आज के समय में म्यूचुअल फंड निवेश को सुरक्षित और समझदारी भरा विकल्प माना जाता है, लेकिन जब एक निवेशक अपने पोर्टफोलियो में 7-8 फंड जोड़ लेता है, तो वही निवेश धीरे-धीरे जोखिम भरा भी बन सकता है। हाल ही में सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार, कई निवेशकों का पोर्टफोलियो लाल यानी घाटे में जा रहा है, जिसका एक बड़ा कारण ज्यादा फंड्स में बिखरा हुआ निवेश है।
विशेषज्ञों का कहना है कि निवेश में विविधता (Diversification) जरूरी होती है, लेकिन जरूरत से ज्यादा विविधता नुकसान का कारण बन सकती है। जब निवेशक 8 या उससे ज्यादा म्यूचुअल फंड्स में पैसा लगाता है, तो उसका निवेश कई छोटे हिस्सों में बंट जाता है, जिससे किसी एक अच्छे फंड का फायदा पूरी तरह नहीं मिल पाता।
उदाहरण के तौर पर, अगर कोई निवेशक हर महीने 5,000 रुपये SIP के जरिए 8 अलग-अलग फंड्स में निवेश करता है, तो हर फंड में केवल 625 रुपये ही जाते हैं। इससे पोर्टफोलियो का प्रभाव कमजोर हो जाता है और रिटर्न भी औसत स्तर पर ही रहता है।
बाजार के उतार-चढ़ाव का भी इस पर सीधा असर पड़ता है। जब बाजार गिरता है, तो ज्यादा फंड्स में निवेश होने के कारण नुकसान का असर ज्यादा दिखाई देता है। यही वजह है कि निवेशक को लगता है कि उसका पूरा पोर्टफोलियो लाल हो गया है।
एक और बड़ी समस्या है ओवर-डाइवर्सिफिकेशन। यानी जरूरत से ज्यादा फंड्स में निवेश करना। इससे निवेशक का ध्यान बंट जाता है और वह अपने निवेश को सही तरीके से ट्रैक नहीं कर पाता।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशक को 3 से 4 अच्छे फंड्स में ही निवेश करना चाहिए। इससे पोर्टफोलियो संतुलित रहता है और बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
अब सवाल यह उठता है कि क्या SIP बंद कर देनी चाहिए? इसका जवाब है—नहीं। बाजार गिरने के समय SIP जारी रखना सबसे सही रणनीति होती है, क्योंकि इससे निवेशक को कम कीमत पर यूनिट्स खरीदने का मौका मिलता है।
अगर कोई निवेशक बाजार गिरने पर SIP बंद कर देता है, तो वह लंबे समय में मिलने वाले फायदे से वंचित रह जाता है। इसलिए धैर्य रखना और नियमित निवेश जारी रखना बेहद जरूरी है।
इसके अलावा, निवेशकों को अपने लक्ष्य के अनुसार निवेश करना चाहिए। अगर निवेश का लक्ष्य लंबी अवधि का है, तो बाजार के उतार-चढ़ाव से घबराने की जरूरत नहीं है।
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि समय-समय पर पोर्टफोलियो की समीक्षा करनी चाहिए। अगर कोई फंड लगातार खराब प्रदर्शन कर रहा है, तो उसे बदलना बेहतर होता है।
निवेश करते समय यह भी ध्यान रखना चाहिए कि अलग-अलग कैटेगरी जैसे लार्ज कैप, मिड कैप और फ्लेक्सी कैप फंड्स में संतुलन बनाए रखें।
कुल मिलाकर, म्यूचुअल फंड में निवेश एक अच्छा विकल्प है, लेकिन सही रणनीति के बिना यह जोखिम भरा भी बन सकता है। इसलिए सोच-समझकर और योजना बनाकर निवेश करना जरूरी है।













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