आज के समय में जहां कई लोग छोटी उम्र में ही स्वास्थ्य समस्याओं से परेशान हो जाते हैं, वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो बढ़ती उम्र में भी अपनी फिटनेस और सक्रिय जीवनशैली से सभी को प्रेरित करते हैं। अमेरिका के ब्रिस्टल शहर के रहने वाले 101 वर्षीय जोसेफ का उदाहरण इसी का एक शानदार उदाहरण है। उन्होंने हाल ही में अपना 101वां जन्मदिन मनाया, लेकिन उनकी फिटनेस को देखकर कोई भी यह अनुमान नहीं लगा सकता कि उनकी उम्र इतनी अधिक है।
जोसेफ का कहना है कि स्वस्थ जीवन का राज केवल दवाइयों में नहीं बल्कि नियमित व्यायाम, अनुशासन और सकारात्मक सोच में छिपा होता है। यही कारण है कि आज भी वे रोजाना जिम जाकर वर्कआउट करते हैं और अपने शरीर को सक्रिय बनाए रखते हैं।
आमतौर पर यह माना जाता है कि 60 या 70 वर्ष की उम्र के बाद लोगों की शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं। कई लोग इस उम्र में व्यायाम करना बंद कर देते हैं और धीरे-धीरे निष्क्रिय जीवनशैली अपना लेते हैं। लेकिन जोसेफ का मानना है कि उम्र केवल एक संख्या है और यदि व्यक्ति मन से मजबूत हो तो वह किसी भी उम्र में सक्रिय रह सकता है।
उनका दैनिक कार्यक्रम भी काफी अनुशासित है। वे सुबह जल्दी उठते हैं और हल्का नाश्ता करने के बाद जिम जाते हैं। वहां वे हल्के-फुल्के व्यायाम करते हैं, जिनमें स्ट्रेचिंग, वेट ट्रेनिंग और कार्डियो एक्सरसाइज शामिल होती हैं।
जोसेफ बताते हैं कि वे भारी वजन उठाने की बजाय हल्के वजन के साथ नियमित व्यायाम करना पसंद करते हैं। इससे शरीर पर अधिक दबाव नहीं पड़ता और मांसपेशियां भी सक्रिय रहती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती उम्र में भी नियमित व्यायाम करना बेहद फायदेमंद होता है। इससे हृदय स्वस्थ रहता है, मांसपेशियां मजबूत बनती हैं और शरीर की ऊर्जा भी बनी रहती है।
व्यायाम के अलावा जोसेफ अपने खानपान का भी खास ध्यान रखते हैं। वे संतुलित आहार लेते हैं जिसमें फल, सब्जियां, प्रोटीन और पर्याप्त मात्रा में पानी शामिल होता है।
उनका मानना है कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए केवल व्यायाम ही नहीं बल्कि सही आहार भी उतना ही जरूरी है। यदि भोजन संतुलित हो तो शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं और स्वास्थ्य बेहतर रहता है।
जोसेफ की फिटनेस यात्रा केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है बल्कि मानसिक स्वास्थ्य से भी जुड़ी हुई है। वे हमेशा सकारात्मक सोच रखने की कोशिश करते हैं और जीवन को उत्साह के साथ जीते हैं।
उनका कहना है कि जब व्यक्ति सकारात्मक सोच रखता है तो वह जीवन की चुनौतियों का सामना भी बेहतर तरीके से कर पाता है।
जोसेफ की कहानी इसलिए भी प्रेरणादायक है क्योंकि उन्होंने अपने जीवन में कई कठिन दौर देखे हैं। वे द्वितीय विश्व युद्ध के समय सेना में भी शामिल रहे थे और उस दौर की कई घटनाओं के गवाह रहे हैं।
इतने लंबे जीवन के अनुभवों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और हमेशा सक्रिय जीवनशैली बनाए रखी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बढ़ती उम्र में सक्रिय रहना कई बीमारियों से बचाव में मदद करता है। नियमित व्यायाम से हृदय रोग, मधुमेह और मोटापे जैसी समस्याओं का खतरा कम हो सकता है।
इसके अलावा व्यायाम मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है। इससे तनाव कम होता है और व्यक्ति अधिक खुश महसूस करता है।
जोसेफ का उदाहरण यह साबित करता है कि यदि व्यक्ति अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहे तो वह लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय जीवन जी सकता है।
आज के युवाओं के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण संदेश है कि फिटनेस केवल कुछ महीनों का लक्ष्य नहीं बल्कि जीवनभर की आदत होनी चाहिए।
यदि व्यक्ति छोटी उम्र से ही व्यायाम और संतुलित आहार को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना ले तो भविष्य में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।
जोसेफ का कहना है कि जीवन में अनुशासन और नियमितता बहुत जरूरी है। यदि व्यक्ति रोज थोड़ा-थोड़ा प्रयास करता रहे तो वह बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है।
वे यह भी मानते हैं कि स्वास्थ्य ही असली धन है। यदि शरीर स्वस्थ है तो जीवन की हर चुनौती का सामना किया जा सकता है।
आज जब लोग व्यस्त जीवनशैली के कारण स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देते हैं, ऐसे में जोसेफ की कहानी एक प्रेरणा बनकर सामने आती है।
उनकी उम्र भले ही 101 वर्ष हो, लेकिन उनकी ऊर्जा और उत्साह युवाओं से कम नहीं है।
यह कहानी हमें यह सिखाती है कि फिटनेस किसी उम्र की मोहताज नहीं होती। सही आदतें और सकारात्मक सोच के साथ कोई भी व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय रह सकता है।
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