अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों को आज दुनिया के सबसे सफल प्रवासी समुदायों में गिना जाता है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका की कुल आबादी में भारतीय मूल के लोगों की हिस्सेदारी केवल करीब 1.5 प्रतिशत है, लेकिन देश की कुल टैक्स आय में उनका योगदान लगभग 6 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। यह आंकड़ा इस बात का संकेत देता है कि भारतीय मूल के लोग अमेरिका की अर्थव्यवस्था में कितना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
अमेरिका में भारतीय समुदाय की सफलता अचानक नहीं आई है। पिछले कई दशकों में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र, इंजीनियर, डॉक्टर और उद्यमी अमेरिका पहुंचे और उन्होंने वहां अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर मजबूत पहचान बनाई। आज अमेरिका की कई बड़ी टेक कंपनियों में भारतीय मूल के लोग प्रमुख पदों पर कार्य कर रहे हैं।
सिलिकॉन वैली को तकनीकी नवाचार का केंद्र माना जाता है और यहां भारतीय मूल के पेशेवरों की बड़ी संख्या मौजूद है। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एडोबी और कई अन्य बड़ी कंपनियों में भारतीय मूल के अधिकारी उच्च पदों पर कार्यरत हैं। इससे न केवल तकनीकी क्षेत्र में भारतीयों की प्रतिष्ठा बढ़ी है बल्कि आर्थिक योगदान भी तेजी से बढ़ा है।
रिपोर्ट के अनुसार भारतीय मूल के परिवार हर साल अरबों डॉलर का टैक्स अमेरिका की सरकार को देते हैं। अनुमान है कि भारतीय मूल के लोग लगभग 28 लाख करोड़ रुपये के बराबर टैक्स का योगदान करते हैं। यह आंकड़ा अमेरिका की कुल टैक्स आय का करीब 6 प्रतिशत है।
अमेरिका में भारतीय समुदाय की औसत आय भी कई अन्य समुदायों की तुलना में अधिक पाई गई है। इसका मुख्य कारण यह है कि भारतीय मूल के लोग शिक्षा और पेशेवर कौशल पर अधिक ध्यान देते हैं। बड़ी संख्या में भारतीय इंजीनियरिंग, मेडिकल, फाइनेंस और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में काम करते हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में भी भारतीय छात्रों की उपस्थिति काफी मजबूत है। अमेरिका के विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले विदेशी छात्रों में भारतीय छात्रों की संख्या सबसे अधिक मानी जाती है। हजारों भारतीय छात्र हर साल उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका जाते हैं और वहां पढ़ाई पूरी करने के बाद कई छात्र वहीं नौकरी भी करने लगते हैं।
भारतीय मूल के उद्यमियों ने भी अमेरिका की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान दिया है। कई भारतीय उद्यमियों ने वहां सफल स्टार्टअप शुरू किए हैं, जिनसे हजारों लोगों को रोजगार मिला है। टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और फाइनेंस जैसे क्षेत्रों में भारतीय मूल के उद्यमियों का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय समुदाय की सफलता का एक महत्वपूर्ण कारण उनकी शिक्षा के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता और मेहनत करने की प्रवृत्ति है। भारतीय परिवार आमतौर पर बच्चों को उच्च शिक्षा और पेशेवर करियर के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे उन्हें बेहतर अवसर मिलते हैं।
इसके अलावा भारतीय समुदाय सामाजिक रूप से भी काफी संगठित माना जाता है। विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक संगठनों के माध्यम से भारतीय मूल के लोग अपनी संस्कृति और परंपराओं को भी बनाए रखते हैं।
अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की सफलता ने भारत की वैश्विक छवि को भी मजबूत किया है। जब भारतीय मूल के लोग बड़ी कंपनियों का नेतृत्व करते हैं या महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हैं तो इससे भारत की प्रतिभा और क्षमता का भी प्रदर्शन होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो सकती है। तकनीकी विकास, स्टार्टअप और वैश्विक व्यापार के बढ़ते अवसरों के साथ भारतीय समुदाय का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
इस तरह देखा जाए तो भले ही अमेरिका की कुल आबादी में भारतीयों की हिस्सेदारी कम हो, लेकिन आर्थिक और पेशेवर क्षेत्र में उनका योगदान काफी बड़ा है।
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