गणेश चतुर्थी का त्योहार आते ही देशभर में गणपति बप्पा के स्वागत की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। मुंबई में इस पर्व की रौनक देखते ही बनती है और बॉलीवुड सितारे भी अपने घरों में भगवान गणेश की स्थापना कर पूरे परिवार के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। अभिनेता सोनू सूद भी उन सितारों में शामिल हैं, जिनके घर हर साल गणपति बप्पा का स्वागत बड़े श्रद्धा भाव से किया जाता है। सोनू सूद के लिए गणेश उत्सव सिर्फ एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि भगवान गणेश के साथ उनके व्यक्तिगत जुड़ाव और जीवन की मुश्किल परिस्थितियों में विश्वास का भी हिस्सा रहा है।
सोनू सूद गणपति बप्पा को विघ्नहर्ता और मार्गदर्शक मानते हैं। उनकी प्रार्थनाओं में सिर्फ अपने लिए सफलता या सुख की मांग नहीं होती, बल्कि वे चाहते हैं कि दुनिया के लोगों की परेशानियां कम हों और समाज में शांति बनी रहे। यही वजह है कि जब उनसे पूछा गया कि अगर उन्हें भगवान गणेश से कोई विशेष शक्ति या वरदान मांगने का मौका मिले तो वह क्या मांगेंगे, तो उनका जवाब उनकी सार्वजनिक छवि से भी जुड़ा नजर आया। उन्होंने इच्छा जताई कि बप्पा हर किसी को ऐसी शक्ति दें जिससे देश और दुनिया की मुश्किलें खत्म हो सकें।
सोनू सूद का गणपति उत्सव से रिश्ता काफी पुराना है। उन्होंने एक बातचीत में बताया था कि करीब 28 साल पहले पहली बार वह अपने घर गणपति बप्पा को लेकर आए थे। उस समय वह अंधेरी स्टेशन से बाइक पर गणपति की मूर्ति लेने गए थे। यह याद आज भी उनके लिए खास है। उन्होंने बताया था कि उस समय उनकी प्रार्थना थी कि जिस सफर पर वह निकले हैं, उसमें बप्पा का साथ कभी न छूटे। वर्षों बाद जब वह पीछे मुड़कर अपने जीवन को देखते हैं तो उन्हें लगता है कि उनकी वह दुआ उनके लिए बेहद खास रही।
सोनू के लिए भगवान गणेश का महत्व केवल त्योहार के कुछ दिनों तक सीमित नहीं है। वह बप्पा को ऐसा मार्गदर्शक मानते हैं जो मुश्किल रास्तों में सही दिशा दिखाते हैं। अभिनेता ने पहले भी गणपति उत्सव के दौरान अपने और भगवान गणेश के रिश्ते को लेकर बात की है। उन्होंने बप्पा को अपना मेंटॉर और गाइड बताया था और कहा था कि कोरोना काल जैसे कठिन समय में लोगों की मदद करते हुए भी उन्हें भगवान गणेश से प्रेरणा और मार्गदर्शन महसूस हुआ।
गणेश चतुर्थी के मौके पर सोनू सूद के घर का माहौल भी श्रद्धा और पारिवारिक खुशी से भर जाता है। घर में गणपति की स्थापना से लेकर पूजा और प्रसाद तक परिवार मिलकर तैयारियों में शामिल होता है। सोनू की पत्नी सोनाली सूद गणेशोत्सव की तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सोनू ने बताया था कि बप्पा की स्थापना, प्रसाद की तैयारी और यहां तक कि परिवार के कपड़ों के चयन तक की जिम्मेदारी सोनाली संभालती हैं। उनका कहना था कि सोनाली सारी तैयारियां इतनी अच्छी तरह करती हैं कि उन्हें किसी तरह की चिंता नहीं रहती।
गणपति बप्पा के स्वागत के लिए घर को फूलों और पारंपरिक सजावट से सजाया जाता है। सोनू सूद के घर गणपति की झांकी की तस्वीरें अलग-अलग वर्षों में सामने आती रही हैं। 2025 के गणेशोत्सव में भी उनके घर सफेद फूलों और पत्तियों से सजी खूबसूरत झांकी देखने को मिली थी। परिवार के साथ गणपति पूजा करते हुए सोनू की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रही थीं।
सोनू सूद की गणपति भक्ति की खास बात यह है कि वह इसे दिखावे के बजाय व्यक्तिगत आस्था से जोड़ते हैं। उनके लिए बप्पा का घर आना परिवार के लिए एक आध्यात्मिक अवसर होता है। पूजा-अर्चना, आरती और प्रसाद के साथ पूरा परिवार कुछ समय भगवान के सामने बिताता है। गणपति उत्सव के दौरान उनका संदेश भी अक्सर सकारात्मकता, मानवता और लोगों की मदद करने के आसपास रहता है।
अगर सोनू सूद की सार्वजनिक जिंदगी पर नजर डालें तो उनकी यह प्रार्थना उनकी सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़ती दिखाई देती है। कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए बड़े स्तर पर काम किया था। ऑक्सीजन, अस्पतालों में बेड, दवाइयों और दूसरे जरूरी संसाधनों की मदद से लेकर प्रवासी मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाने की कोशिशों तक सोनू सूद का नाम लगातार सामने आया। इसी वजह से उनके लिए लोगों की परेशानियां कोई दूर की चीज नहीं हैं।
उनकी मानवीय गतिविधियां हाल के वर्षों में भी जारी रही हैं। सितंबर 2026 में नेपाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए सोनू सूद ग्राउंड जीरो तक पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवारों के साथ तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि जिन लोगों ने अपना घर, परिवार और बचपन तक खो दिया है, उन्हें मिलकर नई शुरुआत दिलाने में मदद करनी होगी। उनकी चैरिटी टीम ने प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने में भी मदद की।
यही वजह है कि जब सोनू सूद भगवान गणेश से दुनिया की मुश्किलें कम करने की प्रार्थना करते हैं तो यह बात उनकी वास्तविक जिंदगी से भी जुड़ी नजर आती है। वह अपने लिए किसी बड़ी निजी इच्छा की जगह लोगों की परेशानी कम होने की बात करते हैं। गणेश चतुर्थी उनके लिए एक ऐसा अवसर बन जाता है, जब वह भगवान के सामने खड़े होकर उन लोगों के लिए भी प्रार्थना करते हैं, जिनकी जिंदगी किसी न किसी मुश्किल से गुजर रही है।
सोनू का मानना है कि गणपति बप्पा विघ्नहर्ता हैं। भारतीय परंपरा में भगवान गणेश को शुभ शुरुआत, बुद्धि और बाधाओं को दूर करने वाले देवता के रूप में पूजा जाता है। इसी वजह से किसी नए काम, नए घर या महत्वपूर्ण शुरुआत से पहले गणेश पूजा करने की परंपरा है। गणेश चतुर्थी के दौरान घर में बप्पा की स्थापना इसी आस्था का हिस्सा है। श्रद्धालु भगवान से सुख, समृद्धि, बुद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।
2026 में भी देशभर में गणेश चतुर्थी का उत्सव 14 सितंबर से शुरू हुआ है। दस दिनों तक चलने वाले इस पर्व के दौरान घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की पूजा की जाती है। मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई हिस्सों में गणेशोत्सव की विशेष धूम रहती है। बॉलीवुड सितारे भी हर साल इस उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
गणपति स्थापना के दौरान घरों में विशेष पूजा और आरती होती है। भक्त भगवान गणेश को दूर्वा, मोदक, फूल, सिंदूर और फल अर्पित करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मोदक को भगवान गणेश का प्रिय भोग माना जाता है। हालांकि अलग-अलग परिवारों और परंपराओं में पूजा की विधि अलग हो सकती है। गणेश चतुर्थी का मुख्य भाव श्रद्धा और भक्ति है।
सोनू सूद भी गणपति उत्सव के दौरान मोदक का जिक्र कर चुके हैं। जब उनसे पूछा गया कि फिटनेस का ध्यान रखते हुए वह मोदक कैसे खाते हैं, तो उनका जवाब दिलचस्प था। उन्होंने कहा था कि मोदक को लेकर ज्यादा नहीं सोचते, क्योंकि इसमें भगवान का आशीर्वाद होता है। उनके इस जवाब ने यह भी दिखाया कि उनके लिए त्योहार सिर्फ खान-पान या सेलिब्रिटी लाइफस्टाइल का हिस्सा नहीं बल्कि भावनाओं और आस्था से जुड़ा अवसर है।
गणेशोत्सव में परिवार की भूमिका भी सोनू के लिए खास है। आम तौर पर फिल्मी सितारों की जिंदगी शूटिंग, यात्राओं और सार्वजनिक कार्यक्रमों से भरी रहती है, लेकिन गणपति के मौके पर परिवार एक साथ नजर आता है। सोनू की पत्नी और परिवार के सदस्य पूजा की तैयारियों में हिस्सा लेते हैं। इसी वजह से उनके घर का गणेश उत्सव एक पारिवारिक समारोह जैसा नजर आता है।
सोनू सूद की गणपति आस्था का एक और पहलू उनकी सादगी है। वह भगवान से बड़ी-बड़ी व्यक्तिगत इच्छाओं की जगह जिम्मेदारी निभाने की शक्ति मांगने की बात पहले भी कर चुके हैं। कोरोना के दौरान लोगों की मदद करते समय उन्होंने कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उस समय हजारों लोगों की उम्मीदें उनसे जुड़ी थीं। ऐसे अनुभवों के बाद उनकी प्रार्थनाओं में भी दूसरों के लिए कुछ करने की भावना दिखाई देती है।
उनका गणपति से जुड़ा पुराना अनुभव भी इसी सोच को मजबूत करता है। जब वह पहली बार बाइक पर गणपति की मूर्ति लेकर घर आए थे, तब उन्होंने बप्पा से अपने सफर में साथ बने रहने की प्रार्थना की थी। आज इतने वर्षों बाद उनका करियर, सामाजिक काम और सार्वजनिक जीवन काफी बदल चुका है। फिल्मों से पहचान बनाने वाले सोनू सूद को कोरोना काल के बाद एक बड़े मानवीय चेहरे के रूप में भी देखा जाने लगा। इसलिए उनकी गणपति पूजा की खबर सिर्फ एक सेलिब्रिटी फेस्टिवल स्टोरी नहीं रहती, बल्कि उनके व्यक्तिगत विश्वास और सामाजिक सोच से भी जुड़ जाती है।
सोनू सूद की यही सोच उनके गणपति संदेश को दूसरे सेलिब्रिटी संदेशों से अलग बनाती है। जहां त्योहार पर आम तौर पर लोग परिवार की खुशी, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करते हैं, वहीं सोनू की प्रार्थना में दुनिया के लोगों की मुश्किलें कम करने की इच्छा दिखाई देती है। वह चाहते हैं कि लोगों को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकलने की ताकत मिले और दुनिया में शांति बनी रहे।
गणपति उत्सव का संदेश भी कहीं न कहीं इसी सकारात्मक सोच से जुड़ा है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता कहा जाता है, इसलिए भक्त मानते हैं कि बप्पा उनके जीवन की बाधाओं को दूर करें और उन्हें सही रास्ता दिखाएं। घर में गणपति की स्थापना के दौरान परिवार के लोग इसी विश्वास के साथ पूजा करते हैं। सोनू सूद के लिए भी बप्पा का यही रूप सबसे महत्वपूर्ण दिखाई देता है।
उनकी यह आस्था उनके सामाजिक काम से भी जुड़ती है। नेपाल में बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए सितंबर 2026 में उनका जाना इसका हालिया उदाहरण है। उन्होंने प्रभावित लोगों के लिए नई शुरुआत की बात कही। यह सोच उस प्रार्थना से काफी मेल खाती है जिसमें वह भगवान गणेश से दुनिया की मुश्किलें कम करने की शक्ति मांगते हैं।
गणेश चतुर्थी के दौरान सोनू सूद के घर बप्पा की स्थापना इसलिए भी चर्चा में रहती है क्योंकि यह परंपरा उनके जीवन में कई वर्षों से चली आ रही है। 2021 में उन्होंने बताया था कि वह करीब 22 वर्षों से मुंबई स्थित अपने घर पर गणपति की स्थापना करते आ रहे हैं। यानी गणपति उनके जीवन में कोई नई परंपरा नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही आस्था का हिस्सा हैं।
समय के साथ सोनू सूद की जिंदगी और काम का दायरा जरूर बदल गया, लेकिन गणपति बप्पा के प्रति उनका विश्वास कायम रहा। फिल्मों में अभिनेता के रूप में पहचान, प्रोडक्शन की जिम्मेदारियां और सामाजिक कार्य—इन सभी के बीच गणपति उत्सव उनके लिए एक ऐसा समय बनकर आता है जब वह कुछ देर रुककर भगवान के सामने प्रार्थना करते हैं।
उनकी प्रार्थना का सबसे भावुक हिस्सा यही है कि वह सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों के लिए शक्ति मांगते हैं। दुनिया में शांति हो, लोगों के दुख कम हों और हर व्यक्ति मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने की ताकत हासिल कर सके—उनकी यही भावना गणपति उत्सव के दौरान सामने आती है। यह संदेश आज के समय में और भी महत्वपूर्ण लगता है, जब दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में युद्ध, प्राकृतिक आपदाएं, आर्थिक परेशानियां और मानवीय संकट देखने को मिलते हैं।
इस तरह सोनू सूद के घर गणपति बप्पा का आगमन सिर्फ एक सेलिब्रिटी उत्सव की खबर नहीं है। इसके पीछे वर्षों पुरानी आस्था, परिवार की परंपरा और जरूरतमंद लोगों के लिए कुछ करने की उनकी सोच भी जुड़ी है। सोनू के लिए बप्पा सिर्फ पूजा की मूर्ति नहीं, बल्कि उनके शब्दों में मार्गदर्शक और विघ्नहर्ता हैं। वह चाहते हैं कि भगवान गणेश हर व्यक्ति को इतनी शक्ति दें कि वह अपनी और दूसरों की मुश्किलों का सामना कर सके।
गणेश चतुर्थी के इस पावन अवसर पर सोनू सूद की यही प्रार्थना सबसे ज्यादा ध्यान खींचती है—खुशी सिर्फ एक घर तक सीमित न रहे, बल्कि हर उस व्यक्ति तक पहुंचे जो किसी परेशानी से गुजर रहा है। उनके लिए बप्पा का आशीर्वाद तभी सार्थक है, जब उससे लोगों को उम्मीद, हिम्मत और नई शुरुआत की ताकत मिले। गणपति बप्पा मोरया।