इंडियन प्रीमियर लीग यानी IPL 2027 से पहले खिलाड़ियों की ट्रेडिंग को लेकर फ्रेंचाइजी के बीच हलचल तेज हो गई है। इसी बीच इंग्लैंड के ऑलराउंडर लियाम लिविंगस्टोन का नाम चर्चा में आ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) से लिविंगस्टोन को ट्रेड करने की संभावना तलाश रही है। हालांकि, हैदराबाद फ्रेंचाइजी ने अभी तक उन्हें टीम से जाने देने पर अंतिम फैसला नहीं लिया है।
लिविंगस्टोन को सनराइजर्स हैदराबाद ने पिछले ऑक्शन में 13 करोड़ रुपए खर्च करके खरीदा था। उनसे टीम को मिडिल ऑर्डर में विस्फोटक बल्लेबाजी और जरूरत पड़ने पर स्पिन गेंदबाजी की उम्मीद थी। लेकिन IPL 2026 में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्हें सिर्फ दो मैचों में खेलने का मौका मिला और वे कुल 15 रन ही बना सके। इसके बाद उन्हें टीम के प्लेइंग कॉम्बिनेशन से बाहर कर दिया गया।
अब CSK की दिलचस्पी ने उनके IPL भविष्य को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार, इस संभावित ट्रेड में खलील अहमद का नाम भी सामने आया है, लेकिन इस खिलाड़ी को सौदे में शामिल किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। बातचीत में एक से अधिक खिलाड़ी और फ्रेंचाइजी शामिल हो सकते हैं। फिलहाल कोई ट्रेड फाइनल नहीं हुआ है।
CSK क्यों लिविंगस्टोन को अपनी टीम में शामिल करना चाहती है?
चेन्नई सुपर किंग्स IPL की सबसे सफल और चर्चित फ्रेंचाइजी में से एक है। टीम की रणनीति में आमतौर पर ऐसे खिलाड़ियों को महत्व दिया जाता है, जो बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी योगदान दे सकें। लियाम लिविंगस्टोन इसी तरह के खिलाड़ी हैं।
लिविंगस्टोन दाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज हैं। वे मिडिल ऑर्डर में तेजी से रन बनाने और बड़े शॉट खेलने की क्षमता रखते हैं। T20 क्रिकेट में उनकी पहचान लंबे छक्के लगाने वाले बल्लेबाज के रूप में रही है। वे ऑफ स्पिन और लेग स्पिन दोनों तरह की गेंदबाजी भी कर सकते हैं।
CSK के लिए उनका अनुभव उपयोगी हो सकता है। टीम को मिडिल ऑर्डर में ऐसा बल्लेबाज मिल सकता है, जो मैच की परिस्थितियों के हिसाब से रन गति बढ़ा सके। जरूरत पड़ने पर वे अतिरिक्त स्पिन विकल्प भी दे सकते हैं। यही ऑलराउंड क्षमता उन्हें ट्रेड के लिहाज से दिलचस्प बनाती है।
हालांकि, किसी खिलाड़ी को टीम में शामिल करने का फैसला केवल उसकी पिछली उपलब्धियों के आधार पर नहीं होता। फ्रेंचाइजी उसकी मौजूदा फॉर्म, फिटनेस, कीमत, टीम कॉम्बिनेशन और विदेशी खिलाड़ियों के उपलब्ध स्लॉट को भी देखती है। लिविंगस्टोन की 13 करोड़ रुपए की कीमत भी CSK के लिए एक महत्वपूर्ण पहलू होगी।
SRH ने 13 करोड़ रुपए में खरीदा था
लियाम लिविंगस्टोन को IPL 2026 के ऑक्शन में सनराइजर्स हैदराबाद ने 13 करोड़ रुपए में खरीदा था। इससे पहले वे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम का हिस्सा थे। RCB ने उन्हें पिछले मेगा ऑक्शन में 8.75 करोड़ रुपए में अपने साथ जोड़ा था, लेकिन बाद में रिलीज कर दिया।
SRH ने उन्हें खरीदने के लिए बड़ी बोली लगाई थी। फ्रेंचाइजी को उम्मीद थी कि लिविंगस्टोन अपनी पावर हिटिंग और गेंदबाजी से टीम को संतुलन देंगे। उनके आने से बल्लेबाजी क्रम में एक ऐसा विकल्प मिलने की उम्मीद थी, जो तेज रन बनाने के साथ स्पिन गेंदबाजी भी कर सके।
लेकिन IPL 2026 में उनका प्रदर्शन कमजोर रहा। दो मैचों में वे केवल 15 रन बना पाए। इसके बाद उन्हें प्लेइंग इलेवन और इम्पैक्ट प्लेयर के विकल्प में भी जगह नहीं मिली।
किसी खिलाड़ी के लिए इतनी बड़ी कीमत पर खरीदे जाने के बाद टीम में जगह बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। लिविंगस्टोन के मामले में यही चुनौती सामने आई। अब फ्रेंचाइजी को यह तय करना है कि उन्हें एक और सीजन का मौका दिया जाए या ट्रेड के जरिए टीम में बदलाव किया जाए।
IPL 2026 में लिविंगस्टोन का प्रदर्शन निराशाजनक रहा

लिविंगस्टोन से SRH को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन उनका पिछला सीजन उनके लिए अच्छा नहीं रहा। उन्हें सीमित मौके मिले और वे उन मौकों को बड़े स्कोर में नहीं बदल सके।
दो मैचों में 15 रन का प्रदर्शन उनकी क्षमता के मुकाबले काफी कम माना गया। हालांकि, केवल दो मैचों के आधार पर किसी खिलाड़ी की पूरी क्षमता का आकलन करना भी सही नहीं होगा। T20 क्रिकेट में कई बार खिलाड़ी को लगातार मौके नहीं मिलते और टीम की जरूरत के अनुसार बल्लेबाजी क्रम भी बदलता रहता है।
लिविंगस्टोन का खेल बड़े शॉट लगाने पर आधारित है। वे पावरप्ले के बाद मिडिल ओवरों में स्पिन और तेज गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी कर सकते हैं। लेकिन इस तरह की बल्लेबाजी में निरंतरता बनाए रखना जरूरी होता है। अगर शुरुआती गेंदों पर विकेट गिर जाए या खिलाड़ी अपनी टाइमिंग हासिल न कर पाए, तो बड़े शॉट खेलने का जोखिम बढ़ जाता है।
SRH के लिए सवाल यही है कि क्या लिविंगस्टोन को अगले सीजन में ज्यादा मौके देकर उनका आत्मविश्वास वापस लाया जा सकता है, या फिर किसी दूसरे खिलाड़ी को टीम में शामिल करना ज्यादा फायदेमंद होगा।
ट्रेड में खलील अहमद का नाम क्यों आया?
संभावित ट्रेड को लेकर खलील अहमद का नाम भी चर्चा में है। रिपोर्टों के अनुसार, CSK लिविंगस्टोन के बदले बाएं हाथ के तेज गेंदबाज खलील अहमद को देने के विकल्प पर विचार कर सकती है। लेकिन इस जानकारी को पक्का सौदा नहीं माना जा सकता।
खलील अहमद भारतीय तेज गेंदबाज हैं और नई गेंद से गेंदबाजी करने की क्षमता रखते हैं। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज टीम के गेंदबाजी आक्रमण में अलग तरह का विकल्प देते हैं। वे शुरुआती ओवरों में स्विंग हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं और अपनी गति तथा लाइन-लेंथ से बल्लेबाजों को चुनौती दे सकते हैं।
दूसरी तरफ, SRH ने हाल ही में टी. नटराजन को भी अपने साथ जोड़ा है। नटराजन भी बाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं और डेथ ओवरों में यॉर्कर डालने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या हैदराबाद को एक और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज की जरूरत होगी।
इसी वजह से खलील का नाम सामने आने के बावजूद इस संभावित एक्सचेंज की पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि CSK की तरफ से खलील के अलावा किसी दूसरे खिलाड़ी पर भी चर्चा हो सकती है।
बातचीत सिर्फ CSK और SRH तक सीमित नहीं
लिविंगस्टोन के ट्रेड की चर्चा में एक और उत्तरी भारतीय फ्रेंचाइजी की दिलचस्पी का भी जिक्र किया गया है। हालांकि, इस टीम की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है और उसकी रुचि को अभी शुरुआती बातचीत के स्तर पर ही बताया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेड से जुड़ी बातचीत में कई फ्रेंचाइजी और एक से अधिक खिलाड़ी शामिल हैं। इसलिए यह मामला केवल CSK और SRH के बीच सीधे खिलाड़ी बदलने तक सीमित नहीं हो सकता।
IPL में ट्रेडिंग के दौरान फ्रेंचाइजी खिलाड़ियों के कॉन्ट्रैक्ट और अपनी टीम की जरूरतों को ध्यान में रखती हैं। किसी खिलाड़ी को लेने के बदले दूसरी टीम को खिलाड़ी देना, निर्धारित शर्तों के अनुसार ट्रेड करना या अन्य विकल्प तलाशना संभव होता है। लेकिन हर सौदे के लिए संबंधित फ्रेंचाइजी की सहमति और लीग के नियमों का पालन जरूरी है।
इस मामले में अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि CSK किस खिलाड़ी को बदले में देने की पेशकश करेगी। इसी तरह SRH भी लिविंगस्टोन को रिलीज करने या ट्रेड करने पर अंतिम फैसला नहीं ले पाई है। इसलिए फिलहाल इस खबर को संभावित ट्रेड चर्चा के रूप में ही देखना चाहिए।
लिविंगस्टोन की बल्लेबाजी CSK के लिए कैसे उपयोगी हो सकती है?
चेन्नई की टीम अगर लिविंगस्टोन को अपने साथ जोड़ती है, तो उसे मिडिल ऑर्डर में एक आक्रामक विदेशी बल्लेबाज का विकल्प मिल सकता है। लिविंगस्टोन तेज गेंदबाजों के खिलाफ बड़े शॉट खेलने के लिए जाने जाते हैं। वे स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ भी आक्रामक रुख अपना सकते हैं।
T20 मैचों में मिडिल ओवरों का महत्व काफी बढ़ गया है। शुरुआती विकेट गिरने के बाद टीम को ऐसे बल्लेबाज की जरूरत होती है, जो पारी को संभालने के साथ रन गति भी बनाए रखे। वहीं अगर टीम को आखिरी ओवरों में तेजी से रन बनाने हों, तो पावर हिटर की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
लिविंगस्टोन इन दोनों भूमिकाओं में उपयोगी साबित हो सकते हैं। वे जरूरत के हिसाब से बल्लेबाजी क्रम में बदलाव के साथ खेल सकते हैं। हालांकि, उनके प्रदर्शन में निरंतरता और सही समय पर जोखिम लेने की क्षमता जरूरी होगी।
उनकी गेंदबाजी भी CSK के लिए अतिरिक्त फायदा हो सकती है। वे लेग स्पिन और ऑफ स्पिन दोनों कर सकते हैं। इससे कप्तान को मैच की परिस्थिति और विपक्षी बल्लेबाजों के अनुसार विकल्प मिल सकता है। लेकिन किसी भी टीम को यह देखना होगा कि उनकी गेंदबाजी का इस्तेमाल कितनी प्रभावी तरह किया जा सकता है।
13 करोड़ की कीमत CSK के लिए कितनी बड़ी चुनौती?
लिविंगस्टोन की कीमत इस संभावित ट्रेड का सबसे अहम पहलू है। SRH ने उन्हें 13 करोड़ रुपए में खरीदा था। इतनी बड़ी रकम वाले खिलाड़ी को ट्रेड करना सिर्फ क्रिकेटिंग जरूरत का मामला नहीं होता, बल्कि टीम के बजट और बाकी खिलाड़ियों के कॉन्ट्रैक्ट पर भी असर डालता है।
CSK को यह देखना होगा कि क्या लिविंगस्टोन की मौजूदा कीमत उनके प्रदर्शन और टीम में संभावित भूमिका के हिसाब से उचित है। अगर खिलाड़ी को नियमित प्लेइंग इलेवन में जगह मिलती है और वह बल्लेबाजी तथा गेंदबाजी दोनों में योगदान देता है, तो उसका मूल्य बढ़ सकता है।
लेकिन अगर खिलाड़ी को सीमित मौके मिलते हैं, तो टीम के लिए इतनी बड़ी रकम खर्च करना चुनौती बन सकता है। यही वजह है कि फ्रेंचाइजी ट्रेड से पहले हर पहलू पर विचार करती हैं।
SRH के लिए भी यही स्थिति है। उसने लिविंगस्टोन पर बड़ा निवेश किया था। अब अगर टीम उन्हें ट्रेड करती है, तो उसे बदले में मिलने वाले खिलाड़ी की उपयोगिता और अपने स्क्वॉड की जरूरतों का मूल्यांकन करना होगा।
IPL 2027 से पहले ट्रेडिंग की समयसीमा क्यों अहम?
IPL 2027 से पहले टीमों को अपने खिलाड़ियों की रिटेंशन और ट्रेडिंग से जुड़े फैसले तय समय पर करने होंगे। रिपोर्टों के अनुसार, खिलाड़ियों को रिटेन करने की अंतिम तारीख 17 नवंबर 2026 है। इसके बाद फ्रेंचाइजी मिनी ऑक्शन की तैयारी करेंगी, जो 16 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित है।
इस समयसीमा के कारण फ्रेंचाइजी के पास ज्यादा समय नहीं है। उन्हें यह तय करना होगा कि किन खिलाड़ियों को टीम में बनाए रखना है, किन्हें रिलीज करना है और किन खिलाड़ियों को ट्रेड के जरिए हासिल किया जा सकता है।
लिविंगस्टोन का मामला इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। अगर CSK और SRH के बीच सहमति बनती है, तो ट्रेड रिटेंशन की समयसीमा से पहले पूरा करना होगा। लेकिन अगर दोनों टीमों के बीच खिलाड़ी या कीमत को लेकर सहमति नहीं बनती, तो यह सौदा रुक भी सकता है।
इसलिए आने वाले दिनों में लिविंगस्टोन के भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। हालांकि, आधिकारिक घोषणा आने तक किसी भी टीम में उनका जाना तय नहीं माना जा सकता।
SRH के सामने क्या विकल्प हैं?
सनराइजर्स हैदराबाद के पास लिविंगस्टोन को लेकर कई विकल्प हो सकते हैं। फ्रेंचाइजी उन्हें टीम में बनाए रखकर अगले सीजन में एक और मौका दे सकती है। ऐसा करने पर टीम को उम्मीद होगी कि खिलाड़ी अपनी पुरानी फॉर्म में लौटेगा और बल्लेबाजी तथा गेंदबाजी दोनों में योगदान देगा।
दूसरा विकल्प ट्रेड का है। अगर SRH को बदले में ऐसा खिलाड़ी मिलता है, जिसकी टीम को ज्यादा जरूरत है, तो फ्रेंचाइजी सौदे पर विचार कर सकती है। तीसरा विकल्प खिलाड़ी को रिलीज करना हो सकता है, हालांकि 13 करोड़ रुपए के निवेश को देखते हुए यह फैसला भी सोच-समझकर लेना होगा।
टीम को यह भी देखना होगा कि उसके विदेशी खिलाड़ियों का संतुलन कैसा है। IPL में विदेशी खिलाड़ियों की संख्या सीमित होती है और प्लेइंग इलेवन में अधिकतम चार विदेशी खिलाड़ी ही शामिल किए जा सकते हैं। ऐसे में किसी विदेशी ऑलराउंडर को बनाए रखना तभी उपयोगी होगा, जब वह टीम की रणनीति में नियमित भूमिका निभा सके।
लिविंगस्टोन की ताकत उनकी बल्लेबाजी और स्पिन गेंदबाजी है। अगर SRH को लगता है कि अगले सीजन में वे इस क्षमता का बेहतर इस्तेमाल कर सकती है, तो उन्हें बनाए रखना भी एक विकल्प हो सकता है।
क्या लिविंगस्टोन CSK में जाकर अपनी फॉर्म वापस पा सकते हैं?
किसी नए टीम वातावरण में खिलाड़ी को नई भूमिका और नया अवसर मिल सकता है। CSK में शामिल होने पर लिविंगस्टोन को अपनी बल्लेबाजी की स्थिति और टीम की रणनीति के हिसाब से खेलने का मौका मिल सकता है। लेकिन टीम बदलना अपने आप बेहतर प्रदर्शन की गारंटी नहीं देता।
लिविंगस्टोन को अपनी टाइमिंग, शॉट चयन और गेंदबाजी में निरंतरता पर काम करना होगा। T20 क्रिकेट में बड़े शॉट खेलने की क्षमता महत्वपूर्ण है, लेकिन मुश्किल परिस्थितियों में पारी को संभालना भी उतना ही जरूरी होता है।
अगर CSK उन्हें नियमित मौके देती है और उनकी भूमिका स्पष्ट रखती है, तो वे टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। लेकिन अगर उन्हें फिर सीमित मैच खेलने पड़ते हैं, तो उनकी फॉर्म और आत्मविश्वास पर असर पड़ सकता है।
इसलिए ट्रेड का फैसला दोनों फ्रेंचाइजी के लिए जोखिम और अवसर का संतुलन होगा। CSK को यह तय करना होगा कि लिविंगस्टोन उसकी टीम की जरूरतों को पूरा करते हैं या नहीं। SRH को देखना होगा कि उन्हें छोड़ने से टीम मजबूत होगी या कमजोर।