भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement-FTA) के लागू होने के साथ दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। इस समझौते के तहत भारत से ब्रिटेन जाने वाले लगभग 99% उत्पादों पर जीरो टैरिफ (Zero Tariff) का लाभ मिलने की बात कही गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारतीय निर्यातकों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी और कई उद्योगों को सीधे तौर पर फायदा पहुंच सकता है।
इसी दौरान भारतीय खेल जगत से भी अच्छी खबर आई है। भारत की पुरुष टेबल टेनिस डबल्स जोड़ी मानव ठक्कर और मानुष शाह ने विश्व रैंकिंग में दूसरा स्थान हासिल कर देश का गौरव बढ़ाया है। यह उपलब्धि भारतीय टेबल टेनिस के इतिहास की बड़ी सफलताओं में गिनी जा रही है।
भारत-UK मुक्त व्यापार समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को नई गति देना है। लंबे समय से इस समझौते पर बातचीत चल रही थी और अब इसके लागू होने के बाद भारतीय कंपनियों के लिए ब्रिटिश बाजार तक पहुंच पहले की तुलना में अधिक आसान होने की उम्मीद है।
टैरिफ किसी देश द्वारा आयातित वस्तुओं पर लगाया जाने वाला कर होता है। यदि किसी उत्पाद पर जीरो टैरिफ लागू होता है, तो उस वस्तु पर आयात शुल्क नहीं देना पड़ता। इससे उत्पाद की अंतिम कीमत कम हो सकती है और वह विदेशी बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस समझौते का सबसे बड़ा लाभ भारतीय निर्यात उद्योग को मिल सकता है। कपड़ा, परिधान, चमड़ा, इंजीनियरिंग उत्पाद, खाद्य पदार्थ, समुद्री उत्पाद, रत्न एवं आभूषण, ऑटो कंपोनेंट्स और कृषि आधारित कई वस्तुओं के निर्यात में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।
भारत लंबे समय से अपने निर्यात को बढ़ाने और वैश्विक बाजार में हिस्सेदारी मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। ऐसे में ब्रिटेन जैसे बड़े विकसित बाजार में शुल्क में राहत भारतीय उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकती है।
आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, जीरो टैरिफ केवल निर्यातकों के लिए ही नहीं बल्कि छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। यदि उत्पाद प्रतिस्पर्धी कीमत पर उपलब्ध होंगे, तो विदेशी खरीदारों की मांग बढ़ सकती है और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
ब्रिटेन भारत के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में शामिल है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध कई दशकों पुराने हैं। अब मुक्त व्यापार समझौते के बाद निवेश, सेवाओं और तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में भी नए अवसर बनने की उम्मीद है।
व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत की “मेक इन इंडिया” और निर्यात बढ़ाने की रणनीति को भी मजबूती देगा। यदि भारतीय कंपनियां गुणवत्ता और समय पर आपूर्ति बनाए रखती हैं, तो ब्रिटिश बाजार में उनकी हिस्सेदारी बढ़ सकती है।
इस समझौते का प्रभाव केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा। हस्तशिल्प, कृषि आधारित उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण, जैविक उत्पाद और पारंपरिक भारतीय वस्तुओं के निर्यात को भी नया बाजार मिल सकता है।
दूसरी ओर खेल जगत में मानव ठक्कर और मानुष शाह की सफलता भारतीय टेबल टेनिस के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। विश्व रैंकिंग में दूसरे स्थान तक पहुंचना आसान नहीं होता और इसके लिए लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उच्च स्तर का प्रदर्शन करना पड़ता है।
मानव और मानुष की जोड़ी पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है। तेज समन्वय, आक्रामक खेल और रणनीतिक तालमेल के कारण उन्होंने दुनिया की कई मजबूत जोड़ियों को चुनौती दी है।
भारतीय टेबल टेनिस ने पिछले दशक में उल्लेखनीय प्रगति की है। पहले जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की मौजूदगी सीमित थी, वहीं अब भारतीय खिलाड़ी विश्व रैंकिंग में शीर्ष स्थानों तक पहुंच रहे हैं। यह बदलाव बेहतर प्रशिक्षण, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और खेल सुविधाओं के विस्तार का परिणाम माना जा रहा है।
खेल विशेषज्ञों का कहना है कि विश्व रैंकिंग में शीर्ष दो स्थान हासिल करना भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए भी सकारात्मक संकेत है। इससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और बड़े टूर्नामेंटों में बेहतर सीडिंग मिलने की संभावना रहती है।
भारत सरकार और विभिन्न खेल संस्थाओं द्वारा खेलों के विकास के लिए चलाई जा रही योजनाओं का भी सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, विदेशी कोच, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
आर्थिक और खेल दोनों क्षेत्रों में आई ये सकारात्मक खबरें भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूत करने वाली मानी जा रही हैं। एक ओर व्यापार समझौते से उद्योगों को नए अवसर मिल सकते हैं, वहीं दूसरी ओर खेलों में लगातार मिल रही सफलता भारत की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-UK व्यापार समझौते का वास्तविक प्रभाव आने वाले वर्षों में आंकड़ों के रूप में सामने आएगा। यदि निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि होती है, तो इसका सकारात्मक असर आर्थिक विकास और रोजगार पर भी पड़ सकता है।
उधर, मानव और मानुष की जोड़ी से आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। यदि दोनों खिलाड़ी अपनी लय बरकरार रखते हैं, तो भारत को विश्व चैंपियनशिप और अन्य बड़ी प्रतियोगिताओं में पदक की उम्मीद मजबूत हो सकती है।
कुल मिलाकर, भारत के लिए यह दोहरी खुशी का समय है। एक ओर भारत-UK मुक्त व्यापार समझौते के तहत लगभग 99% भारतीय उत्पादों को ब्रिटेन में जीरो टैरिफ का लाभ मिलने की संभावना है, वहीं दूसरी ओर मानव ठक्कर और मानुष शाह की जोड़ी विश्व रैंकिंग में दूसरे स्थान पर पहुंचकर भारतीय खेल इतिहास में नया अध्याय जोड़ चुकी है। आने वाले समय में ये दोनों उपलब्धियां देश की अर्थव्यवस्था और खेल जगत के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।
