भारतीय क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स 2026 में पुरुष क्रिकेट का गोल्ड मेडल लगातार दूसरी बार जीत लिया है। श्रीयरस अय्यर की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया। निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 211 रन बनाए। जवाब में पाकिस्तान की टीम 20 ओवर में 6 विकेट पर 192 रन ही बना सकी।
भारत की जीत की नींव अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा की शानदार पारियों ने रखी। अभिषेक ने केवल 28 गेंदों पर 61 रन बनाए, जबकि तिलक वर्मा ने 22 गेंदों में नाबाद 51 रन की तूफानी पारी खेली। शिवम दुबे ने भी 15 गेंदों में 27 रन बनाकर भारत को 200 के पार पहुंचाने में अहम योगदान दिया।
पाकिस्तान की ओर से हसन नवाज ने 96 रन की शानदार पारी खेलकर मैच को आखिरी ओवरों तक रोमांचक बनाए रखा, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने दबाव में संयम बरकरार रखा और पाकिस्तान को लक्ष्य तक नहीं पहुंचने दिया। इस जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स में पुरुष क्रिकेट का अपना पिछला गोल्ड भी बरकरार रखा।
भारत ने लगातार दूसरी बार जीता गोल्ड
भारत ने इससे पहले 2023 में हांगझोउ एशियन गेम्स में पुरुष क्रिकेट का गोल्ड मेडल जीता था। 2026 में जापान में आयोजित एशियन गेम्स में भी भारतीय टीम ने स्वर्ण पदक हासिल करके अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया।
ICC के मुताबिक, भारत ने एशियन गेम्स पुरुष क्रिकेट में लगातार दूसरी बार गोल्ड जीता है। फाइनल में पाकिस्तान को हराने के साथ भारत ने टूर्नामेंट में अपनी शानदार अभियान को खिताबी जीत के साथ समाप्त किया।
इस जीत का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि फाइनल में भारत के सामने पाकिस्तान की टीम थी। दोनों देशों के बीच क्रिकेट मुकाबले में दबाव और दर्शकों की दिलचस्पी आम मुकाबलों की तुलना में अधिक रहती है।
टॉस जीतकर श्रेयस अय्यर ने पहले बल्लेबाजी चुनी
फाइनल में भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारतीय टीम की रणनीति साफ थी कि बोर्ड पर बड़ा स्कोर खड़ा किया जाए और फिर गेंदबाजों के दम पर पाकिस्तान पर दबाव बनाया जाए।
भारत की शुरुआत अच्छी रही। अभिषेक शर्मा ने शुरुआत से ही पाकिस्तान के गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता के साथ-साथ शॉट चयन भी प्रभावी रहा।
अभिषेक की पारी ने भारत को पावरप्ले के दौरान तेज शुरुआत दी और टीम को बड़े स्कोर की दिशा में आगे बढ़ाया।
अभिषेक शर्मा ने 28 गेंदों में जड़ा अर्धशतक
भारत की पारी में सबसे बड़ा आकर्षण अभिषेक शर्मा का 61 रन रहा। उन्होंने केवल 28 गेंदों का सामना किया और अपनी पारी में तीन चौके तथा सात छक्के लगाए।
अभिषेक ने पाकिस्तान के गेंदबाजों के खिलाफ लगातार बड़े शॉट लगाए। उनकी तेज पारी की वजह से भारत शुरुआत से ही मजबूत स्थिति में पहुंच गया।
उनकी बल्लेबाजी ने पाकिस्तान के गेंदबाजों को रक्षात्मक रणनीति अपनाने के लिए मजबूर किया। भारतीय पारी में जब भी रन गति थोड़ी धीमी पड़ती दिखाई दी, अभिषेक ने बड़े शॉट लगाकर स्कोरिंग रेट बढ़ा दिया।
उनका अर्धशतक फाइनल की सबसे महत्वपूर्ण पारियों में से एक रहा।
तिलक वर्मा ने अंत में मचाई तबाही
अभिषेक शर्मा की आक्रामक शुरुआत के बाद तिलक वर्मा ने पारी के अंतिम हिस्से में भारत की रन गति को और तेज कर दिया।
तिलक ने केवल 22 गेंदों में नाबाद 51 रन बनाए। उनकी पारी ने भारत को 20 ओवर में 211 रन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
तिलक ने परिस्थिति के हिसाब से शुरुआत में बल्लेबाजी को संभाला और बाद में तेजी से रन बनाए। अंतिम ओवरों में उनके बड़े शॉट्स ने भारत के स्कोर को 200 के पार पहुंचाने में मदद की।
उनकी नाबाद पारी इस वजह से भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि भारत को अंतिम ओवरों में ज्यादा से ज्यादा रन चाहिए थे और तिलक ने दबाव में रन बनाने की जिम्मेदारी संभाली।
शिवम दुबे की उपयोगी पारी
भारत के लिए शिवम दुबे ने भी अहम योगदान दिया। उन्होंने 15 गेंदों पर 27 रन बनाए।
दुबे और तिलक के बीच अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाने वाली साझेदारी ने भारत को बड़ा स्कोर खड़ा करने में मदद की।
भारत ने आखिरी तीन ओवरों में 46 रन बनाए, जिससे टीम का स्कोर तेजी से ऊपर गया। इस तेज फिनिश ने पाकिस्तान के सामने 212 रन का लक्ष्य रखा।
भारत ने बनाया 211 रन का बड़ा स्कोर
भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट पर 211 रन बनाए।
स्कोरकार्ड की बड़ी पारियां इस तरह रहीं:
| बल्लेबाज | रन | गेंद |
|---|---|---|
| अभिषेक शर्मा | 61 | 28 |
| तिलक वर्मा* | 51 | 22 |
| शिवम दुबे | 27 | 15 |
| भारत | 211/6 | 20 ओवर |
भारत की पारी देखकर पाकिस्तान के सामने शुरुआत से ही दबाव था। 212 रन का लक्ष्य हासिल करने के लिए पाकिस्तान को लगभग हर ओवर में अच्छी रन गति बनाए रखनी थी।
लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत में ही पाकिस्तान को झटके देकर मैच को भारत के पक्ष में रखने की कोशिश की।
पाकिस्तान की शुरुआत खराब रही
212 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत अच्छी नहीं रही। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में विकेट निकालकर पाकिस्तान पर दबाव बना दिया।
एक समय पाकिस्तान का स्कोर 39 रन पर 3 विकेट था। ऐसी स्थिति में पाकिस्तान के लिए लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल दिखाई देने लगा था।
लेकिन इसके बाद हसन नवाज ने पारी को संभाला और तेजी से रन बनाकर मुकाबले में पाकिस्तान की वापसी कराई।
हसन नवाज ने 96 रन बनाकर मचाया रोमांच
पाकिस्तान के बल्लेबाज हसन नवाज ने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी की।
उन्होंने 96 रन की पारी खेली और पाकिस्तान को मैच में बनाए रखा।
नवाज ने लगातार बाउंड्री लगाकर रन रेट को बनाए रखा। एक समय ऐसा लगने लगा था कि पाकिस्तान भारत के 211 रन के स्कोर को चुनौती दे सकता है।
उनकी पारी के कारण मुकाबला एकतरफा नहीं रहा और भारतीय टीम पर भी दबाव बना।
लेकिन पाकिस्तान को दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला और भारतीय गेंदबाज महत्वपूर्ण समय पर विकेट निकालते रहे।
अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने संभाला मोर्चा
भारतीय गेंदबाजी में स्पिनरों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने पाकिस्तान के बल्लेबाजों पर दबाव बनाया।
दोनों ने महत्वपूर्ण विकेट लेकर पाकिस्तान की रन गति को नियंत्रित करने में योगदान दिया। शिवम दुबे ने भी गेंदबाजी में दो विकेट हासिल किए।
भारत की गेंदबाजी इकाई ने लगातार विकेट लेने के साथ-साथ रन रोकने पर भी ध्यान दिया।
फाइनल जैसे दबाव वाले मुकाबले में यह संयोजन भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ।
आखिरी ओवर में पाकिस्तान को 33 रन चाहिए थे
मुकाबले का रोमांच आखिरी ओवरों में चरम पर पहुंच गया।
भारतीय गेंदबाजों ने पाकिस्तान की रन गति को इस तरह नियंत्रित किया कि अंतिम ओवर शुरू होने से पहले पाकिस्तान को 33 रन की जरूरत थी।
इतने बड़े लक्ष्य को हासिल करना बेहद मुश्किल था।
पाकिस्तान के पास हसन नवाज के रूप में सेट बल्लेबाज मौजूद था, लेकिन अंतिम ओवर में 33 रन बनाना संभव नहीं हो सका।
भारत ने दबाव बनाए रखा और आखिरकार पाकिस्तान की पारी निर्धारित 20 ओवर में 192/6 पर रोक दी।
भारत ने 19 रन से जीता फाइनल
पाकिस्तान 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 192 रन ही बना सका और भारत ने 19 रन से फाइनल जीत लिया।
इस जीत के साथ भारतीय टीम ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार क्रिकेट का गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
भारत की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों ने मिलकर टीम को खिताब तक पहुंचाया।
तिलक की पारी बनी फाइनल की खास कहानी
फाइनल में तिलक वर्मा की बल्लेबाजी खास चर्चा में रही। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में शुरुआत में संयम दिखाया और फिर अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाए।
उन्होंने 22 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाकर भारतीय पारी को शानदार अंत दिया।
उनकी बल्लेबाजी की खासियत यह रही कि उन्होंने परिस्थितियों को समझने के बाद आक्रमण बढ़ाया।
इससे भारत को आखिरी ओवरों में बड़ा स्कोर बनाने में मदद मिली।
अभिषेक ने दी शानदार शुरुआत
जहां तिलक ने पारी का अंत मजबूत किया, वहीं अभिषेक शर्मा ने शुरुआत को विस्फोटक बनाया।
28 गेंदों में 61 रन की उनकी पारी में सात छक्के शामिल रहे।
भारत के लिए यह तेज शुरुआत इसलिए महत्वपूर्ण थी क्योंकि फाइनल में पाकिस्तान के पास अच्छे गेंदबाज मौजूद थे। अभिषेक ने शुरुआत में ही गेंदबाजों पर दबाव डालकर भारत को रन बनाने की आजादी दी।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत का गोल्ड
भारतीय टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में थी। उनकी कप्तानी में भारत ने पाकिस्तान को फाइनल में हराकर गोल्ड मेडल जीता।
ICC की रिपोर्ट के अनुसार अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और टीम ने 211/6 का स्कोर बनाया।
फाइनल जैसे मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करने का फैसला महत्वपूर्ण था। भारत ने बड़ा स्कोर बनाकर पाकिस्तान को दबाव में रखा।
भारतीय गेंदबाजों ने दबाव में नहीं खोया धैर्य
पाकिस्तान की पारी के बीच हसन नवाज ने जिस तरह से रन बनाए, उससे भारत के लिए मैच पूरी तरह आसान नहीं था।
लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने घबराने के बजाय योजनाबद्ध तरीके से गेंदबाजी जारी रखी।
अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। पाकिस्तान के विकेट गिरने के साथ-साथ उसका रन रेट भी दबाव में आता गया।
आखिरी ओवर तक भारत ने मैच पर पकड़ बनाए रखी।
भारत के लिए क्रिकेट में डबल गोल्ड
भारत ने एशियन गेम्स 2026 में पुरुष और महिला क्रिकेट दोनों में गोल्ड मेडल हासिल किया।
महिला टीम ने पहले श्रीलंका को हराकर गोल्ड जीता था। पुरुष टीम ने फाइनल में पाकिस्तान को हराकर दूसरा क्रिकेट गोल्ड भारत की झोली में डाल दिया।
इस तरह भारत ने क्रिकेट प्रतियोगिता में डबल गोल्ड हासिल किया।
महिला टीम की जीत के बाद पुरुष टीम की पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल जीत ने भारतीय क्रिकेट के लिए इस एशियन गेम्स को खास बना दिया।
भारत-पाकिस्तान मुकाबला फिर रहा हाई-वोल्टेज
भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला होने की वजह से फाइनल पर दुनियाभर के क्रिकेट प्रशंसकों की नजर थी।
मैच में भारतीय बल्लेबाजों ने तेज शुरुआत की, पाकिस्तान ने लक्ष्य का पीछा करते हुए वापसी की कोशिश की और अंतिम ओवरों तक मुकाबले में रोमांच बना रहा।
आखिरकार भारत ने 19 रन से जीत हासिल की।
AP की रिपोर्ट के अनुसार इस मुकाबले में मैच के बाद दोनों टीमों के बीच हाथ मिलाने की सामान्य परंपरा भी नहीं दिखी।
भारत ने बनाया 2026 एशियन गेम्स का यादगार अंत
क्रिकेट का फाइनल भारत के लिए एशियन गेम्स अभियान का एक महत्वपूर्ण मुकाबला था।
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 211 रन बनाए और फिर पाकिस्तान को 192 रन तक रोककर गोल्ड मेडल हासिल किया।
अभिषेक शर्मा की 61 रन की पारी, तिलक वर्मा की नाबाद 51 रन की पारी और गेंदबाजों के दबाव वाले प्रदर्शन ने टीम को खिताब दिलाया।
फाइनल में भारत की जीत के बड़े कारण
अगर पूरे मुकाबले को देखा जाए तो भारत की जीत में कई पहलू महत्वपूर्ण रहे।
पहला, अभिषेक शर्मा ने तेज शुरुआत दी।
दूसरा, तिलक वर्मा ने अंतिम ओवरों में शानदार बल्लेबाजी करके स्कोर को 211 तक पहुंचाया।
तीसरा, शिवम दुबे ने बल्ले और गेंद दोनों से योगदान दिया।
चौथा, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने पाकिस्तान की रन गति पर नियंत्रण रखा।
पांचवां, भारतीय टीम ने हसन नवाज की शानदार पारी के बावजूद अंतिम ओवरों में दबाव बनाए रखा।
इन सभी पहलुओं ने मिलकर भारत को 19 रन की जीत दिलाई।
भारत का अगला लक्ष्य क्या होगा?
एशियन गेम्स का गोल्ड जीतने के बाद भारतीय खिलाड़ियों का ध्यान अब अपने-अपने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट कार्यक्रम पर होगा।
इस टीम के कई खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट के भविष्य के महत्वपूर्ण नाम हैं। एशियन गेम्स जैसे बड़े मंच पर दबाव में प्रदर्शन करने का अनुभव उनके करियर के लिए उपयोगी हो सकता है।
अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा की फाइनल में पारियां विशेष रूप से चर्चा में रहेंगी।
भारत ने एशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराकर लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीत लिया। निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए फाइनल में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 211 रन बनाए। जवाब में पाकिस्तान 20 ओवर में 6 विकेट पर 192 रन ही बना सका।
भारत की जीत के हीरो अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा रहे। अभिषेक ने 28 गेंदों पर 61 रन बनाए, जबकि तिलक ने 22 गेंदों पर नाबाद 51 रन की पारी खेली। शिवम दुबे ने भी 27 रन बनाकर महत्वपूर्ण योगदान दिया।
पाकिस्तान की तरफ से हसन नवाज ने 96 रन बनाकर मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने आखिरी चरण में शानदार प्रदर्शन किया। अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे ने दो-दो विकेट लेकर पाकिस्तान की चुनौती को रोकने में योगदान दिया।


