बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों एक ऐसी फिल्म ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है, जिसने बड़े सितारों, करोड़ों रुपये के बजट और भारी-भरकम प्रमोशन के बिना ही कमाई के ऐसे आंकड़े छू लिए हैं, जिनकी उम्मीद शायद फिल्म की रिलीज के समय किसी ने नहीं की थी। नीम करौली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा से प्रेरित फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर ₹200 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। खास बात यह है कि फिल्म का बजट करीब ₹2 करोड़ बताया गया है। यानी भारत में फिल्म की ग्रॉस कमाई उसके शुरुआती बजट की करीब 100 गुना हो चुकी है। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के मुताबिक रिलीज के 36वें दिन फिल्म का इंडिया ग्रॉस कलेक्शन करीब ₹205 करोड़ तक पहुंच गया है।
‘हनुमान अंश’ की सबसे बड़ी कहानी सिर्फ ₹200 करोड़ कमाना नहीं है, बल्कि यह है कि फिल्म ने शुरुआत बेहद छोटे स्तर से की थी। फिल्म 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी और शुरुआती दिनों में इसे बहुत बड़ा बॉक्स ऑफिस आकर्षण नहीं माना जा रहा था। फिल्म को सीमित स्क्रीन और बिना किसी बड़े बॉलीवुड स्टार के रिलीज किया गया था। रिपोर्टों के अनुसार शुरुआत में यह फिल्म करीब 25 स्क्रीन से शुरू हुई थी। पहले दिन इसका कलेक्शन भी बेहद कम था, लेकिन धीरे-धीरे दर्शकों के बीच चर्चा बढ़ी और फिल्म की कमाई में असाधारण तेजी देखने को मिली।
यही वजह है कि ‘हनुमान अंश’ को इस साल की सबसे चौंकाने वाली बॉक्स ऑफिस सफलता में शामिल किया जा रहा है। बड़े बजट की फिल्मों के बीच जब कोई छोटी फिल्म धीरे-धीरे दर्शकों का भरोसा हासिल करती है और कई हफ्तों तक सिनेमाघरों में बनी रहती है, तो उसका कलेक्शन लगातार बढ़ सकता है। ‘हनुमान अंश’ के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। फिल्म को शुरुआती दौर में अपेक्षित सफलता नहीं मिली, लेकिन दूसरे और तीसरे सप्ताह के बाद दर्शकों की संख्या बढ़ने लगी। इसके बाद फिल्म ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि वह 100 करोड़ क्लब में पहुंच गई और अब 200 करोड़ के पार निकल चुकी है।
फिल्म की कहानी और विषय भी इसकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते दिखाई देते हैं। ‘हनुमान अंश’ प्रसिद्ध संत नीम करौली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित है। फिल्म का निर्देशन और लेखन विशाल चतुर्वेदी ने किया है। फिल्म में शोभिनव सत्य ने नीम करौली बाबा की भूमिका निभाई है, जबकि चंदन आनंद और अन्य कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देते हैं। फिल्म को बड़े स्टार-नामों के बजाय इसके आध्यात्मिक विषय और कहानी के आधार पर दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश की गई।
‘हनुमान अंश’ के पोस्टर और प्रचार सामग्री में भी नीम करौली बाबा और हनुमान भक्ति को प्रमुखता दी गई है। फिल्म का आधार पुस्तक ‘Divine Detour’ बताया गया है और इसकी कहानी नीम करौली बाबा के जीवन से जुड़े प्रसंगों के इर्द-गिर्द बुनी गई है। फिल्म की रिलीज 7 अगस्त 2026 को हुई थी।
इस फिल्म की बॉक्स ऑफिस यात्रा को समझने के लिए शुरुआती आंकड़ों पर नजर डालना जरूरी है। रिपोर्टों के अनुसार पहले सप्ताह में फिल्म की कमाई बेहद सीमित रही थी और दूसरे सप्ताह में भी इसका प्रदर्शन बहुत मजबूत नहीं था। इसके बावजूद फिल्म सिनेमाघरों से हटने के बजाय धीरे-धीरे ज्यादा दर्शकों तक पहुंचती गई। पांचवें सप्ताह तक फिल्म 100 करोड़ रुपये के नेट कलेक्शन के आंकड़े को पार कर चुकी थी। 6 सितंबर तक उपलब्ध ट्रेड आंकड़ों में घरेलू नेट कलेक्शन करीब ₹100.81 करोड़ बताया गया था।
इसके बाद फिल्म की रफ्तार और बढ़ी। 8 सितंबर तक विभिन्न रिपोर्टों में फिल्म का भारत का ग्रॉस कलेक्शन करीब ₹150 करोड़ से आगे बताया जा रहा था। Moneycontrol ने उस समय फिल्म के 2 करोड़ रुपये के बजट और 150 करोड़ रुपये से ज्यादा के घरेलू कलेक्शन को रेखांकित किया था।
अब 12 सितंबर की ताजा रिपोर्टों में फिल्म का भारत का ग्रॉस कलेक्शन करीब ₹205.15 करोड़ बताया गया है। Jansatta के मुताबिक फिल्म ने 36वें दिन तक भारत में ₹205.15 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन किया, जबकि इसका नेट कलेक्शन करीब ₹173.63 करोड़ बताया गया। यह अंतर समझना जरूरी है, क्योंकि बॉक्स ऑफिस रिपोर्टिंग में नेट और ग्रॉस कलेक्शन अलग-अलग होते हैं। ग्रॉस कलेक्शन में टिकट बिक्री से प्राप्त कुल राशि शामिल होती है, जबकि नेट कलेक्शन में लागू टैक्स को अलग किया जाता है।
यानी अगर फिल्म का बजट करीब ₹2 करोड़ माना जाए और भारत का ग्रॉस कलेक्शन ₹205 करोड़ के आसपास पहुंच चुका है, तो कमाई बजट के करीब 100 गुना से ज्यादा हो चुकी है। हालांकि इसे सीधे फिल्म का 100 गुना मुनाफा कहना सही नहीं होगा। बॉक्स ऑफिस ग्रॉस और फिल्म के निर्माताओं की वास्तविक कमाई अलग-अलग चीजें हैं। टिकट की कुल बिक्री में थिएटर शेयर, डिस्ट्रीब्यूटर शेयर, टैक्स और अन्य लागतें शामिल होती हैं। इसलिए “बजट से 100 गुना कमाई” headline का अर्थ बॉक्स ऑफिस ग्रॉस की तुलना फिल्म के निर्माण बजट से है, न कि निर्माता के खाते में 100 गुना मुनाफा आने से।
फिल्म की सबसे दिलचस्प उपलब्धि यह भी है कि छठे सप्ताह में पहुंचने के बावजूद इसकी कमाई कमजोर नहीं पड़ी। 12 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार रिलीज के 36वें दिन, यानी छठे शुक्रवार को ‘हनुमान अंश’ ने करीब ₹10.50 करोड़ की कमाई की। यह आंकड़ा इसलिए चौंकाने वाला है क्योंकि फिल्म रिलीज के पांचवें सप्ताह के बाद भी एक दिन में दो अंकों में कमाई कर रही है।
इसी शुक्रवार ‘हनुमान अंश’ ने ‘मिर्जापुर: द मूवी’ को भी पीछे छोड़ दिया। रिपोर्टों के अनुसार ‘मिर्जापुर: द मूवी’ ने उस शुक्रवार करीब ₹9.50 करोड़ का कलेक्शन किया, जबकि ‘हनुमान अंश’ की कमाई करीब ₹10.50 करोड़ रही। यानी दोनों फिल्मों के बीच लगभग ₹1 करोड़ का अंतर रहा।
यह मुकाबला इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि ‘मिर्जापुर: द मूवी’ एक बेहद लोकप्रिय फ्रेंचाइजी से आती है। फिल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु और अन्य लोकप्रिय कलाकार हैं और इसकी रिलीज को लेकर पहले से काफी चर्चा थी। फिल्म 4 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।
‘मिर्जापुर: द मूवी’ ने शुरुआत में ‘हनुमान अंश’ से काफी बेहतर प्रदर्शन किया था। पहले सप्ताह में फिल्म की वर्ल्डवाइड कमाई करीब ₹212 करोड़ बताई गई थी। लेकिन यहां तुलना करते समय यह समझना जरूरी है कि ‘मिर्जापुर’ का आंकड़ा वर्ल्डवाइड कलेक्शन था, जबकि ‘हनुमान अंश’ के ₹205 करोड़ वाले आंकड़े भारत के ग्रॉस कलेक्शन से जुड़े हैं। इसलिए दोनों फिल्मों की कुल कमाई की सीधी तुलना करना उचित नहीं होगा।
फिर भी एक ही शुक्रवार को ‘हनुमान अंश’ का ‘मिर्जापुर: द मूवी’ से ज्यादा कमाना फिल्म की मजबूत पकड़ को दिखाता है। एक फिल्म अपनी रिलीज के छठे सप्ताह में थी, जबकि दूसरी फिल्म रिलीज के दूसरे सप्ताह में। आमतौर पर नई रिलीज फिल्मों को ज्यादा स्क्रीन, शो और दर्शकों का शुरुआती उत्साह मिलता है। इसके बावजूद ‘हनुमान अंश’ ने शुक्रवार को ज्यादा कमाई की, जो इसके लंबे समय तक बने रहने वाले दर्शक समर्थन का संकेत देता है।
इस सफलता के पीछे सबसे बड़ा कारण word of mouth माना जा रहा है। फिल्म के शुरुआती प्रदर्शन के बाद दर्शकों के बीच इसकी चर्चा बढ़ी और धीरे-धीरे ज्यादा लोगों ने इसे देखने की रुचि दिखाई। छोटे बजट की फिल्मों के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि उनके पास बड़े स्तर पर विज्ञापन और प्रचार करने के लिए उतना पैसा नहीं होता जितना बड़े स्टार वाली फिल्मों के पास होता है। अगर दर्शक फिल्म को पसंद करते हैं और दूसरों को देखने की सलाह देते हैं, तो फिल्म की कमाई कई सप्ताह तक बनी रह सकती है।
‘हनुमान अंश’ के मामले में यह प्रभाव खास तौर पर दिखाई दिया। रिपोर्टों के मुताबिक फिल्म ने शुरुआती दौर में सीमित प्रदर्शन के बावजूद बाद में स्क्रीन और दर्शकों दोनों में विस्तार किया। एक समय ऐसा आया जब फिल्म की कमाई बड़े बजट वाली फिल्मों से तुलना की जाने लगी।
फिल्म के बजट को लेकर भी अलग-अलग रिपोर्टों में करीब ₹1.8 करोड़ से ₹2 करोड़ के आसपास का आंकड़ा सामने आया है। इसलिए headline में ₹2 करोड़ का बजट इस्तेमाल करना ज्यादा सुरक्षित है। अगर ₹205 करोड़ के ग्रॉस कलेक्शन को ₹2 करोड़ के अनुमानित बजट से तुलना करें तो फिल्म ने करीब 102 गुना बॉक्स ऑफिस ग्रॉस हासिल किया है। लेकिन इसमें वितरण, प्रिंट और प्रमोशन जैसे खर्चों को अलग से शामिल करना जरूरी हो सकता है। इसलिए इसे “100 गुना बॉक्स ऑफिस कमाई” कहना सही है, जबकि “100 गुना मुनाफा” कहना सही नहीं होगा।
फिल्म की अंतरराष्ट्रीय रिलीज भी अब शुरू हो चुकी है। भारत में सफलता के बाद ‘हनुमान अंश’ को अमेरिका, मिडिल ईस्ट, यूरोप और एशिया-पैसिफिक के बाजारों में भी रिलीज किया गया है। विदेशों में रहने वाले भारतीय दर्शकों और आध्यात्मिक विषय में रुचि रखने वाले दर्शकों से फिल्म को अतिरिक्त कमाई की उम्मीद है। Jansatta की रिपोर्ट के मुताबिक 36वें दिन तक भारत में फिल्म का ग्रॉस करीब ₹193.30 करोड़ बताया गया था और बाद में यह आंकड़ा ₹200 करोड़ के पार पहुंच गया।
फिल्म की टीम के लिए यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें किसी बड़े बॉलीवुड सुपरस्टार की मौजूदगी नहीं है। आम तौर पर ₹200 करोड़ से ज्यादा की कमाई करने वाली फिल्मों में बड़े सितारे, भारी बजट या बड़ी फ्रेंचाइजी देखने को मिलती है। ‘हनुमान अंश’ ने इस सामान्य पैटर्न को चुनौती दी है। इस फिल्म ने दिखाया कि अगर विषय दर्शकों से जुड़ जाए और दर्शक फिल्म को आगे बढ़ाएं, तो सीमित बजट वाली फिल्म भी लंबे समय तक सिनेमाघरों में टिक सकती है।
फिल्म की सफलता के बाद इसके कलाकारों और टीम की चर्चा भी बढ़ी है। भारतीय एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार फिल्म की टीम ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की थी। उस समय तक Sacnilk के आंकड़ों के हवाले से फिल्म का भारत में नेट कलेक्शन ₹143.13 करोड़ और ग्रॉस कलेक्शन ₹169.20 करोड़ बताया गया था। इसके बाद फिल्म ने ₹200 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया।
फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने भी इसके निर्माण को लेकर कई बातें साझा की हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने फिल्म के लिए फीस नहीं ली और निर्माण के दौरान आध्यात्मिक अनुशासन का पालन किया। फिल्म की टीम से जुड़े लोगों ने बताया कि निर्माण के दौरान हनुमान चालीसा के पाठ और शाकाहारी भोजन जैसी बातों का भी पालन किया गया। हालांकि ये फिल्म निर्माण से जुड़े व्यक्तिगत अनुभव हैं और इन्हें फिल्म की बॉक्स ऑफिस सफलता का वैज्ञानिक कारण नहीं माना जा सकता।
‘हनुमान अंश’ की कहानी में आध्यात्मिकता, भक्ति और नीम करौली बाबा के जीवन को केंद्र में रखा गया है। इसी वजह से फिल्म का दर्शक वर्ग पारंपरिक मसाला फिल्मों से अलग दिखाई देता है। आध्यात्मिक और धार्मिक विषयों वाली फिल्मों के लिए दर्शकों का जुड़ाव कई बार लंबे समय तक बना रह सकता है। अगर दर्शकों को फिल्म में अपनी आस्था, भावनाएं या किसी आध्यात्मिक व्यक्ति से जुड़ी कहानी दिखाई देती है, तो वे इसे परिवार और परिचितों के साथ देखने के लिए भी प्रेरित हो सकते हैं।
फिल्म के कलेक्शन में शुक्रवार की तेजी भी इसी लंबी लोकप्रियता को दिखाती है। आमतौर पर शुक्रवार नई फिल्मों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है, लेकिन किसी पांच-छह सप्ताह पुरानी फिल्म का नई रिलीज से ज्यादा कमाना असामान्य स्थिति है। ‘हनुमान अंश’ ने यह उपलब्धि तब हासिल की जब सिनेमाघरों में ‘मिर्जापुर: द मूवी’ जैसी लोकप्रिय फ्रेंचाइजी और ‘हैवान’ जैसी नई फिल्म भी मौजूद थी।
हालांकि ‘मिर्जापुर’ को पूरी तरह कमजोर फिल्म मानना भी सही नहीं होगा। फिल्म ने पहले सप्ताह में मजबूत प्रदर्शन किया और रिलीज के शुरुआती दिनों में ‘हनुमान अंश’ से काफी ज्यादा कमाई की। बाद में दूसरे शुक्रवार को ‘हनुमान अंश’ ने उसे लगभग ₹1 करोड़ से पीछे छोड़ा। इसका मतलब यह नहीं कि ‘मिर्जापुर’ की कुल कमाई कम हो गई, बल्कि यह सिर्फ उस particular day के collection की तुलना है।
‘हनुमान अंश’ की बॉक्स ऑफिस कहानी फिल्म इंडस्ट्री के लिए भी एक बड़ा संकेत है। दर्शक हमेशा केवल बड़े स्टार या बड़े बजट की वजह से सिनेमाघर नहीं जाते। कंटेंट, कहानी, विषय और दर्शकों से भावनात्मक जुड़ाव भी फिल्म को लंबी दौड़ में सफल बना सकता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के दौर में जहां फिल्मों को थिएटर के कुछ ही समय बाद OTT पर आने की उम्मीद रहती है, वहीं ‘हनुमान अंश’ का लंबे समय तक सिनेमाघरों में टिकना दर्शाता है कि कुछ फिल्मों के लिए theatrical audience अभी भी मजबूत है।
फिलहाल फिल्म की अंतरराष्ट्रीय रिलीज के बाद अगला लक्ष्य विदेशों से कमाई बढ़ाना है। अगर विदेशी बाजारों में भी फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है, तो इसका वर्ल्डवाइड कलेक्शन और बढ़ सकता है। हालांकि विदेशों की कमाई के अंतिम आंकड़े आने के बाद ही फिल्म की कुल वैश्विक सफलता का सही आकलन किया जा सकेगा।
कुल मिलाकर ‘हनुमान अंश’ ने करीब ₹2 करोड़ के अनुमानित बजट के मुकाबले भारत में ₹205 करोड़ के आसपास ग्रॉस कलेक्शन कर एक असाधारण बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड बनाया है। फिल्म रिलीज के 36वें दिन भी मजबूत बनी हुई है और छठे शुक्रवार को करीब ₹10.50 करोड़ कमाकर ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के करीब ₹9.50 करोड़ के शुक्रवार कलेक्शन से आगे निकल गई।
सबसे बड़ी बात यह है कि फिल्म की सफलता सिर्फ एक बॉक्स ऑफिस नंबर नहीं है। यह इस बात का उदाहरण है कि सीमित बजट और बिना बड़े स्टार के भी कोई फिल्म दर्शकों के बीच मजबूत पकड़ बना सकती है। ‘हनुमान अंश’ की यात्रा 25 के आसपास स्क्रीन से शुरू होकर ₹200 करोड़ से ज्यादा के भारतीय ग्रॉस कलेक्शन तक पहुंची है। नीम करौली बाबा की आध्यात्मिक कहानी, दर्शकों की प्रतिक्रिया और लगातार बढ़ती word-of-mouth publicity ने फिल्म को वह लंबी उम्र दी, जिसकी उम्मीद रिलीज के शुरुआती दिनों में शायद ही किसी ने की होगी।
ध्यान देने वाली बात: ₹205 करोड़ का आंकड़ा भारत का ग्रॉस कलेक्शन है और ₹173.63 करोड़ के आसपास का आंकड़ा भारत का नेट कलेक्शन बताया गया है। वहीं ₹2 करोड़ का आंकड़ा फिल्म के रिपोर्टेड अनुमानित बजट का है। इसलिए “बजट से 100 गुना ज्यादा कमाई” को बॉक्स ऑफिस ग्रॉस की तुलना के रूप में समझना चाहिए, न कि निर्माताओं के वास्तविक 100 गुना मुनाफे के रूप में।
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