abworldnews

John Ternus बने Apple के नए CEO: Tim Cook ने 15 साल बाद छोड़ी कमान, 9 सितंबर को नया iPhone

Apple में आज यानी 1 सितंबर 2026 से एक बड़ा नेतृत्व परिवर्तन हो गया है। करीब 15 साल तक दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में से एक Apple की कमान संभालने वाले टिम कुक अब कंपनी के CEO नहीं हैं। उनकी जगह Apple के लंबे समय से Hardware Engineering संभाल रहे जॉन टर्नस ने Chief Executive Officer यानी CEO का पद संभाल लिया है। Apple ने अप्रैल 2026 में ही इस बदलाव की आधिकारिक घोषणा कर दी थी और अब यह फैसला प्रभावी हो गया है। टिम कुक कंपनी से पूरी तरह अलग नहीं हुए हैं। वे अब Apple के Executive Chairman की भूमिका में रहेंगे, जबकि जॉन टर्नस कंपनी के रोजमर्रा के संचालन और भविष्य की रणनीति की जिम्मेदारी संभालेंगे।

इस नेतृत्व परिवर्तन की सबसे खास बात यह है कि जॉन टर्नस के CEO बनने के कुछ ही दिनों बाद Apple का बड़ा iPhone लॉन्च इवेंट होने वाला है। कंपनी ने 9 सितंबर 2026 के लिए Apple Event की घोषणा की है, जिसमें नई iPhone सीरीज पेश किए जाने की उम्मीद है। Reuters के मुताबिक इस साल का लॉन्च इसलिए भी खास है क्योंकि यह नए CEO जॉन टर्नस के कार्यकाल में होने वाला पहला बड़ा Apple product event होगा। रिपोर्टों में एक संभावित foldable iPhone को लेकर भी चर्चा है, हालांकि Apple ने सभी संभावित नए उत्पादों की आधिकारिक जानकारी लॉन्च से पहले सार्वजनिक नहीं की है।

टिम कुक ने अगस्त 2011 में Apple के CEO का पद संभाला था। उनके कार्यकाल की शुरुआत ऐसे समय हुई थी जब कंपनी के संस्थापक और तत्कालीन पूर्व CEO Steve Jobs का स्वास्थ्य गंभीर रूप से खराब था। Jobs के निधन के कुछ ही समय बाद कुक को कंपनी की स्थायी कमान मिल गई। इसके बाद करीब डेढ़ दशक में Apple का कारोबार, सेवाओं का विस्तार, पहनने योग्य डिवाइस, चिप डिजाइन और वैश्विक सप्लाई चेन काफी बदल गई।

Reuters की रिपोर्ट के अनुसार कुक के नेतृत्व में Apple का बाजार मूल्य करीब 350 अरब डॉलर के स्तर से बढ़कर लगभग 4.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया। कंपनी की सालाना बिक्री भी उनके कार्यकाल में करीब 108 अरब डॉलर से बढ़कर 416 अरब डॉलर तक पहुंची, जबकि मुनाफा करीब 112 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंच गया। यह आंकड़े बताते हैं कि कुक के कार्यकाल में Apple ने किस पैमाने पर विस्तार किया।

कुक की सबसे बड़ी ताकत को अक्सर उनके operational management के रूप में देखा जाता है। Steve Jobs को जहां उत्पाद डिजाइन, ब्रांड और उपभोक्ता अनुभव के लिए जाना जाता था, वहीं Tim Cook ने Apple की supply chain और manufacturing network को बड़े स्तर पर मजबूत किया। चीन में Apple का विशाल उत्पादन नेटवर्क विकसित हुआ और बाद के वर्षों में कंपनी ने भारत और वियतनाम जैसे देशों में भी manufacturing को बढ़ाने की कोशिश की। अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव के बीच यह diversification Apple के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गया है।

कुक के नेतृत्व में Apple केवल iPhone कंपनी नहीं रही। कंपनी ने Apple Watch, AirPods और विभिन्न services के जरिए अपने कारोबार को अलग-अलग क्षेत्रों में फैलाया। App Store, Apple Music, iCloud, Apple TV+ और अन्य services से recurring revenue का बड़ा आधार तैयार हुआ। इससे कंपनी को हार्डवेयर बिक्री के अलावा नियमित सेवा आय का भी मजबूत स्रोत मिला।

Apple के लिए कुक के कार्यकाल का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा अपने स्वयं के silicon पर जोर देना रहा। Mac में Intel processors से Apple Silicon की ओर बदलाव कंपनी की बड़ी तकनीकी रणनीतियों में से एक था। Apple के अपने chips ने Mac lineup को performance और power efficiency के लिहाज से अलग पहचान दिलाने में मदद की। John Ternus इस hardware transformation में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वरिष्ठ अधिकारियों में रहे हैं। Apple की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक Ternus ने Mac को Apple silicon में बदलने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण नेतृत्व किया है।

अब यही hardware expert Apple की पूरी कंपनी की कमान संभाल रहे हैं। जॉन टर्नस 2001 में Apple से जुड़े थे और तब से उन्होंने कंपनी के product development में लंबा समय बिताया है। Apple के मुताबिक उन्होंने iPad, iPhone, Mac, Apple Watch, AirPods और Vision Pro सहित कई product categories के hardware development में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वे 2013 से Hardware Engineering में Vice President रहे और बाद में Senior Vice President बने।

जॉन टर्नस की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी engineering से जुड़ी है। उन्होंने University of Pennsylvania से Mechanical Engineering में bachelor’s degree हासिल की है। Apple में आने से पहले वे Virtual Research Systems में mechanical engineer के तौर पर काम कर चुके हैं। इसका मतलब है कि नए CEO की विशेषज्ञता सीधे hardware और product engineering से जुड़ी रही है।

टर्नस के सामने सबसे बड़ी चुनौती Apple को Artificial Intelligence की दौड़ में मजबूत स्थिति में लाना हो सकती है। Reuters ने कुक के उत्तराधिकारी के सामने AI को प्रमुख चुनौती के तौर पर रेखांकित किया है। Google, Microsoft, Meta और अन्य बड़ी टेक कंपनियां AI infrastructure, models और AI-powered products में तेजी से निवेश कर रही हैं। Apple भी Apple Intelligence और नई Siri जैसी सुविधाओं पर काम कर रहा है, लेकिन AI के क्षेत्र में कंपनी को कई प्रतिस्पर्धियों की तुलना में पीछे माना जाता रहा है।

Apple ने जून 2026 में WWDC के दौरान नई Siri और Apple Intelligence से जुड़े अपडेट पेश किए थे। कंपनी ने दावा किया था कि नई generation की Siri ज्यादा personal और context-aware अनुभव देने के लिए तैयार की जा रही है। अब इन AI initiatives को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाना जॉन टर्नस के कार्यकाल की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है।

हालांकि Apple के नए CEO के सामने केवल AI ही चुनौती नहीं है। iPhone बाजार में लंबे समय से कंपनी को innovation की गति को लेकर सवालों का सामना करना पड़ रहा है। स्मार्टफोन उद्योग में Samsung और अन्य Android निर्माता foldable phones, AI features और नए form factors पर तेजी से काम कर रहे हैं। Apple का संभावित foldable iPhone इसलिए कंपनी के लिए एक बड़ा product moment हो सकता है।

9 सितंबर का Apple Event इसी वजह से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Reuters के मुताबिक इस event में नई iPhone series पेश होने की उम्मीद है और foldable iPhone की संभावना भी चर्चा में है। अगर Apple पहली बार बड़े पैमाने पर foldable iPhone पेश करता है, तो यह कंपनी के smartphone strategy में महत्वपूर्ण बदलाव हो सकता है। हालांकि अंतिम डिजाइन, कीमत, specifications और उपलब्धता की पुष्टि Apple के आधिकारिक लॉन्च के दौरान ही होगी।

नए CEO के लिए यह स्थिति काफी दिलचस्प है। एक तरफ वे 1 सितंबर से आधिकारिक रूप से कंपनी की कमान संभाल रहे हैं, दूसरी तरफ कुछ ही दिनों में दुनिया की नजर Apple के सबसे महत्वपूर्ण product launches में से एक पर होगी। iPhone लॉन्च का प्रदर्शन नए CEO के शुरुआती कार्यकाल की धारणा को प्रभावित कर सकता है, हालांकि किसी एक product event से CEO की सफलता तय नहीं होती।

Tim Cook की भूमिका अब पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। Apple के आधिकारिक ऐलान के मुताबिक वे Executive Chairman बनेंगे और कंपनी के कुछ महत्वपूर्ण मामलों में मदद करते रहेंगे। इनमें दुनिया भर के policymakers के साथ संबंध और कुछ रणनीतिक मामलों में कंपनी का प्रतिनिधित्व शामिल है। इसका मतलब है कि नेतृत्व परिवर्तन के बावजूद Apple अपने पुराने CEO के अनुभव से पूरी तरह अलग नहीं होगा।

Apple के बोर्ड में भी बदलाव हुआ है। Arthur Levinson, जो पिछले 15 साल से Apple के non-executive chairman थे, अब Lead Independent Director की भूमिका में जाएंगे। John Ternus भी 1 सितंबर से Apple के Board of Directors में शामिल हो गए हैं। यानी कंपनी ने CEO बदलाव के साथ बोर्ड स्तर पर भी succession structure को बदला है।

Apple ने इस succession को अचानक लिया गया फैसला नहीं बताया है। कंपनी के अनुसार यह लंबे समय से चल रही succession planning का परिणाम है और बोर्ड ने इसे सर्वसम्मति से मंजूरी दी थी। इससे संकेत मिलता है कि Apple ने टिम कुक के बाद नेतृत्व के लिए काफी समय पहले से तैयारी शुरू कर दी थी।

टिम कुक का Apple में प्रभाव केवल कंपनी के वित्तीय विस्तार तक सीमित नहीं रहा। उनके कार्यकाल में Apple की brand identity काफी मजबूत हुई और कंपनी ने services तथा wearables जैसे क्षेत्रों में बड़े कारोबार खड़े किए। Apple Watch और AirPods जैसे उत्पाद आज कंपनी के ecosystem का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वहीं Apple Silicon ने Mac business को नई दिशा दी।

हालांकि कुक के कार्यकाल में कुछ फैसले आलोचना का कारण भी बने। Apple का लंबे समय से चर्चित electric car project आखिरकार बंद हो गया। Apple Maps की शुरुआती समस्याएं भी कंपनी के लिए बड़ी आलोचना का विषय बनी थीं। Vision Pro को भी बाजार में अपेक्षित व्यापक सफलता नहीं मिली। इसके बावजूद Apple की overall financial performance और brand strength काफी मजबूत बनी रही।

अब John Ternus को यह तय करना होगा कि Apple की अगली बड़ी growth story क्या होगी। क्या वह iPhone पर निर्भरता कम करके AI, services, wearables और नए hardware categories में विस्तार करेगा? क्या foldable iPhone कंपनी को smartphone बाजार में नया momentum देगा? क्या Apple Vision Pro या उसके बाद आने वाले spatial computing products को mass market तक पहुंचा पाएगा? इन सभी सवालों के जवाब आने वाले वर्षों में मिलेंगे।

Apple के लिए भारत भी महत्वपूर्ण बाजार बन चुका है। पिछले वर्षों में कंपनी ने भारत में iPhone manufacturing का विस्तार किया है और देश को अपनी global supply chain में अधिक महत्वपूर्ण स्थान दिया है। चीन पर manufacturing dependence कम करने की Apple की रणनीति में भारत की भूमिका लगातार बढ़ी है। Reuters ने भी कुक के कार्यकाल में चीन से बाहर manufacturing diversification की कोशिशों का उल्लेख किया है।

Apple की हालिया वित्तीय स्थिति भी मजबूत रही है। कंपनी ने जुलाई 2026 में अपने fiscal 2026 third-quarter results जारी किए थे। जून quarter में Apple का revenue 109.4 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की समान अवधि से 16% अधिक था। कंपनी ने iPhone, Mac और Services में June-quarter revenue records की जानकारी दी थी।

इस मजबूत financial base के साथ जॉन टर्नस को कंपनी संभालनी है। इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें किसी संकटग्रस्त कंपनी को बचाना है। उनकी चुनौती एक सफल और विशाल कंपनी को अगले technology cycle के लिए तैयार करने की है। यही कारण है कि उनका CEO कार्यकाल दुनिया की technology industry के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

टिम कुक और जॉन टर्नस के नेतृत्व में सबसे बड़ा अंतर शायद decision-making style में दिखाई दे सकता है। कुक supply chain, operations और business management के विशेषज्ञ के रूप में पहचाने जाते हैं, जबकि टर्नस की पहचान product hardware और engineering leadership से बनी है। इससे Apple में product development और engineering को नई प्राथमिकता मिलने की संभावना पर चर्चा हो रही है, हालांकि वास्तविक बदलाव समय के साथ ही स्पष्ट होंगे।

9 सितंबर का iPhone event इस बदलाव की पहली बड़ी परीक्षा जरूर होगा। दुनिया भर के Apple users की नजर नए iPhone lineup पर होगी। अगर कंपनी कोई नया form factor, बड़ा camera upgrade, AI features या अन्य महत्वपूर्ण बदलाव पेश करती है, तो नए CEO के दौर की शुरुआत को लेकर उत्साह बढ़ सकता है। लेकिन Apple की असली परीक्षा अगले कुछ वर्षों में होगी, जब उसे AI, smartphones, services और नए computing platforms में लगातार innovation दिखाना होगा।

टिम कुक के लिए भी 15 साल के CEO कार्यकाल के बाद यह एक नया अध्याय है। उन्होंने CEO पद छोड़ा है, लेकिन Apple के साथ उनका रिश्ता खत्म नहीं हुआ। Executive Chairman के रूप में वे कंपनी के कुछ रणनीतिक और बाहरी मामलों में योगदान देते रहेंगे। Apple के लिए यह व्यवस्था एक तरह से continuity और change दोनों को साथ लेकर चलने की कोशिश है।

कुल मिलाकर 1 सितंबर 2026 Apple के इतिहास में एक महत्वपूर्ण तारीख बन गई है। करीब 15 साल तक कंपनी की कमान संभालने के बाद Tim Cook CEO पद से हटकर Executive Chairman बन गए हैं और John Ternus ने Apple के नए CEO के रूप में जिम्मेदारी संभाल ली है। टर्नस कोई बाहरी व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि Apple में करीब 25 साल का अनुभव रखने वाले hardware leader हैं। उन्होंने कंपनी के कई प्रमुख उत्पादों के development में काम किया है और अब उन्हें पूरी कंपनी का नेतृत्व करना है।

और इस बदलाव के ठीक बाद 9 सितंबर को Apple का बड़ा iPhone event होने जा रहा है। ऐसे में नए CEO के पहले दिनों में ही दुनिया की नजर Apple पर होगी। अगर नए iPhone lineup और संभावित foldable iPhone से बाजार को उम्मीद के मुताबिक प्रतिक्रिया मिलती है, तो टर्नस की शुरुआत मजबूत हो सकती है। लेकिन असली सवाल यह होगा कि क्या वे Apple को अगले दशक की technology race में उतनी ही मजबूती से आगे ले जा पाएंगे, जितनी मजबूती से टिम कुक ने कंपनी को पिछले 15 वर्षों में विस्तार दिया।

Apple New Siri AI: ChatGPT जैसे काम करेगी नई Siri, स्क्रीन भी समझेगी; इन iPhones में मिलेगा फीचर

http://John Ternus और Tim Cook Apple CEO leadership change

Exit mobile version