abworldnews

सोना ₹26 चढ़ा, ₹1.42 लाख के करीब पहुंचा; जानें 24, 22, 18 और 14 कैरेट गोल्ड के ताजा भाव

सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। ताजा बाजार आंकड़ों के अनुसार सोने की कीमत में ₹26 की बढ़त दर्ज की गई है, जिसके बाद इसका भाव करीब ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमत ₹264 प्रति किलोग्राम घटकर लगभग ₹2.20 लाख प्रति किलो रह गई। कीमती धातुओं के बाजार में यह बदलाव घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों कारकों के कारण देखने को मिल रहा है।

भारत में सोने की कीमत केवल निवेशकों के लिए ही नहीं, बल्कि आभूषण खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। शादी-ब्याह, त्योहार और पारंपरिक निवेश के कारण देश में सोने की मांग पूरे वर्ष बनी रहती है। ऐसे में कीमतों में मामूली बदलाव भी बाजार पर प्रभाव डाल सकता है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार सोने की कीमत कई कारकों पर निर्भर करती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड की चाल, अमेरिकी डॉलर की मजबूती, वैश्विक ब्याज दरें, केंद्रीय बैंकों की खरीद, भू-राजनीतिक तनाव और घरेलू मांग जैसे तत्व इसकी कीमत तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बढ़ती है, तब निवेशक अक्सर सोने को सुरक्षित निवेश (Safe Haven Asset) के रूप में देखते हैं। इसी कारण अंतरराष्ट्रीय संकट, युद्ध, आर्थिक मंदी या मुद्रास्फीति के समय सोने की मांग बढ़ सकती है।

दूसरी ओर चांदी की कीमतों पर औद्योगिक मांग का भी बड़ा प्रभाव पड़ता है। चांदी का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल, मेडिकल उपकरण और विभिन्न औद्योगिक उत्पादों में किया जाता है। इसलिए उद्योगों की मांग बढ़ने या घटने से इसके भाव में भी बदलाव देखने को मिलता है।

भारत में सोना अलग-अलग कैरेट में उपलब्ध होता है। प्रत्येक कैरेट में शुद्ध सोने की मात्रा अलग होती है, जिसके कारण कीमत भी अलग होती है। आभूषण खरीदते समय यह समझना जरूरी है कि कौन-सा कैरेट किस उपयोग के लिए उपयुक्त है।

24 कैरेट गोल्ड को सबसे शुद्ध माना जाता है। इसमें लगभग 99.9 प्रतिशत सोना होता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से निवेश, गोल्ड बार और गोल्ड कॉइन में किया जाता है। यह अपेक्षाकृत मुलायम होने के कारण रोजमर्रा के आभूषण बनाने में कम इस्तेमाल होता है।

22 कैरेट गोल्ड में लगभग 91.6 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है। भारत में अधिकांश पारंपरिक आभूषण इसी कैरेट के बनाए जाते हैं क्योंकि इसमें मजबूती और शुद्धता के बीच अच्छा संतुलन होता है।

18 कैरेट गोल्ड में लगभग 75 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है। आधुनिक डिजाइन, डायमंड ज्वेलरी और फैशन ज्वेलरी में इसका उपयोग अधिक किया जाता है। इसकी कीमत 22 और 24 कैरेट की तुलना में कम होती है।

14 कैरेट गोल्ड में लगभग 58.5 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है। यह अधिक मजबूत होता है और रोजमर्रा में पहनने वाले हल्के आभूषणों के लिए लोकप्रिय विकल्प माना जाता है।

यदि आप सोने के आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो केवल कीमत ही नहीं बल्कि हॉलमार्किंग भी अवश्य जांचें। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का हॉलमार्क यह सुनिश्चित करता है कि सोने की शुद्धता निर्धारित मानकों के अनुरूप है। इससे ग्राहकों को गुणवत्ता को लेकर भरोसा मिलता है।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि आभूषण खरीदते समय केवल सोने का भाव ही न देखें। मेकिंग चार्ज, वेस्टेज चार्ज, जीएसटी और अन्य शुल्क भी अंतिम कीमत को प्रभावित करते हैं। कई बार अलग-अलग ज्वेलर्स के मेकिंग चार्ज में काफी अंतर होता है।

यदि निवेश के उद्देश्य से सोना खरीदना चाहते हैं, तो गोल्ड ETF, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (यदि उपलब्ध हों), डिजिटल गोल्ड और गोल्ड बार जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है। हालांकि प्रत्येक निवेश विकल्प के अपने लाभ और जोखिम होते हैं।

चांदी में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए भी बाजार की चाल महत्वपूर्ण होती है। चांदी का औद्योगिक उपयोग अधिक होने के कारण इसकी कीमत कई बार सोने की तुलना में अधिक उतार-चढ़ाव दिखा सकती है।

वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीद भी कीमतों को प्रभावित करती है। कई देशों के केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाने के लिए सोना खरीदते हैं। इससे अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ सकती है।

भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ता देशों में शामिल है। यहां सांस्कृतिक, धार्मिक और पारिवारिक परंपराओं के कारण सोने की मांग लगातार बनी रहती है। त्योहारों और शादी के सीजन में इसकी मांग और अधिक बढ़ जाती है।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में सोने और चांदी की कीमतें वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, ब्याज दरों, डॉलर इंडेक्स और भू-राजनीतिक घटनाओं के अनुसार बदल सकती हैं। इसलिए निवेशकों को केवल अल्पकालिक उतार-चढ़ाव देखकर निर्णय नहीं लेना चाहिए।

यदि आप पहली बार सोना खरीद रहे हैं, तो विश्वसनीय ज्वेलर से खरीदारी करें, बिल अवश्य लें और हॉलमार्क की जांच करें। निवेश के लिए खरीद रहे हैं तो अपने वित्तीय लक्ष्य, बजट और निवेश अवधि को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना बेहतर होगा।

विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि कुल निवेश का केवल सीमित हिस्सा ही सोने में लगाना चाहिए ताकि निवेश पोर्टफोलियो संतुलित रहे। अलग-अलग परिसंपत्तियों में निवेश करने से जोखिम कम किया जा सकता है।

कुल मिलाकर, ताजा कारोबारी सत्र में सोने की कीमत में हल्की बढ़त दर्ज की गई है और यह लगभग ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं चांदी के भाव में मामूली गिरावट देखने को मिली है। यदि आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो कैरेट, हॉलमार्क, मेकिंग चार्ज और बाजार के ताजा भाव की जांच करने के बाद ही निर्णय लें।

Gold Reserve Debate: PM की सोना न खरीदने की अपील पर सवाल, सरकार क्यों बढ़ा रही गोल्ड रिजर्व?

http://Gold Price, Gold Jewellery, Silver Price

Exit mobile version