बढ़ती उम्र के साथ शरीर और मन दोनों में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं। इन्हीं बदलावों में से एक है नींद से जुड़ी समस्याएं। बहुत से बुजुर्ग यह शिकायत करते हैं कि उन्हें रात में गहरी नींद नहीं आती या बार-बार नींद खुल जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि उम्र बढ़ने के साथ शरीर की जैविक घड़ी यानी बॉडी क्लॉक बदलने लगती है, जिससे नींद की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। लेकिन अच्छी बात यह है कि कुछ सरल आदतों को अपनाकर नींद की गुणवत्ता को बेहतर बनाया जा सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि नींद केवल आराम ही नहीं देती बल्कि शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्यों को संतुलित रखने में भी मदद करती है। अच्छी नींद से इम्युनिटी मजबूत होती है, मानसिक तनाव कम होता है और शरीर के हार्मोन भी संतुलित रहते हैं। इसलिए खासकर बुजुर्गों के लिए गहरी और नियमित नींद बेहद जरूरी मानी जाती है।
अक्सर देखा जाता है कि बुजुर्ग लोग देर रात तक टीवी देखते रहते हैं या मोबाइल फोन का उपयोग करते रहते हैं। इससे दिमाग सक्रिय बना रहता है और नींद आने में देर होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोने से पहले मन और शरीर को शांत करना बहुत जरूरी है। इसके लिए कुछ सरल और मजेदार तरीके अपनाए जा सकते हैं।
ऐसा ही एक तरीका है बबल फुलाना यानी साबुन के बुलबुले बनाना। यह सुनने में भले ही बच्चों का खेल लगे, लेकिन यह वास्तव में एक बेहतरीन रिलैक्सेशन तकनीक हो सकती है। जब व्यक्ति बुलबुले फुलाता है तो उसे धीरे-धीरे सांस छोड़नी पड़ती है। यह प्रक्रिया गहरी सांस लेने और छोड़ने जैसी होती है, जो शरीर को आराम देने में मदद करती है।
गहरी सांस लेने से शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर होता है और दिमाग को भी शांति मिलती है। इससे तनाव कम होता है और नींद आने में आसानी होती है। यही कारण है कि कई डॉक्टर और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी सांस से जुड़े व्यायाम की सलाह देते हैं।
नींद को बेहतर बनाने का एक और आसान तरीका है गुनगुने पानी में पैर डुबोना। यह तरीका बहुत पुराना है और आयुर्वेद तथा प्राकृतिक चिकित्सा में भी इसका उल्लेख मिलता है। जब हम गुनगुने पानी में पैर डुबोते हैं तो शरीर की मांसपेशियों को आराम मिलता है और रक्त संचार बेहतर होता है।
गुनगुना पानी शरीर के तनाव को कम करता है और दिमाग को संकेत देता है कि अब आराम का समय है। इससे शरीर धीरे-धीरे रिलैक्स होने लगता है और नींद आने की प्रक्रिया आसान हो जाती है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि सोने से लगभग 15 से 20 मिनट पहले गुनगुने पानी में पैर डुबोए जाएं तो इसका अच्छा प्रभाव देखा जा सकता है। इसमें थोड़ा सा नमक मिलाने से भी आराम मिलता है, क्योंकि नमक मांसपेशियों के तनाव को कम करने में मदद करता है।
नींद से जुड़ी समस्याओं का एक कारण मानसिक तनाव भी हो सकता है। जब मन में बहुत ज्यादा चिंताएं होती हैं तो व्यक्ति का दिमाग लगातार सक्रिय रहता है और वह आसानी से सो नहीं पाता। ऐसे में सोने से पहले शांत गतिविधियों को अपनाना लाभदायक हो सकता है।
कुछ लोग सोने से पहले हल्का संगीत सुनना पसंद करते हैं। यह भी एक अच्छा तरीका है, क्योंकि धीमा संगीत दिमाग को शांत करने में मदद करता है। इसके अलावा किताब पढ़ना या हल्की स्ट्रेचिंग करना भी नींद के लिए फायदेमंद हो सकता है।
डॉक्टर यह भी सलाह देते हैं कि सोने का एक निश्चित समय तय करना चाहिए। यदि हम रोज एक ही समय पर सोने और जागने की आदत डालते हैं तो शरीर की जैविक घड़ी उसी अनुसार काम करने लगती है। इससे नींद आने में आसानी होती है।
इसके साथ ही सोने का वातावरण भी बहुत महत्वपूर्ण होता है। कमरे में ज्यादा रोशनी या शोर होने से नींद प्रभावित हो सकती है। इसलिए सोते समय कमरे को शांत और हल्का अंधेरा रखना बेहतर होता है।
बुजुर्गों को दिन के समय भी हल्की शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए। जैसे सुबह या शाम की सैर, हल्का व्यायाम या योग। इससे शरीर थकान महसूस करता है और रात में नींद अच्छी आती है।
खानपान का भी नींद पर गहरा प्रभाव पड़ता है। रात में बहुत भारी भोजन करने से भी नींद में बाधा आ सकती है। इसलिए डॉक्टर सलाह देते हैं कि रात का भोजन हल्का और आसानी से पचने वाला होना चाहिए।
कई बार लोग दिन में बहुत ज्यादा झपकी ले लेते हैं, जिससे रात की नींद प्रभावित हो जाती है। इसलिए कोशिश करनी चाहिए कि दिन में बहुत लंबी नींद न ली जाए।
यदि इन सभी उपायों के बाद भी नींद की समस्या बनी रहती है तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है। कई बार नींद की समस्या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अच्छी नींद केवल दवाइयों से नहीं बल्कि सही जीवनशैली से भी प्राप्त की जा सकती है। नियमित दिनचर्या, संतुलित आहार और मानसिक शांति मिलकर नींद की गुणवत्ता को बेहतर बना सकते हैं।
बुजुर्गों के लिए यह और भी जरूरी हो जाता है क्योंकि उम्र के साथ शरीर की ऊर्जा कम होने लगती है। ऐसे में गहरी और आरामदायक नींद शरीर को नई ऊर्जा देने का काम करती है।
अंततः यह कहा जा सकता है कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके नींद की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। बबल फुलाना, गुनगुने पानी में पैर डुबोना और शांत वातावरण बनाना जैसे आसान उपाय बुजुर्गों के लिए बहुत फायदेमंद हो सकते हैं।
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