अमेरिकी वित्तीय कारोबारी और दोषी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन (Jeffrey Epstein) की मौत के कई साल बाद एक बार फिर उनकी संपत्ति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हाल ही में सामने आए दस्तावेजों और कानूनी रिकॉर्ड्स के बाद यह सवाल उठ रहा है कि आखिर एपस्टीन की करोड़ों डॉलर की बची हुई संपत्ति किसे मिलेगी। इस पूरे मामले में सबसे अधिक चर्चा बेलारूस में जन्मी दंत चिकित्सक (डेंटिस्ट) डॉ. कैरिना शुलियाक (Karyna Shuliak) की हो रही है, जिन्हें एपस्टीन की संपत्ति की सबसे बड़ी संभावित लाभार्थी माना गया था। दस्तावेजों के अनुसार, एपस्टीन ने अपनी मौत से पहले आखिरी फोन कॉल भी उन्हें ही किया था।
हालांकि यह मामला केवल वसीयत का नहीं है। एपस्टीन के खिलाफ यौन शोषण और मानव तस्करी के गंभीर मामलों के कारण उनकी संपत्ति पर कई कानूनी दावे किए गए। इसी वजह से उनकी वसीयत में नाम होने के बावजूद यह स्पष्ट नहीं है कि किसी भी लाभार्थी को वास्तव में कितनी संपत्ति मिल पाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि पीड़ितों को मुआवजा देने और लंबी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम वितरण संभव हो सकता है।
जेफ्री एपस्टीन अमेरिका के सबसे विवादित वित्तीय कारोबारियों में गिने जाते थे। उन पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और सेक्स ट्रैफिकिंग जैसे गंभीर आरोप लगे थे। वर्ष 2019 में गिरफ्तारी के बाद न्यूयॉर्क की जेल में उनकी मौत हो गई थी। अमेरिकी अधिकारियों ने इसे आत्महत्या बताया था, हालांकि इस मामले को लेकर वर्षों तक कई तरह की सार्वजनिक चर्चाएं और जांच होती रहीं।
एपस्टीन की मौत के बाद उनकी संपत्ति और उससे जुड़े ट्रस्ट दस्तावेज भी जांच के दायरे में आए। बाद में सामने आए रिकॉर्ड्स से पता चला कि उन्होंने अपनी अंतिम वसीयत में कई लोगों के नाम शामिल किए थे। इनमें सबसे प्रमुख नाम डॉ. कैरिना शुलियाक का था, जिन्हें उनकी लंबे समय तक करीबी सहयोगी और साथी बताया गया है।
कैरिना शुलियाक मूल रूप से बेलारूस की रहने वाली हैं। वह पढ़ाई के लिए अमेरिका आई थीं और बाद में दंत चिकित्सा के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त किया। जांच से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार, एपस्टीन ने उनकी पढ़ाई, रहने की व्यवस्था और अन्य खर्चों में आर्थिक सहायता की थी। दोनों की मुलाकात वर्ष 2011 के आसपास हुई थी और इसके बाद कई वर्षों तक वे एक-दूसरे के संपर्क में रहे।
हाल के महीनों में अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी लाखों पन्नों के रिकॉर्ड्स ने इस संबंध पर फिर से चर्चा शुरू कर दी। दस्तावेजों में दोनों के बीच ईमेल, यात्रा, संपत्तियों के प्रबंधन और निजी संबंधों से जुड़ी कई जानकारियों का उल्लेख किया गया है। इन्हीं रिकॉर्ड्स में यह भी सामने आया कि एपस्टीन ने अपनी मौत से पहले जेल से अंतिम फोन कॉल कैरिना शुलियाक को किया था।
यही कारण है कि उनका नाम फिर से अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में आ गया है।
कानूनी दस्तावेजों के अनुसार, एपस्टीन ने अपने अंतिम ट्रस्ट में कैरिना शुलियाक को प्रमुख लाभार्थियों में शामिल किया था। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि उन्हें लगभग 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक की संपत्ति, एक महंगी हीरे की अंगूठी और कुछ अन्य परिसंपत्तियां देने का उल्लेख किया गया था। हालांकि यह वसीयत अपने आप में अंतिम भुगतान की गारंटी नहीं मानी जाती।
कानूनी विशेषज्ञ बताते हैं कि किसी व्यक्ति की वसीयत तभी पूरी तरह लागू होती है जब उसके खिलाफ सभी वैध दावे, कर देनदारियां और न्यायालय के आदेश पूरे हो जाएं।
एपस्टीन के मामले में स्थिति सामान्य नहीं थी।
उनके खिलाफ बड़ी संख्या में पीड़ितों ने मुआवजे की मांग की थी। इसके बाद उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा कानूनी प्रक्रिया और पीड़ितों के मुआवजे के लिए सुरक्षित रखा गया। इसी कारण वसीयत में जिन लोगों के नाम थे, उनके हिस्से में वास्तव में क्या आएगा, यह अब भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
रिपोर्टों के अनुसार, एपस्टीन की संपत्ति का मूल्य समय के साथ काफी बदल गया। शुरुआती अनुमान सैकड़ों मिलियन डॉलर तक लगाए गए थे, लेकिन कानूनी खर्च, कर और पीड़ितों को किए गए भुगतान के बाद वास्तविक उपलब्ध संपत्ति काफी कम रह गई।
यही वजह है कि विशेषज्ञ इस पूरे मामले को केवल “कौन वारिस बनेगा” के रूप में नहीं देखते, बल्कि इसे लंबी कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा मानते हैं।
डॉ. कैरिना शुलियाक के बारे में सामने आई जानकारी के अनुसार, उन्होंने हाल के वर्षों में न्यूयॉर्क में एक दंत चिकित्सक के रूप में काम किया। शुरुआत में उनके कई मरीजों को उनके अतीत की जानकारी नहीं थी। बाद में एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक होने के बाद उनका नाम फिर चर्चा में आया।
रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि एपस्टीन ने उनके करियर और शिक्षा में मदद की थी। हालांकि इन दावों को लेकर विभिन्न रिपोर्टों में अलग-अलग विवरण मौजूद हैं और इनका कानूनी मूल्यांकन अलग विषय है।
एपस्टीन की वसीयत में केवल कैरिना शुलियाक ही नहीं बल्कि कई अन्य लोगों के नाम भी बताए गए थे। इनमें उनके भाई, कुछ करीबी सहयोगी और अन्य व्यक्तियों का भी उल्लेख था। लेकिन सबसे बड़ा हिस्सा कथित तौर पर कैरिना शुलियाक के लिए निर्धारित किया गया था।
इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी सिद्धांत यह है कि यदि किसी मृतक की संपत्ति पर पीड़ितों का वैध दावा हो तो अदालत पीड़ितों के हितों को प्राथमिकता दे सकती है।
एपस्टीन के खिलाफ दर्ज मामलों की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी अदालतों में पीड़ितों के लिए मुआवजा एक प्रमुख मुद्दा बना रहा।
इसी कारण कई विशेषज्ञ मानते हैं कि भले ही वसीयत में किसी व्यक्ति का नाम हो, लेकिन उसे पूरी संपत्ति मिलना आवश्यक नहीं है।
एपस्टीन का मामला दुनिया के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में गिना जाता है। इसमें केवल व्यक्तिगत अपराध ही नहीं बल्कि प्रभावशाली लोगों से जुड़े संबंध, वित्तीय नेटवर्क और कानूनी प्रक्रियाओं पर भी व्यापक चर्चा हुई।
इसी वजह से उनके निधन के वर्षों बाद भी उनसे जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक होने पर नई जानकारी सामने आती रहती है।
हाल के रिकॉर्ड्स ने यह भी दिखाया कि कैरिना शुलियाक लंबे समय तक एपस्टीन के निजी जीवन और संपत्ति प्रबंधन से जुड़ी रहीं। हालांकि उपलब्ध दस्तावेजों में उनके खिलाफ किसी नए आपराधिक आरोप का उल्लेख नहीं किया गया है।
कानूनी विश्लेषकों का कहना है कि वसीयत और वास्तविक संपत्ति वितरण दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं।
पहले अदालत यह तय करती है कि उपलब्ध संपत्ति कितनी है।
फिर कर और अन्य देनदारियों का भुगतान होता है।
इसके बाद पीड़ितों और अन्य वैध दावेदारों के दावों पर विचार किया जाता है।
अंत में यदि संपत्ति बचती है तो वसीयत के अनुसार वितरण किया जा सकता है।
इसी कारण एपस्टीन की संपत्ति का अंतिम बंटवारा अभी भी कानूनी रूप से जटिल माना जाता है।
यह मामला केवल एक व्यक्ति की संपत्ति का नहीं बल्कि न्याय व्यवस्था और पीड़ितों के अधिकारों से भी जुड़ा है।
कई मानवाधिकार संगठनों का मानना है कि ऐसे मामलों में सबसे पहले पीड़ितों को न्याय और उचित मुआवजा मिलना चाहिए।
इसी सिद्धांत के आधार पर अमेरिका में एपस्टीन की संपत्ति का बड़ा हिस्सा पीड़ितों के दावों से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया के अधीन रहा।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया में इस समय कैरिना शुलियाक का नाम इसलिए चर्चा में है क्योंकि वे एपस्टीन की अंतिम वसीयत की प्रमुख लाभार्थी बताई गई थीं।
साथ ही, उनकी पहचान उस व्यक्ति के रूप में भी हुई जिसने एपस्टीन की मौत से पहले उनसे अंतिम बार फोन पर बात की थी।
हालांकि अंतिम निर्णय अदालतों और संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगा।
जब तक सभी दावे और मुकदमे पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाते, तब तक यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि किसी भी लाभार्थी को वास्तव में कितनी संपत्ति मिलेगी।
यही कारण है कि विशेषज्ञ इस पूरे मामले को केवल सनसनीखेज खबर के रूप में नहीं बल्कि एक जटिल कानूनी और वित्तीय प्रक्रिया के रूप में देखने की सलाह देते हैं।
फिलहाल उपलब्ध सार्वजनिक दस्तावेजों के आधार पर इतना स्पष्ट है कि कैरिना शुलियाक एपस्टीन की वसीयत में सबसे प्रमुख लाभार्थियों में शामिल थीं। लेकिन संपत्ति का अंतिम वितरण अमेरिकी अदालतों की प्रक्रिया और पीड़ितों के दावों के निपटारे के बाद ही तय होगा।
एपस्टीन केस में पहली गिरफ्तारी: प्रिंस एंड्रयू पर शिकंजा, दुनिया भर में हलचल
http://Jeffrey Epstein estate and Karyna Shuliak inheritance case
