI जरूरत पड़ने पर web पर जाकर up-to-date information खोज सकती है और उससे उपयोगी जवाब तैयार कर सकती है।
इससे general knowledge, travel planning, किसी concept को समझने, ideas लेने और रोजमर्रा के सवालों में Siri की उपयोगिता बढ़ सकती है।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर AI-generated answer हमेशा सही होगा।
Generative AI systems गलत या अधूरी जानकारी दे सकते हैं। खासकर medical, legal और financial जैसे महत्वपूर्ण मामलों में authoritative source से जानकारी verify करना जरूरी रहेगा।
Apple ने Siri AI में एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया है—अब इसका dedicated Siri app भी होगा।
इस app में यूजर पुरानी Siri conversations को दोबारा देख सकेगा और नई बातचीत शुरू कर सकेगा।
Apple के अनुसार conversational history को iCloud के जरिए privately sync किया जा सकेगा, जिससे Apple के अलग-अलग supported products पर बातचीत जारी रखना आसान होगा।
यह बदलाव Siri को केवल “Hey Siri” बोलकर सक्रिय होने वाले assistant से आगे ले जाता है।
अब Siri एक standalone conversational interface की तरह भी काम कर सकेगी।
आप आवाज से पूछ सकते हैं या dedicated interface में बातचीत जारी रख सकते हैं।
यह experience भी ChatGPT और दूसरे AI chatbot applications से मिलता-जुलता महसूस हो सकता है।
नई Siri का एक महत्वपूर्ण हिस्सा apps के साथ integration है।
Apple Developer documentation के मुताबिक compatible apps अगर Apple Intelligence के साथ अपनी content और features integrate करते हैं, तो Siri natural-language और contextual understanding के आधार पर app actions शुरू कर सकती है।
इससे कई ऐसे काम, जिनके लिए अभी app खोलकर कई menus और buttons से गुजरना पड़ता है, भविष्य में Siri के जरिए किए जा सकते हैं।
यही smartphone AI की असली ताकत हो सकती है।
सिर्फ सवालों के जवाब देना एक chatbot कर सकता है, लेकिन phone के अंदर मौजूद apps और system actions को नियंत्रित करना एक deeply integrated assistant को ज्यादा उपयोगी बना सकता है।
Apple का फायदा यहां उसका ecosystem है।
कंपनी iPhone hardware, iOS और कई core applications तीनों को नियंत्रित करती है। इसलिए Siri को system level पर integrate करने की क्षमता उसके लिए महत्वपूर्ण advantage बन सकती है।
नई Siri में Visual Intelligence को भी विस्तार दिया जा रहा है।
Camera के जरिए आसपास की दुनिया को देखकर information हासिल करने की क्षमता को Siri AI के साथ जोड़ा गया है। उदाहरण के लिए किसी object या food item की तरफ camera करके उसके बारे में सवाल किया जा सकता है।
Apple के WWDC demonstration में Siri mode को Camera app के अंदर इस्तेमाल करते हुए दिखाया गया था।
इसके साथ Writing Tools भी Siri AI experience का हिस्सा हैं।
Writing और communication से जुड़े कामों में AI का इस्तेमाल किया जा सकेगा। यानी AI केवल Siri interface में बंद नहीं रहेगा बल्कि Apple के system में अलग-अलग जगह काम करेगा।
अब सबसे बड़ा सवाल—नई Siri किन iPhone में मिलेगी?
यहां Apple users को थोड़ा ध्यान देना होगा।
iOS 27 कई पुराने iPhones पर चल सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर iOS 27-compatible iPhone को Siri AI मिलेगा।
Siri AI के लिए Apple Intelligence compatible hardware जरूरी है।
वर्तमान compatibility के अनुसार Siri AI इन iPhone मॉडल्स पर उपलब्ध होगी:
- iPhone 15 Pro और iPhone 15 Pro Max
- iPhone 16e, iPhone 16, iPhone 16 Plus, iPhone 16 Pro और iPhone 16 Pro Max
- iPhone 17e, iPhone 17, iPhone Air, iPhone 17 Pro और iPhone 17 Pro Max
इसका सीधा मतलब है कि सामान्य iPhone 15 और iPhone 15 Plus Siri AI के supported iPhone list में शामिल नहीं हैं।
iPhone 14 series और उससे पुराने iPhones को भी Siri AI के मुख्य Apple Intelligence features नहीं मिलेंगे।
यह अंतर processor और AI-related hardware requirements की वजह से है।
Apple की official support information भी Apple Intelligence के लिए iPhone 15 Pro models और iPhone 16 या उसके बाद के compatible models की hardware requirement बताती है।
लेकिन compatibility में एक और महत्वपूर्ण बात है।
हर Siri AI-compatible iPhone को हर एक नया AI feature समान स्तर पर नहीं मिलेगा।
रिपोर्ट के मुताबिक Apple का सबसे powerful on-device AI model ज्यादा RAM मांगता है। वर्तमान iPhone lineup में iPhone 17 Pro, iPhone 17 Pro Max और iPhone Air जैसे मॉडल इस अधिक demanding model को चला सकते हैं। इसके कारण कुछ advanced capabilities, जैसे Siri की voice expressiveness और system-wide dictation accuracy से जुड़े improvements, सीमित models पर उपलब्ध होंगे।
लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि iPhone 15 Pro या iPhone 16 series को नई Siri नहीं मिलेगी।
Personal context, onscreen awareness, web answers, dedicated Siri app, Visual Intelligence और Writing Tools जैसे मुख्य Siri AI features broader Apple Intelligence-supported device list के लिए बताए गए हैं।
यानी iPhone 15 Pro रखने वाले user को भी Siri AI का बड़ा upgrade मिलेगा, लेकिन कुछ सबसे hardware-intensive features नए high-end iPhones तक सीमित हो सकते हैं।
अब सवाल आता है कि Siri AI और ChatGPT में क्या अंतर होगा?
दोनों की तुलना होना स्वाभाविक है क्योंकि नई Siri open-ended questions, brainstorming और natural conversation जैसे काम कर सकेगी।
लेकिन दोनों का focus पूरी तरह समान नहीं है।
ChatGPT एक general-purpose AI assistant है, जबकि Siri AI को Apple devices के personal assistant के रूप में गहराई से integrate किया गया है।
Siri की खास ताकत होगी कि वह supported permissions और privacy architecture के भीतर आपके device context को समझकर actions कर सके।
उदाहरण के लिए ChatGPT को अपने आप यह नहीं पता कि आपके पुराने Mail में कौन-सा hotel confirmation पड़ा है या किसी दोस्त ने Messages में कौन-सा restaurant बताया था। नई Siri का personal-context design इसी तरह की device information को user की request पर खोजने के लिए बनाया गया है।
वहीं ChatGPT और Siri का रिश्ता केवल competition का भी नहीं है।
Apple पहले से Siri और Writing Tools में ChatGPT integration उपलब्ध कराता है। Apple के मुताबिक Siri कुछ requests के लिए ChatGPT का उपयोग करने का सुझाव दे सकती है और जवाब Siri interface में दिखाया जा सकता है। यूजर यह नियंत्रित कर सकता है कि ChatGPT integration enable करनी है या नहीं और कौन-सी जानकारी share करनी है।
यानी कुछ परिस्थितियों में Siri और ChatGPT एक-दूसरे के साथ भी काम कर सकते हैं।
नई Siri के साथ privacy भी Apple की strategy का बड़ा हिस्सा है।
कंपनी का कहना है कि Siri AI और next-generation Apple Intelligence को privacy को ध्यान में रखकर नई architecture पर बनाया गया है। Personal context जैसे features के कारण यह बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि AI को messages, emails और photos जैसी संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी से relevant context निकालना पड़ सकता है।
यूजर के लिए practical सवाल यही होगा कि कौन-सा processing device पर होता है, कौन-सा Private Cloud Compute या दूसरे server infrastructure की जरूरत डालता है और third-party services इस्तेमाल होने पर कौन-सी जानकारी बाहर जाती है।
Apple आने वाले releases में इन controls को users के सामने किस तरह पेश करता है, इस पर भी नजर रहेगी।
भारत के iPhone users के लिए availability का सवाल भी महत्वपूर्ण है।
Apple की भारतीय वेबसाइट पर फिलहाल Siri AI के लिए लिखा है कि यह English में इस साल बाद में आ रही है।
इसलिए सभी फीचर्स को अभी सामान्य stable iPhone experience का हिस्सा समझना सही नहीं होगा।
Siri AI developer testing में है और user beta rollout बाद में होना है। Features release से पहले बदल भी सकते हैं और language तथा region के आधार पर availability अलग हो सकती है।
खासकर हिंदी Siri AI support कब और किस स्तर पर उपलब्ध होगा, इसके लिए Apple की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना बेहतर होगा।
यह बदलाव Apple के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कंपनी ने smarter Siri की कुछ क्षमताओं की झलक पहली बार 2024 में दिखाई थी, लेकिन उनके rollout में लंबी देरी हुई।
अब 2026 में कंपनी ने Siri AI के नाम से ज्यादा व्यापक redesign पेश किया है।
इसलिए इस बार केवल घोषणा से ज्यादा महत्वपूर्ण होगा वास्तविक user experience।
क्या Siri लगातार context समझ पाएगी?
क्या onscreen awareness अलग-अलग apps में भरोसेमंद तरीके से काम करेगी?
क्या personal context search सही email, message या photo निकाल पाएगी?
क्या web answers तेज और accurate होंगे?
और सबसे महत्वपूर्ण—क्या Siri वास्तव में रोजमर्रा के कामों में इतने steps बचाएगी कि users इसे ज्यादा इस्तेमाल करना शुरू कर दें?
इन सवालों के जवाब Siri AI का public beta और final rollout आने के बाद ज्यादा स्पष्ट होंगे।
अगर Apple अपने demonstrations के मुताबिक experience देने में सफल रहता है तो Siri का इस्तेमाल करने का तरीका काफी बदल सकता है।
आज आप iPhone खोलते हैं, app ढूंढते हैं, app खोलते हैं, search करते हैं और फिर action लेते हैं।
भविष्य में इनमें से कई काम एक sentence से शुरू हो सकते हैं।
“मेरे दोस्त ने पिछले महीने जिस restaurant का नाम भेजा था, वह ढूंढो।”
“पिछली Goa trip की family photos दिखाओ।”
“इस स्क्रीन पर दिखाई दे रही चीज क्या है?”
“मेरे email में hotel booking का confirmation number खोजो।”
“इस message के आधार पर reply तैयार करो।”
यही वह दिशा है जिसमें Apple Siri को आगे बढ़ा रहा है।
कंपनी की कोशिश Siri को सिर्फ voice-command tool से निकालकर personal, conversational और context-aware AI assistant बनाने की है।
अगर यह योजना सफल होती है तो iPhone में AI का सबसे बड़ा बदलाव कोई अलग chatbot app नहीं, बल्कि operating system के अंदर मौजूद assistant हो सकता है।
फिलहाल Siri AI का इंतजार करना होगा। लेकिन Apple ने यह साफ कर दिया है कि अगली Siri सिर्फ आपकी आवाज सुनने वाली नहीं होगी—वह आपकी स्क्रीन, बातचीत के context और जरूरत को समझकर ज्यादा उपयोगी जवाब और actions देने की कोशिश करेगी।
और यही बदलाव Siri को उसके अब तक के सबसे बड़े upgrade में बदल सकता है।
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http://Apple Siri AI with onscreen awareness and Apple Intelligence on iPhone