अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारतीय बल्लेबाजों का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है और इसका ताजा उदाहरण आईसीसी की नई टी20 बल्लेबाजी रैंकिंग में देखने को मिला है। पहली बार ऐसा हुआ है जब भारत के दो बल्लेबाज एक साथ टॉप-2 स्थान पर पहुंच गए हैं। नई रैंकिंग के अनुसार अभिषेक शर्मा दुनिया के नंबर-1 टी20 बल्लेबाज बन गए हैं, जबकि ईशान किशन दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद खास मानी जा रही है क्योंकि इससे पहले कभी भी दो भारतीय बल्लेबाज एक साथ शीर्ष दो स्थानों पर नहीं पहुंचे थे।
आईसीसी द्वारा जारी ताजा रैंकिंग में अभिषेक शर्मा को 875 रेटिंग अंक मिले हैं, जबकि ईशान किशन 871 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। यह रैंकिंग हाल ही में खेले गए अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर तय की जाती है। अभिषेक और ईशान दोनों ने पिछले कुछ समय में शानदार बल्लेबाजी करते हुए लगातार अच्छे रन बनाए हैं, जिसके कारण उन्हें यह स्थान मिला है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी हर प्रारूप के लिए अलग-अलग रैंकिंग जारी करती है। टी20 क्रिकेट में बल्लेबाजों की रैंकिंग उनके प्रदर्शन, औसत, स्ट्राइक रेट और मैचों में योगदान जैसे कई कारकों को ध्यान में रखकर तय की जाती है। अभिषेक शर्मा और ईशान किशन ने हाल के मैचों में जिस तरह से आक्रामक बल्लेबाजी की है, उसने उन्हें इस सूची में शीर्ष स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भारतीय क्रिकेट में पिछले कुछ वर्षों में कई युवा बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है। टी20 प्रारूप में विशेष रूप से युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अच्छा अवसर मिलता है क्योंकि यह प्रारूप तेज और आक्रामक खेल की मांग करता है। अभिषेक शर्मा और ईशान किशन भी ऐसे ही खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने अपनी आक्रामक शैली से क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया है।
अभिषेक शर्मा ने हाल के मुकाबलों में लगातार बड़ी पारियां खेली हैं। उनकी बल्लेबाजी की सबसे बड़ी विशेषता तेज स्ट्राइक रेट और आक्रामक शॉट खेलने की क्षमता है। वे शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं और मैदान के चारों ओर शॉट लगाने में सक्षम हैं। इसी वजह से वे टी20 क्रिकेट के लिए आदर्श बल्लेबाज माने जाते हैं।
दूसरी ओर ईशान किशन भी लंबे समय से भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण खिलाड़ी रहे हैं। उनकी बल्लेबाजी में ताकत और तकनीक का संतुलन देखने को मिलता है। वे पावरप्ले के दौरान तेजी से रन बनाने में माहिर हैं और बड़े शॉट लगाने में भी सक्षम हैं। इसके अलावा वे विकेटकीपर की भूमिका भी निभाते हैं, जिससे टीम को अतिरिक्त संतुलन मिलता है।
नई रैंकिंग में पाकिस्तान के बाबर आजम तीसरे स्थान पर हैं और उनके 848 अंक हैं। इसके बाद इंग्लैंड के फिल सॉल्ट चौथे स्थान पर हैं। श्रीलंका के पथुम निसांका पांचवें स्थान पर हैं, जबकि न्यूजीलैंड के रचिन रवींद्र छठे स्थान पर हैं। भारत के तिलक वर्मा भी टॉप-10 में शामिल हैं और वे सातवें स्थान पर हैं। दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज आठवें स्थान पर हैं जबकि भारत के सूर्यकुमार यादव नौवें स्थान पर हैं। इंग्लैंड के जोस बटलर दसवें स्थान पर हैं।
इस तरह देखा जाए तो टॉप-10 बल्लेबाजों की सूची में चार भारतीय खिलाड़ियों का शामिल होना भारतीय क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि भारतीय बल्लेबाजी लाइन-अप इस समय विश्व क्रिकेट में सबसे मजबूत मानी जा रही है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय खिलाड़ियों की इस सफलता के पीछे घरेलू क्रिकेट और टी20 लीगों का बड़ा योगदान है। इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल ने कई युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए तैयार किया है। आईपीएल में दुनिया भर के खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं और इससे भारतीय खिलाड़ियों को उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा का अनुभव मिलता है।
ईशान किशन की सफलता की कहानी भी काफी दिलचस्प है। कुछ समय पहले तक वे आईसीसी टी20 रैंकिंग में टॉप-100 से भी बाहर थे, लेकिन शानदार प्रदर्शन के कारण उन्होंने तेजी से रैंकिंग में छलांग लगाई। रिपोर्टों के अनुसार वे केवल 45 दिनों के भीतर दुनिया के दूसरे नंबर के बल्लेबाज बन गए।
ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है जब कोई खिलाड़ी इतनी तेजी से रैंकिंग में ऊपर पहुंचता है। इससे यह भी पता चलता है कि टी20 क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन का कितना बड़ा महत्व होता है।
इस बीच गेंदबाजों की रैंकिंग में भी बदलाव देखने को मिला है। अफगानिस्तान के स्पिनर राशिद खान एक बार फिर दुनिया के नंबर-1 टी20 गेंदबाज बन गए हैं। उनकी गेंदबाजी लंबे समय से टी20 क्रिकेट में बेहद प्रभावी रही है। वे अपनी तेज लेग-स्पिन और सटीक लाइन-लेंथ के कारण बल्लेबाजों के लिए मुश्किल पैदा करते हैं।
भारतीय गेंदबाजों की बात करें तो कई युवा खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। भारतीय टीम के पास इस समय तेज गेंदबाजों और स्पिनरों का मजबूत संयोजन मौजूद है।
टी20 क्रिकेट का प्रारूप तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और दुनिया भर में इस प्रारूप के टूर्नामेंट आयोजित किए जा रहे हैं। दर्शकों को यह प्रारूप इसलिए पसंद आता है क्योंकि इसमें कम समय में रोमांचक मुकाबले देखने को मिलते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में टी20 क्रिकेट का महत्व और बढ़ सकता है। कई देशों में नई टी20 लीग शुरू हो रही हैं और इससे खिलाड़ियों को अधिक अवसर मिल रहे हैं।
भारतीय क्रिकेट टीम भी टी20 प्रारूप में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है। टीम के पास युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण है, जो बड़े टूर्नामेंटों में सफलता दिलाने में मदद कर सकता है।
अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं बल्कि भारतीय क्रिकेट की बढ़ती ताकत का प्रतीक भी है। जब किसी देश के कई खिलाड़ी एक साथ शीर्ष रैंकिंग में पहुंचते हैं तो इससे उस देश की क्रिकेट प्रणाली की मजबूती का भी पता चलता है।
क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद है कि ये दोनों खिलाड़ी आने वाले मैचों में भी शानदार प्रदर्शन जारी रखेंगे और भारतीय टीम को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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