प्रधानमंत्री Narendra Modi इन दिनों हिंद महासागर क्षेत्र के महत्वपूर्ण द्वीपीय देश Seychelles के दौरे पर हैं। इस यात्रा के दौरान उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें वे सेशेल्स के प्रसिद्ध एल्डाब्रा विशाल कछुओं (Aldabra Giant Tortoise) को अपने हाथों से पत्तियां खिलाते दिखाई दे रहे हैं। यह दृश्य केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि भारत और सेशेल्स के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों का भी प्रतीक माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री का यह दौरा कई कारणों से खास माना जा रहा है। इस वर्ष सेशेल्स अपनी स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ मना रहा है और प्रधानमंत्री मोदी इस राष्ट्रीय समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए हैं। किसी भारतीय प्रधानमंत्री का इस विशेष अवसर पर मुख्य अतिथि बनना दोनों देशों के मजबूत रिश्तों को दर्शाता है।
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वहां के प्राकृतिक संरक्षण कार्यक्रमों का भी अवलोकन किया। इसी क्रम में उन्होंने विश्व प्रसिद्ध एल्डाब्रा विशाल कछुओं को पत्तियां खिलाईं। ये कछुए दुनिया के सबसे बड़े स्थलीय कछुओं में गिने जाते हैं और सेशेल्स की जैव विविधता का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन्हें भारत और सेशेल्स की स्थायी मित्रता का प्रतीक भी बताया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा दोनों देशों की साझा प्राथमिकताओं में शामिल हैं। जलवायु परिवर्तन, समुद्री पारिस्थितिकी और जैव विविधता की रक्षा जैसे विषयों पर भारत और सेशेल्स लगातार सहयोग बढ़ा रहे हैं।
इस यात्रा के दौरान भारत और सेशेल्स के ऐतिहासिक संबंधों की भी व्यापक चर्चा हुई। इतिहासकारों के अनुसार लगभग 256 वर्ष पहले भारतीय मूल के शुरुआती लोग व्यापार और आजीविका के लिए सेशेल्स पहुंचे थे। समय के साथ भारतीय समुदाय वहां की अर्थव्यवस्था, व्यापार और सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया। आज अनुमानतः सेशेल्स की आबादी का लगभग हर आठवां व्यक्ति भारतीय मूल से जुड़ा माना जाता है।
सेशेल्स में भारतीय मूल के लोग मुख्य रूप से व्यापार, पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और विभिन्न पेशों में सक्रिय हैं। कई भारतीय परिवार पीढ़ियों से वहां रह रहे हैं और उन्होंने स्थानीय संस्कृति के साथ गहरा जुड़ाव बनाया है।
भारत और सेशेल्स के संबंध केवल सांस्कृतिक नहीं बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, समुद्री डकैती रोकने, आपदा प्रबंधन और ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच लगातार सहयोग बढ़ा है।
भारत ने वर्षों से सेशेल्स को रक्षा सहयोग, तटरक्षक क्षमता, प्रशिक्षण, चिकित्सा सहायता और विकास परियोजनाओं में सहयोग दिया है। दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग हिंद महासागर क्षेत्र की स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों में हिंद महासागर का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में भारत और सेशेल्स जैसे साझेदार देशों के बीच मजबूत संबंध क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक सहयोग दोनों के लिए उपयोगी हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे के दौरान भारतीय समुदाय से भी मुलाकात की। वहां मौजूद लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और भारत-सेशेल्स संबंधों को और मजबूत बनाने की उम्मीद जताई। भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री की यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया।
सेशेल्स पर्यटन के लिए भी पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। यहां के सफेद रेतीले समुद्र तट, साफ नीला समुद्र, प्रवाल भित्तियां और दुर्लभ वन्यजीव हर वर्ष लाखों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। एल्डाब्रा एटोल और विशाल कछुए इस देश की सबसे बड़ी पहचान माने जाते हैं।
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार एल्डाब्रा विशाल कछुए 150 वर्ष या उससे भी अधिक समय तक जीवित रह सकते हैं। इनका संरक्षण पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह प्रजाति जैव विविधता का अनमोल हिस्सा है।
सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी का कछुओं को पत्तियां खिलाने वाला वीडियो तेजी से वायरल हुआ। कई लोगों ने इसे प्रकृति संरक्षण के प्रति सकारात्मक संदेश बताया, जबकि अन्य लोगों ने भारत-सेशेल्स की दोस्ती का सुंदर प्रतीक बताया।
भारत की विदेश नीति में हिंद महासागर क्षेत्र को विशेष महत्व दिया जाता है। इसी रणनीति के तहत भारत समुद्री पड़ोसी देशों के साथ आर्थिक, सांस्कृतिक और सुरक्षा सहयोग को लगातार मजबूत कर रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे द्वीपीय देशों के साथ मजबूत संबंध केवल कूटनीतिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि समुद्री व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहा। इसमें सांस्कृतिक जुड़ाव, पर्यावरण संरक्षण, भारतीय समुदाय से संवाद और रणनीतिक सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण पहलू शामिल रहे। एल्डाब्रा कछुओं को पत्तियां खिलाने का उनका वीडियो इस पूरे दौरे का सबसे चर्चित क्षण बन गया और भारत-सेशेल्स की मित्रता को दुनिया के सामने एक नई पहचान मिली।
