Ranveer Singh बोले- हमजा का रोल खिलजी से मुश्किल, 300% देना पड़ा

बॉलीवुड में जब भी किसी एक्टर की डेडिकेशन और एनर्जी की बात होती है, तो Ranveer Singh का नाम सबसे ऊपर आता है। इस समय उनकी नई फिल्म धुरंधर बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल कर रही है और इसी बीच उन्होंने अपने किरदार ‘हमजा’ को लेकर जो बयान दिया है, उसने एक नई चर्चा छेड़ दी है।

रणवीर सिंह ने साफ कहा कि इस फिल्म का रोल उनके करियर का सबसे कठिन किरदार रहा है। उन्होंने इसे अपने पिछले चर्चित रोल Alauddin Khilji से भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण बताया। यह वही किरदार है जिसने उन्हें इंडस्ट्री में एक अलग पहचान दी थी और जिसे लोग आज भी याद करते हैं।

लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर ‘हमजा’ का रोल इतना मुश्किल क्यों था? क्या वजह रही कि रणवीर सिंह को इसमें अपना “300%” देना पड़ा?

असल में ‘हमजा’ एक ऐसा किरदार है जिसमें सिर्फ एक्टिंग ही नहीं, बल्कि गहरी मानसिक तैयारी की भी जरूरत थी। यह कोई साधारण हीरो वाला रोल नहीं था, बल्कि इसमें कई लेयर्स थीं—इमोशन, एंगर, कंट्रोल और साइकोलॉजिकल डेप्थ। रणवीर सिंह ने खुद बताया कि इस रोल के लिए उन्हें लंबे समय तक खुद को एक अलग मानसिक स्थिति में रखना पड़ा।

फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्होंने अपने सोशल सर्कल को भी काफी हद तक सीमित कर लिया था। दोस्तों और परिवार से दूरी बनाकर वह पूरी तरह किरदार में डूबे रहे। उनका मानना है कि जब तक आप अपने किरदार को जी नहीं लेते, तब तक स्क्रीन पर वह असर नहीं आता।

रणवीर सिंह की यही खासियत उन्हें बाकी एक्टर्स से अलग बनाती है। वह सिर्फ डायलॉग नहीं बोलते, बल्कि किरदार को जीते हैं। यही वजह है कि उनके हर रोल में एक अलग एनर्जी और गहराई नजर आती है।

धुरंधर की सफलता का बड़ा कारण भी यही बताया जा रहा है। दर्शकों को फिल्म में उनका परफॉर्मेंस इतना रियल लगा कि लोग थिएटर में उनकी एक्टिंग से जुड़ गए। सोशल मीडिया पर भी उनके किरदार ‘हमजा’ को लेकर काफी चर्चा हो रही है।

कुछ लोगों का कहना है कि यह रोल उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। जिस तरह उन्होंने इस किरदार को निभाया है, उससे यह साफ है कि वह अपने काम को लेकर कितने गंभीर हैं।

अगर हम उनके पिछले रोल्स की बात करें, तो रणवीर सिंह हमेशा एक्सपेरिमेंट करते नजर आए हैं। चाहे वह ‘बाजीराव’ हो या ‘खिलजी’, हर किरदार में उन्होंने खुद को पूरी तरह बदल लिया।

लेकिन ‘हमजा’ का रोल अलग इसलिए है क्योंकि इसमें केवल एक्सटर्नल ट्रांसफॉर्मेशन नहीं, बल्कि इंटरनल चेंज भी जरूरी था। यह एक ऐसा किरदार था जो अंदर से टूटता है, लड़ता है और फिर खुद को संभालता है।

रणवीर ने बताया कि इस रोल के लिए उन्होंने न सिर्फ अपनी फिजिकल फिटनेस पर काम किया, बल्कि मेंटल ट्रेनिंग भी ली। उन्होंने कई वर्कशॉप्स में हिस्सा लिया और अपने किरदार की साइकोलॉजी को समझने की कोशिश की।

फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर कहा जाता है कि एक्टर जितना अपने किरदार में डूबता है, उतना ही बेहतर परफॉर्म करता है। रणवीर सिंह इसका जीता-जागता उदाहरण हैं।

धुरंधर की सफलता के बाद अब उनकी तुलना फिर से बॉलीवुड के टॉप एक्टर्स से होने लगी है। कई लोग उन्हें इस समय का सबसे वर्सेटाइल एक्टर मान रहे हैं।

फिल्म की कमाई भी लगातार बढ़ रही है, जिससे यह साफ है कि दर्शकों को यह फिल्म काफी पसंद आ रही है। खासकर युवा दर्शकों में इस फिल्म को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है।

रणवीर सिंह के फैंस के लिए यह फिल्म किसी ट्रीट से कम नहीं है। उन्हें एक बार फिर अपने पसंदीदा एक्टर का नया अवतार देखने को मिला है।

हालांकि कुछ आलोचकों का यह भी कहना है कि फिल्म की कहानी से ज्यादा इसका फोकस परफॉर्मेंस पर है। लेकिन इसके बावजूद रणवीर सिंह की एक्टिंग ने सभी को प्रभावित किया है।

आज के समय में जब कंटेंट और परफॉर्मेंस दोनों ही महत्वपूर्ण हैं, ऐसे में रणवीर सिंह ने यह साबित कर दिया है कि वह दोनों में बैलेंस बना सकते हैं।

उनका यह बयान कि “मुझे 300% देना पड़ा” केवल एक डायलॉग नहीं, बल्कि उनकी मेहनत और समर्पण का सबूत है।

यह भी देखा गया है कि जो एक्टर अपने काम के प्रति इतना डेडिकेटेड होता है, वह लंबे समय तक इंडस्ट्री में टिकता है। रणवीर सिंह इसी दिशा में आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं।

अब आगे देखने वाली बात यह होगी कि धुरंधर बॉक्स ऑफिस पर कितने रिकॉर्ड तोड़ती है और क्या यह उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्म बन पाती है।

फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि रणवीर सिंह ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह केवल स्टार नहीं, बल्कि एक सच्चे कलाकार हैं।


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