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ऑस्कर 2027: भारत की फिल्म एंट्री प्रक्रिया शुरू, 9 सितंबर को हो सकता है ऐलान

भारतीय सिनेमा के लिए एक बार फिर दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म अवॉर्ड्स में शामिल ऑस्कर की दौड़ शुरू हो गई है। 99वें अकादमी अवॉर्ड्स के लिए भारत की ओर से आधिकारिक एंट्री भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया यानी FFI ने भारतीय फिल्म निर्माताओं से फिल्मों को आधिकारिक चयन के लिए जमा करने की अपील की है। इसके साथ ही यह सवाल भी तेज हो गया है कि इस बार भारत की तरफ से कौन-सी फिल्म दुनिया के सबसे बड़े फिल्म मंच पर पहुंचेगी।

आपके दिए शीर्षक में 9 सितंबर को घोषणा की बात है, लेकिन उपलब्ध ताजा रिपोर्टों और आधिकारिक Academy कैलेंडर से अभी उस तारीख की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिलती। इसलिए इस लेख में 9 सितंबर को संभावित/रिपोर्टेड घोषणा तारीख के रूप में ही रखा गया है, अंतिम घोषित तारीख के रूप में नहीं। वहीं Academy के आधिकारिक नियमों के अनुसार 99वें Oscars के लिए International Feature Film की सबमिशन डेडलाइन 30 सितंबर 2026 है।

भारत के लिए यह प्रक्रिया इसलिए खास है क्योंकि देश में हर साल कई भाषाओं और अलग-अलग क्षेत्रों से शानदार फिल्में बनती हैं। हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, बंगाली, मराठी, असमिया और दूसरी भारतीय भाषाओं की फिल्मों में से चयन किया जा सकता है। अंतिम रूप से भारत की ओर से एक फिल्म को International Feature Film कैटेगरी के लिए आगे भेजा जाता है।

पिछली बार भारत की आधिकारिक एंट्री ‘होमबाउंड’ थी। नीरज घायवान के निर्देशन में बनी इस फिल्म में ईशान खट्टर, विशाल जेठवा और जाह्नवी कपूर प्रमुख भूमिकाओं में थे। फिल्म को भारत की ओर से 98वें Academy Awards के International Feature Film के लिए चुना गया था।

इस बार मुकाबला और भी दिलचस्प हो सकता है, क्योंकि 2026 में रिलीज हुई कई फिल्मों को लेकर पहले से ही दर्शकों, फिल्म समीक्षकों और इंडस्ट्री में चर्चा है। हालांकि किसी फिल्म को केवल लोकप्रियता या बॉक्स ऑफिस के आधार पर भारत की आधिकारिक Oscar entry नहीं चुना जाता। फिल्म की सिनेमाई गुणवत्ता, कहानी, निर्देशन, अभिनय, तकनीकी स्तर, सांस्कृतिक संदर्भ और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंच जैसे कई पहलुओं को देखा जाता है।

ऑस्कर 2027 के लिए भारत की प्रक्रिया कैसे शुरू हुई?

Film Federation of India ने निर्माताओं से फिल्मों को आधिकारिक चयन के लिए प्रस्तुत करने की अपील की है। FFI भारत की ओर से International Feature Film श्रेणी के लिए एक फिल्म चुनने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उसकी वेबसाइट पर Oscar entries के लिए eligibility और submission से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध है।

फिल्म निर्माताओं को अपनी फिल्मों से जुड़े जरूरी दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध करानी होती है। इसके बाद पात्र फिल्मों को चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाता है। एक चयन समिति फिल्मों को देखती है और फिर उनमें से भारत की आधिकारिक एंट्री का चुनाव करती है।

यह प्रक्रिया सिर्फ एक भाषा या एक इंडस्ट्री तक सीमित नहीं होती। भारत की विविध फिल्म इंडस्ट्री से योग्य फिल्में इस दौड़ में शामिल हो सकती हैं। यही वजह है कि हर साल Oscar selection के समय हिंदी फिल्मों के साथ-साथ दक्षिण भारतीय और क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों पर भी नजर रहती है।

भारत की फिल्म आखिर किस Oscar कैटेगरी में जाती है?

भारत की आधिकारिक फिल्म आम तौर पर International Feature Film कैटेगरी के लिए भेजी जाती है। पहले इस कैटेगरी को Best Foreign Language Film के नाम से जाना जाता था।

इसका मतलब यह नहीं है कि भारत से भेजी गई फिल्म सीधे Oscar nomination हासिल कर लेती है। भारत द्वारा चुने जाने के बाद फिल्म Academy के पास जमा होती है। इसके बाद दुनिया के अलग-अलग देशों से आई फिल्मों में से Academy की प्रक्रिया के तहत आगे का चयन होता है।

यानी भारत की official entry बनना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन यह Oscar nomination की अंतिम गारंटी नहीं है।

Academy के 2026-27 अवॉर्ड नियमों के अनुसार International Feature Film के लिए फिल्मों की पात्रता और submission की अलग प्रक्रिया है। 99वें Oscars के लिए International Feature Film submission की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 निर्धारित है।

पिछले साल ‘होमबाउंड’ क्यों चुनी गई थी?

2025 में भारत की Oscar 2026 official entry के रूप में ‘Homebound’ का चयन हुआ था। फिल्म का निर्देशन नीरज घायवान ने किया था और इसमें ईशान खट्टर, विशाल जेठवा तथा जाह्नवी कपूर मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म का निर्माण Dharma Productions से जुड़ा था और मार्टिन स्कॉर्सेसी इसके executive producer थे।

‘होमबाउंड’ की कहानी सामाजिक और मानवीय मुद्दों पर आधारित थी। फिल्म में भारत के सामाजिक ढांचे, जाति, आर्थिक असमानता और प्रवासी मजदूरों से जुड़े अनुभवों को कहानी का हिस्सा बनाया गया। Reuters के अनुसार फिल्म दो दोस्तों की कहानी के माध्यम से सामाजिक भेदभाव और कोविड-19 के दौरान प्रवासी आबादी की परेशानियों को सामने लाती है।

यही वजह थी कि फिल्म को केवल मनोरंजन के नजरिए से नहीं बल्कि सामाजिक और सिनेमाई दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना गया।

क्या इस बार कोई बड़ी बॉलीवुड फिल्म बाजी मार सकती है?

ऑस्कर चयन के समय अक्सर यह चर्चा शुरू हो जाती है कि कौन-सी बड़ी बॉलीवुड फिल्म भारत की ओर से भेजी जा सकती है। लेकिन यहां एक बात समझना जरूरी है कि बड़ी हिट फिल्म होना और Oscar के लिए सबसे उपयुक्त फिल्म होना दो अलग चीजें हैं।

किसी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 500 या 1000 करोड़ रुपये कमाए हों, इसका मतलब यह नहीं कि वह अपने आप भारत की Oscar entry बन जाएगी।

Selection committee फिल्म की कहानी, निर्देशन, अभिनय, सिनेमैटोग्राफी, एडिटिंग, संगीत और समग्र सिनेमाई प्रभाव के साथ यह भी देख सकती है कि फिल्म अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए कितनी प्रभावी है।

कई बार छोटी बजट की फिल्में भी बड़ी व्यावसायिक फिल्मों को पीछे छोड़कर आधिकारिक एंट्री बन जाती हैं। पिछले वर्षों में भारत की Oscar entries में अलग-अलग शैली और भाषाओं की फिल्मों को जगह मिली है।

क्षेत्रीय सिनेमा पर भी रहेगी नजर

भारत की फिल्म इंडस्ट्री अब केवल हिंदी फिल्मों तक सीमित नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में दक्षिण भारतीय और क्षेत्रीय फिल्मों की अंतरराष्ट्रीय पहचान तेजी से बढ़ी है।

तेलुगु, तमिल, मलयालम और कन्नड़ फिल्मों ने भारतीय बॉक्स ऑफिस के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में भी अपनी जगह बनाई है। इसलिए Oscar selection में भी इन इंडस्ट्री की फिल्मों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

कई क्षेत्रीय फिल्में अपनी स्थानीय कहानी और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करती हैं। Oscar की International Feature Film कैटेगरी में यही स्थानीय कहानी वैश्विक दर्शकों के लिए खास आकर्षण बन सकती है।

Oscar के लिए फिल्म चुनना इतना मुश्किल क्यों है?

भारत में हर साल बड़ी संख्या में फिल्में रिलीज होती हैं। इनमें से कई फिल्मों में मजबूत अभिनय, शानदार कहानी और बेहतरीन तकनीकी काम होता है।

लेकिन official entry के लिए सिर्फ एक फिल्म चुनी जानी होती है। इसलिए selection committee के सामने कई मजबूत विकल्पों में से एक को चुनने की चुनौती होती है।

पिछले साल भी भारत की official entry चुनते समय कई फिल्मों के नाम चर्चा में थे। ‘Homebound’ के अलावा कई लोकप्रिय और चर्चित फिल्मों को लेकर भी चर्चा हुई थी। आखिरकार समिति ने नीरज घायवान की फिल्म को चुना।

इससे यह साफ होता है कि selection सिर्फ लोकप्रियता के आधार पर नहीं होता।

Oscar की रेस में theatrical release का क्या महत्व है?

Academy के आधिकारिक नियमों के अनुसार 99वें Oscars के लिए eligible feature films को 1 जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2026 के बीच qualifying theatrical release हासिल करनी होगी।

यह नियम महत्वपूर्ण है क्योंकि Oscar consideration के लिए फिल्म का रिलीज पैटर्न भी पात्रता से जुड़ा होता है।

हालांकि अलग-अलग categories के eligibility rules अलग हो सकते हैं। International Feature Film के लिए Academy ने अपनी विशिष्ट submission requirements निर्धारित की हैं।

इसलिए भारतीय निर्माता अपनी फिल्म को official selection के लिए भेजने से पहले FFI और Academy के लागू नियमों को ध्यान से देखेंगे।

भारत की official entry बनने के बाद क्या होता है?

जब भारत की फिल्म चुनी जाती है, तो वह Academy के International Feature Film category के लिए आधिकारिक submission बन जाती है।

इसके बाद दुनिया के दूसरे देशों से आई फिल्मों के साथ भारतीय फिल्म भी Academy की प्रक्रिया में शामिल होती है। Academy के सदस्य eligible films देखते हैं और आगे की प्रक्रिया के तहत shortlist और nominations का रास्ता तय होता है।

यानी भारत की official entry बनना पहला बड़ा चरण है। उसके बाद फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी जगह बनाने के लिए मजबूत campaign, screening और industry visibility की जरूरत पड़ सकती है।

यही वजह है कि Oscar campaign फिल्म की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

क्या भारत Oscar जीत चुका है?

भारत ने अब तक International Feature Film category में Oscar नहीं जीता है। हालांकि भारतीय सिनेमा से जुड़ी कई फिल्मों और कलाकारों ने Academy Awards में महत्वपूर्ण पहचान हासिल की है।

‘Lagaan’, ‘Mother India’ और ‘Salaam Bombay!’ जैसी फिल्मों ने अलग-अलग वर्षों में इस category में भारत का प्रतिनिधित्व किया और nomination तक पहुंचीं।

बाद के वर्षों में भारतीय फिल्मों की अंतरराष्ट्रीय पहुंच और मजबूत हुई है। ‘RRR’ के गीत ‘Naatu Naatu’ ने Best Original Song category में Oscar जीतकर भारतीय सिनेमा के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की थी। यह जीत International Feature Film category से अलग थी, लेकिन इससे भारतीय फिल्म संगीत और सिनेमा की वैश्विक पहचान को बड़ा फायदा मिला।

इस बार किस तरह की फिल्म को फायदा मिल सकता है?

अगर Oscar selection के सामान्य पैटर्न को देखें तो ऐसी फिल्मों को फायदा हो सकता है जिनकी कहानी स्थानीय होने के साथ-साथ मानवीय स्तर पर सार्वभौमिक हो।

एक गांव, परिवार, शहर या छोटे समुदाय की कहानी भी दुनिया भर के दर्शकों को प्रभावित कर सकती है, अगर उसमें मजबूत भावनात्मक और सिनेमाई प्रभाव हो।

इसके अलावा निर्देशक का विजन, कलाकारों का प्रदर्शन, पटकथा, कैमरा वर्क, एडिटिंग और फिल्म की समग्र गुणवत्ता भी महत्वपूर्ण हो सकती है।

सिर्फ बड़े बजट या बड़े स्टार होने से फिल्म को automatic advantage नहीं मिलता।

क्या OTT फिल्में भी Oscar की दौड़ में आ सकती हैं?

यह सवाल भी काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारतीय सिनेमा में OTT का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।

Academy के नियमों में qualifying theatrical release से जुड़े प्रावधान हैं और हर category की eligibility अलग हो सकती है। इसलिए किसी फिल्म का सिर्फ OTT पर रिलीज होना अपने आप उसे हर Oscar category के लिए eligible नहीं बनाता। Producers को Academy के specific rules पूरे करने होते हैं।

यही कारण है कि निर्माता अपनी फिल्मों की release strategy और Oscar eligibility को पहले से ध्यान में रखते हैं।

2027 Oscars कब होंगे?

यहां एक महत्वपूर्ण बात है। Academy की वेबसाइट पर 2027 ceremony page उपलब्ध है, लेकिन वहां अभी ceremony details को final winners/nominees के साथ प्रदर्शित नहीं किया गया है।

2027 Oscars वास्तव में 99वें Academy Awards हैं और इनका eligibility cycle 2026 में रिलीज हुई फिल्मों से जुड़ा है। Academy ने 99वें Oscars के नियम मई 2026 में मंजूर किए थे।

इसलिए भारतीय फिल्मों के लिए अभी सबसे महत्वपूर्ण चरण official selection है।

भारत की एंट्री को लेकर उत्सुकता क्यों बढ़ी?

भारत में Oscar का क्रेज पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ा है। ‘RRR’ के Oscar जीतने और भारतीय फिल्मों के Cannes जैसे अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में प्रदर्शन के बाद दर्शकों की नजरें अब हर साल इस बात पर रहती हैं कि भारत की ओर से कौन-सी फिल्म Academy Awards में जाएगी।

सोशल मीडिया पर फिल्म फैंस संभावित दावेदारों के नामों पर चर्चा करते हैं। फिल्म समीक्षक भी अपनी पसंद की फिल्मों को लेकर अनुमान लगाते हैं।

लेकिन official announcement तक किसी भी फिल्म को भारत की entry मानना सही नहीं होगा।

इस बार भी कई फिल्में दौड़ में शामिल हो सकती हैं और selection committee के फैसले के बाद ही अंतिम तस्वीर सामने आएगी।

9 सितंबर वाली तारीख को लेकर क्या स्थिति है?

आपके दिए इनपुट में 9 सितंबर को भारत की official entry घोषित होने की बात है। हालांकि 11 अगस्त 2026 तक उपलब्ध ताजा विश्वसनीय स्रोतों में FFI की submissions प्रक्रिया शुरू होने और 30 सितंबर तक Academy की International Feature Film submission deadline की पुष्टि मिलती है, लेकिन 9 सितंबर की घोषणा तारीख की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है।

इसलिए न्यूज रिपोर्ट में 9 सितंबर को बिना qualification के “पक्की तारीख” लिखना SEO के लिहाज से भी जोखिम भरा होगा। बेहतर होगा कि इसे “रिपोर्ट के मुताबिक” या “संभावित तारीख” के रूप में लिखा जाए, जब तक FFI की तरफ से स्पष्ट आधिकारिक घोषणा न हो।

अब आगे क्या होगा?

अब भारतीय फिल्म निर्माता अपनी फिल्मों को official selection के लिए submit करेंगे। इसके बाद eligible फिल्मों की screening और evaluation की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

Selection committee के सामने अलग-अलग भाषाओं और शैलियों की फिल्में होंगी। समिति का काम आसान नहीं होगा क्योंकि भारत में हर साल कई ऐसी फिल्में बनती हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा के योग्य होती हैं।

अंततः एक फिल्म भारत की official entry बनेगी। इसके बाद उस फिल्म की Oscar journey शुरू होगी।

पिछले साल ‘Homebound’ ने भारत की ओर से यह जिम्मेदारी संभाली थी। इस बार कौन-सी फिल्म चुनी जाएगी, इस पर अब फिल्म इंडस्ट्री और दर्शकों की नजर है।

भारत के लिए Oscar की यह रेस कितनी महत्वपूर्ण है?

Oscar में भारत की official entry केवल एक पुरस्कार की दौड़ नहीं है। यह भारतीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने का माध्यम भी है।

जब कोई भारतीय फिल्म Academy Awards की चर्चा में आती है, तो उसके कलाकारों, निर्देशक और कहानी को दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी दर्शक खोजने लगते हैं।

इसका फायदा फिल्म के अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन, OTT रिलीज और कलाकारों के वैश्विक करियर पर भी पड़ सकता है।

इसी वजह से official selection को लेकर फिल्म इंडस्ट्री में काफी उत्साह रहता है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि 2026 में रिलीज हुई भारतीय फिल्मों में से कौन-सी फिल्म selection committee को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है। क्या कोई बड़ी स्टार फिल्म बाजी मारेगी, या फिर किसी छोटे बजट की मजबूत कहानी को मौका मिलेगा? क्या हिंदी फिल्म चुनी जाएगी या किसी क्षेत्रीय भाषा की फिल्म भारत की आवाज बनेगी?

इन सवालों के जवाब selection process पूरा होने के बाद ही मिलेंगे।

कुल मिलाकर, 99वें Academy Awards यानी Oscars 2027 के लिए भारतीय फिल्मों की official selection प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। Film Federation of India ने निर्माताओं से submissions आमंत्रित किए हैं और अब भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में संभावित दावेदारों को लेकर चर्चा तेज होगी।

पिछली बार नीरज घायवान की ‘Homebound’ भारत की official entry बनी थी। इस बार कौन-सी फिल्म भारत का प्रतिनिधित्व करेगी, यह देखना दिलचस्प होगा। Academy के आधिकारिक नियमों के अनुसार International Feature Film submissions की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 है।

जहां तक 9 सितंबर को announcement की बात है, इसे फिलहाल रिपोर्टेड तारीख के तौर पर देखना बेहतर है। FFI की आधिकारिक पुष्टि आने के बाद ही इसे निश्चित तारीख माना जाना चाहिए।

आने वाले हफ्तों में जैसे-जैसे फिल्मों की submissions और selection process आगे बढ़ेगी, Oscar 2027 की भारतीय रेस और ज्यादा रोमांचक होती जाएगी। अब नजर इस बात पर है कि भारतीय चयन समिति किस फिल्म को देश की ओर से दुनिया के सबसे बड़े फिल्म मंच तक पहुंचाने के लिए चुनती है।


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