भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी-20 इंटरनेशनल सीरीज का पांचवां और आखिरी मुकाबला 1 नवंबर 2026 को हैमिल्टन के सेडन पार्क में खेला गया। इस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए भारत को 7 विकेट से हरा दिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 191 रन बनाए थे। जवाब में न्यूजीलैंड ने टिम साइफर्ट की 93 रन की विस्फोटक पारी और ग्लेन फिलिप्स के नाबाद 65 रन की मदद से 18 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। हालांकि, इस हार के बावजूद भारतीय टीम ने पांच मैचों की सीरीज 3-2 से अपने नाम कर ली।
भारत की सीरीज जीत, आखिरी मुकाबले में न्यूजीलैंड का पलटवार
भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेली गई पांच मैचों की टी-20 सीरीज का आखिरी मुकाबला रोमांचक रहा। भारतीय टीम ने सीरीज के शुरुआती तीन मुकाबले जीतकर पहले ही सीरीज अपने नाम कर ली थी। इसके बाद न्यूजीलैंड ने लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए चौथे और पांचवें टी-20 में जीत दर्ज की।
पांचवें मुकाबले में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और शुरुआती ओवरों में ही दो विकेट गिर गए। इसके बाद ईशान किशन और कप्तान श्रेयस अय्यर ने पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में रन बनाए और भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
हालांकि, मध्यक्रम और आखिरी ओवरों में भारतीय बल्लेबाज तेजी से रन बनाने में पूरी तरह सफल नहीं रहे। न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने वापसी करते हुए लगातार विकेट निकाले और भारत को 191 रन तक सीमित कर दिया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने शुरुआत में एक विकेट गंवाया, लेकिन इसके बाद टिम साइफर्ट और ग्लेन फिलिप्स ने भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। दोनों की बल्लेबाजी के सामने भारतीय गेंदबाजों को विकेट निकालने के लिए संघर्ष करना पड़ा।
भारत की शुरुआत रही खराब, शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरे
पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को शुरुआत में ही बड़ा झटका लगा। न्यूजीलैंड के गेंदबाज एडम मिल्ने ने शुरुआती ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।
अभिषेक शर्मा केवल 1 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद संजू सैमसन भी ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके और 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। दोनों सलामी बल्लेबाजों के जल्दी आउट होने से भारतीय टीम दबाव में आ गई।
भारत ने शुरुआती तीन ओवरों में ही दो विकेट गंवा दिए थे। ऐसे समय में टीम को एक ऐसी साझेदारी की जरूरत थी, जो पारी को संभालने के साथ रन गति भी बढ़ा सके।
इसके बाद ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों बल्लेबाजों ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक शॉट लगाए और खराब शुरुआत से टीम को बाहर निकाला।
ईशान किशन ने 61 रन की तेज पारी खेली
ईशान किशन ने इस मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। ईशान ने 32 गेंदों में 61 रन बनाए। उनकी पारी में 5 चौके और 5 छक्के शामिल रहे।
ईशान ने मैदान के अलग-अलग हिस्सों में शॉट लगाकर भारतीय पारी को गति दी। उन्होंने तेज गेंदबाजों के खिलाफ पुल और कट शॉट लगाए, वहीं छोटी गेंदों को भी शानदार तरीके से सीमा रेखा के पार पहुंचाया।
ईशान की बल्लेबाजी का सबसे बड़ा फायदा यह रहा कि भारत शुरुआती विकेट गिरने के बाद भी रन गति बनाए रखने में सफल रहा। उन्होंने श्रेयस अय्यर के साथ मिलकर तीसरे विकेट के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी की।
ईशान का विकेट 112 रन के स्कोर पर गिरा। उनके आउट होने के बाद भारत को एक बार फिर नए सिरे से पारी को आगे बढ़ाने की चुनौती का सामना करना पड़ा।
श्रेयस अय्यर ने 23 गेंदों में जड़ी फिफ्टी
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी इस मुकाबले में बेहतरीन बल्लेबाजी की। उन्होंने केवल 23 गेंदों में 50 रन बनाए। उनकी पारी में 3 चौके और 4 छक्के शामिल थे।
श्रेयस ने ईशान किशन के साथ मिलकर न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। दोनों बल्लेबाजों ने तेजी से रन जुटाए और भारतीय टीम को मजबूत स्कोर की तरफ बढ़ाया।
श्रेयस ने मैदान के दोनों तरफ शॉट लगाए। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास और आक्रामकता दिखाई दी। उन्होंने कम गेंदों में अर्धशतक पूरा कर भारतीय पारी को नई गति दी।
ईशान और श्रेयस के बीच हुई साझेदारी ने भारत को शुरुआती झटकों से उबारने में अहम भूमिका निभाई। दोनों के आउट होने के बाद भारतीय टीम की रन गति पर असर पड़ा। श्रेयस 123 रन के कुल स्कोर पर पवेलियन लौट गए।
ईशान और श्रेयस के बीच अहम साझेदारी
इस मुकाबले में भारतीय पारी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा ईशान किशन और श्रेयस अय्यर के बीच हुई साझेदारी रही। दोनों बल्लेबाजों ने मुश्किल परिस्थिति में क्रीज पर टिककर रन बनाए और न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा।
ईशान ने आक्रामक बल्लेबाजी की, जबकि श्रेयस ने उनका अच्छा साथ दिया। दोनों ने चौके और छक्के लगाकर स्कोरबोर्ड को तेजी से आगे बढ़ाया।
इस साझेदारी के कारण भारत का स्कोर शुरुआती झटकों के बाद तेजी से आगे बढ़ा। एक समय भारतीय टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ती दिखाई दे रही थी। लेकिन ईशान और श्रेयस के लगातार अंतराल पर आउट होने से न्यूजीलैंड को मैच में वापसी का मौका मिल गया।
मध्यक्रम के बल्लेबाज इस शुरुआत का पूरा फायदा नहीं उठा सके। यही वजह रही कि भारत आखिरी ओवरों में अपेक्षित तेजी से रन नहीं बना पाया।
एडम मिल्ने की गेंदबाजी ने भारत को रोका

न्यूजीलैंड की जीत में तेज गेंदबाज एडम मिल्ने की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। उन्होंने भारतीय बल्लेबाजों को लगातार चुनौती दी और चार विकेट हासिल किए।
मिल्ने ने अपने चार ओवर में 19 रन देकर 4 विकेट लिए। उनकी गेंदबाजी ने भारत की पारी को बड़ा स्कोर बनाने से रोकने में अहम योगदान दिया।
मिल्ने ने अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को शुरुआती ओवरों में आउट करके भारत को दबाव में डाल दिया। इसके बाद उन्होंने पारी के आखिरी हिस्से में भी महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए।
न्यूजीलैंड के अन्य गेंदबाजों ने भी उनका अच्छा साथ दिया। नाथन स्मिथ ने 2 विकेट लिए, जबकि ब्लेयर टिकनर को भी 2 विकेट मिले। गेंदबाजों के संयुक्त प्रदर्शन के कारण भारत 200 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सका।
भारत ने 20 ओवर में बनाए 191 रन
भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 191 रन बनाए। ईशान किशन ने 61 और श्रेयस अय्यर ने 50 रन की पारी खेली। इनके अलावा नमन धीर ने 33 रन और नीतीश कुमार रेड्डी ने 22 रन का योगदान दिया।
नमन धीर ने मध्यक्रम में उपयोगी पारी खेली। उन्होंने टीम के स्कोर को आगे बढ़ाने की कोशिश की और कुछ अच्छे शॉट लगाए। नीतीश कुमार रेड्डी ने भी आखिरी ओवरों में रन जोड़ने का प्रयास किया।
हालांकि, न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों को लगातार खुलकर खेलने से रोके रखा। भारत की पारी में विकेट गिरने का सिलसिला जारी रहा और टीम 191 रन तक ही पहुंच सकी।
भारत की पहली पारी का स्कोरकार्ड
| बल्लेबाज | रन | गेंद |
|---|---|---|
| ईशान किशन | 61 | 32 |
| श्रेयस अय्यर | 50 | 23 |
| नमन धीर | 33 | — |
| नीतीश कुमार रेड्डी | 22 | — |
| संजू सैमसन | 4 | 10 |
| अभिषेक शर्मा | 1 | 2 |
| तिलक वर्मा | 6 | 8 |
भारत: 191/8, 20 ओवर। एडम मिल्ने: 4/19।
न्यूजीलैंड की शुरुआत में लगा झटका
192 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम को भी शुरुआती ओवरों में झटका लगा। भारतीय गेंदबाजों ने फिन एलन को जल्दी आउट कर दिया।
फिन एलन केवल 2 रन बनाकर पवेलियन लौटे। शुरुआती विकेट मिलने के बाद भारतीय टीम को उम्मीद थी कि वह न्यूजीलैंड पर दबाव बना सकेगी। लेकिन इसके बाद टिम साइफर्ट और डेरिल मिचेल ने पारी को संभालने की कोशिश की।
न्यूजीलैंड ने पावरप्ले में तेज बल्लेबाजी की और रन गति को बनाए रखा। भारतीय गेंदबाजों को लगातार लाइन और लेंथ में बदलाव करना पड़ा, लेकिन साइफर्ट ने मौके का फायदा उठाते हुए तेजी से रन बनाना जारी रखा।
डेरिल मिचेल ने भी उपयोगी योगदान दिया। उन्होंने 16 गेंदों में 29 रन बनाए। उनकी पारी में चार छक्के शामिल रहे। मिचेल के आउट होने के बाद ग्लेन फिलिप्स क्रीज पर आए और साइफर्ट के साथ मिलकर भारतीय गेंदबाजी पर हमला जारी रखा।
टिम साइफर्ट ने 50 गेंदों में बनाए 93 रन
न्यूजीलैंड की जीत के सबसे बड़े हीरो टिम साइफर्ट रहे। उन्होंने 50 गेंदों में 93 रन की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 11 चौके और 5 छक्के लगाए।
साइफर्ट ने शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक अंदाज अपनाया। उन्होंने खराब गेंदों को सीमा रेखा के बाहर भेजा और अच्छी गेंदों पर भी रन निकालने के मौके तलाशे।
उनकी बल्लेबाजी में टाइमिंग और पावर दोनों का शानदार मेल देखने को मिला। उन्होंने मैदान के अलग-अलग हिस्सों में शॉट लगाए और भारतीय टीम को मैच में वापसी का मौका नहीं दिया।
साइफर्ट ने अपना अर्धशतक पूरा करने के बाद भी रन बनाने की गति कम नहीं की। वह शतक के करीब पहुंच गए थे, लेकिन 93 रन के निजी स्कोर पर आउट हो गए। वह केवल 7 रन से शतक चूक गए।
उनकी इस पारी ने न्यूजीलैंड की जीत की नींव रखी। भारतीय गेंदबाजों के लिए साइफर्ट को रोकना सबसे बड़ी चुनौती साबित हुआ।
ग्लेन फिलिप्स ने नाबाद 65 रन बनाकर मैच खत्म किया
टिम साइफर्ट के साथ ग्लेन फिलिप्स ने भी शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने 38 गेंदों में नाबाद 65 रन बनाए। उनकी पारी में 8 चौके और 3 छक्के शामिल रहे।
फिलिप्स ने साइफर्ट के साथ मिलकर रन गति को लगातार तेज बनाए रखा। दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों को दबाव में रखा और लक्ष्य को आसान बना दिया।
साइफर्ट के आउट होने के बाद भी न्यूजीलैंड की रन गति पर कोई खास असर नहीं पड़ा। फिलिप्स ने जिम्मेदारी संभाली और टीम को जीत तक पहुंचाया।
फिलिप्स ने इस पूरी सीरीज में भी शानदार प्रदर्शन किया। पांच मैचों की टी-20 सीरीज में उनके बल्ले से कुल 341 रन निकले। यह किसी द्विपक्षीय टी-20 इंटरनेशनल सीरीज में सबसे ज्यादा रन का रिकॉर्ड बताया गया है। उन्होंने फिल साल्ट के 331 रन के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा।
18 ओवर में न्यूजीलैंड ने हासिल किया लक्ष्य
न्यूजीलैंड ने भारत के 192 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 18 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 195 रन बना लिए। इस तरह मेजबान टीम ने मुकाबला 7 विकेट से जीत लिया।
न्यूजीलैंड की तरफ से टिम साइफर्ट ने 93 रन और ग्लेन फिलिप्स ने नाबाद 65 रन बनाए। डेरिल मिचेल ने भी 29 रन की उपयोगी पारी खेली।
भारतीय टीम को शुरुआत में फिन एलन का विकेट मिला था, लेकिन इसके बाद गेंदबाज लगातार विकेट निकालने में सफल नहीं रहे। साइफर्ट और फिलिप्स की साझेदारी ने मुकाबले को भारत की पहुंच से दूर कर दिया।
न्यूजीलैंड ने लक्ष्य हासिल करने के लिए केवल 18 ओवर खेले। इसका मतलब भारतीय टीम को अंतिम दो ओवरों में भी गेंदबाजी करने का मौका नहीं मिला। सात विकेट से मिली इस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने सीरीज का आखिरी मुकाबला अपने नाम किया।
भारत ने 3-2 से जीती पांच मैचों की सीरीज
पांचवें टी-20 में हार के बावजूद भारतीय टीम सीरीज जीतने में सफल रही। भारत ने शुरुआती तीन मुकाबलों में लगातार जीत दर्ज करके सीरीज पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी।
इसके बाद न्यूजीलैंड ने चौथे और पांचवें मुकाबले में वापसी की। लगातार दो जीत से मेजबान टीम ने सीरीज का अंतर 3-2 कर दिया, लेकिन ट्रॉफी भारत के नाम रही।
सीरीज के शुरुआती मुकाबलों में भारतीय टीम का प्रदर्शन मजबूत रहा। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया। हालांकि, आखिरी दो मुकाबलों में न्यूजीलैंड ने अपनी रणनीति में सुधार किया और भारतीय टीम को कड़ी चुनौती दी।
भारत के लिए सीरीज जीतना महत्वपूर्ण रहा, लेकिन आखिरी मुकाबले में मिली हार टीम के लिए कुछ कमियों पर काम करने का संकेत भी है। खासकर डेथ ओवरों में बल्लेबाजी और लक्ष्य का बचाव करने की रणनीति पर टीम को ध्यान देना होगा।
भारतीय टीम के लिए डेथ ओवरों की बल्लेबाजी बनी चिंता
पांचवें टी-20 मुकाबले में भारत की बल्लेबाजी की शुरुआत खराब रही, लेकिन ईशान किशन और श्रेयस अय्यर ने शानदार साझेदारी करके टीम को संभाल लिया था। दोनों के आउट होने के बाद भारतीय टीम के पास बड़ा स्कोर बनाने का अच्छा मौका था।
हालांकि, आखिरी ओवरों में न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने लगातार विकेट लेकर रन बनाने की गति को कम कर दिया। टी-20 क्रिकेट में अंतिम पांच ओवर किसी भी टीम के स्कोर को काफी हद तक बदल सकते हैं। ऐसे समय में बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने के साथ विकेट बचाकर रखने की भी जरूरत होती है।
भारत के लिए इस मुकाबले में यही हिस्सा चुनौतीपूर्ण रहा। 191 रन का स्कोर प्रतिस्पर्धी था, लेकिन न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में लक्ष्य हासिल कर लिया।
टीम प्रबंधन के लिए यह देखना जरूरी होगा कि मध्यक्रम और निचले क्रम के बल्लेबाज दबाव की परिस्थितियों में किस तरह बेहतर योगदान दे सकते हैं। आने वाले मुकाबलों में यह अनुभव भारतीय टीम के काम आ सकता है।
न्यूजीलैंड के लिए आखिरी जीत से बढ़ा आत्मविश्वास
न्यूजीलैंड ने सीरीज के शुरुआती तीन मुकाबले गंवाने के बाद आखिरी दो मैच जीतकर अच्छा प्रदर्शन किया। पांचवें मुकाबले में टीम की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों मजबूत दिखाई दीं।
एडम मिल्ने ने गेंदबाजी में चार विकेट लेकर भारत को 191 रन पर रोकने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद साइफर्ट और फिलिप्स ने बल्लेबाजी में शानदार प्रदर्शन किया।
इस जीत से न्यूजीलैंड को सीरीज के आखिरी चरण में आत्मविश्वास मिला। टीम ने दिखाया कि शुरुआती हार के बाद भी रणनीति और प्रदर्शन में सुधार करके मुकाबले में वापसी की जा सकती है।
भारत के खिलाफ आखिरी मैच में मिली जीत न्यूजीलैंड के लिए सांत्वना जीत रही, क्योंकि पांच मैचों की सीरीज भारत पहले ही अपने नाम कर चुका था।
अब दोनों टीमों का ध्यान अगले मुकाबलों पर
टी-20 सीरीज समाप्त होने के बाद दोनों टीमों का ध्यान आगे के अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों पर रहेगा। इस सीरीज से भारत को अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी की मजबूती तथा कमजोरियों को समझने का मौका मिला।
ईशान किशन और श्रेयस अय्यर की अर्धशतकीय पारियों से भारतीय बल्लेबाजी को सकारात्मक संकेत मिला। वहीं, आखिरी मुकाबले में गेंदबाजों के सामने साइफर्ट और फिलिप्स की चुनौती रही।
न्यूजीलैंड के लिए ग्लेन फिलिप्स का लगातार रन बनाना बड़ी उपलब्धि रहा। टिम साइफर्ट ने भी निर्णायक मुकाबले में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से टीम को जीत दिलाई। एडम मिल्ने की गेंदबाजी ने साबित किया कि शुरुआती विकेट हासिल करना किसी भी टी-20 मैच में कितना महत्वपूर्ण हो सकता है।
कुल मिलाकर, पांचवें टी-20 में न्यूजीलैंड ने बेहतर बल्लेबाजी और गेंदबाजी के दम पर भारत को 7 विकेट से हराया। भारत ने सीरीज 3-2 से जीती, जबकि न्यूजीलैंड ने आखिरी दो मैच जीतकर सीरीज का समापन शानदार अंदाज में किया।