भारतीय क्रिकेट टीम के युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को लेकर पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान ने बड़ा बयान दिया है। 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों के बीच पठान का मानना है कि यशस्वी जायसवाल को ज्यादा से ज्यादा वनडे खेलने के मौके मिलने चाहिए, ताकि अगर उन्हें वर्ल्ड कप के दौरान बैकअप ओपनर की भूमिका निभानी पड़े तो उनके पास पर्याप्त मैच अनुभव हो। पठान ने खास तौर पर भारत और वेस्टइंडीज के बीच 27 सितंबर से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज को जायसवाल के लिए महत्वपूर्ण मौका बताया है।
यशस्वी जायसवाल को हाल के समय में भारतीय वनडे टीम में नियमित प्लेइंग-11 का हिस्सा बनने के लिए ज्यादा मौके नहीं मिले हैं। वहीं दूसरी तरफ अनुभवी रोहित शर्मा अभी भी वनडे क्रिकेट में ओपनिंग के विकल्पों में प्रमुख नाम बने हुए हैं। भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए रोहित शर्मा और विराट कोहली को टीम में शामिल किया है, जबकि शुभमन गिल टीम के कप्तान हैं। इस चयन के बाद भी जायसवाल को टीम में जगह मिली है, जिससे 2027 वर्ल्ड कप से पहले भारतीय टीम के पास ओपनिंग विकल्प को परखने का मौका रहेगा।
इरफान पठान ने JioStar के कार्यक्रम ‘Follow the Blues’ में यशस्वी जायसवाल को लेकर अपनी बात रखी। उनका कहना था कि वह वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में खास तौर पर जायसवाल पर नजर रखेंगे और यह देखना चाहते हैं कि टीम मैनेजमेंट इस युवा बल्लेबाज को कितने मौके देता है। पठान के मुताबिक 2027 वर्ल्ड कप तक जिस खिलाड़ी को बैकअप ओपनर के रूप में तैयार किया जाना है, उसे टूर्नामेंट से पहले पर्याप्त वनडे मैच खेलने चाहिए।
पठान ने जायसवाल को फिलहाल भारत का बैकअप ओपनर और तीसरे ओपनिंग विकल्प के तौर पर बताया। उनका तर्क यह है कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में केवल मुख्य खिलाड़ियों का तैयार रहना काफी नहीं होता। अगर किसी कारण से नियमित ओपनर उपलब्ध नहीं रहता है, तो उसकी जगह आने वाले खिलाड़ी के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का पर्याप्त अनुभव होना चाहिए। इसलिए जायसवाल को लगातार अवसर देना टीम के लिए उपयोगी हो सकता है।
जायसवाल के वनडे रिकॉर्ड को देखें तो उन्होंने भारत के लिए अब तक छह वनडे मैच खेले हैं और छह पारियों में 285 रन बनाए हैं। उनका बल्लेबाजी औसत 71.25 है और उनके नाम दो शतक भी दर्ज हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 116 नाबाद है। ये आंकड़े छोटे सैंपल से आए हैं, लेकिन वनडे क्रिकेट में उनके प्रदर्शन ने उन्हें टीम के बैकअप ओपनिंग विकल्पों में बनाए रखा है।
जायसवाल के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि भारतीय टीम में ओपनिंग स्लॉट के लिए पहले से कई अनुभवी और स्थापित विकल्प मौजूद हैं। रोहित शर्मा लंबे समय से भारत के प्रमुख वनडे ओपनर रहे हैं। शुभमन गिल भी ओपनिंग कर चुके हैं और वर्तमान टीम में कप्तान की भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में जायसवाल को लगातार प्लेइंग-11 में जगह मिलना आसान नहीं है।
फिर भी 2027 वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए टीम मैनेजमेंट के सामने एक अलग तरह की जरूरत है। वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाना है और टूर्नामेंट तक भारतीय टीम को अपनी मुख्य टीम के साथ-साथ बैकअप खिलाड़ियों को भी तैयार रखना होगा। इरफान पठान इसी तैयारी के संदर्भ में जायसवाल को अधिक वनडे मैच देने की बात कर रहे हैं।
वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी सीरीज इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत के 2026-27 घरेलू क्रिकेट सीजन की शुरुआत का हिस्सा है। तीन मैचों की वनडे सीरीज 27 सितंबर से शुरू होकर 3 अक्टूबर तक चलेगी। पहला मैच तिरुवनंतपुरम में होना है। भारत की घोषित वनडे टीम में रोहित शर्मा, विराट कोहली, शुभमन गिल, केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।
इस सीरीज में टीम के पास अलग-अलग खिलाड़ियों को देखने का मौका भी होगा। कुछ खिलाड़ी एशियन गेम्स के कारण वनडे सीरीज का हिस्सा नहीं हैं। ऐसे में भारतीय टीम के लिए यह सीरीज बेंच स्ट्रेंथ को परखने का अवसर भी बन सकती है। इरफान पठान ने भी इसी पहलू पर जोर दिया है कि जिन खिलाड़ियों को भविष्य में बैकअप के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है, उन्हें पर्याप्त मैच अनुभव मिलना चाहिए।
यशस्वी जायसवाल की बल्लेबाजी शैली भी उन्हें एक अलग विकल्प बनाती है। वह बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, जबकि रोहित शर्मा दाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं। अगर दोनों एक साथ ओपन करते हैं तो टीम को बाएं-दाएं हाथ का संयोजन मिल सकता है। हालांकि यह फैसला पूरी तरह टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं पर निर्भर करेगा और किसी एक बयान से यह तय नहीं होता कि 2027 वर्ल्ड कप में कौन ओपन करेगा।
वर्तमान परिस्थितियों में रोहित शर्मा का वनडे टीम में बने रहना भी महत्वपूर्ण है। भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी ODI series के लिए उन्हें चुना है। रिपोर्टों के मुताबिक रोहित और विराट कोहली दोनों की टीम में वापसी हुई है, जबकि शुभमन गिल कप्तान बने हुए हैं।
यही वजह है कि इरफान पठान के बयान को रोहित शर्मा को टीम से हटाने के सुझाव के तौर पर देखना सही नहीं होगा। उनका मुख्य मुद्दा जायसवाल को बैकअप ओपनर के रूप में तैयार रखना है। मौजूदा रिपोर्टों में भी यही बताया गया है कि पठान जायसवाल को तीसरे ओपनर के रूप में देखते हैं और चाहते हैं कि वर्ल्ड कप से पहले उन्हें पर्याप्त मौके मिलें।
जायसवाल के लिए सबसे अहम बात मैच टाइम होगी। किसी खिलाड़ी को लंबे समय तक बेंच पर बैठाकर अचानक बड़े टूर्नामेंट में उतारना उसके लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अगर उसे पहले से वनडे क्रिकेट में नियमित अंतराल पर खेलने का मौका मिलता है तो टीम उसके प्रदर्शन, तकनीक, स्ट्राइक रोटेशन और अलग-अलग परिस्थितियों में बल्लेबाजी को बेहतर तरीके से समझ सकती है।
वनडे क्रिकेट में टेस्ट और टी20 से अलग तरह की चुनौतियां होती हैं। बल्लेबाज को पारी की शुरुआत में नई गेंद का सामना करना पड़ता है, लेकिन उसके बाद पारी को लंबे समय तक बनाने की जिम्मेदारी भी होती है। इसी कारण वनडे में किसी खिलाड़ी के प्रदर्शन का आकलन केवल कुछ पारियों के आधार पर करना पर्याप्त नहीं होता।
जायसवाल ने टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए काफी प्रभावशाली प्रदर्शन किया है और टी20 क्रिकेट में भी उनकी आक्रामक बल्लेबाजी चर्चा में रही है। अब उनके लिए वनडे क्रिकेट में अपनी जगह मजबूत करने का सवाल है। छह वनडे मैचों में दो शतक उनके लिए सकारात्मक आंकड़ा है, लेकिन भविष्य में ज्यादा मैच खेलने से उनकी वनडे प्रोफाइल का बड़ा सैंपल तैयार होगा।
2027 वर्ल्ड कप में अभी समय है, लेकिन टीम इंडिया के लिए तैयारी का यह चरण महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एकदिवसीय क्रिकेट के मुकाबले टी20 क्रिकेट की तुलना में कम होते हैं, इसलिए खिलाड़ियों को पर्याप्त मैच देना एक रणनीतिक मुद्दा बन सकता है। पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह ने भी हाल में वर्ल्ड कप से पहले मुख्य खिलाड़ियों के समूह को पर्याप्त गेम टाइम देने के महत्व की बात कही है।
यही कारण है कि वेस्टइंडीज सीरीज में जायसवाल की भूमिका पर नजर रहेगी। अगर उन्हें प्लेइंग-11 में मौका मिलता है तो उनके पास अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में अपने रिकॉर्ड को आगे बढ़ाने का अवसर होगा। अगर वह अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो 2027 वर्ल्ड कप के लिए बैकअप ओपनर के रूप में उनकी स्थिति और मजबूत हो सकती है। वहीं अंतिम टीम चयन प्रदर्शन, फिटनेस, टीम संयोजन और चयनकर्ताओं के फैसलों पर निर्भर करेगा।
रोहित शर्मा के साथ जायसवाल को ओपनिंग कराने की संभावना पर भी चर्चा हो रही है। कुछ रिपोर्टों में पठान की पसंदीदा प्लेइंग-11 में रोहित और जायसवाल को ओपनिंग जोड़ी के रूप में रखा गया है। NDTV की रिपोर्ट के अनुसार पठान ने वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की संभावित ODI combination में जायसवाल-रोहित की ओपनिंग जोड़ी का समर्थन किया।
हालांकि इसे भारतीय टीम की आधिकारिक ओपनिंग जोड़ी नहीं माना जाना चाहिए। टीम की अंतिम प्लेइंग-11 मैच से पहले तय होती है और कप्तान, कोच तथा चयनकर्ताओं के फैसले पर निर्भर करती है। मौजूदा टीम चयन में रोहित और जायसवाल दोनों मौजूद हैं, लेकिन कौन किस क्रम पर बल्लेबाजी करेगा, इसका अंतिम फैसला टीम मैनेजमेंट करेगा।
रोहित शर्मा का अनुभव भारतीय टीम के लिए एक बड़ा factor है। उन्होंने लंबे समय तक वनडे में ओपनिंग की है और 2023 वनडे वर्ल्ड कप में भी भारत की बल्लेबाजी की शुरुआत की थी। दूसरी ओर जायसवाल युवा विकल्प हैं, जिन्हें टीम भविष्य के लिए तैयार कर सकती है। इसलिए दोनों खिलाड़ियों को लेकर चर्चा में अनुभव और भविष्य की तैयारी दोनों पहलू मौजूद हैं।
भारतीय क्रिकेट में इस समय एक साथ दो पीढ़ियों के बीच संतुलन बनाने की प्रक्रिया दिखाई दे रही है। रोहित और विराट जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल और अन्य युवा खिलाड़ियों को भी टीम के भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है। आगामी वनडे सीरीज में इसी संतुलन को समझने का अवसर मिल सकता है।
वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज में अगर जायसवाल को पर्याप्त मौके मिलते हैं, तो यह उनके लिए सिर्फ रन बनाने की चुनौती नहीं होगी। उनके प्रदर्शन से टीम मैनेजमेंट को यह भी पता चलेगा कि वह अलग-अलग परिस्थितियों में नई गेंद के खिलाफ किस तरह बल्लेबाजी करते हैं और पारी को किस तरह आगे बढ़ाते हैं।
जायसवाल के लिए एक और महत्वपूर्ण पहलू निरंतरता होगी। एक या दो अच्छी पारियां उनके रिकॉर्ड को जरूर बेहतर करेंगी, लेकिन वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए टीम को ऐसे खिलाड़ी की जरूरत होती है जिसे लंबे समय तक अलग-अलग परिस्थितियों में देखा गया हो। पठान का बयान इसी मैच अनुभव की ओर इशारा करता है।
इस बीच भारतीय टीम में नए खिलाड़ियों को भी अवसर मिल रहे हैं। वेस्टइंडीज वनडे सीरीज के लिए नमन धीर और औकिब नबी को पहली बार ODI call-up मिला है। इससे पता चलता है कि टीम मैनेजमेंट के पास वर्ल्ड कप से पहले कई खिलाड़ियों को आजमाने का अवसर है।
ऐसे में जायसवाल के लिए अपनी जगह मजबूत करने का रास्ता प्रदर्शन से होकर जाता है। अगर उन्हें खेलने का मौका मिलता है तो उन्हें अपनी बल्लेबाजी से टीम को प्रभावित करने की कोशिश करनी होगी। वहीं चयनकर्ता और टीम मैनेजमेंट उनके प्रदर्शन को बाकी ओपनिंग विकल्पों के साथ मिलाकर देख सकते हैं।
इरफान पठान के बयान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यही है कि बैकअप खिलाड़ी को बैकअप रहने के बावजूद मैच अनुभव मिलना चाहिए। यदि वह वर्ल्ड कप में अचानक टीम का हिस्सा बनता है तो उसके पास अंतरराष्ट्रीय वनडे क्रिकेट का पर्याप्त अनुभव होना चाहिए। इस दृष्टिकोण से वेस्टइंडीज सीरीज जायसवाल के लिए उपयोगी हो सकती है।
भारत के लिए 2027 वर्ल्ड कप की तैयारी अभी लंबी है। आने वाले महीनों में कई ODI series खेली जानी हैं और इन मैचों से टीम का core group तैयार किया जा सकता है। खिलाड़ियों के प्रदर्शन, फिटनेस और उपलब्धता के आधार पर संयोजन में बदलाव भी संभव हैं।
इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि 2027 वर्ल्ड कप में भारत की अंतिम ओपनिंग जोड़ी कौन होगी। वर्तमान में रोहित शर्मा ODI squad का हिस्सा हैं, जबकि यशस्वी जायसवाल को भी टीम में शामिल किया गया है। इरफान पठान चाहते हैं कि जायसवाल को पर्याप्त मौके मिलें ताकि वह बैकअप ओपनर की जिम्मेदारी के लिए तैयार रहें।
इरफान पठान बोले- यशस्वी जायसवाल को मिले मौका, 2027 वर्ल्ड कप से पहले खेलें पर्याप्त ODI यशस्वी जायसवाल को लेकर इरफान पठान का बयान 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों के संदर्भ में आया है। पठान जायसवाल को फिलहाल बैकअप यानी तीसरे ओपनर के रूप में देखते हैं और चाहते हैं कि उन्हें वर्ल्ड कप से पहले पर्याप्त वनडे मैच खेलने का मौका मिले। भारत और वेस्टइंडीज के बीच 27 सितंबर से शुरू होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज में जायसवाल पर नजर रहेगी।
वहीं रोहित शर्मा आगामी वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल हैं और उनके अनुभव को देखते हुए ओपनिंग को लेकर उनकी भूमिका महत्वपूर्ण बनी हुई है। जायसवाल को रोहित के साथ ओपनिंग कराने की चर्चा जरूर है, लेकिन अंतिम फैसला टीम मैनेजमेंट का होगा। आने वाली वनडे सीरीज में जायसवाल को मिलने वाले अवसर और उनका प्रदर्शन 2027 वर्ल्ड कप की तैयारी में उनके लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
यशस्वी जायसवाल टीम से बाहर, इंग्लैंड दौरे पर शुभमन गिल को वनडे कप्तानी; रोहित-विराट की वापसी
http://इरफान पठान ने 2027 वर्ल्ड कप से पहले यशस्वी जायसवाल को पर्याप्त वनडे मौके देने की बात कही।
