Site icon abworldnews

एशिया-अफ्रीका में EV बूम, चीन में हर 10 में 1 कार इलेक्ट्रिक

दुनिया भर में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का चलन तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन एशिया और अफ्रीका में यह बदलाव और भी तेज दिखाई दे रहा है।

इन क्षेत्रों में बढ़ती आबादी, बढ़ती ईंधन कीमतें और पर्यावरण को लेकर बढ़ती जागरूकता EV सेक्टर को तेजी से आगे बढ़ा रही हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक China में अब हर दस में से एक कार इलेक्ट्रिक हो चुकी है।

यह आंकड़ा बताता है कि चीन EV अपनाने के मामले में दुनिया में सबसे आगे है।

चीन सरकार ने EV को बढ़ावा देने के लिए कई नीतियां और सब्सिडी लागू की हैं, जिससे लोगों के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदना आसान हुआ है।

दूसरी तरफ India में EV का सबसे बड़ा असर टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर सेगमेंट में देखने को मिल रहा है।

भारत में इस सेगमेंट में करीब 25% की तेजी दर्ज की गई है, जो एक बड़ा उछाल माना जा रहा है।

इसकी वजह है कम लागत, आसान चार्जिंग और शहरी इलाकों में इसकी बढ़ती जरूरत।

ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक स्कूटर जैसे विकल्प लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं।

अफ्रीका में भी EV का उपयोग धीरे-धीरे बढ़ रहा है, खासकर पब्लिक ट्रांसपोर्ट में।

वहां इलेक्ट्रिक बसों और अन्य वाहनों को अपनाने की कोशिश की जा रही है, ताकि प्रदूषण कम किया जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में EV सेक्टर और तेजी से बढ़ेगा।

इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें और पर्यावरण संरक्षण की जरूरत।

EV से न केवल प्रदूषण कम होता है, बल्कि यह लंबे समय में किफायती भी साबित होता है।

हालांकि इस सेक्टर के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं, जैसे चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और बैटरी की लागत।

लेकिन सरकार और कंपनियां इन समस्याओं को दूर करने के लिए लगातार काम कर रही हैं।

भारत में भी EV को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं, जिससे इस सेक्टर को गति मिली है।

कुल मिलाकर एशिया और अफ्रीका में EV की बढ़ती मांग यह संकेत देती है कि आने वाला समय इलेक्ट्रिक वाहनों का हो सकता है।

Range Rover SV ₹75 लाख सस्ती, अब ₹3.50 करोड़ में उपलब्ध

http://EV demand Asia Africa electric vehicles India growth

Exit mobile version