भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह से ICC टेस्ट गेंदबाजी रैंकिंग का नंबर-1 स्थान छिन गया है। ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने पहली बार अपने करियर में ICC Men’s Test Bowling Rankings में शीर्ष स्थान हासिल किया है। 26 अगस्त 2026 को जारी ताजा रैंकिंग में स्टार्क 872 रेटिंग पॉइंट्स के साथ नंबर-1 पर पहुंच गए हैं, जबकि बुमराह 862 पॉइंट्स के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गए हैं। न्यूजीलैंड के मैट हेनरी 861 पॉइंट्स के साथ तीसरे नंबर पर हैं।
बुमराह के लिए यह बदलाव इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में लंबे समय तक नंबर-1 गेंदबाज की कुर्सी पर कब्जा बनाए रखा था। ICC के अनुसार बुमराह कुल 697 दिन टेस्ट गेंदबाजों की रैंकिंग में नंबर-1 रहे, जो किसी भारतीय गेंदबाज के लिए सबसे ज्यादा और क्रिकेट इतिहास में 14वां सबसे लंबा समय है। उनकी हालिया नंबर-1 बादशाहत करीब दो महीने की थी, लेकिन उनके पूरे करियर में शीर्ष स्थान पर बिताए गए दिनों की संख्या 697 तक पहुंच चुकी है।
स्टार्क को नंबर-1 बनाने में सबसे बड़ी भूमिका बांग्लादेश के खिलाफ उनकी हालिया टेस्ट सीरीज की शानदार गेंदबाजी ने निभाई। ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच मैके में खेले गए दूसरे टेस्ट में स्टार्क ने मैच की दोनों पारियों में कुल 10 विकेट चटकाए। पहली पारी में उन्होंने केवल 12 रन देकर 6 विकेट लिए, जबकि दूसरी पारी में 39 रन देकर 4 विकेट हासिल किए। ऑस्ट्रेलिया ने यह मुकाबला पारी और 51 रन से जीता। स्टार्क को इस प्रदर्शन के लिए Player of the Match के साथ-साथ Player of the Series भी चुना गया।
स्टार्क का यह प्रदर्शन केवल मैच जिताने वाला नहीं था, बल्कि ICC रैंकिंग में भी इसका बड़ा असर पड़ा। बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टेस्ट में 10 विकेट लेने के बाद उन्होंने मैट हेनरी और जसप्रीत बुमराह दोनों को पीछे छोड़ दिया। ICC के अनुसार स्टार्क बुमराह से 10 रेटिंग पॉइंट आगे हैं।
मिचेल स्टार्क के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी बड़ी है क्योंकि यह पहली बार है जब वह ICC टेस्ट गेंदबाजी रैंकिंग में नंबर-1 बने हैं। उनका पिछला सर्वश्रेष्ठ स्थान नंबर-2 था, जिस पर वह पहली बार पिछले साल Boxing Day Test के बाद पहुंचे थे। अब 36 साल की उम्र में स्टार्क ने अपने करियर की एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
दूसरी तरफ बुमराह का दूसरे स्थान पर जाना उनकी खराब गेंदबाजी के कारण नहीं हुआ है। रैंकिंग में बदलाव का एक बड़ा कारण उनका मौजूदा टेस्ट मैचों में उपलब्ध नहीं होना भी है। बुमराह श्रीलंका के खिलाफ चल रही भारत की World Test Championship सीरीज का हिस्सा नहीं हैं। वह इंग्लैंड में जुलाई में खेली गई ODI सीरीज के दौरान घुटने में लगी चोट के कारण श्रीलंका दौरे से बाहर हैं।
यानी बुमराह के नंबर-1 स्थान से हटने को उनकी फॉर्म में बड़ी गिरावट के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। टेस्ट क्रिकेट में लंबे समय तक सक्रिय नहीं रहने के दौरान दूसरे गेंदबाजों को प्रदर्शन के जरिए रैंकिंग पॉइंट्स हासिल करने का मौका मिलता है। स्टार्क ने इसी मौके का फायदा बांग्लादेश के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करके उठाया।
ताजा रैंकिंग में बुमराह के बाद न्यूजीलैंड के मैट हेनरी तीसरे स्थान पर हैं। ऑस्ट्रेलिया के पैट कमिंस भी एक स्थान ऊपर चढ़कर चौथे नंबर पर पहुंच गए हैं। दक्षिण अफ्रीका के मार्को यानसन पांचवें और कगिसो रबाडा छठे स्थान पर हैं। ऑस्ट्रेलिया के स्कॉट बोलैंड सातवें, पाकिस्तान के नोमान अली आठवें, ऑस्ट्रेलिया के जोश हेजलवुड नौवें और नाथन लियोन दसवें नंबर पर हैं।
इस तरह गेंदबाजों की टॉप-10 सूची में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा साफ दिखाई देता है। स्टार्क के नंबर-1 बनने के अलावा कमिंस, बोलैंड, हेजलवुड और लियोन भी शीर्ष 10 में शामिल हैं। यानी मौजूदा ICC टेस्ट गेंदबाजी रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया के पांच गेंदबाज टॉप-10 में मौजूद हैं।
भारत की तरफ से बुमराह दूसरे नंबर पर हैं। उनके अलावा हालिया गॉल टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करने वाले मानव सुथार ने भी रैंकिंग में बड़ी छलांग लगाई है। श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में 10 विकेट लेने के बाद सुथार 28 स्थान ऊपर चढ़कर अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 48वीं रैंकिंग पर पहुंच गए हैं।
मानव सुथार का प्रदर्शन भारत के लिए इसलिए महत्वपूर्ण रहा क्योंकि गॉल में श्रीलंका के खिलाफ भारत ने 165 रन से जीत दर्ज की थी। सुथार ने मैच में 10 विकेट लेकर अपनी गेंदबाजी क्षमता का मजबूत प्रदर्शन किया और ICC रैंकिंग में इसका सीधा फायदा उन्हें मिला।
भारत के तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा भी रैंकिंग में दो स्थान ऊपर चढ़कर 53वें नंबर पर पहुंचे हैं। दूसरी ओर श्रीलंका के असिता फर्नांडो और प्रभात जयसूर्या ने भी पांच-पांच स्थान की छलांग लगाई है और क्रमशः 15वें तथा 16वें स्थान पर पहुंच गए हैं।
इंग्लैंड के ओली रॉबिन्सन की रैंकिंग में भी बड़ा सुधार हुआ है। पाकिस्तान के खिलाफ लीड्स टेस्ट में शानदार प्रदर्शन के बाद वह 15 स्थान ऊपर चढ़कर 11वें नंबर पर पहुंच गए हैं। उन्होंने उस मैच में कुल आठ विकेट लिए और इंग्लैंड को पारी और 103 रन से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
अब अगर बल्लेबाजों की ICC टेस्ट रैंकिंग की बात करें तो यहां भी भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छी खबर सामने आई है। विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने एक साल बाद फिर से टेस्ट बल्लेबाजों की टॉप-10 रैंकिंग में वापसी कर ली है। पंत छह स्थान की छलांग लगाकर सातवें नंबर पर पहुंच गए हैं। उनके साथ भारतीय कप्तान शुभमन गिल भी 711 रेटिंग पॉइंट्स के साथ आठवें स्थान पर हैं।
पंत की इस छलांग के पीछे श्रीलंका के खिलाफ उनकी हालिया बल्लेबाजी का बड़ा योगदान है। गॉल टेस्ट में उन्होंने पहली पारी में 39 और दूसरी पारी में 66 रन बनाए थे। इन प्रदर्शनों ने उन्हें रैंकिंग में छह स्थान ऊपर पहुंचाने में मदद की। ICC के मुताबिक वह एक साल बाद पहली बार टेस्ट बल्लेबाजों की टॉप-10 सूची में लौटे हैं।
पंत और गिल दोनों के पास फिलहाल 711 रेटिंग पॉइंट्स हैं। हालांकि रैंकिंग में पंत सातवें और गिल आठवें स्थान पर हैं। इसका मतलब है कि दोनों भारतीय बल्लेबाजों के बीच अंतर बेहद मामूली है। पंत के लिए आने वाले टेस्ट मैचों में अच्छी बल्लेबाजी उन्हें और ऊपर ले जा सकती है।
शुभमन गिल के लिए भी टॉप-10 में बने रहना महत्वपूर्ण है। भारतीय कप्तान टेस्ट क्रिकेट में टीम के बल्लेबाजी क्रम का अहम हिस्सा हैं और उनकी रैंकिंग यह दिखाती है कि पिछले कुछ समय में उन्होंने इस फॉर्मेट में अपनी जगह मजबूत की है।
हालांकि इस रैंकिंग अपडेट में एक दिलचस्प बदलाव यह भी हुआ कि यशस्वी जायसवाल टॉप-10 से बाहर हो गए हैं। वह 11वें स्थान पर पहुंच गए हैं। इसका मतलब है कि फिलहाल भारत के दो ही बल्लेबाज—ऋषभ पंत और शुभमन गिल—ICC टेस्ट बल्लेबाजों की टॉप-10 सूची में हैं।
यशस्वी के लिए यह बदलाव अचानक बड़ा लग सकता है, लेकिन टेस्ट रैंकिंग लगातार खिलाड़ियों के हालिया प्रदर्शन के आधार पर बदलती रहती है। अगर वह आगामी टेस्ट मैचों में बड़ी पारियां खेलते हैं तो वह फिर से टॉप-10 में वापसी कर सकते हैं।
बल्लेबाजों की नंबर-1 रैंकिंग अभी इंग्लैंड के हैरी ब्रूक के पास है। ब्रूक 874 रेटिंग पॉइंट्स के साथ शीर्ष पर हैं। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ लीड्स टेस्ट में 90 रन की पारी खेली और अपनी बढ़त को और मजबूत किया। दूसरे स्थान पर इंग्लैंड के ही जो रूट 850 पॉइंट्स के साथ हैं।
ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ 840 पॉइंट्स के साथ तीसरे और ट्रेविस हेड 811 पॉइंट्स के साथ चौथे नंबर पर हैं। दक्षिण अफ्रीका के तेम्बा बावुमा पांचवें और न्यूजीलैंड के रचिन रविंद्र छठे स्थान पर हैं। इसके बाद पंत सातवें, गिल आठवें, न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल नौवें और पाकिस्तान के बाबर आजम दसवें स्थान पर हैं।
इस सूची को देखें तो भारत के लिए पंत और गिल का टॉप-10 में होना बड़ी सकारात्मक खबर है। खासकर पंत की वापसी यह बताती है कि चोट और उतार-चढ़ाव के बाद वह टेस्ट क्रिकेट में फिर से अपनी पुरानी आक्रामक बल्लेबाजी के साथ प्रभाव डाल रहे हैं।
पंत की खासियत यह रही है कि वह केवल विकेटकीपर के रूप में ही नहीं बल्कि मैच का रुख बदलने वाले बल्लेबाज के तौर पर भी अपनी पहचान बना चुके हैं। श्रीलंका के खिलाफ 39 और 66 की पारियों ने उन्हें रैंकिंग में बड़ी छलांग दिलाई। आने वाले मैचों में अगर वह बड़ी शतकीय पारियां खेलते हैं तो उनकी रेटिंग में और सुधार संभव है।
दिलचस्प बात यह भी है कि पंत के हालिया प्रदर्शन का पूरा फायदा अगले रैंकिंग अपडेट में और दिखाई दे सकता है। भारत-श्रीलंका सीरीज के दूसरे टेस्ट में उनकी बड़ी पारी के सभी अंक इस अपडेट में पूरी तरह शामिल नहीं हुए हैं। इसलिए आने वाले सप्ताह में पंत की रैंकिंग और ऊपर जा सकती है, अगर उनका प्रदर्शन रैंकिंग कटऑफ के बाद के मुकाबलों में भी मजबूत रहता है।
शुभमन गिल की स्थिति भी नजर रखने लायक होगी। उनके और पंत के रेटिंग पॉइंट बराबर हैं। ऐसे में अगली रैंकिंग में दोनों के स्थान में बदलाव संभव है। एक अच्छी पारी किसी एक को आगे ले जा सकती है, जबकि दूसरे के लिए रैंकिंग स्थिर या नीचे जा सकती है।
ऑलराउंडरों की सूची में भारत के रवींद्र जडेजा अभी भी नंबर-1 पर बने हुए हैं। इसका मतलब है कि बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों श्रेणियों में भारत के खिलाड़ी ICC की शीर्ष रैंकिंग में मौजूद हैं।
गेंदबाजी में बुमराह का नंबर-2 पर आना भारत के लिए कोई बड़ी चिंता का विषय इसलिए भी नहीं है क्योंकि उनका नंबर-1 स्थान पर बिताया गया 697 दिनों का रिकॉर्ड खुद उनकी निरंतरता का प्रमाण है। किसी भारतीय गेंदबाज का इतने लंबे समय तक टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर रहना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।
बुमराह ने फरवरी 2024 में पहली बार ICC टेस्ट गेंदबाजी रैंकिंग में नंबर-1 स्थान हासिल किया था। इसके बाद वह पिछले दो वर्षों में अधिकांश समय शीर्ष पर बने रहे। अब स्टार्क ने उन्हें पीछे छोड़ा है, लेकिन बुमराह के पास भविष्य में फिर से नंबर-1 बनने का मौका रहेगा।
स्टार्क की उपलब्धि भी ऐतिहासिक है क्योंकि 36 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ने अपने लंबे करियर में पहली बार टेस्ट गेंदबाजों की रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया है। उनके करियर का बड़ा हिस्सा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में रहने में गुजरा है, लेकिन नंबर-1 स्थान अब जाकर उनके नाम हुआ है।
उनका बांग्लादेश के खिलाफ प्रदर्शन यह दिखाता है कि अनुभव के बावजूद उनकी गेंदबाजी में अब भी मैच का रुख बदलने की क्षमता है। पहली पारी में 6/12 और दूसरी पारी में 4/39 के आंकड़े किसी भी टेस्ट गेंदबाज के लिए शानदार माने जाएंगे। ऑस्ट्रेलिया की पारी और 51 रन की जीत में उनका योगदान निर्णायक रहा।
टेस्ट क्रिकेट की मौजूदा रैंकिंग में एक और बड़ा संकेत ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का प्रदर्शन है। स्टार्क, कमिंस, बोलैंड, हेजलवुड और लियोन जैसे पांच गेंदबाज टॉप-10 में हैं। यह ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाजी संसाधनों की गहराई को दिखाता है।
भारत की स्थिति भी मजबूत है। बुमराह दूसरे स्थान पर हैं, जबकि मानव सुथार तेजी से ऊपर आए हैं। इसके अलावा प्रसिद्ध कृष्णा भी रैंकिंग में आगे बढ़े हैं। अगर भारत के गेंदबाज आगामी WTC मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो रैंकिंग में भारत की मौजूदगी और मजबूत हो सकती है।
ICC रैंकिंग केवल किसी खिलाड़ी की लोकप्रियता या पुराने रिकॉर्ड पर आधारित नहीं होती। इसमें हालिया टेस्ट प्रदर्शन और विरोधी टीम के खिलाफ किए गए प्रदर्शन का असर पड़ता है। इसी वजह से स्टार्क की 10 विकेट वाली मैच जिताऊ गेंदबाजी ने उन्हें एक ही अपडेट में बड़ी छलांग दिलाई।
इसी तरह पंत की दो पारियों ने उन्हें छह स्थान ऊपर पहुंचा दिया। यह बताता है कि टेस्ट क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को रैंकिंग में इसका सीधा फायदा मिलता है।
भारत के नजरिए से सबसे बड़ी कहानी फिलहाल दो हिस्सों में बंटी हुई है। एक तरफ बुमराह की 697 दिन की नंबर-1 बादशाहत खत्म हुई है, वहीं दूसरी तरफ पंत ने टॉप-10 में वापसी कर ली है और गिल के साथ भारत के दो बल्लेबाज शीर्ष 10 में हैं।
अगर बुमराह चोट से वापसी के बाद टेस्ट क्रिकेट में अपना पुराना प्रदर्शन दोहराते हैं तो वह फिर से नंबर-1 की दौड़ में शामिल हो सकते हैं। वहीं स्टार्क के लिए चुनौती यह होगी कि वह लंबे समय तक शीर्ष स्थान को बनाए रखें।
अगली रैंकिंग में पंत और गिल की स्थिति भी देखने लायक होगी। दोनों के बीच केवल रैंकिंग स्थान का अंतर है और रेटिंग पॉइंट्स समान हैं। पंत की हालिया फॉर्म और गिल की कप्तानी के साथ बल्लेबाजी इस मुकाबले को और दिलचस्प बनाती है।
भारत के लिए एक और चिंता यह होगी कि यशस्वी जायसवाल अब 11वें स्थान पर हैं। वह केवल टॉप-10 से एक स्थान बाहर हैं, इसलिए एक मजबूत टेस्ट पारी उन्हें दोबारा शीर्ष 10 में ला सकती है।
इस समय टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजी की शीर्ष दो जगहों पर इंग्लैंड का दबदबा है, जबकि गेंदबाजी में ऑस्ट्रेलिया ने नंबर-1 स्थान हासिल किया है। भारत की ओर से बुमराह गेंदबाजी में दूसरे और पंत बल्लेबाजी में सातवें स्थान पर हैं। गिल आठवें नंबर पर हैं।
इस रैंकिंग अपडेट का सबसे बड़ा संदेश यही है कि टेस्ट क्रिकेट में हालिया प्रदर्शन कितना महत्वपूर्ण है। स्टार्क ने बांग्लादेश के खिलाफ 10 विकेट लेकर वर्षों के इंतजार के बाद नंबर-1 स्थान हासिल किया, जबकि बुमराह की अनुपस्थिति का असर उनकी रैंकिंग पर पड़ा। पंत ने श्रीलंका के खिलाफ उपयोगी पारियों के दम पर फिर से टॉप-10 में जगह बनाई और गिल भी उनके साथ शीर्ष 10 में बने हुए हैं।
कुल मिलाकर, 26 अगस्त 2026 की ICC टेस्ट रैंकिंग में मिचेल स्टार्क की नंबर-1 एंट्री सबसे बड़ी खबर है। 872 पॉइंट्स के साथ स्टार्क ने पहली बार यह मुकाम हासिल किया और 862 पॉइंट्स वाले जसप्रीत बुमराह दूसरे नंबर पर आ गए। बुमराह ने अपने करियर में कुल 697 दिन नंबर-1 रहकर भारतीय गेंदबाजों के लिए एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। वहीं बल्लेबाजी में ऋषभ पंत छह स्थान चढ़कर सातवें और शुभमन गिल आठवें स्थान पर हैं। दोनों के 711-711 रेटिंग पॉइंट्स हैं। यशस्वी जायसवाल 11वें स्थान पर खिसक गए हैं।
आने वाले टेस्ट मैचों में यह रैंकिंग और बदल सकती है। खासकर बुमराह की वापसी, स्टार्क का प्रदर्शन, पंत की मौजूदा फॉर्म और गिल की बल्लेबाजी पर क्रिकेट फैंस की नजर रहेगी। टेस्ट क्रिकेट में हर नई सीरीज खिलाड़ियों को रैंकिंग में ऊपर जाने का मौका देती है और इस समय भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के कई खिलाड़ी शीर्ष स्थानों के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा में हैं।
Jasprit Bumrah का संदेश: आज के छोटे प्रयास ही बनेंगे आपकी बड़ी पहचान
http://जसप्रीत बुमराह से नंबर-1 टेस्ट गेंदबाज की रैंकिंग छिनी, मिचेल स्टार्क बने नंबर-1
