सर्दियों का मौसम आते ही ज़्यादातर लोग पानी पीना कम कर देते हैं। ठंड में प्यास कम लगती है, इसलिए लोग यह मान लेते हैं कि शरीर को पानी की उतनी ज़रूरत नहीं है। लेकिन यह सोच बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, पानी कम पीने से शरीर डिहाइड्रेशन का शिकार हो सकता है, जो कई गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकता है।
डॉक्टरों का कहना है कि डिहाइड्रेशन सिर्फ गर्मियों की समस्या नहीं है। सर्दियों में भी शरीर से पसीने, सांस और पेशाब के जरिए लगातार पानी निकलता रहता है। अगर इस कमी को पूरा नहीं किया गया, तो इसका सीधा असर दिमाग, किडनी, त्वचा, पाचन और ब्लड शुगर पर पड़ता है
डिहाइड्रेशन वह स्थिति है, जब शरीर में मौजूद पानी की मात्रा जरूरत से कम हो जाती है। पानी हमारे शरीर के हर अंग के लिए जरूरी है—चाहे वह खून हो, मांसपेशियां हों या दिमाग।
डिहाइड्रेशन के मुख्य कारण:
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पर्याप्त पानी न पीना
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सर्दियों में प्यास न लगना
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ज्यादा चाय-कॉफी पीना
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ज्यादा पेशाब आना
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बुजुर्गों और बच्चों में पानी की कमी
जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो अंग सही तरीके से काम नहीं कर पाते और बीमारियां जन्म लेने लगती हैं।
पानी कम पीने से सबसे पहले असर दिमाग पर पड़ता है।
कैसे होता है माइग्रेन?
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार:
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पानी की कमी से ब्लड वेसल्स सिकुड़ने लगती हैं
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दिमाग तक ऑक्सीजन और पोषण सही मात्रा में नहीं पहुंचता
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इससे तेज सिरदर्द या माइग्रेन अटैक ट्रिगर हो सकता है
जो लोग पहले से माइग्रेन की समस्या से जूझ रहे हैं, उनके लिए डिहाइड्रेशन और भी ज्यादा खतरनाक हो सकता है।
खूबसूरत और हेल्दी स्किन के लिए पानी बेहद जरूरी है। पानी कम पीने से त्वचा पर कई नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं।
स्किन पर पड़ने वाले असर:
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त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है
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झुर्रियां जल्दी आने लगती हैं
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खुजली, रैशेज और एक्जिमा बढ़ सकता है
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त्वचा की चमक खत्म हो जाती है
ब्रिटिश जर्नल ऑफ डर्मेटोलॉजी की एक रिपोर्ट बताती है कि पानी कम पीने से त्वचा की नमी कम हो जाती है, जिससे स्किन डिजीज़ का खतरा बढ़ता है।
किडनी का मुख्य काम शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालना होता है और इसके लिए पानी बेहद जरूरी है।
पानी कम पीने से क्या होता है?
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पेशाब की मात्रा कम हो जाती है
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किडनी में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं
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किडनी स्टोन बनने का खतरा बढ़ जाता है
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यूरिन इंफेक्शन और क्रिएटिनिन लेवल बढ़ सकता है
बीएमसी जर्नल की स्टडी के अनुसार, लंबे समय तक पानी कम पीने से किडनी डैमेज का खतरा भी बढ़ जाता है।
डिहाइड्रेशन का असर ब्लड शुगर लेवल पर भी पड़ता है।
डायबिटीज में पानी क्यों जरूरी है?
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पानी कम होने से खून गाढ़ा हो जाता है
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ब्लड शुगर कंसंट्रेट हो जाती है
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इंसुलिन का असर कम हो जाता है
इससे:
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ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है
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बार-बार पेशाब और थकान की समस्या होती है
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डायबिटीज के मरीजों में जटिलताएं बढ़ सकती हैं
डिहाइड्रेशन से ग्लूकोज लेवल का नियंत्रण बिगड़ सकता है।
पाचन तंत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए पानी बेहद जरूरी है।
पानी कम पीने से क्या दिक्कत होती है?
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कब्ज की समस्या
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एसिडिटी और गैस
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पेट फूलना
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आंतों की गतिविधि धीमी होना
डिहाइड्रेशन से गट बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे पाचन से जुड़ी कई समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
अगर आपके शरीर में पानी की कमी हो रही है, तो ये लक्षण दिख सकते हैं:
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पेशाब का रंग गहरा पीला होना
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मुंह, होंठ और त्वचा का सूखना
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सिरदर्द और चक्कर आना
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थकान और सुस्ती
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ध्यान केंद्रित करने में परेशानी
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दिल की धड़कन तेज होना
इन लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
अक्सर लोग सोचते हैं कि सर्दियों में पसीना नहीं आता, इसलिए पानी की जरूरत कम होती है। लेकिन यह गलत धारणा है।
सर्दियों में:
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सांस के जरिए ज्यादा पानी निकलता है
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शरीर पेशाब के जरिए पानी ज्यादा बाहर निकालता है
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ठंडी हवा त्वचा को ज्यादा ड्राई बनाती है
इसलिए सर्दियों में भी शरीर को उतने ही पानी की जरूरत होती है।
1. दिन की शुरुआत पानी से करें
सुबह उठते ही 1–2 गिलास गुनगुना पानी पीएं।
2. प्यास का इंतजार न करें
पानी पीने के लिए अलार्म सेट करें।
3. लिक्विड फूड शामिल करें
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सूप
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नारियल पानी
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हर्बल टी
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छाछ
4. चाय-कॉफी के बाद पानी जरूर पिएं
चाय और कॉफी डिहाइड्रेशन बढ़ा सकती हैं।
5. कमरे की हवा ड्राई हो तो ह्यूमिडिफायर इस्तेमाल करें
एक दिन में कितना पानी पीना चाहिए?
डॉक्टरों के अनुसार:
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औसतन 2.5 से 3 लीटर पानी
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उम्र, वजन और गतिविधि के अनुसार मात्रा अलग हो सकती है
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डायबिटीज और किडनी मरीज डॉक्टर की सलाह से मात्रा तय करें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि:
“पानी शरीर की सबसे सस्ती और सबसे प्रभावी दवा है। इसे नजरअंदाज करना कई बीमारियों को न्योता देना है।”
पानी न पीना कोई छोटी लापरवाही नहीं, बल्कि एक गंभीर स्वास्थ्य जोखिम है। सर्दियों में भी डिहाइड्रेशन माइग्रेन, स्किन डिसऑर्डर, किडनी बीमारी, डायबिटीज और गट हेल्थ जैसी समस्याओं को ट्रिगर कर सकता है।
अगर आप चाहते हैं कि शरीर स्वस्थ रहे, तो दवाइयों से पहले पानी को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। सही मात्रा में पानी पीना कई बीमारियों से बचाव का सबसे आसान तरीका है।
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