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श्रीलंका ने इंग्लैंड को 16 रन से हराया: कुसल मेंडिस का शतक, वेल्लालागे के 3 विकेट

श्रीलंका ने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में रोमांचक जीत दर्ज की है। हेडिंग्ले, लीड्स में खेले गए इस मुकाबले में श्रीलंका ने इंग्लैंड को 16 रन से हराकर सीरीज 1-1 से बराबर कर दी। श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 6 विकेट पर 321 रन बनाए। कप्तान कुसल मेंडिस ने 121 रन की शानदार पारी खेली, जबकि कामिंदु मेंडिस ने 54 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया। जवाब में इंग्लैंड की टीम 305 रन पर 9 विकेट ही बना सकी।

मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट इंग्लैंड की पारी के दौरान आया। शुरुआत में इंग्लैंड ने जिस अंदाज में लक्ष्य का पीछा किया, उससे लग रहा था कि टीम लगातार दूसरी वनडे जीत हासिल कर लेगी। बेन डकेट और टॉम बैंटन ने पहले विकेट के लिए 143 रन की तेज साझेदारी की। इसके बाद कप्तान हैरी ब्रूक भी क्रीज पर आए, लेकिन श्रीलंका के स्पिनर दुनिथ वेल्लालागे ने मैच का रुख बदल दिया। उन्होंने डकेट, बैंटन और ब्रूक के विकेट लेकर इंग्लैंड पर दबाव बना दिया।

इसके बाद जोस बटलर ने इंग्लैंड की पारी को संभालने की कोशिश की। बटलर ने तेज बल्लेबाजी करते हुए 66 रन बनाए, लेकिन रन लेते समय उन्हें बाईं हैमस्ट्रिंग में परेशानी हुई और उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर जाना पड़ा। उस समय इंग्लैंड को जीत के लिए 75 गेंदों पर 68 रन की जरूरत थी और उसके पास छह विकेट बाकी थे। बटलर के मैदान से बाहर जाने के बाद मुकाबले का समीकरण तेजी से श्रीलंका की तरफ जाने लगा।

बटलर बाद में दोबारा मैदान पर लौटे, लेकिन उनकी चोट के कारण उनकी रनिंग काफी प्रभावित रही। जब वह वापस आए, तब इंग्लैंड को 14 गेंदों पर 27 रन की जरूरत थी। बटलर ने कुछ रन बनाए, लेकिन वह सामान्य तरीके से दौड़ नहीं पा रहे थे। आखिरकार वह अंतिम ओवर में आउट हो गए और इंग्लैंड की जीत की उम्मीदें भी खत्म हो गईं।

मैच से पहले दोनों टीमों के बीच मुकाबले को लेकर काफी उत्सुकता थी। इंग्लैंड ने इससे पहले तीन मैचों की T20 सीरीज में श्रीलंका को 3-0 से हराया था। इसके बाद पहले वनडे में भी इंग्लैंड ने श्रीलंका को हराकर सीरीज में बढ़त बनाई थी। लेकिन दूसरे वनडे में श्रीलंका ने शानदार वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम किया।

श्रीलंका की जीत में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका कप्तान कुसल मेंडिस की बल्लेबाजी की रही। मेंडिस ने मुश्किल परिस्थितियों में लंबी पारी खेली और टीम को 300 से ज्यादा के स्कोर तक पहुंचाया। उन्होंने 121 रन की पारी में 14 चौके और 3 छक्के लगाए। यह इंग्लैंड की धरती पर उनका पहला अंतरराष्ट्रीय शतक भी रहा।

मेंडिस की बल्लेबाजी की खास बात यह रही कि उन्होंने पारी को अलग-अलग चरणों में संभाला। शुरुआती ओवरों में उन्होंने परिस्थितियों को समझते हुए बल्लेबाजी की और बाद में रन गति बढ़ाई। उनका शतक श्रीलंका के लिए उस समय आया जब टीम को बड़े स्कोर की जरूरत थी। उनके साथ कामिंदु मेंडिस ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया और दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 137 रन की साझेदारी हुई। कामिंदु ने 54 रन बनाए।

इंग्लैंड की गेंदबाजी में गस एटकिंसन ने अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने 10 ओवर में 55 रन देकर दो विकेट लिए। रेहान अहमद ने भी दो विकेट हासिल किए। हालांकि श्रीलंका के बल्लेबाजों ने कई मौकों पर इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और स्कोर को 321 रन तक पहुंचा दिया।

श्रीलंका की पारी के दौरान एक महत्वपूर्ण मौका इंग्लैंड के हाथ से निकल गया। जेमी ओवरटन की गेंद पर कुसल मेंडिस का कैच 17 रन के स्कोर पर छूट गया। डीप में गस एटकिंसन गेंद की दिशा को सही तरीके से नहीं समझ पाए और कैच हाथ से निकल गया। बाद में यही मौका इंग्लैंड के लिए महंगा साबित हुआ क्योंकि मेंडिस ने 121 रन बना दिए।

श्रीलंका की पारी खत्म होने के बाद इंग्लैंड को जीत के लिए 322 रन का लक्ष्य मिला। घरेलू टीम ने लक्ष्य का पीछा बेहद तेज शुरुआत के साथ किया। बेन डकेट और टॉम बैंटन ने श्रीलंका के तेज गेंदबाजों पर शुरुआत से ही दबाव बनाया। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 143 रन जोड़ दिए। डकेट ने 67 रन बनाए, जबकि बैंटन ने 73 रन की पारी खेली।

इंग्लैंड की पारी उस समय पूरी तरह नियंत्रण में नजर आ रही थी। शुरुआती साझेदारी के बाद भी रन रेट इंग्लैंड के पक्ष में था। लेकिन श्रीलंका ने स्पिन गेंदबाजी का सहारा लिया और दुनिथ वेल्लालागे ने मैच का रुख बदल दिया।

वेल्लालागे ने पहले बेन डकेट को बोल्ड किया। इसके बाद टॉम बैंटन स्टंपिंग के जरिए आउट हुए। फिर उन्होंने इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक को भी LBW आउट कर दिया। केवल 23 गेंदों के अंदर इंग्लैंड के तीन विकेट गिर गए और स्कोर का दबाव अचानक बढ़ गया। वेल्लालागे ने कुल 3 विकेट 49 रन देकर लिए।

वेल्लालागे के स्पेल ने इंग्लैंड की उस मजबूत शुरुआत को कमजोर कर दिया जिसने मैच के शुरुआती हिस्से में श्रीलंका को दबाव में डाल दिया था। यही वह चरण था जहां मुकाबला पूरी तरह बदल गया। इंग्लैंड के बल्लेबाज लगातार रन तो बना रहे थे, लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल होता गया।

जो रूट ने भी 15 रन बनाए, लेकिन वह बड़ी पारी नहीं खेल सके। इंग्लैंड के मध्यक्रम में सबसे महत्वपूर्ण पारी जोस बटलर की रही। बटलर ने अपनी पारी में पांच छक्के लगाए और तेजी से 66 रन बनाए। उनके रहते इंग्लैंड की जीत की संभावना मजबूत दिखाई दे रही थी।

लेकिन बटलर की हैमस्ट्रिंग समस्या ने मैच की दिशा बदल दी। 38वें ओवर के आसपास वह रन लेने के बाद अचानक पैर पकड़कर जमीन पर बैठ गए। टीम के मेडिकल स्टाफ ने उनकी जांच की और इसके बाद वह रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर चले गए। उस समय इंग्लैंड का स्कोर 254/4 था और टीम को 68 गेंदों में 68 रन की जरूरत थी।

इस स्थिति में इंग्लैंड के पास छह विकेट बाकी थे और लक्ष्य मुश्किल नहीं लग रहा था। लेकिन बटलर की चोट के कारण इंग्लैंड को अपनी रणनीति बदलनी पड़ी। बटलर टीम के प्रमुख फिनिशरों में शामिल हैं और उनकी गैरमौजूदगी ने अंतिम ओवरों में बल्लेबाजी विकल्पों को प्रभावित किया।

बटलर के बाहर जाने के बाद विल जैक्स ने पारी को आगे बढ़ाने की कोशिश की। उन्होंने 52 रन बनाए और इंग्लैंड को जीत की उम्मीद में बनाए रखा। लेकिन श्रीलंका के गेंदबाजों ने डेथ ओवरों में शानदार वापसी की। लगातार सटीक यॉर्कर और धीमी गेंदों के इस्तेमाल से श्रीलंका ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को बड़े शॉट लगाने से रोका।

बटलर आखिर में 48वें ओवर के आसपास दोबारा बल्लेबाजी करने मैदान पर आए। लेकिन वह पूरी तरह फिट नहीं थे। वह सामान्य तरीके से रन नहीं दौड़ पा रहे थे। इंग्लैंड को जब तेजी से रन चाहिए थे, तब बटलर की शारीरिक परेशानी साफ दिखाई दे रही थी। इसके बावजूद उन्होंने टीम के लिए अंत तक कोशिश की।

जैसे-जैसे मुकाबला अंतिम ओवरों में पहुंचा, इंग्लैंड के लिए जरूरी रन तेजी से बढ़ते गए। श्रीलंका के गेंदबाजों ने दबाव बनाए रखा और फील्डिंग में भी अच्छा प्रदर्शन किया। आखिरी ओवर में बटलर बड़ा शॉट लगाने की कोशिश में आउट हो गए और इसके साथ इंग्लैंड की जीत की उम्मीद समाप्त हो गई।

इंग्लैंड की पारी 50 ओवर में 9 विकेट पर 305 रन पर समाप्त हुई। श्रीलंका ने मुकाबला 16 रन से अपने नाम किया। यह जीत श्रीलंका के लिए खास रही क्योंकि टीम इससे पहले T20 सीरीज में 0-3 से हार चुकी थी और पहले ODI में भी इंग्लैंड से हार गई थी। दूसरे ODI में वापसी करके श्रीलंका ने तीन मैचों की सीरीज को निर्णायक मुकाबले तक पहुंचा दिया।

इस मैच में दोनों टीमों की बल्लेबाजी ने दर्शकों को रोमांचक मुकाबला दिया। श्रीलंका ने 321 रन बनाए और इंग्लैंड ने भी 305 रन तक पहुंचकर मुकाबले को अंतिम चरण तक जीवित रखा। दोनों टीमों के बीच केवल 16 रन का अंतर रहा, जिससे पता चलता है कि मुकाबला कितना करीबी था।

श्रीलंका के लिए जीत का सबसे बड़ा आधार उसकी गेंदबाजी का अंतिम चरण रहा। शुरुआत में इंग्लैंड के ओपनर्स ने तेजी से रन बनाए, लेकिन बाद में स्पिन और तेज गेंदबाजी के संयोजन ने इंग्लैंड को रोक दिया। खासकर वेल्लालागे के तीन विकेट निर्णायक रहे।

इंग्लैंड के लिए इस मैच में सकारात्मक पहलू उसकी शुरुआती बल्लेबाजी रही। डकेट और बैंटन की 143 रन की साझेदारी ने लक्ष्य का पीछा करने के लिए मजबूत आधार तैयार किया। बटलर ने भी चोट लगने से पहले तेज बल्लेबाजी की। लेकिन मैच के दूसरे हिस्से में लगातार विकेट गिरने और बटलर की चोट ने इंग्लैंड के लक्ष्य तक पहुंचने की कोशिश को मुश्किल बना दिया।

अब इस वनडे सीरीज का फैसला तीसरे और अंतिम मुकाबले में होगा। तीसरा ODI 27 सितंबर 2026 को द ओवल में खेला जाएगा। सीरीज फिलहाल 1-1 से बराबर है, इसलिए दोनों टीमों के लिए यह मुकाबला निर्णायक होगा।

सबसे बड़ा सवाल जोस बटलर की फिटनेस को लेकर रहेगा। उनकी हैमस्ट्रिंग समस्या के बाद टीम की ओर से उनकी स्थिति पर आगे अपडेट आना बाकी है। Sky Sports और अन्य रिपोर्टों के अनुसार बटलर को मैच के दौरान चोट के कारण रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा और वह बाद में वापस लौटे, लेकिन पूरी तरह फिट नहीं थे।

इंग्लैंड के लिए तीसरे वनडे से पहले बटलर की उपलब्धता महत्वपूर्ण हो सकती है, लेकिन अंतिम फैसला मेडिकल आकलन और टीम प्रबंधन के निर्णय पर निर्भर करेगा। दूसरी तरफ श्रीलंका के कप्तान कुसल मेंडिस का आत्मविश्वास इस जीत के बाद बढ़ा होगा। उनकी 121 रन की पारी ने न केवल टीम को बड़ा स्कोर दिया बल्कि सीरीज को भी जीवित रखा।

इस जीत से श्रीलंका ने यह भी दिखाया कि T20 सीरीज में 3-0 की हार के बाद टीम ने वनडे फॉर्मेट में बेहतर प्रतिक्रिया दी है। पहला वनडे गंवाने के बाद दूसरे मैच में वापसी करना श्रीलंका के लिए महत्वपूर्ण रहा। अब उसके पास सीरीज जीतने का मौका है।

कुसल मेंडिस की बल्लेबाजी इस मैच की सबसे बड़ी व्यक्तिगत उपलब्धि रही। उन्होंने इंग्लैंड की परिस्थितियों में धैर्य और आक्रामकता का अच्छा मिश्रण दिखाया। 14 चौकों और तीन छक्कों वाली उनकी 121 रन की पारी ने श्रीलंका के स्कोर को 300 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

दूसरी ओर दुनिथ वेल्लालागे ने गेंद से वह काम किया जिसकी श्रीलंका को सबसे ज्यादा जरूरत थी। इंग्लैंड के ओपनर्स के बीच 143 रन की साझेदारी के बाद उन्होंने लगातार तीन महत्वपूर्ण विकेट लिए। उनका 3/49 का आंकड़ा मैच के निर्णायक गेंदबाजी प्रदर्शन में शामिल रहा।

मैच के अंतिम चरण में श्रीलंका की डेथ बॉलिंग भी चर्चा में रही। इंग्लैंड को आखिरी ओवरों में तेजी से रन बनाने थे, लेकिन श्रीलंकाई गेंदबाजों ने सीमित मौके दिए। इसी वजह से इंग्लैंड की टीम 305/9 तक ही पहुंच सकी।

यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए अलग-अलग संदेश लेकर आया। इंग्लैंड के लिए 143 रन की शुरुआती साझेदारी और बटलर की बल्लेबाजी सकारात्मक रही, जबकि श्रीलंका के लिए मेंडिस का शतक, वेल्लालागे की गेंदबाजी और अंतिम ओवरों की गेंदबाजी सबसे बड़ी उपलब्धि रही।

अब सीरीज का फैसला द ओवल में होगा। 1-1 की बराबरी के बाद तीसरा मैच दोनों टीमों के लिए महत्वपूर्ण है। इंग्लैंड घरेलू परिस्थितियों में सीरीज जीतने की कोशिश करेगा, जबकि श्रीलंका दूसरे ODI की लय को आगे बढ़ाकर पूरी सीरीज अपने नाम करना चाहेगा।

कुल मिलाकर हेडिंग्ले का दूसरा वनडे एक ऐसा मुकाबला रहा जिसमें श्रीलंका ने दबाव में वापसी की। 321 रन का बड़ा स्कोर बनाने के बाद टीम ने शुरुआती झटकों के बावजूद इंग्लैंड को जीत से दूर रखा। कुसल मेंडिस की 121 रन की पारी ने मजबूत आधार दिया और दुनिथ वेल्लालागे के तीन विकेट ने इंग्लैंड की पारी के बीच में बड़ा बदलाव किया। जोस बटलर की चोट ने इंग्लैंड के लक्ष्य का पीछा करने की गति को भी प्रभावित किया।

अंत में स्कोरकार्ड पर नजर डालें तो श्रीलंका ने 50 ओवर में 6 विकेट पर 321 रन बनाए, जबकि इंग्लैंड 50 ओवर में 9 विकेट पर 305 रन तक पहुंच सका। श्रीलंका ने 16 रन से जीत दर्ज की और तीन मैचों की ODI सीरीज 1-1 से बराबर कर दी। अब दोनों टीमों के बीच निर्णायक तीसरा वनडे 27 सितंबर को द ओवल में खेला जाएगा।

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