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ब्रिटेन देगा यूक्रेन को SCALP मिसाइल की सीक्रेट टेक्नोलॉजी, कीव में बनेगी लंबी दूरी की मिसाइल

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच ब्रिटेन ने यूक्रेन की लंबी दूरी की मिसाइल क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। ब्रिटिश सरकार ने कहा है कि वह यूरोपीय मिसाइल निर्माता MBDA को SCALP लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल में इस्तेमाल होने वाले ब्रिटिश घटकों से जुड़ी कुछ classified यानी गोपनीय तकनीकी जानकारी साझा करने की अनुमति देगी। इसका मकसद यूक्रेन और फ्रांस को यूक्रेन में SCALP मिसाइल की स्थानीय assembly/production व्यवस्था आगे बढ़ाने में मदद करना है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने 24 अगस्त 2026 को यूक्रेन की यात्रा के दौरान इस फैसले की घोषणा की।

यह फैसला ऐसे समय आया है जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध जारी है और दोनों पक्ष लंबी दूरी के हथियारों की क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। ब्रिटेन पहले ही यूक्रेन को Storm Shadow क्रूज मिसाइलें उपलब्ध करा चुका है। अब स्थानीय स्तर पर SCALP से जुड़ी production capability विकसित करने की दिशा में कदम उठाकर ब्रिटेन यूक्रेन की विदेशी हथियार आपूर्ति पर निर्भरता कम करने में मदद करना चाहता है।

SCALP और Storm Shadow मूल रूप से एक ही missile family से जुड़े हथियार हैं। SCALP फ्रांसीसी नाम है, जबकि ब्रिटेन में इसी परिवार की मिसाइल को Storm Shadow कहा जाता है। दोनों में फ्रांस और ब्रिटेन की साझा तकनीक का इस्तेमाल हुआ है। ब्रिटिश सरकार के मुताबिक अब UK components से संबंधित classified information को declassify करके MBDA के जरिए साझा करने की अनुमति दी जाएगी।

इस फैसले का सबसे अहम हिस्सा यह है कि यूक्रेन में स्थानीय assembly lines स्थापित करने की योजना को आगे बढ़ाया जा सकेगा। ब्रिटेन के अनुसार फ्रांस और यूक्रेन पहले से इस दिशा में काम कर रहे हैं। अब ब्रिटिश तकनीकी जानकारी उपलब्ध होने से इस प्रक्रिया में आगे बढ़ने का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि यूक्रेन तुरंत बड़े पैमाने पर SCALP मिसाइलें बनाना शुरू कर देगा। स्थानीय production के लिए infrastructure, supply chain, certification और industrial capacity जैसी कई चुनौतियां होती हैं।

SCALP एक लंबी दूरी की air-launched cruise missile है, जिसका इस्तेमाल high-value और fortified targets के खिलाफ precision strike के लिए किया जाता है। सार्वजनिक स्रोतों में इसकी range करीब 250 किलोमीटर से अधिक बताई गई है। यह conventional weapon है और nuclear weapon नहीं है।

यही लंबी दूरी इसकी रणनीतिक अहमियत बढ़ाती है। ऐसी मिसाइलें किसी देश को front line से काफी पीछे स्थित सैन्य या infrastructure targets को निशाना बनाने की क्षमता दे सकती हैं। हालांकि किसी specific target पर हमला होगा या नहीं, यह सैन्य योजना और युद्ध की परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

ब्रिटेन का नया फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यूक्रेन पिछले कुछ समय से अपनी घरेलू defense industry को तेजी से विकसित करने की कोशिश कर रहा है। युद्ध के दौरान यूक्रेन ने drones, missiles और दूसरे सैन्य systems के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दिया है। यूरोपीय देशों के साथ technology cooperation इस प्रयास को और मजबूत कर सकता है।

यूक्रेन के रक्षा मंत्री मायखाइलो फेदोरोव ने जून 2026 में कहा था कि फ्रांस के साथ SCALP missile production license को लेकर बातचीत चल रही है। उन्होंने उस समय कहा था कि बातचीत में प्रगति हुई है, लेकिन प्रक्रिया जटिल है और final agreement के बारे में जल्द निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

अब ब्रिटेन की ओर से classified information साझा करने की अनुमति इस प्रक्रिया में एक और महत्वपूर्ण कदम है। इसका मतलब यह है कि SCALP programme में केवल फ्रांस और यूक्रेन ही नहीं, बल्कि ब्रिटिश तकनीकी हिस्से से जुड़ी जानकारी भी production planning में शामिल हो सकेगी।

ब्रिटेन की सरकार ने इस कदम को यूक्रेन की long-term security के समर्थन के रूप में पेश किया है। प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम की Kyiv यात्रा भी इसी संदेश के साथ हुई कि ब्रिटेन यूक्रेन के साथ खड़ा है। उन्होंने यूक्रेन के Independence Day के अवसर पर Kyiv का दौरा किया और राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की।

बर्नहैम की यह यूक्रेन यात्रा उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली international visit के रूप में भी महत्वपूर्ण है। यात्रा के दौरान उन्होंने Coalition of the Willing की बैठक में हिस्सा लिया। यह समूह यूक्रेन के समर्थन में यूरोपीय देशों और अन्य सहयोगी देशों के बीच coordination बढ़ाने की कोशिश करता है।

SCALP production को लेकर ब्रिटेन का फैसला रूस के लिए भी राजनीतिक और सैन्य रूप से संवेदनशील है। रूस लंबे समय से पश्चिमी देशों द्वारा यूक्रेन को लंबी दूरी के हथियार देने का विरोध करता रहा है। Moscow ने ब्रिटेन के नए कदम की आलोचना करते हुए इसे युद्ध में तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया है।

रूस का तर्क है कि पश्चिमी देशों द्वारा यूक्रेन को advanced weapons और उनकी production technology देना युद्ध में उनकी प्रत्यक्ष भागीदारी को बढ़ाता है। दूसरी तरफ ब्रिटेन और उसके सहयोगी देशों का कहना है कि यूक्रेन को रूस के खिलाफ अपनी रक्षा के लिए आवश्यक क्षमता उपलब्ध कराना जरूरी है।

यही अंतर रूस और पश्चिमी देशों के बीच चल रहे राजनीतिक विवाद का एक बड़ा हिस्सा है।

इस पूरे घटनाक्रम को केवल “ब्रिटेन ने यूक्रेन को मिसाइल दे दी” के रूप में देखना सही नहीं होगा। इस बार फैसला सीधे missiles की एक खेप भेजने से ज्यादा industrial capability और technology sharing से जुड़ा है।

अगर यूक्रेन में SCALP की स्थानीय assembly capability स्थापित होती है, तो भविष्य में उसे कुछ missiles के लिए विदेशी production facilities और transportation पर कम निर्भर रहना पड़ सकता है। युद्ध जैसी स्थिति में local production का यह फायदा महत्वपूर्ण हो सकता है।

हालांकि local production शुरू करना किसी भी देश के लिए आसान नहीं होता। Missile manufacturing में कई देशों और कंपनियों से जुड़े components, quality control, secure facilities, trained workforce और complex testing systems की जरूरत होती है। इसलिए ब्रिटिश सरकार की घोषणा को तत्काल mass production की घोषणा समझना सही नहीं होगा।

ब्रिटेन ने हाल के वर्षों में यूक्रेन की long-range strike capability को लेकर कई पहल की हैं। जून 2026 में ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने बताया था कि उसने यूक्रेन के लिए नए long-range strike systems के development पर काम तेज किया है। Project Brakestop के तहत ब्रिटिश उद्योग ने ऐसे systems विकसित करने पर काम किया जिनकी target range कम से कम 500 किलोमीटर रखी गई थी।

इसके अलावा जनवरी 2026 में ब्रिटेन ने Project Nightfall के तहत यूक्रेन की सहायता के उद्देश्य से एक नए tactical ballistic missile programme की घोषणा की थी। सरकारी जानकारी के मुताबिक इस project में 500 किलोमीटर से अधिक range वाले ground-launched systems विकसित करने की योजना थी।

इससे स्पष्ट होता है कि ब्रिटेन की रणनीति केवल मौजूदा हथियार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। वह यूक्रेन की long-term defence industrial capability विकसित करने में भी सहयोग कर रहा है।

फरवरी 2026 में ब्रिटिश सरकार ने यह भी कहा था कि वह long-range और hypersonic weapons programmes पर इस वित्तीय वर्ष में £400 million से अधिक खर्च करेगी। इनमें फ्रांस, जर्मनी और इटली के साथ joint projects भी शामिल हैं।

इससे यूरोप में defence cooperation के बढ़ते महत्व का संकेत मिलता है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोपीय देशों ने अपनी defence production capacity और weapons supply chains को मजबूत करने पर ज्यादा ध्यान देना शुरू किया है।

यूक्रेन इस बदलाव के केंद्र में है क्योंकि वह युद्ध के मैदान में पश्चिमी देशों से मिले weapons systems का इस्तेमाल भी कर रहा है और साथ ही अपनी domestic defence industry को बढ़ाने की कोशिश भी कर रहा है।

यूक्रेन की घरेलू missile industry पहले से कई systems पर काम कर रही है। देश ने Neptune जैसे indigenous missile systems विकसित किए हैं और हाल के वर्षों में drone-missile technology में भी तेजी दिखाई है।

लेकिन Western-made missile systems का local production अलग चुनौती है। इसमें केवल missile की design समझना पर्याप्त नहीं होता। उसके अलग-अलग components, software, guidance systems और manufacturing standards को एक साथ integrate करना पड़ता है।

इसी कारण ब्रिटेन की ओर से classified UK component information share करने की अनुमति को production process का महत्वपूर्ण लेकिन शुरुआती हिस्सा माना जा सकता है।

SCALP programme में France की भूमिका भी अहम है। SCALP का development और manufacturing European defence industry के सहयोग का परिणाम रहा है। MBDA इस missile family से जुड़ी प्रमुख defence company है। ब्रिटेन ने अब इसी company को UK components से जुड़ी classified information release करने की अनुमति दी है।

यह व्यवस्था यह भी दिखाती है कि यूरोप में defence production किस तरह multinational cooperation पर आधारित है। एक missile system में कई देशों की technology और industrial expertise शामिल हो सकती है।

यूक्रेन में production शुरू होने की स्थिति में भी यह संभव है कि पूरी missile supply chain देश के अंदर न हो। कुछ components यूरोप के दूसरे देशों से आ सकते हैं और final assembly Ukraine में हो सकती है। हालांकि इसके exact details सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

इसलिए “कीव में SCALP मिसाइल बनेगी” को फिलहाल स्थानीय assembly/production capability स्थापित करने की योजना के रूप में समझना ज्यादा सही होगा, न कि यह मानना कि missile की पूरी manufacturing chain Ukraine में तुरंत तैयार हो जाएगी।

इस फैसले का एक बड़ा strategic impact यह हो सकता है कि Ukraine अपनी long-range strike capacity को ज्यादा independently maintain कर सके। युद्ध के दौरान किसी भी हथियार की supply केवल battlefield requirement पर निर्भर नहीं करती, बल्कि manufacturing, storage और logistics भी उतने ही महत्वपूर्ण होते हैं।

अगर कोई देश अपने हथियारों का कुछ हिस्सा स्वयं produce कर सकता है तो उसे supply disruptions से बचने में मदद मिल सकती है।

दूसरी तरफ रूस के लिए इसका मतलब यह हो सकता है कि उसे Ukrainian defence production facilities को एक महत्वपूर्ण strategic concern के रूप में देखना पड़े। हालांकि Russia इन facilities को target करेगा या नहीं, यह सैन्य घटनाक्रम पर निर्भर करता है और इसके बारे में निश्चित दावा करना उचित नहीं होगा।

इसी वजह से Ukraine की domestic defence industry पहले से Russian attacks का एक संभावित target रही है। Ukrainian officials का कहना है कि Russia missile और defence production infrastructure को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है।

SCALP जैसी missile capability Ukraine को युद्ध में एक अलग प्रकार का strategic option देती है। इसका उद्देश्य केवल battlefield पर सामने मौजूद targets को निशाना बनाना नहीं, बल्कि लंबी दूरी पर स्थित महत्वपूर्ण military infrastructure के खिलाफ precision strike capability उपलब्ध कराना भी है।

हालांकि किसी भी missile system की effectiveness केवल उसकी advertised range से तय नहीं होती। Air defence systems, electronic warfare, intelligence और target information जैसे factors भी battlefield outcome को प्रभावित करते हैं।

इसीलिए SCALP production को लेकर किसी भी तरह का दावा करते समय यह कहना सही नहीं होगा कि इससे Ukraine को “रूस के खिलाफ निर्णायक बढ़त” मिल जाएगी। यह केवल उसकी overall strike capability को मजबूत करने वाला एक संभावित factor है।

युद्ध की दिशा कई दूसरे factors पर भी निर्भर करती है।

राजनयिक स्तर पर भी ब्रिटेन का यह कदम महत्वपूर्ण है। रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता की कोशिशों के बीच पश्चिमी देशों का military support जारी है। Britain का कहना है कि Ukraine को मजबूत defence capability देना future peace negotiations में उसकी स्थिति को मजबूत कर सकता है। रूस इसके विपरीत मानता है कि ऐसे हथियार युद्ध को लंबा कर सकते हैं।

इस तरह SCALP production केवल एक defence industry project नहीं, बल्कि wider geopolitical competition का भी हिस्सा बन गया है।

भारत जैसे देशों के लिए भी यूरोप में बढ़ती defence production और missile technology cooperation एक महत्वपूर्ण international development है। इससे global arms industry, defence supply chains और European security architecture में बदलाव दिखाई देता है।

हालांकि भारत इस specific SCALP production programme का हिस्सा नहीं है और इस खबर को भारत की defence policy से सीधे जोड़ना उचित नहीं होगा।

अभी सबसे बड़ा सवाल यही है कि Ukraine में SCALP assembly lines कब operational होंगी और वहां से production किस scale पर शुरू होगा। ब्रिटिश सरकार ने announcement में कोई निश्चित production date या संख्या सार्वजनिक नहीं की है।

इसलिए headline में “कीव में बनेगी” कहना योजना के संदर्भ में ठीक है, लेकिन article में यह स्पष्ट करना जरूरी है कि production capability स्थापित करने की प्रक्रिया अभी आगे बढ़ाई जा रही है

इसके अलावा “सीक्रेट मिसाइल तकनीक” शब्द को भी सावधानी से समझना चाहिए। ब्रिटेन पूरी missile की complete classified design publicly जारी नहीं कर रहा है। सरकार ने केवल MBDA को ब्रिटिश components से संबंधित classified information को declassify करके साझा करने की अनुमति दी है।

यानी यह पूरा missile blueprint सार्वजनिक करने जैसा नहीं है।

यह अंतर news reporting के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि “पूरी मिसाइल की सीक्रेट टेक्नोलॉजी दे दी” कहना वास्तविक घोषणा को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर सकता है।

फिलहाल UK, France और Ukraine के बीच cooperation का उद्देश्य local assembly lines को आगे बढ़ाना है। France पहले ही Ukraine के साथ SCALP production licence को लेकर बातचीत कर रहा था। अब British component information sharing से इस multinational project को आगे बढ़ाने की संभावना बढ़ी है।

आने वाले महीनों में इस programme से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण जानकारी production agreement, facility development, licensing और supply chain से संबंधित होगी।

अगर Ukraine में local SCALP production सफलतापूर्वक स्थापित होता है तो यह Europe-Ukraine defence cooperation का बड़ा उदाहरण बन सकता है। इससे Ukraine की defence industry को western technology और manufacturing standards के साथ integrate होने में भी मदद मिल सकती है।

लेकिन इसके साथ सुरक्षा जोखिम भी जुड़े होंगे। Missile production facilities युद्ध क्षेत्र के पास होने के कारण operational और security challenges का सामना कर सकती हैं।

कुल मिलाकर ब्रिटेन का नया फैसला रूस-यूक्रेन युद्ध में long-range weapons cooperation को एक नए स्तर पर ले जाता है। Britain ने Ukraine को केवल तैयार weapons देने के बजाय उसकी domestic production capability बढ़ाने में भी सहायता देने का संकेत दिया है।

SCALP और Storm Shadow की साझा ब्रिटिश-फ्रांसीसी तकनीकी विरासत, Ukraine की local production ambitions और Britain की classified component information sharing—इन तीनों ने इस फैसले को महत्वपूर्ण बना दिया है।

हालांकि अभी production की वास्तविक मात्रा और शुरुआत की तारीख सामने नहीं आई है। इसलिए इसे तत्काल बड़े पैमाने पर missile manufacturing शुरू होने के रूप में नहीं, बल्कि Ukraine में SCALP की local assembly/production capability स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखना ज्यादा सही होगा।

रूस ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है और इसे तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया है। दूसरी तरफ ब्रिटेन और उसके सहयोगी इसे Ukraine की सुरक्षा और defence capability मजबूत करने का हिस्सा मानते हैं।

आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि France और Ukraine के बीच licence negotiations कितनी तेजी से आगे बढ़ती हैं, MBDA की technical information sharing किस स्तर तक होती है और Ukraine में planned assembly lines कब operational होती हैं।

फिलहाल इतना तय है कि SCALP missile programme अब केवल France-Britain defence cooperation तक सीमित नहीं रह गया है। Ukraine को इसमें local production partner के रूप में शामिल करने की कोशिश यूरोप की बदलती defence strategy और Russia-Ukraine war की नई military-industrial reality को दर्शाती है।


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http://यूक्रेन के लिए SCALP लंबी दूरी की मिसाइल और ब्रिटेन की तकनीकी सहायता

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