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Rhea Chakraborty on Sushant Case Trauma: बोलीं- इस ट्रॉमा से पूरी तरह उबरना आसान नहीं, जेल के दिनों को भी किया याद

बॉलीवुड अभिनेत्री Rhea Chakraborty ने एक हालिया बातचीत में अपने जीवन के सबसे कठिन दौर को याद करते हुए कहा कि वह आज भी उस मानसिक आघात से पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाई हैं, जिसका सामना उन्हें Sushant Singh Rajput से जुड़े मामले के दौरान करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि ट्रॉमा केवल एक घटना नहीं होता, बल्कि उसका असर लंबे समय तक व्यक्ति के जीवन, सोच और भावनाओं पर बना रह सकता है।

रिया ने बातचीत में स्वीकार किया कि वह समय उनके लिए बेहद कठिन था। मीडिया की लगातार सुर्खियां, कानूनी प्रक्रिया, सार्वजनिक चर्चा और निजी जीवन में आए अचानक बदलाव ने उन्हें मानसिक रूप से गहराई से प्रभावित किया। उनके अनुसार कुछ अनुभव ऐसे होते हैं जिन्हें पूरी तरह भुला पाना संभव नहीं होता, लेकिन समय के साथ व्यक्ति उनके साथ जीना सीखता है।

उन्होंने कहा कि मानसिक आघात को केवल बाहर से देखकर समझना आसान नहीं है। किसी व्यक्ति के भीतर क्या चल रहा है, यह अक्सर केवल वही महसूस कर सकता है। उनके अनुसार ऐसे अनुभव इंसान को भावनात्मक रूप से बदल देते हैं।

बातचीत के दौरान रिया ने उस समय को भी याद किया जब उन्हें 27 दिन जेल में रहना पड़ा था। उन्होंने कहा कि वह अनुभव उनके जीवन के सबसे चुनौतीपूर्ण अध्यायों में से एक रहा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उस दौर ने उन्हें मानसिक रूप से अधिक मजबूत बनने की दिशा में सोचने का अवसर दिया।

रिया ने यह भी कहा कि कठिन परिस्थितियां इंसान को अपनी प्राथमिकताओं और रिश्तों को नए नजरिए से देखने के लिए मजबूर कर देती हैं। उनके अनुसार ऐसे समय में परिवार, करीबी दोस्तों और कुछ भरोसेमंद लोगों का साथ बेहद महत्वपूर्ण होता है।

अभिनेत्री ने मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करते हुए कहा कि समाज में इस विषय पर खुली चर्चा होना जरूरी है। कई लोग मानसिक तनाव, चिंता या ट्रॉमा से गुजरते हैं, लेकिन सामाजिक दबाव के कारण अपनी बात खुलकर नहीं कह पाते।

मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार किसी बड़ी व्यक्तिगत या सार्वजनिक घटना के बाद ट्रॉमा का प्रभाव लंबे समय तक रह सकता है। हर व्यक्ति की प्रतिक्रिया अलग होती है और इससे उबरने में लगने वाला समय भी अलग-अलग हो सकता है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि ट्रॉमा से जुड़े अनुभवों में व्यक्ति उदासी, चिंता, डर, अनचाही यादें या भावनात्मक अस्थिरता महसूस कर सकता है। यदि ये समस्याएं लंबे समय तक बनी रहें, तो प्रशिक्षित मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना लाभदायक हो सकता है।

रिया ने अपने अनुभव साझा करते हुए यह भी कहा कि समय के साथ उन्होंने स्वयं को संभालने की कोशिश की। उन्होंने अपने काम, परिवार और व्यक्तिगत विकास पर ध्यान केंद्रित करने का प्रयास किया। उनके अनुसार जीवन आगे बढ़ता है और इंसान को भी धीरे-धीरे आगे बढ़ने की कोशिश करनी चाहिए।

फिल्म उद्योग में सार्वजनिक जीवन जीने वाले कलाकारों को अक्सर निजी चुनौतियों का सामना भी सार्वजनिक रूप से करना पड़ता है। सोशल मीडिया और चौबीसों घंटे चलने वाले समाचार चक्र के कारण व्यक्तिगत घटनाएं भी राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन जाती हैं।

मनोरंजन जगत के कई कलाकार समय-समय पर मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर बात करते रहे हैं। उनका मानना है कि मानसिक स्वास्थ्य को भी शारीरिक स्वास्थ्य जितनी ही गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

रिया ने यह स्पष्ट किया कि कठिन समय ने उन्हें जीवन के कई नए सबक सिखाए। उन्होंने कहा कि किसी भी चुनौती के बीच उम्मीद बनाए रखना और स्वयं पर विश्वास रखना आवश्यक होता है।

मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि ट्रॉमा से उबरने की प्रक्रिया सीधी नहीं होती। कई लोगों को परिवार का सहयोग, नियमित दिनचर्या, परामर्श और समय—इन सभी की आवश्यकता पड़ सकती है।

सोशल मीडिया पर रिया के इस इंटरव्यू की व्यापक चर्चा हो रही है। कुछ लोगों ने उनके साहस की सराहना की, जबकि कई लोगों ने मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बातचीत की आवश्यकता पर जोर दिया।

विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि किसी भी चर्चित कानूनी या सामाजिक मामले से जुड़े लोगों के बारे में निष्कर्ष तथ्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निकाले जाने चाहिए। व्यक्तिगत अनुभव और कानूनी प्रक्रिया दो अलग-अलग पहलू हैं।

रिया चक्रवर्ती का यह बयान केवल उनके व्यक्तिगत अनुभव तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक चुनौतियों पर समाज में संवेदनशील चर्चा की आवश्यकता की भी याद दिलाता है। कठिन परिस्थितियों से गुजरने वाले लोगों के लिए सहानुभूति, समर्थन और पेशेवर सहायता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

आज भी वह अपने पेशेवर जीवन में सक्रिय रहने की कोशिश कर रही हैं और धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौटने का प्रयास कर रही हैं। उनका कहना है कि अतीत को पूरी तरह मिटाया नहीं जा सकता, लेकिन उससे सीख लेकर आगे बढ़ा जा सकता है। यही संदेश उनके हालिया बयान का सबसे महत्वपूर्ण पहलू माना जा रहा है।

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