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Vidyut Jammwal Rapid Fire: पहाड़-समंदर छोड़िए, मार्स चलें?

Vidyut Jammwal News: बॉलीवुड के एक्शन स्टार विद्युत जामवाल इन दिनों अपनी आने वाली हॉलीवुड फिल्म ‘स्ट्रीट फाइटर’ को लेकर चर्चा में हैं। मार्शल आर्ट्स, दमदार स्टंट और फिटनेस के लिए पहचाने जाने वाले विद्युत इस बार अपने एक्शन से नहीं, बल्कि मजेदार जवाबों की वजह से सुर्खियों में हैं। हाल ही में हुए एक रैपिड-फायर इंटरव्यू में उनसे कई दिलचस्प सवाल पूछे गए। इनमें बॉलीवुड या हॉलीवुड चुनने से लेकर एक्शन और कॉमेडी तक के सवाल शामिल थे। लेकिन सबसे ज्यादा ध्यान उनके उस जवाब ने खींचा, जिसमें उन्होंने पहाड़ या समंदर के बजाय ‘गड्ढे’ और मंगल ग्रह पर जाने की बात कही।

विद्युत के जवाबों में उनका अलग अंदाज दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि पहाड़ और समंदर तो देख लिए, अब जमीन के अंदर जाने या मार्स पर जाने का विकल्प भी हो सकता है। बकेट लिस्ट से जुड़े सवाल पर भी उनका जवाब सामान्य सितारों से अलग था। उनका मानना है कि अगर कोई अपनी इच्छाओं और लक्ष्यों की सूची बना लेता है, तो वह खुद को सीमित कर सकता है। बिना तय सूची के जिंदगी में नए अनुभवों और संभावनाओं के लिए जगह बनी रहती है।

विद्युत जामवाल का रैपिड-फायर इंटरव्यू क्यों चर्चा में है?

विद्युत जामवाल की पहचान मुख्य रूप से एक्शन फिल्मों से जुड़ी है। दर्शक उन्हें खतरनाक स्टंट, मार्शल आर्ट्स और शारीरिक क्षमता दिखाने वाले किरदारों में देखते आए हैं। लेकिन इस इंटरव्यू में उनका हल्का-फुल्का और हास्य से भरा अंदाज सामने आया। उन्होंने सवालों के जवाब सीधे और पारंपरिक तरीके से देने के बजाय कई बार ऐसा मोड़ दिया कि बातचीत दिलचस्प बन गई।

रैपिड-फायर इंटरव्यू का फॉर्मेट ही कुछ ऐसा होता है, जिसमें कम समय में कई सवाल पूछे जाते हैं। इसमें कलाकार को जल्दी जवाब देना होता है और अक्सर उनके व्यक्तित्व का वह हिस्सा भी सामने आता है, जो फिल्मों के प्रचार या गंभीर बातचीत में कम दिखाई देता है। विद्युत के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उनके जवाबों में मजाक, आत्मविश्वास और अपनी पसंद को लेकर स्पष्टता नजर आई।

इंटरव्यू में उनसे पूछा गया कि वह एक्शन और कॉमेडी में से क्या चुनेंगे। इस पर उन्होंने दोनों में से किसी एक को चुनने के बजाय ड्रामा यानी रोना-धोना वाला विकल्प सामने रख दिया। उनका यह जवाब इसलिए भी दिलचस्प था, क्योंकि दर्शक उन्हें अक्सर एक्शन हीरो के रूप में देखते हैं। ऐसे में एक्शन और कॉमेडी के सवाल पर ड्रामा कहना बातचीत को एक अलग दिशा देता है।

हालांकि, इस तरह के जवाबों को उनके करियर के बारे में किसी बड़े ऐलान के तौर पर नहीं देखना चाहिए। यह एक हल्के-फुल्के इंटरव्यू का हिस्सा था, जिसमें सवालों के मजेदार जवाब दिए गए।

‘पहाड़ या समंदर?’ पर विद्युत ने कहा- गड्ढा!

इंटरव्यू का सबसे चर्चित हिस्सा वह रहा, जब विद्युत से पूछा गया कि उन्हें पहाड़ पसंद हैं या समंदर। आमतौर पर इस सवाल पर लोग अपनी पसंद के हिसाब से पहाड़ों की शांति, समुद्र के किनारे या छुट्टियों का जिक्र करते हैं। लेकिन विद्युत ने जवाब दिया कि अब गड्ढे में चलें। इसके बाद उन्होंने जमीन के अंदर जाने या मंगल ग्रह पर जाने की संभावना भी मजाकिया अंदाज में रखी।

उनका यह जवाब सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन इसकी खासियत ही यही थी कि उन्होंने सामान्य विकल्पों से अलग जवाब चुना। पहाड़ और समंदर घूमने के लोकप्रिय विकल्प हैं, लेकिन विद्युत ने कहा कि ये सब तो देख लिया। अब कुछ नया किया जाए।

मार्स यानी मंगल ग्रह का जिक्र भी इसी मजाकिया संदर्भ में आया। मंगल ग्रह पर इंसानों का जाना अभी आम पर्यटन जैसा विकल्प नहीं है। इसलिए उनके जवाब को किसी वास्तविक यात्रा योजना की तरह नहीं, बल्कि सवाल को मजेदार तरीके से पलटने के रूप में समझना चाहिए।

सोशल मीडिया पर कलाकारों के ऐसे जवाब अक्सर लोगों का ध्यान खींचते हैं, क्योंकि उनमें एक यादगार पंचलाइन होती है। विद्युत का ‘गड्ढा या मार्स’ वाला जवाब भी इसी वजह से सुर्खियों में आया। यह उनके सहज और अप्रत्याशित हास्य का उदाहरण है।

बकेट लिस्ट पर विद्युत की अलग सोच

इंटरव्यू में विद्युत से पूछा गया कि उनकी बकेट लिस्ट में ऐसा कौन-सा निर्देशक है, जिसके साथ वह काम करना चाहते हैं। बकेट लिस्ट का अर्थ उन चीजों, अनुभवों या लक्ष्यों की सूची से है, जिन्हें कोई व्यक्ति अपने जीवन में पूरा करना चाहता है। कई कलाकार ऐसी सूची में पसंदीदा निर्देशक, खास फिल्म, अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट या किसी खास भूमिका को शामिल करते हैं।

विद्युत ने कहा कि उनकी कोई बकेट लिस्ट नहीं है। उनके अनुसार, जब कोई व्यक्ति सूची बना लेता है, तो उसका दायरा सीमित हो सकता है। इसके उलट, यदि कोई सूची नहीं बनाता, तो जिंदगी में अलग-अलग अवसरों और अनुभवों के लिए खुला रह सकता है। उनका जवाब यह संकेत देता है कि वह अपने भविष्य को पहले से कुछ चुनिंदा लक्ष्यों तक सीमित करके नहीं देखना चाहते।

इस विचार को दो तरह से समझा जा सकता है। पहली बात, जीवन में लक्ष्य तय करना उपयोगी हो सकता है, क्योंकि इससे व्यक्ति को दिशा मिलती है। दूसरी बात, हर चीज को पहले से तय कर लेने पर अनपेक्षित अवसरों के लिए जगह कम हो सकती है। विद्युत का जवाब दूसरे पहलू पर जोर देता है।

हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि लक्ष्य बनाना गलत है। हर व्यक्ति की सोच, परिस्थितियां और प्राथमिकताएं अलग होती हैं। कुछ लोग स्पष्ट योजना बनाकर आगे बढ़ना पसंद करते हैं, जबकि कुछ लोग नए अवसरों के साथ अपनी दिशा तय करते हैं। विद्युत ने अपने जवाब में दूसरी सोच को मजेदार और सहज तरीके से सामने रखा।

उनका यह बयान उनके प्रशंसकों के लिए इसलिए भी दिलचस्प है, क्योंकि फिल्मी दुनिया में कलाकारों से अक्सर पूछा जाता है कि वे आगे किस निर्देशक के साथ काम करना चाहते हैं या उनका अगला लक्ष्य क्या है। इस सवाल पर कोई नाम लेने के बजाय बकेट लिस्ट को ही नकार देना एक अलग तरह का जवाब था।

बॉलीवुड या हॉलीवुड? विद्युत ने दोनों को बताया अपना हिस्सा

रैपिड-फायर में विद्युत से बॉलीवुड और हॉलीवुड के बीच चुनाव करने के लिए भी कहा गया। उन्होंने इसे दाएं हाथ और बाएं हाथ में से एक चुनने जैसा बताया। उनके जवाब का भाव यह था कि दोनों ही उनके लिए महत्वपूर्ण हैं और दोनों का आनंद लिया जा सकता है।

विद्युत का यह जवाब ऐसे समय में आया है, जब वह हॉलीवुड फिल्म ‘स्ट्रीट फाइटर’ में धालसिम का किरदार निभाने की तैयारी और प्रचार से जुड़े इंटरव्यू दे रहे हैं। भारतीय फिल्मों में एक्शन भूमिकाओं से अपनी पहचान बनाने के बाद अंतरराष्ट्रीय फिल्म में काम करना उनके करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव है।

बॉलीवुड और हॉलीवुड को अक्सर बजट, तकनीक, काम करने के तरीके और वैश्विक पहुंच के आधार पर तुलना में रखा जाता है। लेकिन किसी कलाकार के लिए दोनों उद्योग अलग-अलग तरह के अवसर दे सकते हैं। भारतीय सिनेमा में स्थानीय कहानियों, भाषाओं और दर्शकों के साथ जुड़ाव का महत्व है, जबकि हॉलीवुड प्रोजेक्ट किसी कलाकार को व्यापक अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचने का अवसर दे सकता है।

विद्युत के जवाब से यह निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए कि दोनों फिल्म उद्योगों में कोई अंतर नहीं है। उनका कहना बस इतना था कि एक को चुनने के बजाय दोनों का अनुभव लिया जा सकता है। किसी कलाकार के लिए अलग-अलग उद्योगों में काम करना उसके अभिनय, भाषा, तकनीक और दर्शकों के साथ जुड़ने के अनुभव को भी व्यापक बना सकता है।

‘स्ट्रीट फाइटर’ में धालसिम बनेंगे विद्युत जामवाल

विद्युत जामवाल के मौजूदा चर्चा में रहने की एक बड़ी वजह उनकी अंतरराष्ट्रीय फिल्म ‘स्ट्रीट फाइटर’ है। यह लोकप्रिय वीडियो गेम फ्रेंचाइजी पर आधारित लाइव-एक्शन फिल्म है। विद्युत इसमें धालसिम का किरदार निभा रहे हैं, जो मूल गेम की दुनिया में योग और लड़ाई की कला से जुड़ा भारतीय योद्धा है।

धालसिम का किरदार अपनी शारीरिक लचक, योग जैसी क्षमताओं और विशेष लड़ाई शैली के लिए जाना जाता है। विद्युत की मार्शल आर्ट्स में रुचि और एक्शन फिल्मों का अनुभव इस भूमिका को लेकर दर्शकों की उत्सुकता बढ़ाते हैं। उनके प्रशंसक यह देखना चाहते हैं कि वह इस प्रसिद्ध किरदार को बड़े पर्दे पर किस तरह पेश करते हैं।

फिल्म में अंतरराष्ट्रीय कलाकार भी शामिल हैं। ऐसे प्रोजेक्ट में काम करना किसी भी अभिनेता के लिए नए तरह का अनुभव हो सकता है, क्योंकि इसमें अलग-अलग देशों के कलाकार, तकनीकी टीमें और फिल्म निर्माण की प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। विद्युत के लिए यह उनके भारतीय फिल्मी सफर से आगे बढ़कर वैश्विक दर्शकों के बीच अपनी पहचान बनाने का अवसर है।

हालांकि, किसी अंतरराष्ट्रीय फिल्म में भूमिका मिलने का मतलब अपने आप सफलता की गारंटी नहीं होता। फिल्म की कहानी, निर्देशन, अभिनय, दर्शकों की प्रतिक्रिया और रिलीज के बाद का प्रदर्शन जैसे कई पहलू उसकी सफलता तय करते हैं। फिलहाल विद्युत का इस फिल्म से जुड़ना उनके करियर की एक महत्वपूर्ण खबर है।

एक्शन हीरो की छवि से आगे भी है विद्युत का व्यक्तित्व

विद्युत जामवाल को लंबे समय से उनके एक्शन और मार्शल आर्ट्स कौशल के लिए पहचाना जाता है। उनकी फिल्मों में शारीरिक प्रशिक्षण, तेज मूवमेंट और स्टंट अक्सर अहम भूमिका निभाते हैं। लेकिन किसी कलाकार की सार्वजनिक छवि केवल उसकी फिल्मों तक सीमित नहीं होती। इंटरव्यू और बातचीत के दौरान उसका हास्य, सोच और निजी पसंद भी सामने आती है।

इस रैपिड-फायर में विद्युत ने ऐसे जवाब दिए, जिनसे उनकी गंभीर एक्शन हीरो वाली छवि के साथ एक हल्का-फुल्का पक्ष भी दिखाई दिया। उदाहरण के लिए, एक्शन और कॉमेडी के सवाल पर ड्रामा चुनना या पहाड़ और समंदर के बजाय गड्ढे की बात करना पारंपरिक जवाब नहीं थे।

मनोरंजन जगत में कलाकारों की ऐसी बातचीत दर्शकों को उनके व्यक्तित्व के अलग पहलुओं से परिचित कराती है। फिल्मों में किसी अभिनेता को एक खास तरह की भूमिका में देखकर दर्शक उसके बारे में एक धारणा बना लेते हैं। लेकिन वास्तविक जीवन में वही कलाकार मजाकिया, शांत, गंभीर या अलग रुचियों वाला हो सकता है।

विद्युत के मामले में भी उनके प्रशंसकों के लिए यह बातचीत केवल फिल्मी खबर नहीं, बल्कि उनके सहज अंदाज की झलक है। उनके जवाबों की लोकप्रियता का कारण यही है कि वे सवालों के अपेक्षित जवाब देने के बजाय बातचीत में अप्रत्याशित मोड़ ले आते हैं।

सबसे फनी को-स्टार के रूप में कोडी रोड्स का जिक्र

इंटरव्यू में विद्युत से उनके सबसे मजेदार सह-कलाकार के बारे में भी पूछा गया। उन्होंने कोडी रोड्स का नाम लिया और उन्हें बहुत मजेदार इंसान बताया। कोडी रोड्स पेशेवर रेसलिंग की दुनिया से जुड़े चर्चित नाम हैं और ‘स्ट्रीट फाइटर’ के कलाकारों में भी शामिल हैं।

किसी सह-कलाकार को मजेदार बताना यह दिखाता है कि फिल्म के प्रचार के दौरान कलाकारों के बीच बातचीत और आपसी तालमेल भी चर्चा का हिस्सा बनते हैं। फिल्मों की शूटिंग में कलाकार केवल कैमरे के सामने अभिनय नहीं करते, बल्कि कई बार लंबे समय तक एक ही टीम के साथ काम करते हैं। ऐसे में सहयोगियों का स्वभाव और माहौल भी उनके अनुभव को प्रभावित कर सकता है।

फिर भी, विद्युत के इस जवाब को कोडी रोड्स के व्यक्तित्व पर कोई व्यापक फैसला नहीं माना जाना चाहिए। यह उनके निजी अनुभव और इंटरव्यू के संदर्भ में दिया गया जवाब था। दर्शकों के लिए यह एक छोटा-सा दिलचस्प विवरण है, जो फिल्म के कलाकारों के बारे में उत्सुकता बढ़ाता है।

कलरीपायट्टु सिखाने पर क्या बोले विद्युत?

विद्युत जामवाल की पहचान भारतीय मार्शल आर्ट्स कलरीपायट्टु से भी जुड़ी है। यह पारंपरिक युद्ध-कला के रूप में जानी जाती है और इसमें शरीर का संतुलन, लचक, गति, अनुशासन तथा अभ्यास महत्वपूर्ण होते हैं। विद्युत ने इंटरव्यू में इस कला को सिखाने के सवाल पर कहा कि कुछ कलाएं जबरदस्ती नहीं सिखाई जा सकतीं। जब शिष्य तैयार होता है, तो गुरु खुद आ जाता है। उनका आशय था कि सीखने वाले की तैयारी और इच्छा भी उतनी ही जरूरी है।

यह बात केवल मार्शल आर्ट्स तक सीमित नहीं है। किसी भी कौशल को सीखने के लिए रुचि, धैर्य और नियमित अभ्यास की जरूरत होती है। शिक्षक मार्गदर्शन दे सकता है, लेकिन सीखने वाले की सक्रिय भागीदारी के बिना बेहतर परिणाम पाना मुश्किल है।

विद्युत की सार्वजनिक छवि में शारीरिक अनुशासन और प्रशिक्षण की अहम भूमिका है। इसलिए कलरीपायट्टु से जुड़े सवाल उनके इंटरव्यू का स्वाभाविक हिस्सा हैं। उनके प्रशंसक अक्सर जानना चाहते हैं कि वह किस तरह अभ्यास करते हैं और इस कला को फिल्मों में किस तरह इस्तेमाल करते हैं।

हालांकि, पारंपरिक युद्ध-कला सीखने के लिए योग्य प्रशिक्षक से मार्गदर्शन लेना जरूरी है। कठिन मूवमेंट, लचक और स्टंट को बिना तैयारी के करने की कोशिश चोट का कारण बन सकती है। फिल्मी कलाकारों का प्रशिक्षण सामान्य दर्शकों के लिए सीधे अपनाने योग्य नहीं होता।

अफवाहों और लोगों की बातों पर विद्युत का जवाब

इंटरव्यू में उनसे अपने बारे में सुनी सबसे अजीब अफवाह के बारे में भी पूछा गया। विद्युत ने जवाब दिया कि वह लोगों की बातें सुनते ही नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक वह अपने दिमाग की सुनते रहेंगे, दुनिया की बातों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उनके जवाब का भाव यह था कि अगर व्यक्ति हर समय दूसरों की राय पर ध्यान देगा, तो उसके लिए खुश रहना मुश्किल हो सकता है।

यह एक व्यक्तिगत विचार है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में रहने वाले कलाकारों के संदर्भ में यह सवाल खास महत्व रखता है। अभिनेताओं को अक्सर सोशल मीडिया, मीडिया रिपोर्टों और प्रशंसकों की प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ता है। हर बयान या काम पर लोगों की अलग-अलग राय हो सकती है।

ऐसी स्थिति में हर प्रतिक्रिया का जवाब देना या हर अफवाह पर सफाई देना किसी भी व्यक्ति के लिए थकाने वाला हो सकता है। विद्युत ने अपने अंदाज में बताया कि वह अपने विचारों और खुशी को महत्व देना पसंद करते हैं। हालांकि, इसे इस तरह नहीं समझना चाहिए कि किसी भी आलोचना को पूरी तरह अनदेखा कर देना हमेशा सही है। रचनात्मक प्रतिक्रिया और गलत सूचना में अंतर करना महत्वपूर्ण होता है।

उनका जवाब मुख्य रूप से इंटरव्यू के हल्के-फुल्के संदर्भ में था। फिर भी, यह दिखाता है कि उन्होंने सवाल को गंभीर बहस बनाने के बजाय अपने अंदाज में समाप्त किया।

विद्युत के जवाबों में हास्य और आत्मविश्वास

इस रैपिड-फायर की खासियत केवल एक जवाब नहीं है। पूरी बातचीत में विद्युत ने सवालों को अपने तरीके से लिया। जहां एक तरफ उनसे करियर और फिल्म उद्योग से जुड़े सवाल पूछे गए, वहीं दूसरी तरफ उनकी पसंद, सह-कलाकारों और निजी सोच को लेकर भी बातचीत हुई।

उनका जवाब देने का तरीका संक्षिप्त था, लेकिन कई जवाबों में हास्य मौजूद था। पहाड़ या समंदर के बजाय गड्ढे और मंगल ग्रह की बात करना इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। बकेट लिस्ट न बनाने की बात उनके विचारों को सामने लाती है, जबकि बॉलीवुड और हॉलीवुड को दो हाथों से तुलना करना उनके सहज अंदाज को दर्शाता है।

इंटरव्यू की ऐसी छोटी-छोटी बातें कई बार किसी बड़े प्रचार अभियान के बीच अलग पहचान बना लेती हैं। दर्शक केवल फिल्म की रिलीज तारीख या ट्रेलर ही नहीं देखना चाहते, बल्कि यह भी जानना चाहते हैं कि कलाकार बातचीत में कैसा व्यवहार करता है और उसके विचार क्या हैं।

विद्युत के जवाबों ने उनके एक्शन स्टार वाले व्यक्तित्व के साथ हास्य का पक्ष भी सामने रखा। यही वजह है कि यह इंटरव्यू मनोरंजन खबरों में जगह बना रहा है।

सोशल मीडिया पर क्यों पसंद आते हैं ऐसे इंटरव्यू?

आजकल कलाकारों के इंटरव्यू, छोटे वीडियो और रैपिड-फायर क्लिप डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तेजी से साझा किए जाते हैं। इसका एक कारण यह है कि छोटी बातचीत में कोई यादगार जवाब आसानी से दर्शकों का ध्यान खींच सकता है। लंबे इंटरव्यू में कही गई कई बातें लोगों तक नहीं पहुंच पातीं, लेकिन एक मजेदार लाइन अलग से वायरल हो सकती है।

विद्युत का गड्ढे और मार्स वाला जवाब भी इसी तरह याद रखा जा सकता है। यह सामान्य सवाल का अप्रत्याशित जवाब था, इसलिए लोगों के लिए इसे साझा करना और उस पर प्रतिक्रिया देना आसान है। साथ ही, उनकी आने वाली फिल्म को लेकर बनी चर्चा इस बातचीत में दर्शकों की रुचि को और बढ़ाती है।

हालांकि, सोशल मीडिया पर किसी क्लिप के लोकप्रिय होने का अर्थ यह नहीं है कि हर दर्शक की प्रतिक्रिया एक जैसी है या फिल्म की सफलता तय हो गई है। किसी कलाकार की लोकप्रियता और किसी फिल्म के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन का आकलन अलग-अलग आधार पर किया जाना चाहिए।

विद्युत जामवाल का करियर भारतीय एक्शन फिल्मों से शुरू होकर अब अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट तक पहुंच रहा है। ‘स्ट्रीट फाइटर’ में धालसिम की भूमिका उनके लिए एक नई चुनौती है। यह किरदार उनके मार्शल आर्ट्स अनुभव से जुड़ा जरूर है, लेकिन किसी लोकप्रिय गेम फ्रेंचाइजी के किरदार को पर्दे पर उतारने के लिए अभिनय, कहानी और फिल्म की अपनी शैली के साथ तालमेल बैठाना भी जरूरी होता है।

आने वाले समय में दर्शकों की दिलचस्पी इस बात पर रहेगी कि फिल्म में विद्युत का किरदार कैसा दिखता है और अंतरराष्ट्रीय दर्शक उनके काम पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं। उनके प्रशंसक यह भी देखना चाहेंगे कि भविष्य में वह एक्शन के अलावा अन्य तरह की भूमिकाओं में कितना प्रयोग करते हैं।

फिलहाल, इस इंटरव्यू की चर्चा का कारण उनकी फिल्म से जुड़ी खबरों के साथ-साथ उनका मजेदार जवाब देने का अंदाज भी है। उन्होंने दिखाया कि बातचीत में हमेशा गंभीर जवाब देना जरूरी नहीं होता। कभी-कभी सवाल को उलटकर दिया गया एक छोटा-सा जवाब ही लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला सकता है।

विद्युत जामवाल का यह रैपिड-फायर इंटरव्यू उनके प्रशंसकों के लिए मनोरंजन से भरा रहा। पहाड़ या समंदर के बजाय गड्ढे और मंगल ग्रह की बात करना, बकेट लिस्ट न बनाने की सोच और बॉलीवुड-हॉलीवुड को दोनों हाथों जैसा बताना उनके जवाबों को खास बनाता है। वहीं, ‘स्ट्रीट फाइटर’ में धालसिम की भूमिका उनके करियर को लेकर उत्सुकता बढ़ा रही है।

विद्युत की इस बातचीत से साफ है कि वह अपने एक्शन स्टार वाले अंदाज के साथ हास्य और सहजता भी दिखाना पसंद करते हैं। अब दर्शकों की नजर उनकी आने वाली फिल्म पर है, जिसमें वह एक प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय किरदार निभाते दिखाई देंगे।

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