अगर आप विदेश घूमने, पढ़ाई, नौकरी, बिजनेस या किसी दूसरे काम के लिए जाने की तैयारी कर रहे हैं तो सबसे जरूरी दस्तावेजों में से एक पासपोर्ट है। पासपोर्ट बनवाना पहले के मुकाबले काफी आसान हो गया है, क्योंकि आवेदन की शुरुआत ऑनलाइन की जा सकती है और इसके बाद Passport Seva Kendra यानी PSK या Post Office Passport Seva Kendra यानी POPSK में जाकर जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी होती है। इसके बावजूद हर साल कई लोगों को आवेदन के दौरान डॉक्यूमेंट, पता, नाम, जन्मतिथि या आवेदन में भरी गई जानकारी से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सिर्फ ऑनलाइन फॉर्म भर देने से पासपोर्ट जारी होने का अधिकार नहीं मिल जाता। Passport Seva की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक आवेदन में जरूरी दस्तावेजों की कमी, निर्धारित प्रक्रिया का पालन न करना या अन्य कारणों से आवेदन पर आपत्ति लग सकती है या उसे रिजेक्ट किया जा सकता है। इसलिए आवेदन करने से पहले यह समझना जरूरी है कि कौन-से डॉक्यूमेंट चाहिए, फॉर्म कैसे भरना है, अपॉइंटमेंट कैसे लेना है, PSK में क्या होगा और पुलिस वेरिफिकेशन के समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
सबसे पहले यह समझ लें कि फ्रेश पासपोर्ट और री-इश्यू अलग-अलग सेवाएं हैं। अगर आपने इससे पहले कभी भारतीय पासपोर्ट नहीं बनवाया है तो सामान्य तौर पर आपको Fresh Passport के लिए आवेदन करना होगा। अगर पहले से पासपोर्ट है और उसकी वैधता खत्म हो रही है, समाप्त हो चुकी है या उसमें कुछ बदलाव कराना है, तो मामला Re-issue Passport का हो सकता है। दोनों मामलों में दस्तावेज और पुलिस वेरिफिकेशन की जरूरत परिस्थितियों के हिसाब से अलग हो सकती है।
पासपोर्ट बनवाने के लिए सबसे पहले क्या करें?
पासपोर्ट के लिए आवेदन करने की शुरुआत Passport Seva Online Portal पर रजिस्ट्रेशन से होती है। आपको अपना अकाउंट बनाना होगा, ईमेल को वेरिफाई करना होगा और फिर रजिस्टर्ड यूजर आईडी तथा पासवर्ड से लॉगिन करना होगा। आधिकारिक प्रक्रिया के मुताबिक लॉगिन करने के बाद Services सेक्शन में जाकर “Apply for Fresh Passport/Re-issue of Passport” विकल्प चुनना होता है। इसके बाद आवेदन में Passport Type, Applicant Details, Family Details, Address Details, Emergency Contact, Previous Passport और अन्य जरूरी जानकारी भरनी होती है। अंत में आवेदन को प्रीव्यू करके सारी जानकारी ध्यान से जांचने के बाद सबमिट करना होता है।
यहां सबसे जरूरी सावधानी यह है कि फॉर्म सबमिट करने से पहले हर जानकारी दोबारा चेक करें। Passport Seva के मुताबिक आवेदन सबमिट होने के बाद उसमें बदलाव नहीं किया जा सकता। इसलिए नाम की स्पेलिंग, जन्मतिथि, माता-पिता का नाम, वर्तमान पता, पुराने पते, मोबाइल नंबर और अन्य विवरण भरते समय जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।
आवेदन सबमिट करने के बाद आपको Application Reference Number यानी ARN मिलेगा। इसके बाद Pay and Schedule Appointment विकल्प के जरिए फीस का भुगतान करके PSK/POPSK में अपॉइंटमेंट बुक करना होता है। Passport Seva के मौजूदा नियमों के अनुसार PSK और POPSK में अपॉइंटमेंट बुक करने के लिए ऑनलाइन फीस भुगतान जरूरी है। भुगतान के लिए UPI, इंटरनेट बैंकिंग और कार्ड जैसे विकल्प उपलब्ध हैं।
अब बात आती है कि आखिर पासपोर्ट के लिए कौन-कौन से डॉक्यूमेंट जरूरी होते हैं। सामान्य फ्रेश पासपोर्ट आवेदन में सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में जन्मतिथि का प्रमाण, पहचान और फोटो वाला दस्तावेज, वर्तमान पते का प्रमाण और जरूरत के अनुसार राष्ट्रीयता से जुड़े दस्तावेज शामिल होते हैं। हालांकि आपकी उम्र, आवेदन की कैटेगरी, माता-पिता की स्थिति, सरकारी कर्मचारी होने या अन्य परिस्थितियों के अनुसार अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। इसलिए सभी आवेदकों के लिए एक ही डॉक्यूमेंट लिस्ट लागू नहीं होती।
जन्मतिथि के प्रमाण के लिए संबंधित स्वीकार्य दस्तावेज इस्तेमाल किया जा सकता है। कई मामलों में जन्म प्रमाणपत्र महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। कुछ परिस्थितियों में मैट्रिकुलेशन या अन्य निर्धारित दस्तावेज भी स्वीकार किए जा सकते हैं। यहां सबसे जरूरी बात यह है कि आवेदन फॉर्म में दर्ज जन्मतिथि और दस्तावेज में दर्ज जन्मतिथि एक जैसी होनी चाहिए। अगर दोनों में अंतर है तो आवेदन के दौरान समस्या आ सकती है और अतिरिक्त स्पष्टीकरण या दस्तावेज की जरूरत पड़ सकती है।
पते के प्रमाण के लिए Passport Seva की आधिकारिक सूची में कई दस्तावेज शामिल हैं। इनमें आधार कार्ड, बिजली का बिल, पानी का बिल, टेलीफोन या पोस्टपेड मोबाइल बिल, इनकम टैक्स असेसमेंट ऑर्डर, वोटर आईडी, गैस कनेक्शन का प्रमाण, किराया समझौता और कुछ निर्धारित बैंक की फोटो पासबुक जैसे दस्तावेज शामिल हैं। कौन-सा दस्तावेज आपकी स्थिति में स्वीकार होगा, इसकी जानकारी आवेदन से पहले आधिकारिक सूची से जांचना बेहतर है।
यहां एक बहुत जरूरी बात है जिसे कई लोग गलत समझते हैं। पासपोर्ट के लिए सामान्य तौर पर वर्तमान पते का प्रमाण देना होता है। आपको वर्तमान पते पर कितने समय से रह रहे हैं, इससे अलग वर्तमान पते का प्रूफ मांगा जाता है। लेकिन आवेदन फॉर्म में पिछले एक साल के दौरान जहां-जहां रहे हैं, उन सभी जगहों के पते की जानकारी देना जरूरी हो सकती है ताकि पुलिस वेरिफिकेशन किया जा सके।
अब उन 7 गलतियों की बात करते हैं, जिनसे पासपोर्ट आवेदन में परेशानी पैदा हो सकती है।
पहली बड़ी गलती है नाम या जन्मतिथि गलत भरना। पासपोर्ट एक अंतरराष्ट्रीय यात्रा दस्तावेज है, इसलिए नाम और जन्मतिथि जैसी मूल जानकारी में गलती करना भारी पड़ सकता है। कई लोग आधार कार्ड, स्कूल सर्टिफिकेट और दूसरे दस्तावेजों में मौजूद स्पेलिंग को देखे बिना फॉर्म भर देते हैं। उदाहरण के लिए किसी दस्तावेज में “Ashish Kumar Bais” है और आवेदन में नाम की स्पेलिंग अलग हो गई, तो बाद में समस्या पैदा हो सकती है। इसी तरह जन्मतिथि में एक अंक की गलती भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
Passport Seva खुद आवेदकों को आवेदन भरते समय typographical errors से बचने की सलाह देता है। PSK में भी आवेदक को अपने विवरण को सत्यापित करने का अवसर दिया जाता है, इसलिए उस समय बिना पढ़े हस्ताक्षर या पुष्टि नहीं करनी चाहिए।
दूसरी बड़ी गलती है गलत या अधूरा पता देना। कई आवेदक सोचते हैं कि केवल आधार कार्ड में जो पता है वही पर्याप्त है। लेकिन यदि आप वर्तमान में किसी दूसरे पते पर रहते हैं और आवेदन में पुराना पता डाल दिया, तो पुलिस वेरिफिकेशन के समय समस्या आ सकती है। Passport Seva के मुताबिक पुलिस वेरिफिकेशन आवेदन में दिए गए पते पर किया जाता है। इसलिए वर्तमान पता सही तरीके से भरना बेहद जरूरी है।
अगर आप किराए के मकान में रहते हैं तो भी घबराने की जरूरत नहीं है। आधिकारिक सूची में rent agreement समेत कई पते के प्रमाण स्वीकार किए जाते हैं। लेकिन दस्तावेज में दिया गया पता और आवेदन में दर्ज वर्तमान पता आपस में मेल खाना चाहिए।
तीसरी गलती है पिछले एक साल के पते छिपाना। कुछ लोग सोचते हैं कि केवल वर्तमान पता ही बताना है। जबकि Passport Seva के नियम के अनुसार वर्तमान पते का प्रूफ देना होता है, लेकिन पिछले एक साल के दौरान जहां-जहां निवास किया है, उन सभी जगहों की जानकारी आवेदन में देनी होती है। इसका उद्देश्य पुलिस वेरिफिकेशन में संबंधित अवधि के निवास का रिकॉर्ड जांचना है। इसलिए किसी पुराने पते को जानबूझकर छिपाना नहीं चाहिए।
चौथी गलती है डॉक्यूमेंट में मौजूद जानकारी और फॉर्म की जानकारी का मेल न खाना। मान लीजिए आपके आधार में पिता का नाम एक तरीके से दर्ज है, जन्म प्रमाणपत्र में दूसरी स्पेलिंग है और आपने पासपोर्ट फॉर्म में तीसरी जानकारी भर दी। ऐसी स्थिति में अधिकारी अतिरिक्त दस्तावेज या स्पष्टीकरण मांग सकते हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सामने रखकर जानकारी भरना बेहतर है।
खासकर नाम, जन्मतिथि, माता-पिता का नाम और पता जैसी जानकारी को अलग-अलग दस्तावेजों में मिलाकर देखना चाहिए। अगर पहले से किसी दस्तावेज में गलती है तो आवेदन करने से पहले यह देखना बेहतर होगा कि उसे कैसे ठीक कराया जा सकता है।
पांचवीं गलती है गलत डॉक्यूमेंट अपलोड या गलत डॉक्यूमेंट लेकर PSK पहुंचना। ऑनलाइन प्रक्रिया आसान होने के बावजूद कई लोग यह मान लेते हैं कि कोई भी पहचान पत्र पर्याप्त होगा। ऐसा जरूरी नहीं है। Passport Seva की दस्तावेज सूची में अलग-अलग परिस्थितियों के लिए अलग-अलग स्वीकार्य दस्तावेज बताए गए हैं। इसलिए केवल सोशल मीडिया या किसी एजेंट की बताई सूची पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक Passport Seva की सूची देखनी चाहिए।
साथ ही PSK जाते समय आवेदन से जुड़े जरूरी मूल दस्तावेज और उनकी कॉपी साथ रखना समझदारी है। आपकी श्रेणी के अनुसार अतिरिक्त दस्तावेज भी लग सकते हैं। बच्चों, सरकारी कर्मचारियों, विवाहित या तलाकशुदा आवेदकों, नाम बदलने वाले आवेदकों और अन्य विशेष मामलों में दस्तावेज अलग हो सकते हैं।
छठी गलती है पुलिस वेरिफिकेशन को हल्के में लेना। बहुत से लोग सोचते हैं कि PSK में प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम खत्म हो गया। लेकिन फ्रेश पासपोर्ट के मामलों में पुलिस वेरिफिकेशन महत्वपूर्ण चरण हो सकता है। Passport Seva के अनुसार पुलिस वेरिफिकेशन यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि आवेदन में दी गई जानकारी सही है और पासपोर्ट गलत व्यक्ति के हाथ में न जाए। पुलिस वेरिफिकेशन pre या post passport issuance आधार पर हो सकता है, जो आवेदन की स्थिति और श्रेणी पर निर्भर करता है।
कुछ सामान्य फ्रेश आवेदकों के लिए Aadhaar, Electoral Photo Identity Card और PAN Card के साथ निर्धारित Annexure-E देने पर ऑनलाइन सत्यापन सफल होने की स्थिति में post-police verification processing की सुविधा हो सकती है। लेकिन इसे हर आवेदक के लिए स्वतः लागू नियम नहीं मानना चाहिए; Passport Office आवेदन की परिस्थितियों के आधार पर निर्णय करता है।
पुलिस वेरिफिकेशन के दौरान अधिकारी आपके दिए हुए पते और अन्य विवरणों की जांच कर सकते हैं। इसलिए घर पर मौजूद रहने की व्यवस्था रखें, परिवार के सदस्यों को जानकारी दें और आवेदन में सही मोबाइल नंबर रखें। अगर पुलिस रिपोर्ट adverse आती है तो Passport Seva के मुताबिक संबंधित Passport Office से कारण समझकर आवश्यक स्पष्टीकरण देने के बाद re-verification की प्रक्रिया हो सकती है।
सातवीं गलती है एजेंट के भरोसे पूरी प्रक्रिया छोड़ देना। पासपोर्ट आवेदन की ऑनलाइन प्रक्रिया खुद की जा सकती है। कुछ लोग एजेंट को पैसे देकर पूरा फॉर्म भरवाते हैं और बिना जानकारी पढ़े दस्तावेज जमा कर देते हैं। इससे सबसे बड़ा खतरा यह रहता है कि आवेदन में गलत जानकारी चली जाए और आवेदक को खुद पता भी न चले। Passport Seva ने ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया उपलब्ध कराई है, जिसमें रजिस्ट्रेशन से लेकर आवेदन, फीस भुगतान और अपॉइंटमेंट तक के चरण बताए गए हैं।
अगर कोई व्यक्ति एजेंट की मदद लेता भी है तो अंतिम रूप से आवेदन में भरी गई प्रत्येक जानकारी खुद जांचना चाहिए। किसी को भी अपना OTP, पासवर्ड या संवेदनशील लॉगिन जानकारी अनावश्यक रूप से नहीं देनी चाहिए। पासपोर्ट जैसी महत्वपूर्ण सेवा में केवल आधिकारिक पोर्टल और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना ज्यादा सुरक्षित है।
अब सवाल आता है कि पासपोर्ट की फीस कितनी है? 1 जुलाई 2026 से Passport Seva की फीस में बदलाव हुआ है। मौजूदा आधिकारिक फीस के अनुसार सामान्य 36-पेज वाला 10 साल की वैधता का Fresh Passport/Re-issue Passport ₹2,500 है। 60 पेज वाले 10 साल की वैधता के पासपोर्ट की फीस ₹3,500 है। नाबालिगों के लिए 36 पेज वाला 5 साल या 18 साल की उम्र तक, जो भी पहले हो, पासपोर्ट ₹1,750 का है। Tatkaal सेवा में निर्धारित अतिरिक्त शुल्क ₹2,500 है।
हालांकि फीस समय के साथ बदल सकती है, इसलिए आवेदन करने से पहले Passport Seva के आधिकारिक Fee Calculator से मौजूदा शुल्क जरूर जांचना चाहिए। खासकर Tatkaal आवेदन में पूरी लागू फीस ऑनलाइन भुगतान के समय जमा करनी होती है।
PSK में अपॉइंटमेंट वाले दिन समय से पहले पहुंचना बेहतर है। वहां आवेदन और दस्तावेजों की जांच के साथ फोटो, बायोमेट्रिक्स और अन्य प्रक्रिया पूरी की जाती है। Passport Seva के मुताबिक आवेदक को PSK/POPSK में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर फोटो और बायोमेट्रिक्स जैसी प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
आवेदन जमा होने के बाद पासपोर्ट की प्रक्रिया आपकी पुलिस वेरिफिकेशन श्रेणी और दस्तावेजों के आधार पर आगे बढ़ती है। कुछ मामलों में पहले पुलिस वेरिफिकेशन होता है और उसके बाद पासपोर्ट जारी किया जाता है, जबकि कुछ पात्र मामलों में passport issuance के बाद police verification हो सकता है। इसलिए किसी दूसरे व्यक्ति का processing time देखकर अपना exact समय तय नहीं करना चाहिए।
अगर पुलिस वेरिफिकेशन में कोई दिक्कत आती है तो सबसे जरूरी बात है कि घबराकर दोबारा नया आवेदन न कर दें। पहले Passport Office से अपने आवेदन की स्थिति और adverse report का कारण समझना चाहिए। Passport Seva के मुताबिक clarification के बाद जरूरत पड़ने पर re-verification का अनुरोध किया जा सकता है।
पासपोर्ट बनवाने की पूरी प्रक्रिया को अगर आसान भाषा में समझें तो यह क्रम कुछ ऐसा है—पहले Passport Seva पर रजिस्ट्रेशन, फिर Fresh Passport का विकल्प चुनना, व्यक्तिगत और परिवार से जुड़ी जानकारी भरना, वर्तमान और पिछले एक साल के पते की जानकारी देना, जरूरी दस्तावेज तैयार करना, आवेदन की जानकारी को ध्यान से verify करना, फीस जमा करना, PSK/POPSK का appointment लेना, निर्धारित तारीख पर केंद्र पहुंचना, वहां दस्तावेज और बायोमेट्रिक्स की प्रक्रिया पूरी करना, फिर जरूरत के अनुसार पुलिस वेरिफिकेशन और अंत में passport dispatch।
इस पूरी प्रक्रिया में सबसे ज्यादा ध्यान सही जानकारी और सही दस्तावेज पर देना चाहिए। पासपोर्ट आवेदन कोई ऐसी प्रक्रिया नहीं है जिसमें जल्दबाजी करना फायदेमंद हो। एक गलत जन्मतिथि, गलत स्पेलिंग, पुराना पता या छूटा हुआ residence history बाद में clarification का कारण बन सकता है।
एक और जरूरी बात यह है कि आवेदन रिजेक्ट होने का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि व्यक्ति पासपोर्ट के लिए स्थायी रूप से अयोग्य है। कई मामलों में दस्तावेजों की कमी, गलत जानकारी या पुलिस रिपोर्ट से जुड़ी समस्या के कारण आवेदन आगे नहीं बढ़ता। इसलिए अगर कोई आपत्ति आती है तो उसका कारण समझना और संबंधित Passport Office के निर्देश के अनुसार सुधार करना जरूरी है।
अगर आप पहली बार पासपोर्ट बनवा रहे हैं तो आवेदन से पहले एक छोटी checklist बना लें। इसमें अपना नाम, जन्मतिथि, माता-पिता का नाम, वर्तमान पता, पिछले एक साल के सभी पते, मोबाइल नंबर, ईमेल, जन्मतिथि का प्रमाण, पहचान-पते का प्रमाण और appointment details शामिल करें। इन चीजों को एक बार नहीं बल्कि आवेदन submit करने से पहले दो बार जांचना बेहतर है।
खासकर युवाओं के लिए यह बात महत्वपूर्ण है, क्योंकि कॉलेज, नौकरी या विदेश यात्रा के लिए अचानक पासपोर्ट की जरूरत पड़ सकती है। आखिरी समय में Tatkaal पर निर्भर रहने की बजाय अगर विदेश जाने की योजना पहले से है तो सामान्य प्रक्रिया में समय रहते पासपोर्ट बनवा लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।
अंत में सबसे जरूरी सलाह यही है कि पासपोर्ट आवेदन के लिए केवल Passport Seva की आधिकारिक जानकारी को अंतिम मानें। डॉक्यूमेंट की सूची, फीस, अपॉइंटमेंट और पुलिस वेरिफिकेशन से जुड़े नियम समय के साथ बदल सकते हैं। Passport Seva की वेबसाइट पर 2026 में फीस संशोधन की सूचना भी दी गई है, इसलिए पुरानी YouTube वीडियो या सोशल मीडिया पोस्ट देखकर फीस या दस्तावेज तय न करें।
अगर आपके दस्तावेज सही हैं, आवेदन में दी गई जानकारी वास्तविक दस्तावेजों से मेल खाती है, वर्तमान पता सही है, पिछले एक साल के निवास की जानकारी पूरी दी गई है और पुलिस वेरिफिकेशन में सहयोग किया जाता है, तो पासपोर्ट आवेदन की प्रक्रिया काफी आसान हो सकती है। सबसे बड़ी गलती यही होती है कि लोग फॉर्म को सिर्फ एक ऑनलाइन फॉर्म समझकर जल्दी-जल्दी भर देते हैं। जबकि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण सरकारी और अंतरराष्ट्रीय यात्रा दस्तावेज है, इसलिए इसमें दी गई हर जानकारी को गंभीरता से भरना चाहिए।
रक्षाबंधन पर बहन को दें Financial Gift: ₹7 हजार से ऐसे बनाएं ₹1 लाख का फंड
http://पासपोर्ट बनवाने के लिए Passport Seva Kendra में आवेदन करते भारतीय नागरिक
