गर्मियों में शरीर को स्वस्थ रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। तेज धूप, पसीना और शरीर में पानी की कमी कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है। इन्हीं में से एक गंभीर स्थिति है हाइपरनेट्रेमिया।
यह ऐसी स्थिति होती है, जब शरीर में सोडियम का स्तर सामान्य से ज्यादा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार गर्मियों में डिहाइड्रेशन यानी पानी की कमी के कारण यह समस्या तेजी से बढ़ सकती है।
अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह शरीर और दिमाग दोनों पर असर डाल सकती है।
डॉक्टरों का कहना है कि शरीर में सोडियम जरूरी मिनरल है, लेकिन इसका संतुलन बिगड़ना खतरनाक हो सकता है।
गर्मियों में हाइपरनेट्रेमिया बढ़ने के पीछे कई कारण बताए जाते हैं।
पहला कारण है शरीर में पानी की कमी।
अधिक पसीना आने और पर्याप्त पानी न पीने से शरीर में सोडियम का स्तर बढ़ सकता है।
दूसरा कारण लंबे समय तक तेज धूप में रहना है।
तीसरा कारण दस्त या उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जिससे शरीर तेजी से पानी खो देता है।
चौथा कारण ज्यादा नमक वाला भोजन और कम पानी पीना माना जाता है।
पांचवां कारण कुछ बीमारियां और दवाइयां भी हो सकती हैं, जो शरीर के फ्लूइड बैलेंस को प्रभावित करती हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि हाइपरनेट्रेमिया के कई संकेत हो सकते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
सबसे सामान्य संकेत अत्यधिक प्यास लगना है।
इसके अलावा कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, मुंह सूखना, बेचैनी और थकान महसूस हो सकती है।
कुछ मामलों में भ्रम की स्थिति, मांसपेशियों में झटके और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी भी हो सकती है।
गंभीर स्थिति में यह दिमाग पर असर डाल सकता है और मरीज को अस्पताल में भर्ती तक करना पड़ सकता है।
डॉक्टरों का कहना है कि गर्मियों में सही मात्रा में पानी पीना सबसे जरूरी बचाव है।
सिर्फ प्यास लगने का इंतजार नहीं करना चाहिए।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि गर्म मौसम में नियमित अंतराल पर पानी, नारियल पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स लेना फायदेमंद हो सकता है।
बहुत ज्यादा कैफीन और शुगर वाले ड्रिंक्स से बचना चाहिए।
अगर किसी व्यक्ति को लगातार चक्कर, कमजोरी या भ्रम जैसी समस्या हो रही हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
बच्चों और बुजुर्गों में यह समस्या ज्यादा गंभीर हो सकती है, क्योंकि उनका शरीर जल्दी डिहाइड्रेट हो जाता है।
गर्मियों में बाहर काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी जागरूकता और सही हाइड्रेशन से इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।
आज के समय में बढ़ती गर्मी और हीटवेव के कारण यह स्वास्थ्य जोखिम पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण बन गया है।
कुल मिलाकर गर्मियों में शरीर में पानी और सोडियम का संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि हाइपरनेट्रेमिया जैसी गंभीर स्थिति से बचा जा सके।

