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मानसून में सांप काटे तो तुरंत करें ये 6 काम, ये 10 गलतियां न करें; डॉक्टरों की जरूरी सलाह

मानसून के दौरान बारिश, जलभराव और खेतों-झाड़ियों में पानी भरने के कारण सांप अक्सर सूखी और सुरक्षित जगह की तलाश में इंसानी बस्तियों के आसपास पहुंच जाते हैं। इसी वजह से बरसात के मौसम में सांप के काटने की घटनाओं को लेकर खास सावधानी बरतने की जरूरत होती है। सांप के काटने की स्थिति में घबराने के बजाय शुरुआती कुछ मिनटों में सही कदम उठाना बेहद महत्वपूर्ण है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी snakebite को एक medical emergency मानता है और संदिग्ध जहरीले सांप के काटने के बाद व्यक्ति को जल्द से जल्द स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने की सलाह देता है।

सबसे जरूरी बात यह है कि सांप के काटने के बाद झाड़-फूंक, जड़ी-बूटी, काला पत्थर, घाव काटना या मुंह से जहर चूसना जैसे पुराने तरीकों में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय के National Action Plan for Prevention and Control of Snakebite Envenoming में भी इन तरीकों को नुकसानदायक बताया गया है। सही उपचार के लिए अस्पताल पहुंचना जरूरी है, क्योंकि जहरीले सांप के जहर के प्रभाव को रोकने या उलटने के लिए एंटी-स्नेक वेनम (ASV) ही प्रभावी उपचार है।

सांप काटने के बाद सबसे पहले क्या करें?

अगर किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो सबसे पहले उसे सांप से सुरक्षित दूरी पर ले जाएं। सांप अभी आसपास है तो उसे पकड़ने, मारने या उसके पास जाकर पहचानने की कोशिश बिल्कुल न करें। WHO के मुताबिक सांप की तस्वीर तभी लें जब यह सुरक्षित दूरी से संभव हो; सांप को पकड़ने या अस्पताल ले जाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

इसके बाद व्यक्ति को शांत रखें। घबराने या भागने से शरीर की गतिविधि बढ़ती है और इससे स्थिति खराब हो सकती है। भारत के राष्ट्रीय एक्शन प्लान में भी पीड़ित को दौड़ने या ज्यादा मेहनत करने से रोकने की सलाह दी गई है। जरूरत हो तो उसे दूसरे लोग उठाकर या स्ट्रेचर की मदद से सुरक्षित स्थान तक ले जाएं।

पहला काम—सांप से दूरी बनाएं और सुरक्षित जगह जाएं। खुद को या दूसरे लोगों को दोबारा सांप के काटने के खतरे में डालना सबसे बड़ी गलती हो सकती है। सांप की पहचान करने के चक्कर में समय बर्बाद न करें।

दूसरा काम—व्यक्ति को बिल्कुल शांत रखें और कम से कम हिलाएं। WHO के अनुसार शरीर और खासकर काटे गए अंग को immobilize यानी स्थिर रखना महत्वपूर्ण है। हाथ या पैर पर काटा है तो उसे ज्यादा हिलाने-डुलाने से बचाएं।

तीसरा काम—अंग से अंगूठी, कड़ा, घड़ी, पायल या कोई भी कसी हुई चीज तुरंत हटा दें। सांप के काटने के बाद सूजन बढ़ सकती है। अगर अंग पर पहले से अंगूठी या कड़ा है तो सूजन आने पर यह रक्त प्रवाह में समस्या पैदा कर सकता है। WHO भी काटे गए हिस्से के आसपास की tight चीजें हटाने की सलाह देता है।

चौथा काम—काटे गए अंग को स्थिर रखें। उपलब्ध साधन होने पर उसे सुरक्षित तरीके से splint या sling से स्थिर किया जा सकता है। इसका उद्देश्य अंग की अनावश्यक movement रोकना है। लेकिन अगर आपको सही तरीके से splint लगाने की जानकारी नहीं है तो बहुत कसकर बांधने की कोशिश न करें।

पांचवां काम—तुरंत अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं। यह सबसे महत्वपूर्ण कदम है। खुद गाड़ी चलाकर जाने के बजाय संभव हो तो एंबुलेंस बुलाएं। भारत में स्थानीय उपलब्धता के अनुसार 108 या 112 जैसी emergency services से मदद ली जा सकती है। अस्पताल पहुंचने में देरी करना खतरनाक हो सकता है। WHO के मुताबिक संदिग्ध जहरीले सांप के काटने के बाद स्वास्थ्य सुविधा तक जल्द पहुंचना जरूरी है।

छठा काम—पीड़ित की सांस और होश पर नजर रखें। कुछ सांपों का जहर nervous system और सांस लेने वाली मांसपेशियों को प्रभावित कर सकता है। WHO व्यक्ति की airway और breathing की निगरानी करने की सलाह देता है। अगर व्यक्ति बेहोश हो रहा है या उल्टी कर रहा है तो उसे सुरक्षित recovery position में रखने की जरूरत पड़ सकती है और तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

ये 10 गलतियां बिल्कुल न करें

सांप काटने के बाद सबसे ज्यादा नुकसान कई बार गलत first aid से हो सकता है। भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय और WHO की गाइडलाइन में कई पारंपरिक तरीकों से बचने की स्पष्ट सलाह दी गई है।

1. घाव को चाकू या ब्लेड से न काटें।
कई लोग मानते हैं कि घाव काटकर जहर बाहर निकाला जा सकता है, लेकिन ऐसा करना नुकसानदायक हो सकता है। इससे bleeding और infection का खतरा बढ़ सकता है। WHO भी snakebite wound को काटने की सलाह नहीं देता।

2. मुंह से जहर चूसने की कोशिश न करें।
घाव से venom चूसने का तरीका फिल्मों और पुराने घरेलू उपचारों में दिखाया जाता है, लेकिन यह प्रभावी नहीं है और नुकसान पहुंचा सकता है। WHO के अनुसार suction जैसे तरीके खतरनाक और बेअसर हो सकते हैं।

3. रस्सी या तार से कसकर tourniquet न बांधें।
यह सबसे खतरनाक गलतियों में से एक हो सकती है। भारत के National Action Plan के मुताबिक tourniquet से रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है, tissue damage का खतरा बढ़ सकता है और बाद में इसे हटाने पर समस्या हो सकती है।

4. घाव पर बर्फ या बहुत ठंडी चीज न लगाएं।
भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय की standard treatment guidance snakebite पर cold compress से बचने को कहती है।

5. घाव पर मिट्टी, राख, तेल, हल्दी, जड़ी-बूटी या कोई chemical न लगाएं।
ऐसे पदार्थ infection का खतरा बढ़ा सकते हैं और अस्पताल पहुंचने में देरी करा सकते हैं। भारत के राष्ट्रीय एक्शन प्लान में herbs और chemicals लगाने से मना किया गया है।

6. झाड़-फूंक या काला पत्थर लगाने में समय न गंवाएं।
ऐसे पारंपरिक उपचार venom को neutralize नहीं करते और सबसे बड़ा नुकसान यह हो सकता है कि मरीज को अस्पताल पहुंचाने में कीमती समय निकल जाए।

7. सांप को पकड़ने या मारने की कोशिश न करें।
सांप की पहचान के लिए उसकी तस्वीर उपयोगी हो सकती है, लेकिन इसके लिए अपनी जान जोखिम में डालना बिल्कुल उचित नहीं है। WHO स्पष्ट रूप से सांप को पकड़ने या अस्पताल ले जाने से मना करता है।

8. मरीज को दौड़ने या खुद चलकर लंबी दूरी तय करने न दें।
शरीर की ज्यादा movement से स्थिति खराब हो सकती है। उसे शांत रखें और सुरक्षित तरीके से अस्पताल ले जाएं।

9. बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं या stimulants न दें।
भारत के standard treatment guidelines में डॉक्टर की सलाह के बिना stimulants या pain medicines देने से बचने को कहा गया है।

10. इलाज में देरी न करें।
“अभी तो ठीक लग रहा है” सोचकर घर पर इंतजार करना खतरनाक हो सकता है। जहरीले सांप के काटने के बाद लक्षणों की गंभीरता अलग-अलग हो सकती है। इसलिए संदिग्ध snakebite में अस्पताल जाना जरूरी है।

सांप काटने के बाद लक्षण तुरंत दिखाई देना जरूरी नहीं

सांप के काटने के बाद हर व्यक्ति में एक जैसे लक्षण नहीं होते। कुछ मामलों में काटे गए स्थान पर दर्द और सूजन हो सकती है, जबकि कुछ जहरीले सांपों का venom nervous system को प्रभावित कर सकता है। कमजोरी, पलकों का झुकना, देखने में परेशानी, निगलने में दिक्कत, सांस लेने में समस्या, बेहोशी या अन्य neurological symptoms गंभीर स्थिति के संकेत हो सकते हैं। WHO की clinical guidance में ऐसे कई संकेतों की निगरानी की बात कही गई है।

कुछ सांपों का venom शरीर में रक्त के clotting system को प्रभावित कर सकता है और bleeding का खतरा पैदा कर सकता है। वहीं कुछ venom स्थानीय tissues को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए केवल काटे गए स्थान की स्थिति देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि सांप जहरीला था या नहीं।

यही कारण है कि “दर्द नहीं हो रहा, इसलिए जहर नहीं है” जैसी धारणा पर भरोसा नहीं करना चाहिए। व्यक्ति को medical evaluation के लिए अस्पताल ले जाना ज्यादा सुरक्षित है।

मानसून में सांप घरों के आसपास क्यों आते हैं?

बारिश के मौसम में सांपों के प्राकृतिक ठिकानों में पानी भर सकता है। खेतों, झाड़ियों, नालियों और बिलों में पानी जमा होने पर वे सूखी जगह तलाशते हुए घरों, गोदामों, लकड़ी के ढेर या अन्य सुरक्षित स्थानों में पहुंच सकते हैं। बाढ़ और जलभराव के दौरान snakebite का खतरा बढ़ सकता है। WHO भी flooding के बाद सांप के काटने के जोखिम को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह देता है।

खासकर ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी रखनी चाहिए। रात में बिना रोशनी के चलना, लकड़ी या पत्थरों के ढेर में हाथ डालना, पुराने सामान को बिना जांचे उठाना और नंगे पैर चलना जोखिम बढ़ा सकता है।

घर में सांप से बचने के लिए क्या करें?

मानसून में घर के आसपास सफाई रखना बहुत जरूरी है। झाड़ियों और घास को अनावश्यक रूप से बढ़ने न दें। लकड़ी, ईंट, कबाड़ और अन्य सामान को लंबे समय तक बिना जांचे ढेर न करें। WHO snakebite prevention में protective shoes/boots पहनने, rodents को नियंत्रित रखने और घर के आसपास ऐसी चीजें न रखने की सलाह देता है जो सांपों के छिपने की जगह बन सकती हैं।

रात में बाहर निकलते समय टॉर्च या मोबाइल की रोशनी का इस्तेमाल करें। खासकर खेत, बगीचे, गोदाम और कच्चे रास्तों पर बिना रोशनी के न चलें।

सोते समय भी सावधानी जरूरी है। जिन इलाकों में सांपों का खतरा अधिक है, वहां जमीन पर सीधे सोने से बचना और मच्छरदानी को ठीक से लगाना उपयोगी preventive measures हो सकते हैं। WHO भी raised beds और mosquito nets को सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल करने की सलाह देता है।

बच्चों को भी समझाएं कि किसी सांप को देखने पर उसके पास जाने, उसे छूने या पत्थर मारने की कोशिश नहीं करनी है। सांप सामान्यतः इंसानों से दूर रहना चाहते हैं, लेकिन उन्हें छेड़ने या घेरने पर काटने का खतरा बढ़ सकता है।

अगर सांप की फोटो मिल जाए तो क्या करें?

अगर सांप ने काटने के बाद सुरक्षित दूरी से उसकी फोटो खींचना संभव हुआ है तो उसे डॉक्टर को दिखाया जा सकता है। इससे विशेषज्ञ को संभावित snake species की पहचान में मदद मिल सकती है। लेकिन फोटो लेने के लिए सांप के पास जाना जरूरी नहीं है। WHO भी सुरक्षित तरीके से फोटो लेने को उपयोगी मानता है, लेकिन सांप को पकड़ने या अस्पताल लाने से मना करता है।

अगर सांप भाग गया है तो उसे ढूंढने में समय न लगाएं। मरीज को अस्पताल पहुंचाना कहीं ज्यादा जरूरी है।

अस्पताल पहुंचने तक सबसे जरूरी बात क्या है?

सबसे जरूरी बात है—मरीज को शांत रखें, शरीर की movement कम करें और जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता लें। अस्पताल पहुंचने में देरी न करें। WHO के मुताबिक venomous snakebite में antivenom सबसे महत्वपूर्ण प्रभावी उपचार है और इसे प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों वाली स्वास्थ्य सुविधा में दिया जाता है।

अस्पताल में डॉक्टर मरीज के लक्षण, bite की जगह, समय और clinical signs के आधार पर आगे का उपचार तय करते हैं। जरूरत के अनुसार antivenom, airway support, breathing support और अन्य emergency treatment दिया जा सकता है। इसलिए घर पर venom निकालने की कोशिश करने के बजाय अस्पताल पहुंचना सबसे सुरक्षित रास्ता है।

यह भी याद रखना चाहिए कि हर सांप जहरीला नहीं होता, लेकिन घर पर यह तय करना हमेशा संभव नहीं होता कि कौन सा सांप है और venom का असर होगा या नहीं। इसलिए snakebite को हल्के में नहीं लेना चाहिए। WHO के अनुसार snakebite की गंभीरता क्षेत्र में पाए जाने वाले सांपों और उनके venom पर निर्भर करती है, इसलिए स्थानीय स्वास्थ्य सुविधा तक जल्दी पहुंचना महत्वपूर्ण है।

अगर मरीज बेहोश हो जाए तो?

अगर व्यक्ति बेहोश हो रहा है, सांस लेने में परेशानी है या उल्टी हो रही है तो यह emergency स्थिति है। तत्काल ambulance/medical emergency service को कॉल करें। उसे अकेला न छोड़ें और उसकी सांस पर नजर रखें। WHO vomiting की स्थिति में recovery position का उल्लेख करता है ताकि airway सुरक्षित रखने में मदद मिले।

अगर कोई व्यक्ति सांस नहीं ले रहा है और आसपास मौजूद व्यक्ति को CPR का प्रशिक्षण है, तो emergency medical guidance के अनुसार CPR शुरू करने की जरूरत हो सकती है। लेकिन सबसे पहले emergency medical help बुलाना जरूरी है।

क्या हर सांप के काटने पर एंटी-स्नेक वेनम लगता है?

नहीं। एंटी-स्नेक वेनम का इस्तेमाल डॉक्टर मरीज की clinical स्थिति और संभावित venomous snakebite के आधार पर तय करते हैं। इसे घर पर या बिना चिकित्सकीय निगरानी के इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। WHO के अनुसार appropriate antivenom venom के हानिकारक प्रभावों को रोकने या उलटने में प्रभावी उपचार है।

इसलिए किसी व्यक्ति को snakebite के बाद अपने स्तर पर कोई injection, anti-snake venom या दूसरी दवा देने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। सही dose और treatment hospital में trained medical staff तय करते हैं।

एक बात हमेशा याद रखें

सांप काटने की स्थिति में सबसे बड़ा दुश्मन सिर्फ जहर नहीं, बल्कि इलाज में देरी और गलत first aid भी हो सकता है। WHO और भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय दोनों इस बात पर जोर देते हैं कि traditional remedies, घाव काटना, venom चूसना और कसकर tourniquet बांधना जैसे तरीकों से बचना चाहिए।

इसलिए अगर किसी को सांप काट ले तो छह बातें याद रखें—सुरक्षित जगह जाएं, मरीज को शांत रखें, tight चीजें हटाएं, काटे गए अंग को स्थिर रखें, तुरंत अस्पताल पहुंचाएं और सांस/होश पर नजर रखें।

मानसून के दौरान थोड़ी सावधानी कई बार बड़े हादसे को रोक सकती है। रात में टॉर्च रखें, खेत या झाड़ियों में जूते पहनें, कबाड़ और लकड़ी के ढेर की जांच किए बिना हाथ न डालें और बच्चों को सांप से दूरी बनाए रखने की आदत डालें।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य-जागरूकता के लिए है। सांप काटना आपातकालीन चिकित्सा स्थिति हो सकती है। स्थानीय emergency service/अस्पताल से तुरंत संपर्क करें और डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता दें। अलग-अलग क्षेत्रों में first-aid protocol और पाए जाने वाले सांपों के प्रकार अलग हो सकते हैं।


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