यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध के बीच एक बार फिर सैन्य सहायता का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका और यूरोपीय देशों से अपील की है कि वे पैट्रियट एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम (Patriot Air Defense System) यूक्रेन को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि यदि ये रक्षा प्रणालियां सहयोगी देशों के गोदामों में मौजूद हैं, तो उन्हें निष्क्रिय रखने के बजाय यूक्रेन की सुरक्षा के लिए उपयोग किया जाना चाहिए।
जेलेंस्की की यह अपील ऐसे समय आई है जब यूक्रेन पर हालिया मिसाइल और ड्रोन हमलों में कई लोगों के हताहत होने की खबरें सामने आई हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हालिया हमलों में कम से कम 9 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई हैं।
रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष को कई वर्ष हो चुके हैं और इस दौरान दोनों पक्षों के बीच लगातार सैन्य कार्रवाई जारी रही है। मिसाइल हमले, ड्रोन हमले, तोपखाने की गोलाबारी और सीमावर्ती क्षेत्रों में संघर्ष ने लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। युद्ध के कारण बड़ी संख्या में नागरिक विस्थापित हुए हैं और कई शहरों के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
जेलेंस्की ने अपने हालिया बयान में कहा कि यूक्रेन को अपनी वायु सुरक्षा मजबूत करने के लिए अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम की तत्काल आवश्यकता है। उनके अनुसार, यदि आधुनिक रक्षा प्रणालियां उपलब्ध कराई जाती हैं, तो नागरिक इलाकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को मिसाइल तथा ड्रोन हमलों से बेहतर सुरक्षा मिल सकती है।
पैट्रियट मिसाइल सिस्टम दुनिया की सबसे उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों में गिना जाता है। इसे दुश्मन के मिसाइल, विमान और कुछ परिस्थितियों में ड्रोन जैसे हवाई खतरों को रोकने के लिए विकसित किया गया है। कई पश्चिमी देशों की सेनाएं इस प्रणाली का उपयोग करती हैं और इसे आधुनिक एयर डिफेंस नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी युद्ध में वायु रक्षा प्रणाली का महत्व अत्यधिक होता है। यदि किसी देश के पास प्रभावी एयर डिफेंस हो, तो वह नागरिक क्षेत्रों, ऊर्जा संयंत्रों, सैन्य ठिकानों और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की बेहतर सुरक्षा कर सकता है। हालांकि किसी भी रक्षा प्रणाली की प्रभावशीलता उसके संचालन, उपलब्ध संख्या और युद्ध की परिस्थितियों पर भी निर्भर करती है।
यूक्रेन को पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका, यूरोप और अन्य सहयोगी देशों से विभिन्न प्रकार की सैन्य, आर्थिक और मानवीय सहायता मिलती रही है। इनमें वायु रक्षा प्रणाली, बख्तरबंद वाहन, गोला-बारूद, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता शामिल रही है। वहीं रूस लगातार इन सैन्य सहायता कार्यक्रमों का विरोध करता रहा है।
हालिया हमलों में प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन ने राहत अभियान शुरू किया है। आपातकालीन सेवाएं मलबा हटाने, घायलों को अस्पताल पहुंचाने और प्रभावित नागरिकों की सहायता करने में जुटी हुई हैं। कई स्थानों पर बिजली और अन्य आवश्यक सेवाओं को बहाल करने का कार्य भी जारी है।
युद्ध का सबसे अधिक प्रभाव आम नागरिकों पर पड़ता है। लगातार हमलों के कारण स्कूल, अस्पताल, आवासीय भवन और अन्य नागरिक सुविधाएं भी प्रभावित होती रही हैं। संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठन लगातार नागरिकों की सुरक्षा और मानवीय सहायता बढ़ाने की अपील करते रहे हैं।
यूरोपीय देशों के सामने भी सुरक्षा और रक्षा से जुड़े कई रणनीतिक निर्णय हैं। एक ओर वे यूक्रेन की सहायता का समर्थन करते हैं, वहीं दूसरी ओर अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा आवश्यकताओं और रक्षा संसाधनों का भी संतुलन बनाए रखना पड़ता है। इसी कारण सैन्य सहायता से जुड़े निर्णय कई स्तरों पर विचार-विमर्श के बाद लिए जाते हैं।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति के जानकारों का कहना है कि यूक्रेन संघर्ष केवल क्षेत्रीय मुद्दा नहीं रह गया है। इसका प्रभाव वैश्विक ऊर्जा बाजार, खाद्यान्न आपूर्ति, रक्षा नीति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कूटनीतिक संबंधों पर भी दिखाई देता है। यही कारण है कि दुनिया के कई देश इस युद्ध से जुड़े घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
रक्षा विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि आधुनिक युद्धों में केवल सैन्य शक्ति ही पर्याप्त नहीं होती। साइबर सुरक्षा, खुफिया जानकारी, ड्रोन तकनीक, मिसाइल रक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी समान रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एयर डिफेंस सिस्टम इसी व्यापक सुरक्षा ढांचे का एक अहम हिस्सा है।
भारत सहित कई देश लगातार यह अपील करते रहे हैं कि विवादों का समाधान शांतिपूर्ण बातचीत और कूटनीतिक माध्यमों से खोजा जाना चाहिए। वैश्विक स्तर पर भी कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने युद्ध समाप्त करने और स्थायी शांति स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, यदि संघर्ष लंबे समय तक जारी रहता है, तो इसका प्रभाव वैश्विक व्यापार, ऊर्जा कीमतों, खाद्यान्न आपूर्ति और निवेश माहौल पर भी पड़ सकता है। इसलिए दुनिया की निगाहें केवल युद्ध पर ही नहीं बल्कि संभावित कूटनीतिक समाधान पर भी टिकी हुई हैं।
फिलहाल यूक्रेन की ओर से अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइल सिस्टम की मांग और हालिया हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रियाओं पर सभी की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में अमेरिका, यूरोपीय देशों और अन्य सहयोगी राष्ट्रों की नीतियां इस संघर्ष की दिशा को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि युद्ध से जुड़ी परिस्थितियां तेजी से बदलती रहती हैं, इसलिए किसी भी नए घटनाक्रम की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से ही करना उचित माना जाता है।
जेलेंस्की ने रक्षामंत्री को हटाया, यूक्रेन में विरोध प्रदर्शन तेज; ड्रोन रणनीति पर उठे सवाल
http://Volodymyr Zelensky and Patriot air defense system during Ukraine conflict