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तैरता शीश महल: 2 फुटबॉल मैदान जितना बड़ा, ₹93 करोड़ प्रति घंटा खर्च

भारत में लग्ज़री टूरिज्म की नई पहचान या अमीरों का सपना?

भारत में पर्यटन और लग्ज़री लाइफस्टाइल का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब सिर्फ महंगे होटल या रिसॉर्ट ही नहीं, बल्कि समुद्र में तैरते महल जैसी सुविधाएं भी चर्चा में हैं। हाल ही में सामने आया “तैरता शीश महल” प्रोजेक्ट इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

यह प्रोजेक्ट न केवल अपने आकार और भव्यता के कारण सुर्खियों में है, बल्कि इसके खर्च और सुविधाएं भी लोगों को हैरान कर रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह तैरता महल 2 फुटबॉल मैदान जितना बड़ा है और इसे चलाने में करीब ₹93 करोड़ प्रति घंटा का खर्च आता है।


क्या है तैरता शीश महल?

तैरता शीश महल असल में एक अत्याधुनिक लक्ज़री फ्लोटिंग क्रूज़ / महलनुमा जहाज है, जिसे समुद्र में तैरते हुए एक शाही महल की तरह डिजाइन किया गया है।

इसका बाहरी ढांचा शीशे (Glass) और हाई-टेक मटेरियल से तैयार किया गया है, जिससे यह रात के समय किसी चमकते हुए महल जैसा दिखाई देता है।

यह सिर्फ एक जहाज नहीं, बल्कि एक चलता-फिरता लक्ज़री शहर माना जा रहा है।


आकार और बनावट

इस तैरते शीश महल की सबसे बड़ी खासियत इसका विशाल आकार है।

महल को इस तरह डिजाइन किया गया है कि अंदर मौजूद लोगों को समुद्र के बीच भी किसी ज़मीन पर बने शाही महल जैसा अनुभव हो।

₹93 करोड़ प्रति घंटा खर्च क्यों?

इस प्रोजेक्ट को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसके खर्च को लेकर हो रही है।

₹93 करोड़ प्रति घंटा का खर्च इन कारणों से आता है:

1. ईंधन (Fuel)

इतने बड़े जहाज को चलाने के लिए भारी मात्रा में हाई-ग्रेड फ्यूल की जरूरत होती है।

2. स्टाफ और मेंटेनेंस

3. टेक्नोलॉजी और सुरक्षा

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