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अमेरिका में किराने के सामान के लिए भी कर्ज ले रहे लोग, 2 साल में दोगुने हुए BNPL यूजर्स

दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था माने जाने वाले अमेरिका में बढ़ती महंगाई अब आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर गहरा असर डाल रही है। हालात ऐसे बन गए हैं कि बड़ी संख्या में लोग अब किराने का सामान खरीदने के लिए भी कर्ज (Loan) लेने को मजबूर हो रहे हैं। विशेष रूप से Buy Now, Pay Later (BNPL) सेवाओं का उपयोग तेजी से बढ़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में BNPL उपयोगकर्ताओं की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है और कई उपभोक्ता छोटी-छोटी खरीदारी का भुगतान महीनों या वर्षों तक ब्याज के साथ कर रहे हैं।

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति केवल वित्तीय व्यवहार में बदलाव नहीं बल्कि बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत में लगातार वृद्धि का संकेत भी है। पहले BNPL सेवाओं का उपयोग मुख्य रूप से मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर या महंगे उत्पाद खरीदने के लिए किया जाता था, लेकिन अब इनका उपयोग दूध, ब्रेड, फल, सब्जियां और अन्य दैनिक जरूरत के सामान खरीदने तक पहुंच गया है।

आखिर क्या है BNPL?

Buy Now, Pay Later (BNPL) एक डिजिटल भुगतान सुविधा है, जिसमें ग्राहक पहले सामान खरीदता है और उसका भुगतान बाद में किस्तों में करता है। कई सेवाएं शुरुआती अवधि में बिना ब्याज भुगतान का विकल्प देती हैं, लेकिन निर्धारित समय पर भुगतान न होने पर अतिरिक्त शुल्क या ब्याज लग सकता है।

पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका और अन्य विकसित देशों में BNPL सेवाएं तेजी से लोकप्रिय हुई हैं। ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म, सुपरमार्केट और रिटेल स्टोर भी इस सुविधा को अपनाने लगे हैं।

महंगाई ने बिगाड़ा घरेलू बजट

अमेरिका में खाद्य पदार्थों, किराए, बिजली, ईंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और बीमा जैसी आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की कीमतों में लगातार वृद्धि ने मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग पर अतिरिक्त दबाव डाला है।

कई परिवारों की आय बढ़ने की गति महंगाई के मुकाबले कम रही है। परिणामस्वरूप उन्हें रोजमर्रा के खर्च पूरे करने के लिए क्रेडिट कार्ड, BNPL और अन्य ऋण विकल्पों का सहारा लेना पड़ रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जब आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए भी लोग उधार लेने लगें, तो यह उपभोक्ता वित्तीय दबाव का गंभीर संकेत माना जाता है।

छोटी खरीदारी पर भी बढ़ रहा कर्ज

पहले लोग कार, घर या शिक्षा जैसे बड़े खर्चों के लिए ऋण लेते थे, लेकिन अब दैनिक जरूरतों पर भी उधार लेना सामान्य होता जा रहा है।

यदि कोई उपभोक्ता समय पर किस्त नहीं चुका पाता, तो अतिरिक्त ब्याज और विलंब शुल्क उसके कुल खर्च को काफी बढ़ा सकते हैं। कई मामलों में छोटी खरीदारी भी लंबे समय तक चलने वाले वित्तीय बोझ में बदल जाती है।

वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि यदि लगातार कई BNPL योजनाओं का उपयोग किया जाए, तो उपभोक्ता को कुल बकाया राशि का सही अनुमान लगाना भी कठिन हो सकता है।

बढ़ती जीवन-यापन लागत बनी बड़ी चुनौती

आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार अमेरिका में पिछले कुछ वर्षों में जीवन-यापन की लागत लगातार बढ़ी है। खाद्य पदार्थों के अलावा मकान का किराया, चिकित्सा खर्च, शिक्षा, परिवहन और बीमा प्रीमियम भी कई परिवारों के बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल रहे हैं।

कम आय वाले परिवारों के लिए यह स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण बन गई है क्योंकि उनकी आय का बड़ा हिस्सा पहले से ही आवश्यक खर्चों में चला जाता है।

डिजिटल क्रेडिट की बढ़ती लोकप्रियता

फिनटेक कंपनियों ने BNPL सेवाओं को बेहद आसान बना दिया है। मोबाइल ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से कुछ ही मिनटों में किस्तों पर खरीदारी की सुविधा उपलब्ध हो जाती है।

यही सरल प्रक्रिया इसकी लोकप्रियता का एक बड़ा कारण है। हालांकि विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि आसान उपलब्धता के कारण लोग अपनी वास्तविक भुगतान क्षमता से अधिक खर्च भी कर सकते हैं।

अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभाव

यदि बड़ी संख्या में उपभोक्ता आवश्यक खर्चों के लिए भी लगातार उधार लेने लगें, तो इससे व्यक्तिगत वित्तीय स्थिति के साथ-साथ व्यापक अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।

उपभोक्ता मांग, खुदरा व्यापार और बैंकिंग क्षेत्र पर इसका प्रभाव परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। इसलिए नीति निर्माता उपभोक्ता ऋण और महंगाई दोनों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

वित्तीय विशेषज्ञ क्या सलाह देते हैं?

विशेषज्ञों का कहना है कि BNPL सुविधा का उपयोग सोच-समझकर करना चाहिए। यदि समय पर भुगतान संभव हो तभी ऐसी योजनाओं का चयन करना बेहतर माना जाता है।

वे सलाह देते हैं कि:

  • केवल आवश्यक वस्तुओं पर ही ऋण का उपयोग करें।
  • सभी किस्तों का रिकॉर्ड रखें।
  • भुगतान की अंतिम तारीख न भूलें।
  • अतिरिक्त ब्याज और शुल्क की शर्तें पहले पढ़ें।
  • मासिक बजट बनाकर ही खर्च करें।

वैश्विक संकेत

अमेरिका में बढ़ता BNPL उपयोग केवल एक देश की कहानी नहीं है। कई विकसित अर्थव्यवस्थाओं में भी उपभोक्ता व्यवहार बदल रहा है। डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन खरीदारी और फिनटेक सेवाओं के विस्तार ने ऋण लेने की प्रक्रिया को पहले से अधिक आसान बना दिया है।

हालांकि आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि दीर्घकाल में स्वस्थ अर्थव्यवस्था के लिए उपभोक्ताओं की आय, बचत और खर्च के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।

भारत के लिए क्या सीख?

भारत में भी डिजिटल भुगतान और BNPL सेवाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है। हालांकि भारतीय बाजार की परिस्थितियां अमेरिका से अलग हैं, फिर भी वित्तीय विशेषज्ञ मानते हैं कि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार के डिजिटल ऋण का उपयोग सावधानीपूर्वक करना चाहिए।

यदि ऋण का उपयोग केवल सुविधा के बजाय आवश्यकता के कारण बढ़ने लगे, तो यह आर्थिक दबाव का संकेत हो सकता है।

अमेरिका में किराने का सामान खरीदने के लिए भी BNPL और अन्य ऋण सेवाओं का बढ़ता उपयोग यह दर्शाता है कि बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत ने आम लोगों के बजट पर गहरा प्रभाव डाला है। दो वर्षों में BNPL उपयोगकर्ताओं की संख्या का दोगुना होना बदलते उपभोक्ता व्यवहार और आर्थिक चुनौतियों का संकेत माना जा रहा है। आने वाले समय में महंगाई की दिशा, रोजगार की स्थिति और ब्याज दरों में बदलाव यह तय करेंगे कि यह प्रवृत्ति और तेज होती है या धीरे-धीरे सामान्य होने लगती है।

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http://American consumers using Buy Now Pay Later for grocery shopping amid inflation

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