भारतीय क्रिकेट टीम ने जापान के खिलाफ खेले गए ऐतिहासिक टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले में जीत तो हासिल कर ली, लेकिन यह मुकाबला टीम इंडिया के लिए उम्मीद से कहीं ज्यादा मुश्किल साबित हुआ। बारिश और गीले मैदान की वजह से मैच को घटाकर सिर्फ 5-5 ओवर का कर दिया गया था। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 ओवर में 4 विकेट खोकर केवल 32 रन बनाए। जवाब में जापान की टीम ने भी भारतीय गेंदबाजों का डटकर सामना किया और 5 ओवर में 3 विकेट पर 30 रन तक पहुंच गई। आखिरकार भारत सिर्फ 2 रन से मुकाबला जीत सका।
यह मुकाबला 22 सितंबर 2026 को जापान के सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में खेला गया। भारत और जापान के बीच यह पहला T20I मुकाबला था और इसे दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने के मौके से भी जोड़ा गया था। भारत जहां टी-20 क्रिकेट में दुनिया की शीर्ष टीमों में शामिल है, वहीं जापान की टीम ICC T20I रैंकिंग में 41वें स्थान पर है। मैच से पहले कागज पर दोनों टीमों के बीच बड़ा अंतर माना जा रहा था, लेकिन मैदान पर जापान ने भारतीय टीम को आखिरी गेंद तक दबाव में रखा।
मैच की शुरुआत ही बारिश की वजह से देरी के साथ हुई। सानो में मौसम और मैदान की स्थिति ने मुकाबले का पूरा समीकरण बदल दिया। नियमित 20 ओवर का मुकाबला संभव नहीं हो सका, इसलिए दोनों टीमों को सिर्फ 5-5 ओवर खेलने का मौका मिला। इतने छोटे मुकाबले में एक-दो गेंद या एक विकेट भी मैच का रुख बदल सकता था। यही वजह रही कि भारत जैसी मजबूत टीम भी केवल 32 रन ही बना सकी और जापान को जीत का वास्तविक मौका मिल गया।
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। उम्मीद थी कि भारतीय बल्लेबाज कम ओवरों के इस मुकाबले में तेजी से रन बनाएंगे, लेकिन जापान के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बना दिया। भारतीय पारी की शुरुआत खराब रही और टीम के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके।
अभिषेक शर्मा बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके बाद संजू सैमसन ने 7 गेंदों पर 9 रन बनाए, लेकिन वह भी ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके। ईशान किशन भी केवल 3 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। शुरुआती विकेट गिरने की वजह से भारतीय टीम बड़े स्कोर की तरफ बढ़ने के बजाय लगातार संघर्ष करती दिखाई दी।
एक समय भारतीय टीम बेहद कम स्कोर पर पहुंच चुकी थी और जापान के गेंदबाजों का आत्मविश्वास बढ़ता जा रहा था। बारिश के बाद परिस्थितियां पहले से ही मुश्किल थीं और केवल 5 ओवर का खेल होने के कारण भारतीय बल्लेबाजों के पास पारी को संभालने के लिए ज्यादा समय भी नहीं था। ऐसे में कप्तान श्रेयस अय्यर ने जिम्मेदारी संभाली और भारत की पारी को कुछ हद तक संभाला।
श्रेयस अय्यर भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उन्होंने 12 गेंदों पर 16 रन बनाए। उनकी इस छोटी लेकिन महत्वपूर्ण पारी की बदौलत भारत 30 रन के पार पहुंच सका। आखिरी ओवरों में भारत ने कुछ रन जोड़े और 5 ओवर पूरे होने के बाद स्कोर 32 रन तक पहुंचा। भारत ने 5 ओवर में 4 विकेट खोए।
भारत की पारी का सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह रहा कि टीम के पास जापान के सामने रखने के लिए सिर्फ 33 रन का लक्ष्य था। सामान्य T20 क्रिकेट के हिसाब से यह लक्ष्य बेहद छोटा था, लेकिन 5 ओवर के मैच में हर गेंद महत्वपूर्ण होती है। जापान को केवल 30 से कुछ अधिक रन बनाने थे और भारतीय बल्लेबाजों के कमजोर प्रदर्शन के बाद मैच पूरी तरह खुल चुका था।
जापान के गेंदबाजों ने इस मुकाबले में जिस तरह भारतीय बल्लेबाजों को रोका, वह उनके लिए बड़ी उपलब्धि रही। चार्ली हारा-हिंजे ने भारतीय पारी में 2 विकेट हासिल किए। जापान की गेंदबाजी ने भारत के शीर्ष क्रम को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। भारतीय बल्लेबाजों के पास केवल 30 गेंदें थीं, लेकिन जापान ने उन गेंदों में लगातार विकेट निकालकर भारत को दबाव में रखा।
जब जापान की बल्लेबाजी शुरू हुई तो उसके सामने 33 रन का लक्ष्य था। भारत को शुरुआत से ही विकेट की तलाश थी, क्योंकि इतने छोटे लक्ष्य का बचाव करना आसान नहीं था। जापानी बल्लेबाजों ने भी शुरुआत में संयम के साथ बल्लेबाजी की और भारतीय गेंदबाजों को लगातार चुनौती दी।
जापान के कप्तान केंडेल काडोवाकी-फ्लेमिंग ने 12 रन बनाए। बेंजामिन इटो-डेविस ने 8 गेंदों पर 9 रन की उपयोगी पारी खेली। इन दोनों की बल्लेबाजी ने जापान की उम्मीदों को बनाए रखा। एक समय ऐसा लगने लगा था कि जापान क्रिकेट इतिहास में एक बड़ी जीत दर्ज कर सकता है।
भारतीय गेंदबाजों में वॉशिंगटन सुंदर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने 2 विकेट लिए और जापान के रन बनाने की गति पर असर डाला। इसके बावजूद जापान ने मैच को पूरी तरह खुला रखा। 5 ओवर के इस मुकाबले में भारत की ओर से हर रन बचाना जरूरी था और जापान के बल्लेबाज लक्ष्य के करीब पहुंचते जा रहे थे।
मैच का सबसे रोमांचक हिस्सा आखिरी ओवर रहा। जापान को अंतिम ओवर की शुरुआत में जीत के लिए 8 रन चाहिए थे। भारत की ओर से अक्षर पटेल गेंदबाजी करने आए। इतने छोटे लक्ष्य में 8 रन बनाना जापान के लिए मुश्किल जरूर था, लेकिन असंभव नहीं। एक चौका या कुछ तेज रन मैच को जापान के पक्ष में कर सकते थे।
अक्षर पटेल ने दबाव के बीच बेहद महत्वपूर्ण ओवर किया। उन्होंने अंतिम ओवर में जापान को सिर्फ 5 रन दिए। जापान की टीम 5 ओवर में 30 रन तक ही पहुंच सकी और भारत ने मुकाबला 2 रन से अपने नाम कर लिया।
इस तरह भारत ने 32 रन का बेहद छोटा स्कोर बचा लिया। स्कोरकार्ड के हिसाब से भारत 32/4 और जापान 30/3 रहा। मैच की पूरी कहानी इसी अंतर में छिपी थी। भारत ने बल्लेबाजी में सिर्फ 32 रन बनाए, लेकिन गेंदबाजों ने उस छोटे स्कोर को बचाने में कामयाबी हासिल की।
इस जीत के बावजूद भारतीय टीम के बल्लेबाजी प्रदर्शन पर सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि मैच सामान्य परिस्थितियों में नहीं खेला गया था। बारिश के कारण सिर्फ 5 ओवर का मुकाबला होने से बल्लेबाजों के लिए जोखिम बढ़ गया था। गीले मैदान और बदली हुई परिस्थितियों में किसी भी टीम के लिए बल्लेबाजी आसान नहीं थी। इसलिए इस मैच के स्कोर को सामान्य 20 ओवर के T20 मुकाबले के प्रदर्शन के बराबर नहीं देखा जाना चाहिए।
फिर भी जापान के खिलाफ भारत का शीर्ष क्रम जल्दी आउट होना टीम के लिए सीखने वाला पहलू जरूर है। अभिषेक शर्मा का खाता नहीं खुला, संजू सैमसन 9 रन और ईशान किशन 3 रन ही बना सके। ऐसे में श्रेयस अय्यर की 16 रन की पारी भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण बल्लेबाजी योगदान रही।
भारत की गेंदबाजी ने हालांकि मुश्किल स्थिति में अच्छा काम किया। 33 रन के लक्ष्य का बचाव करने के लिए भारतीय गेंदबाजों को हर गेंद पर दबाव बनाए रखना था। वॉशिंगटन सुंदर के 2 विकेट और अक्षर पटेल का किफायती अंतिम ओवर भारत की जीत के मुख्य कारणों में रहे। खासकर आखिरी ओवर में सिर्फ 5 रन देना भारत के लिए निर्णायक साबित हुआ।
जापान की टीम इस मैच में भले ही जीत हासिल नहीं कर सकी, लेकिन उसने भारतीय टीम को कड़ी चुनौती दी। 41वीं रैंक वाली जापानी टीम ने भारत को 5 ओवर में 32 रन तक सीमित किया और खुद 30 रन बनाए। यानी मुकाबला लगभग बराबरी पर रहा। सिर्फ दो रन का अंतर यह बताता है कि जापान की टीम ने अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया।
इस मुकाबले का ऐतिहासिक महत्व भी है। भारत और जापान पहली बार पुरुष T20I में आमने-सामने आए। यह मैच दोनों देशों के बीच 75 साल की राजनयिक दोस्ती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का हिस्सा था। इसके अलावा भारतीय टीम के लिए यह 2026 एशियन गेम्स की तैयारियों से पहले एक अभ्यास मैच की भूमिका में भी था।
मैच से पहले भारत को स्पष्ट रूप से मजबूत टीम माना जा रहा था। भारत T20 क्रिकेट में विश्व चैंपियन टीम है और जापान की तुलना में उसका अंतरराष्ट्रीय अनुभव काफी अधिक है। दूसरी तरफ जापान ने अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी जगह मजबूत करने की प्रक्रिया शुरू की है। यही कारण है कि मैच के दौरान जब जापान ने भारत को सिर्फ 32 रन पर रोक दिया तो क्रिकेट प्रशंसकों की दिलचस्पी काफी बढ़ गई।
जापान के लिए यह मुकाबला अनुभव के लिहाज से भी महत्वपूर्ण था। उसे दुनिया की शीर्ष T20 टीमों में शामिल भारत के खिलाफ खेलने का मौका मिला। भले ही टीम जीत से चूक गई, लेकिन 2 रन के अंतर से हार ने जापान के खिलाड़ियों को यह दिखाया कि वे छोटे प्रारूप में मजबूत टीमों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। भारतीय गेंदबाजों के सामने आखिरी ओवर तक मुकाबला ले जाना जापान के लिए महत्वपूर्ण अनुभव रहा।
भारत के लिए यह मुकाबला एशियन गेम्स से पहले एक अलग तरह की तैयारी भी था। छोटी अवधि के मैच में दबाव संभालना और सीमित गेंदों में स्कोर का बचाव करना किसी भी T20 टीम के लिए उपयोगी अभ्यास हो सकता है। हालांकि एशियन गेम्स के मुकाबले सामान्य ओवरों में खेले जाएंगे, इसलिए इस मैच के आंकड़ों को सीधे आगामी मुकाबलों से जोड़ना उचित नहीं होगा।
एक और दिलचस्प बात यह रही कि भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह को आराम दिया गया था। टीम प्रबंधन के लिए यह मुकाबला खिलाड़ियों को मैच अभ्यास देने और परिस्थितियों को समझने का अवसर भी था। भारत का अगला बड़ा लक्ष्य एशियन गेम्स 2026 अभियान है और टीम को वहां अलग परिस्थितियों में मुकाबले खेलने होंगे।
मैच में वैभव सूर्यवंशी को खेलने का मौका नहीं मिला। इससे पहले भारत के जापान दौरे को लेकर युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन और टीम संयोजन पर चर्चा हुई थी। लेकिन इस मुकाबले में भारत की बल्लेबाजी लाइनअप को ज्यादा रन बनाने का अवसर ही नहीं मिला, क्योंकि बारिश ने मैच को सिर्फ 5 ओवर का कर दिया।
मुकाबले में कुछ अंपायरिंग फैसले भी चर्चा में रहे। आखिरी ओवर के दौरान वाइड से जुड़े फैसले को लेकर स्थिति थोड़ी विवादित रही और मैच के अंतिम क्षणों में तनाव बढ़ गया। ऐसे छोटे मुकाबलों में एक अतिरिक्त गेंद या एक रन भी पूरा परिणाम बदल सकता है। आखिर में भारत ने अपनी बढ़त बनाए रखी और दो रन से जीत दर्ज की।
भारत की जीत का एक और रिकॉर्ड से जुड़ा पहलू भी सामने आया। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक इस जीत के साथ भारत ने T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी 200वीं जीत दर्ज की। यह उपलब्धि भारत के छोटे प्रारूप में लंबे समय से चले आ रहे दबदबे को दिखाती है। हालांकि मैच का अंतर सिर्फ दो रन रहा, लेकिन रिकॉर्ड बुक में यह जीत भारत के खाते में दर्ज हो गई।
अगर पूरे मैच को तीन हिस्सों में देखा जाए तो पहला हिस्सा भारत की बल्लेबाजी का रहा, जहां जापान ने शानदार गेंदबाजी करके भारत को 32 रन तक सीमित किया। दूसरा हिस्सा जापान की बल्लेबाजी का था, जहां उसकी टीम ने छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत पर दबाव बनाया। तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा आखिरी ओवर रहा, जहां अक्षर पटेल ने 8 रन के लक्ष्य को बचाते हुए भारत को जीत दिलाई।
भारत की बल्लेबाजी के लिहाज से श्रेयस अय्यर सबसे सफल रहे। 16 रन बहुत बड़ा स्कोर नहीं है, लेकिन 5 ओवर के मुकाबले में भारत की कुल 32 रन की पारी में उनका योगदान लगभग आधा रहा। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में पारी को संभालने की कोशिश की और टीम को 30 रन के पार पहुंचाने में मदद की।
गेंदबाजी में वॉशिंगटन सुंदर ने दो विकेट लेकर जापान पर दबाव बनाया। वहीं अक्षर पटेल ने आखिरी ओवर में मैच भारत के पक्ष में कर दिया। दोनों स्पिन गेंदबाजों का योगदान उस पिच और मैच की परिस्थितियों में महत्वपूर्ण रहा। भारतीय टीम ने पूरे मुकाबले में स्पिन का इस्तेमाल करके जापान की रन गति पर नियंत्रण रखने की कोशिश की।
जापान के लिए चार्ली हारा-हिंजे का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। उन्होंने भारत के खिलाफ दो विकेट लिए और भारतीय बल्लेबाजों को तेजी से रन बनाने से रोका। जापानी गेंदबाजों ने जिस अनुशासन के साथ गेंदबाजी की, वह इस मैच के सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक रहा।
इस मुकाबले से भारतीय टीम को भी यह सीख मिली कि T20 क्रिकेट में किसी भी टीम को हल्के में लेना जोखिम भरा हो सकता है। हालांकि यह मैच बारिश के कारण असामान्य परिस्थितियों में हुआ था, लेकिन जापान ने अपनी क्षमता दिखाई और भारत को आखिरी गेंद तक संघर्ष करना पड़ा। यही वजह है कि यह मुकाबला सिर्फ एक सामान्य अभ्यास मैच के बजाय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए रोमांचक और यादगार बन गया।
भारत ने अंततः मुकाबला जीत लिया, लेकिन जीत का अंतर सिर्फ 2 रन रहा। भारत का स्कोर 32/4 और जापान का स्कोर 30/3 रहा। यानी जापान सिर्फ दो रन दूर था। अगर आखिरी ओवर में एक चौका या कुछ अतिरिक्त रन आ जाते तो मुकाबले का परिणाम पूरी तरह बदल सकता था।
भारत के लिए अब इस मुकाबले से आगे बढ़कर एशियन गेम्स पर ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा। जापान के खिलाफ मैच ने खिलाड़ियों को बारिश, कम ओवर और दबाव वाली परिस्थितियों में खेलने का अनुभव दिया। वहीं जापान को भारत जैसी शीर्ष टीम के खिलाफ करीबी मुकाबला खेलने का आत्मविश्वास मिला।
कुल मिलाकर भारत ने जापान के खिलाफ जीत जरूर हासिल की, लेकिन यह जीत एकतरफा नहीं रही। 41वीं रैंक वाली जापान की टीम ने भारतीय बल्लेबाजों को 32 रन तक रोककर और लक्ष्य का पीछा करते हुए 30 रन बनाकर मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया। श्रेयस अय्यर के 16 रन, वॉशिंगटन सुंदर के दो विकेट और अक्षर पटेल का अंतिम ओवर भारत की जीत के प्रमुख हिस्से रहे।
भारत के लिए सबसे बड़ी राहत यह रही कि टीम ने 32 रन जैसे छोटे स्कोर को भी बचा लिया। जापान के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि उसने भारत को आखिरी गेंद तक दबाव में रखा। इस तरह भारत और जापान का पहला T20I मुकाबला क्रिकेट के इतिहास में एक बेहद करीबी मुकाबले के रूप में दर्ज हो गया।
यह मैच यह भी बताता है कि क्रिकेट में रैंकिंग और नाम के बावजूद मैदान पर परिस्थितियां बहुत कुछ बदल सकती हैं। भारत कागज पर मजबूत था, लेकिन बारिश से छोटा हुआ मैच और जापान की अनुशासित गेंदबाजी ने मुकाबले को बराबरी के करीब ला दिया। अंत में भारत के गेंदबाजों ने दबाव बेहतर तरीके से संभाला और टीम को सिर्फ दो रन की जीत दिला दी।
भारत बनाम जापान मुकाबले का अंतिम स्कोर साफ तौर पर इस रोमांच को बताता है—भारत 32/4 (5 ओवर), जापान 30/3 (5 ओवर), भारत 2 रन से विजयी। यह मुकाबला 22 सितंबर 2026 को सानो में खेला गया और दोनों देशों के बीच पहला T20I था।
टीम इंडिया की प्रैक्टिस तूफान से रद्द: 22 सितंबर को जापान से ऐतिहासिक T20I, श्रेयस अय्यर बोले- लोग मिलनसार
http://बारिश से प्रभावित 5 ओवर के मुकाबले में भारत ने जापान को 2 रन से हराया।
