गर्मियों के मौसम में बढ़ता तापमान सिर्फ लोगों की सेहत के लिए ही नहीं बल्कि वाहनों के लिए भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है। हाल के दिनों में नेशनल हाईवे पर चलती कारों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भीषण गर्मी, इंजन ओवरहीटिंग और वाहन की खराब मेंटेनेंस ऐसे हादसों की बड़ी वजह बन सकते हैं।
Engine Overheating गर्मियों में सबसे आम ऑटोमोबाइल समस्याओं में शामिल है। अगर समय रहते इसके संकेतों को पहचान लिया जाए तो बड़े हादसों से बचा जा सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक तेज धूप और लंबे समय तक लगातार ड्राइविंग से कार का इंजन तेजी से गर्म हो सकता है। अगर कूलिंग सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा हो तो स्थिति और खतरनाक बन जाती है। कई बार छोटी तकनीकी खराबी भी अचानक आग लगने का कारण बन सकती है।
कार में आग लगने की घटनाएं सिर्फ पुराने वाहनों तक सीमित नहीं हैं। नई गाड़ियों में भी इलेक्ट्रिकल फॉल्ट, वायरिंग की समस्या या इंजन पर ज्यादा दबाव के कारण खतरा पैदा हो सकता है।
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में वाहन की नियमित जांच बेहद जरूरी है। खासकर लंबी यात्रा पर निकलने से पहले इंजन, कूलेंट और वायरिंग की स्थिति चेक कर लेनी चाहिए।
कार ओवरहीटिंग के 10 संकेत जिन्हें भूलकर भी नजरअंदाज न करें
1. तापमान मीटर का तेजी से बढ़ना
अगर डैशबोर्ड पर इंजन तापमान सामान्य से ज्यादा दिखने लगे तो यह सबसे बड़ा चेतावनी संकेत हो सकता है।
2. इंजन से धुआं निकलना
बोनट के नीचे से धुआं या भाप निकलना गंभीर ओवरहीटिंग का संकेत माना जाता है।
3. जलने जैसी गंध आना
अगर कार के अंदर या बाहर जली हुई रबर या तेल जैसी गंध आए तो तुरंत सावधान हो जाएं।
4. AC का कम ठंडा करना
इंजन ज्यादा गर्म होने पर AC की कूलिंग भी प्रभावित होने लगती है।
5. इंजन की आवाज बदलना
ओवरहीटिंग के दौरान इंजन की आवाज भारी या असामान्य लग सकती है।
6. कूलेंट लीक होना
कार के नीचे रंगीन तरल दिखाई देना कूलेंट लीक का संकेत हो सकता है।
7. बार-बार इंजन बंद होना
बहुत ज्यादा गर्म होने पर इंजन खुद को बचाने के लिए बंद हो सकता है।
8. बोनट का जरूरत से ज्यादा गर्म होना
अगर बोनट छूने पर सामान्य से ज्यादा गर्म महसूस हो तो सावधानी जरूरी है।
9. चेतावनी लाइट जलना
डैशबोर्ड पर इंजन या तापमान की चेतावनी लाइट नजर आए तो तुरंत ध्यान दें।
10. माइलेज कम होना
ओवरहीटिंग के कारण इंजन की कार्यक्षमता घट सकती है और ईंधन की खपत बढ़ सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन संकेतों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। समय पर कार्रवाई न करने पर इंजन फेल होने या आग लगने जैसी घटनाएं हो सकती हैं।
कार को ठंडा रखने के 8 जरूरी टिप्स
1. कूलेंट की नियमित जांच करें
Engine Coolant इंजन को ठंडा रखने में अहम भूमिका निभाता है। इसका स्तर हमेशा सही होना चाहिए।
2. रेडिएटर साफ रखें
रेडिएटर में धूल और गंदगी जमा होने से कूलिंग सिस्टम प्रभावित हो सकता है।
3. लंबे समय तक लगातार ड्राइविंग से बचें
भीषण गर्मी में लंबे समय तक लगातार वाहन चलाने से इंजन पर दबाव बढ़ता है।
4. AC का संतुलित उपयोग करें
बहुत ज्यादा AC इस्तेमाल करने से इंजन पर अतिरिक्त लोड पड़ सकता है।
5. इंजन ऑयल समय पर बदलें
अच्छी क्वालिटी का इंजन ऑयल इंजन को गर्म होने से बचाने में मदद करता है।
6. टायर प्रेशर सही रखें
गर्मी में टायर प्रेशर बढ़ सकता है। गलत प्रेशर वाहन की परफॉर्मेंस को प्रभावित करता है।
7. छांव में पार्क करें
सीधी धूप में लंबे समय तक कार खड़ी रहने से वाहन का तापमान काफी बढ़ सकता है।
8. सर्विसिंग में देरी न करें
नियमित सर्विसिंग से छोटी खराबियों का पता पहले ही चल जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर चलते समय कार से धुआं निकलने लगे तो घबराने की बजाय तुरंत वाहन सुरक्षित स्थान पर रोकना चाहिए। इंजन बंद करें और बोनट खोलने से पहले कुछ समय इंतजार करें क्योंकि अत्यधिक गर्मी में तुरंत बोनट खोलना भी खतरनाक हो सकता है।
अगर आग लग जाए तो तुरंत फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल करना चाहिए। कई विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर कार में छोटा Fire Extinguisher जरूर होना चाहिए।
नेशनल हाईवे पर यात्रा के दौरान यह खतरा और बढ़ जाता है क्योंकि लंबी दूरी और तेज गति इंजन पर अतिरिक्त दबाव डालती है। यही कारण है कि गर्मियों में वाहन की फिटनेस पर विशेष ध्यान देना जरूरी माना जाता है।
ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि इलेक्ट्रिक और पेट्रोल दोनों तरह की गाड़ियों में तापमान नियंत्रण बेहद महत्वपूर्ण होता है। आधुनिक वाहनों में कई सेफ्टी सिस्टम होते हैं, लेकिन ड्राइवर की सावधानी सबसे अहम मानी जाती है।
सोशल मीडिया पर भी कार में आग लगने के वीडियो तेजी से वायरल होते रहते हैं। कई मामलों में लोग समय रहते वाहन से बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे, लेकिन कुछ घटनाएं गंभीर हादसों में भी बदल गईं।
गर्मी के मौसम में सिर्फ इंजन ही नहीं बल्कि बैटरी और वायरिंग सिस्टम पर भी असर पड़ता है। ज्यादा तापमान से बैटरी की कार्यक्षमता घट सकती है और वायरिंग गर्म होकर शॉर्ट सर्किट का कारण बन सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी यात्रा से पहले वाहन की पूरी जांच करवा लेना सबसे सुरक्षित विकल्प होता है। खासकर अगर कार पुरानी हो तो अतिरिक्त सावधानी जरूरी मानी जाती है।
बीमा कंपनियां भी वाहन सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ा रही हैं। कई कंपनियां नियमित मेंटेनेंस और सुरक्षा जांच को जरूरी मानती हैं क्योंकि इससे दुर्घटनाओं का जोखिम कम होता है।
फिलहाल देशभर में बढ़ती गर्मी और हीटवेव के बीच वाहन सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। थोड़ी सावधानी और समय पर मेंटेनेंस से न सिर्फ वाहन सुरक्षित रह सकता है बल्कि बड़े हादसों से भी बचा जा सकता है।
