भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट से जुड़ी अपनी एक ऐसी निजी याद साझा की है, जिसमें क्रिकेट के दबाव के साथ-साथ मां के हाथ से बने खाने की याद भी जुड़ी हुई है। रोहित ने बताया कि टेस्ट मैचों के दौरान उन्हें कई बार nervousness के कारण रात में नींद नहीं आती थी। ऐसे समय में उन्हें कुछ खाने का मन करता था और उनके पास एक खास comfort food मौजूद रहता था—उनकी मां के हाथ से बने केले के wafers यानी banana chips।
रोहित शर्मा ने यह बात अपने शो Family Full House with Rohit Sharma में कही। बातचीत के दौरान जब उनसे रात में कुछ खाने की इच्छा और उनके पसंदीदा snack के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने टेस्ट क्रिकेट के दिनों की याद साझा की। उनके मुताबिक टेस्ट मैच उनके लिए सबसे पसंदीदा format था, लेकिन इसी format को लेकर उनके अंदर nervousness भी रहती थी। इस वजह से कई बार वह रातभर जागते रहते थे।
रोहित का यह खुलासा इसलिए भी खास है क्योंकि मैदान पर उन्हें अक्सर शांत और confident बल्लेबाज के रूप में देखा गया है। लेकिन उन्होंने बताया कि टेस्ट क्रिकेट में उनके लिए मानसिक दबाव अलग तरह का था। पांच दिन तक चलने वाले मैच में हर session में परिस्थितियां बदल सकती थीं और बल्लेबाज को लंबे समय तक concentration बनाए रखना पड़ता था।
रोहित ने बताया कि जब वह टेस्ट मैच खेलते थे, तो उनके अंदर nervousness रहती थी। इसी वजह से उन्हें रात में नींद नहीं आती थी। रात में जागते रहने के दौरान स्वाभाविक रूप से कुछ खाने का मन करता था। ऐसे समय में उनकी मां द्वारा बनाए गए banana wafers उनके साथ रहते थे।
उन्होंने यह भी बताया कि उनकी मां इन banana wafers को सामान्य तरीके से deep fry नहीं करती थीं, बल्कि उन्हें bake करती थीं। रोहित इन्हें अपने साथ रखते थे और जब भी रात में कुछ खाने का मन होता था, तब इन्हें खा लेते थे। यह snack उनके लिए केवल खाना नहीं था, बल्कि घर और परिवार से जुड़ी एक comforting memory भी थी।
टेस्ट क्रिकेट को अक्सर क्रिकेट का सबसे चुनौतीपूर्ण format माना जाता है क्योंकि इसमें खिलाड़ियों को लंबे समय तक मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार रहना पड़ता है। एक टेस्ट मैच में बल्लेबाज को केवल कुछ घंटों के लिए नहीं बल्कि कई sessions में अपनी concentration बनाए रखनी होती है। गेंदबाजों को भी लगातार spells डालने पड़ते हैं और fielders को लंबे समय तक मैदान पर रहना पड़ता है।
रोहित शर्मा ने अपने करियर में टेस्ट क्रिकेट में कई यादगार पारियां खेलीं। उन्होंने भारत के लिए 67 टेस्ट मैच खेले और कुल 4,301 रन बनाए। उनके नाम इस format में 12 centuries और 18 half-centuries दर्ज हैं, जबकि उनका highest score 212 रन रहा। उन्होंने 2024 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया।
उनके टेस्ट करियर का एक बड़ा हिस्सा उस बदलाव से जुड़ा रहा जिसमें वह सीमित ओवरों के क्रिकेट में top-order बल्लेबाज से टेस्ट क्रिकेट में भी opening role तक पहुंचे। टेस्ट cricket में opener की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है क्योंकि नई गेंद के खिलाफ शुरुआती overs में बल्लेबाजी करनी पड़ती है। इस दौरान गेंद swing और seam कर सकती है और बल्लेबाज के लिए शुरुआती समय चुनौतीपूर्ण होता है।
रोहित ने अपने करियर के अलग-अलग phases में कई बार भूमिका बदली। शुरुआती वर्षों में उन्हें टेस्ट टीम में middle-order बल्लेबाज के रूप में देखा गया, जबकि बाद में उन्हें opener के रूप में मौका मिला। इस बदलाव के बाद उनके टेस्ट career में एक महत्वपूर्ण phase आया।
उनके लिए टेस्ट मैच केवल technique का खेल नहीं था। मानसिक तैयारी भी उतनी ही जरूरी थी। यही कारण है कि उन्होंने बताया कि मैच से जुड़ी nervousness कभी-कभी उनकी नींद तक प्रभावित करती थी।
क्रिकेट के बाहर से देखने पर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बहुत confident दिखाई दे सकते हैं। लेकिन मैदान पर उत
रने से पहले उनके मन में भी pressure और expectations होते हैं। रोहित का यह अनुभव इसी मानवीय पहलू को सामने लाता है।
टेस्ट मैच में एक छोटी सी गलती भी बल्लेबाज की पूरी पारी को खत्म कर सकती है। इसलिए बल्लेबाज को शुरुआत से ही अपनी technique और concentration पर भरोसा रखना पड़ता है। लंबे format में patience का महत्व और बढ़ जाता है।
रोहित के लिए banana wafers का महत्व इसी context में समझा जा सकता है। जब कोई खिलाड़ी अपने घर से दूर hotel में रहता है और लगातार international cricket खेलता है, तब घर का बना खाना उसे familiar और comfortable महसूस करा सकता है।
मां के हाथ से बने खाने की याद खिलाड़ियों के लिए नई बात नहीं है। कई athletes बताते रहे हैं कि travel और competition के बीच घर का खाना उन्हें emotional comfort देता है। रोहित के मामले में भी banana wafers उनके लिए एक ऐसा ही comfort food था।
उन्होंने साफ बताया कि यह snack उनकी मां बनाकर देती थीं और वह इसे अपने साथ लेकर चलते थे। इस छोटी सी बात में उनके क्रिकेट career के एक अलग पक्ष की झलक मिलती है। मैदान पर बड़े score और records बनाने वाले खिलाड़ी की निजी जिंदगी में भी परिवार की छोटी-छोटी चीजें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
रोहित का टेस्ट क्रिकेट के प्रति लगाव भी उनके बयान में साफ दिखाई देता है। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट को अपना favourite format बताया। यह बात खास है क्योंकि रोहित ने limited-overs cricket में भी बहुत बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं और IPL में भी उनका लंबा और सफल career रहा है।
भारत के लिए international cricket में तीनों formats में खेलने वाले खिलाड़ियों में रोहित का नाम प्रमुख रहा है। उन्होंने ODI और T20 cricket में भी कई बड़ी पारियां खेलीं। लेकिन टेस्ट क्रिकेट के बारे में उनका व्यक्तिगत attachment अलग रहा।
टेस्ट क्रिकेट में उन्हें शुरुआती दौर में लगातार मौके नहीं मिले। बाद में जब उन्हें opening position मिली तो उन्होंने इस मौके का फायदा उठाया। उनके career में कई ऐसे moments आए जब उन्होंने लंबे innings खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
उनका 212 रन का टेस्ट score भी इसी लंबे format में उनकी क्षमता को दिखाता है। Test cricket में double century बनाना बल्लेबाज की concentration और endurance की बड़ी परीक्षा होती है।
रोहित शर्मा की इस बातचीत का दूसरा हिस्सा IPL से जुड़ा है। उनसे यह भी पूछा गया कि अगर उन्हें अपने IPL career के लिए एक टीम चुननी हो तो वह कौन सी होगी। रोहित का नाम Mumbai Indians के साथ लंबे समय से जुड़ा रहा है और उन्होंने इसी franchise के लिए IPL में अपने career का बड़ा हिस्सा बिताया है।
मुंबई से उनका रिश्ता क्रिकेट शुरू होने से पहले का है। वह मुंबई में पले-बढ़े और घरेलू क्रिकेट में भी मुंबई का प्रतिनिधित्व किया। अपने शुरुआती cricket career में वह Mumbai age-group teams से जुड़े रहे और बाद में Mumbai Ranji team तक पहुंचे।
IPL में Mumbai Indians के साथ रोहित का रिश्ता 2011 में शुरू हुआ और 2013 से उन्होंने टीम की captaincy संभाली। उन्होंने टीम को पांच IPL titles जिताने में कप्तान के रूप में भूमिका निभाई। बाद में captaincy की भूमिका बदल गई, लेकिन Mumbai Indians के साथ उनका संबंध जारी रहा।
रोहित ने अलग-अलग मौकों पर Mumbai Indians के साथ अपने लंबे जुड़ाव की बात की है। 2025 में उन्होंने अपने MI journey के बारे में बताते हुए कहा था कि समय के साथ roles और teammates बदलते रहे, लेकिन उनका mindset नहीं बदला।
Mumbai Indians के साथ उनका relationship केवल एक IPL contract तक सीमित नहीं रहा। वह franchise के सबसे पहचान वाले खिलाड़ियों में से एक बने। कप्तान के तौर पर उन्होंने टीम को कई बार title तक पहुंचाया और franchise के इतिहास में उनका नाम महत्वपूर्ण रूप से जुड़ा।
इसी वजह से जब उनसे IPL team के बारे में पूछा जाता है तो Mumbai Indians का नाम स्वाभाविक रूप से सामने आता है। उनका घरेलू शहर मुंबई है, घरेलू cricket career मुंबई से शुरू हुआ और IPL career में भी Mumbai Indians के साथ उन्होंने लंबा समय बिताया।
उनके IPL career में कई memorable moments रहे हैं। Mumbai Indians की तरफ से खेलते हुए उन्होंने कई मैच जिताऊ पारियां खेलीं। एक समय वह टीम के कप्तान भी रहे और leadership के दौरान खिलाड़ियों को संभालने तथा pressure situations में decision लेने की जिम्मेदारी निभाई।
2013 में जब उन्हें Mumbai Indians की captaincy मिली, तब उन्होंने धीरे-धीरे अपनी leadership identity बनाई। टीम में बड़े international players के साथ काम करना और युवा खिलाड़ियों को मौका देना उनके captaincy period की प्रमुख विशेषताओं में रहा।
Rohit की leadership style पर लंबे समय से चर्चा होती रही है। वह मैदान पर relatively calm दिखाई देते हैं और खिलाड़ियों से बातचीत करने पर जोर देते हैं। Mumbai Indians में उनके captaincy period के दौरान कई युवा खिलाड़ियों ने भी बड़ी भूमिका हासिल की।
उनके साथ खेलने वाले खिलाड़ियों में Jasprit Bumrah और Hardik Pandya जैसे नाम शामिल रहे हैं। Mumbai Indians की टीम में कई ऐसे खिलाड़ियों ने progress की जिन्हें बाद में भारतीय टीम में भी महत्वपूर्ण भूमिका मिली।
हालांकि IPL career में हर season एक जैसा नहीं रहा। 2024 में Mumbai Indians का season चुनौतीपूर्ण रहा और टीम league stage में आखिरी स्थान पर रही। इसके बाद 2024 T20 World Cup की तैयारी पर रोहित का ध्यान गया। भारत ने उस tournament में South Africa को हराकर title जीता। 2025 में एक बातचीत में रोहित ने उस period को career के उतार-चढ़ाव का हिस्सा बताया था।
रोहित ने यह भी कहा था कि उनके career के 17-18 वर्षों में कई ups and downs आए और इन अनुभवों ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया। उनका career इस बात का उदाहरण रहा है कि international cricket में लंबे समय तक बने रहने के लिए लगातार बदलावों के साथ खुद को adapt करना पड़ता है।
Test cricket से retirement के बाद रोहित का international career limited-overs cricket तक सीमित हो गया। उन्होंने T20 international cricket से भी 2024 T20 World Cup के बाद retirement लिया था। इसके बाद ODI cricket उनके international career का मुख्य हिस्सा रहा।
हालांकि 2024 के बाद उनके career का focus बदल गया, लेकिन fans के बीच उनकी लोकप्रियता बनी रही। Mumbai Indians के साथ उनका जुड़ाव भी जारी रहा और IPL में उनकी भूमिका समय के साथ बदलती रही।
2026 IPL season में भी Mumbai Indians की coverage में रोहित टीम के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे। Mumbai Indians की official website पर 2026 season के दौरान टीम और Rohit से जुड़े कई moments प्रकाशित किए गए।
रोहित की banana wafers वाली कहानी उनके cricket career के बड़े records से बिल्कुल अलग है। यही वजह है कि यह बात fans को ज्यादा personal लग सकती है। एक तरफ करोड़ों लोग उन्हें बड़े stadiums में बल्लेबाजी करते देखते हैं और दूसरी तरफ खिलाड़ी खुद बता रहा है कि match pressure के बीच रात में उसे नींद नहीं आती थी और वह मां के बनाए snack से comfort लेता था।
यह कहानी यह भी बताती है कि professional sport में mental pressure कितना वास्तविक हो सकता है। International players को लगातार performance expectations, media attention, team responsibilities और competition का सामना करना पड़ता है।
Test cricket में यह pressure कई बार और ज्यादा महसूस हो सकता है क्योंकि मैच कई दिनों तक चलता है। एक खराब session के बाद खिलाड़ी के पास अगले दिन वापसी का मौका होता है, लेकिन उसके लिए मानसिक रूप से तैयार रहना जरूरी होता है।
रोहित ने अपने बयान में nervousness को कमजोरी के रूप में पेश नहीं किया। बल्कि उन्होंने बताया कि Test cricket उनका favourite format था और उसी वजह से वह उसके लिए ज्यादा nervous भी रहते थे। यह एक दिलचस्प psychological point है—कभी-कभी जिस चीज की सबसे ज्यादा परवाह होती है, उससे जुड़ा pressure भी उतना ही ज्यादा महसूस हो सकता है।
उनके banana wafers भी इसी pressure के बीच एक छोटी comfort routine का हिस्सा थे। वह उन्हें अपने साथ रखते थे और रात में जागने पर खाते थे। उनकी मां का बनाया हुआ snack होने के कारण यह उनके लिए घर से जुड़ी हुई चीज भी थी।
यह किस्सा क्रिकेट fans के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि रोहित शर्मा की सार्वजनिक छवि आम तौर पर बड़े shots, sixes, IPL trophies और international records से जुड़ी रहती है। लेकिन इस बातचीत में उन्होंने अपने career का एक निजी और कम दिखाई देने वाला हिस्सा साझा किया।
उनके Test career की बात करें तो 67 matches में 4,301 runs का आंकड़ा उनके लंबे international career का महत्वपूर्ण हिस्सा है। 12 centuries और 18 fifties के साथ उन्होंने Test cricket में कई यादगार innings खेलीं। उनका highest score 212 रहा।
IPL में Mumbai Indians के साथ उनके career ने भी उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल किया। Captain के रूप में पांच IPL titles जीतना उनके career की बड़ी उपलब्धियों में रहा है।
हालांकि अब उनके career का phase पहले से अलग है। Captaincy बदल चुकी है, Test और T20 international cricket से retirement हो चुका है और IPL में भी उनकी भूमिका समय के साथ बदलती रही है। लेकिन Mumbai Indians से उनका जुड़ाव अभी भी उनकी cricket identity का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
रोहित की कहानी में मुंबई का महत्व भी नजर आता है। उन्होंने बहुत कम उम्र में मुंबई की age-group cricket में खेलना शुरू किया था। 2007 के एक पुराने interview में उन्होंने बताया था कि वह 13 साल की उम्र में Mumbai Under-14 tournaments में खेल रहे थे और बाद में Under-17 cricket तथा NCA से भी जुड़े।
यानी उनका “Mumbai” connection केवल IPL franchise से नहीं है। यह उनके क्रिकेटिंग upbringing का भी हिस्सा है।
इसीलिए जब उनके IPL future या पसंदीदा franchise की बात होती है, तो Mumbai Indians का नाम उनके career history से सीधे जुड़ता है। यह connection एक खिलाड़ी और franchise के बीच लंबे समय तक बने रहने वाले relationships में से एक है।
रोहित शर्मा की latest बातचीत का सबसे दिलचस्प हिस्सा यही है कि इसमें cricket के glamorous side के बजाय खिलाड़ी की personal routine सामने आई। Test match की nervousness, रात में नींद न आना और मां के हाथ से बने banana wafers—ये सभी बातें एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर को आम इंसान के करीब दिखाती हैं।
टेस्ट क्रिकेट के दबाव के बारे में रोहित की बात उन युवा खिलाड़ियों के लिए भी relatable हो सकती है जो बड़े मैच से पहले nervous महसूस करते हैं। Nervousness होना अपने आप में असामान्य नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि खिलाड़ी उस pressure के साथ कैसे deal करता है।
रोहित के लिए उस समय comfort food एक छोटा सहारा था। आज sports science में खिलाड़ियों की sleep, nutrition और mental preparation पर काफी ध्यान दिया जाता है। लेकिन career के शुरुआती और मध्य वर्षों में खिलाड़ियों की अपनी personal routines भी महत्वपूर्ण होती हैं।
रोहित के मामले में उनकी मां के बनाए banana wafers ऐसी ही routine का हिस्सा बन गए थे।
कुल मिलाकर, रोहित शर्मा ने अपने हालिया शो में टेस्ट क्रिकेट से जुड़ी एक निजी याद साझा करते हुए बताया कि मैचों के दौरान nervousness के कारण उन्हें कई बार रात में नींद नहीं आती थी। ऐसी रातों में वह अपनी मां के बनाए baked banana wafers खाते थे। साथ ही IPL में उनके लंबे Mumbai Indians connection को देखते हुए Mumbai का उनके career में विशेष स्थान रहा है।
उनकी यह कहानी क्रिकेट के आंकड़ों से अलग एक मानवीय पहलू सामने लाती है। बड़े मैचों में दबाव झेलने वाला खिलाड़ी भी मैच की रात बेचैन हो सकता है, उसे घर के खाने की याद आ सकती है और उसे comfort देने वाली छोटी-सी चीज उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। रोहित की banana wafers वाली याद इसी सरल लेकिन दिलचस्प पहलू को सामने लाती है।
