स्मार्टफोन में एआई का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। अब बारी है रोजमर्रा के मल्टी-स्टेप कामों को ऑटोमेट करने की। टेक दिग्गज Google ने अपने एआई असिस्टेंट जेमिनी (Gemini) के लिए एक नया फीचर पेश करने की तैयारी की है, जो यूजर की कमांड पर राइड बुकिंग से लेकर फूड ऑर्डर तक जैसे काम खुद पूरा कर सकेगा। कंपनी के मुताबिक यह फीचर सबसे पहले Google Pixel 10 सीरीज में बीटा रूप में शुरू किया जाएगा।
नया फीचर जेमिनी को “मल्टी-ऐप ऑटोमेशन” की क्षमता देता है। अभी तक एआई असिस्टेंट सवालों के जवाब, रिमाइंडर सेट या बेसिक सर्च में मदद करते थे। लेकिन अब जेमिनी एक ही कमांड पर कई स्टेप्स खुद पूरा कर सकेगा। उदाहरण के तौर पर—
-
“घर जाने के लिए राइड बुक कर दो” कहने पर जेमिनी राइड-हेलिंग ऐप खोलेगा, लोकेशन सेट करेगा और कन्फर्मेशन तक की प्रक्रिया पूरी करेगा।
-
“मेरा पिछला ऑर्डर फिर से कर दो” बोलने पर फूड डिलीवरी ऐप में जाकर वही ऑर्डर दोबारा प्लेस कर सकता है।
कंपनी का दावा है कि यह प्रोसेस बैकग्राउंड में चलता रहेगा और यूजर फोन के दूसरे काम भी करता रह सकेगा।
किन ऐप्स के साथ काम करेगा?
शुरुआत में यह फीचर चुनिंदा ऐप्स के साथ इंटीग्रेट होगा—जैसे राइड बुकिंग, फूड डिलीवरी, मैसेजिंग और कैलेंडर। धीरे-धीरे अन्य थर्ड-पार्टी ऐप्स को भी सपोर्ट मिल सकता है।
टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर डेवलपर्स के लिए एपीआई ओपन किया गया तो जेमिनी का यह ऑटोमेशन फीचर ई-कॉमर्स, बैंकिंग और ट्रैवल बुकिंग तक फैल सकता है।
सुरक्षा और प्राइवेसी पर जोर
गूगल ने स्पष्ट किया है कि यह फीचर तीन स्तर की सुरक्षा पर आधारित होगा:
-
कंट्रोल – ऑटोमेशन यूजर की कमांड से ही शुरू होगा और काम पूरा होते ही बंद हो जाएगा।
-
ट्रांसपेरेंसी – नोटिफिकेशन के जरिए यूजर लाइव देख सकेगा कि जेमिनी क्या कर रहा है।
-
लिमिटेड एक्सेस – जेमिनी केवल सुरक्षित वर्चुअल विंडो में ऐप एक्सेस करेगा, पूरे डिवाइस पर नियंत्रण नहीं होगा।
डेटा प्राइवेसी को लेकर कंपनी का कहना है कि संवेदनशील जानकारी एन्क्रिप्टेड रहेगी और यूजर किसी भी समय ऑटोमेशन रोक सकता है।
पिक्सल 10 से शुरुआत क्यों?
Google Pixel डिवाइस अक्सर नए एआई फीचर्स के लिए टेस्ट-बेड की तरह काम करते हैं। पिक्सल 10 में लेटेस्ट चिप और ऑन-डिवाइस एआई प्रोसेसिंग दी जाएगी, जिससे जेमिनी फीचर ज्यादा तेज और सुरक्षित तरीके से काम कर सके।
बीटा रोल-आउट पहले अमेरिका और दक्षिण कोरिया में शुरू होने की संभावना है। इसके बाद अन्य देशों में विस्तार किया जाएगा।
यूजर्स को क्या फायदा?
-
समय की बचत: हर स्टेप खुद करने की जरूरत नहीं।
-
मल्टीटास्किंग आसान: बैकग्राउंड में काम पूरा।
-
स्मार्ट रिकमेंडेशन: पिछली आदतों के आधार पर सुझाव।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यूजर्स को हर ऑटोमेशन से पहले डिटेल्स चेक करनी चाहिए—जैसे पेमेंट अमाउंट, पिक-अप लोकेशन और डिलीवरी एड्रेस।
क्या बदल जाएगा स्मार्टफोन उपयोग का तरीका?
अगर यह फीचर सफल रहा तो स्मार्टफोन यूज का पैटर्न बदल सकता है। अभी हम ऐप-टू-ऐप नेविगेट करते हैं, लेकिन भविष्य में केवल एक कमांड से पूरा टास्क हो सकता है। यह एआई असिस्टेंट को “डिजिटल एजेंट” में बदलने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
टेक इंडस्ट्री में एआई एजेंट्स को लेकर प्रतिस्पर्धा तेज है। गूगल का यह कदम दिखाता है कि कंपनी स्मार्टफोन को और ज्यादा स्वायत्त बनाना चाहती है।
कुल मिलाकर, राइड बुकिंग से खाना ऑर्डर तक का ऑटोमेशन फीचर एआई के रोजमर्रा के इस्तेमाल को नई दिशा दे सकता है। अब देखना होगा कि यूजर्स इसे कितना अपनाते हैं और यह फीचर कितनी तेजी से ग्लोबल रोल-आउट होता है।
http://google-gemini-ride-booking-food-order-feature
Best of the Week: iQOO 15R गेमिंग फोन, इंडस AI ऐप और Nothing हेडफोन लॉन्च















Leave a Reply