देशभर में बढ़ती गर्मी के बीच अब Heat Edema के मामलों को लेकर भी स्वास्थ्य विशेषज्ञ चिंता जता रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक अत्यधिक गर्मी में लंबे समय तक रहने के कारण शरीर के कुछ हिस्सों, खासकर पैरों और हाथों में सूजन आने लगती है। इस स्थिति को हीट एडेमा कहा जाता है। गर्मियों में तापमान बढ़ने के साथ इसके केस भी तेजी से बढ़ सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह समस्या अक्सर उन लोगों में ज्यादा देखने को मिलती है जो लंबे समय तक खड़े रहते हैं, ज्यादा गर्म वातावरण में काम करते हैं या जिनका शरीर गर्मी के अनुकूल जल्दी नहीं हो पाता।
डॉक्टरों के अनुसार हीट एडेमा में शरीर के टिश्यू में अतिरिक्त फ्लूइड जमा होने लगता है, जिससे सूजन दिखाई देने लगती है। यह सूजन आमतौर पर पैरों, टखनों, हाथों और कभी-कभी उंगलियों में भी हो सकती है।
Body Fluid Retention गर्मी और ब्लड सर्कुलेशन में बदलाव के कारण बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज गर्मी में शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए रक्त वाहिकाओं को फैलाता है, जिससे फ्लूइड टिश्यू में जमा हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक हीट एडेमा के शुरुआती लक्षणों में पैरों में भारीपन, सूजन, जूते टाइट लगना और त्वचा में खिंचाव महसूस होना शामिल हो सकता है।
कुछ लोगों में लंबे समय तक बैठने या खड़े रहने के बाद यह समस्या ज्यादा बढ़ सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मियों में ऑफिस, फैक्ट्री या बाहर काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
Blood Circulation शरीर के तापमान नियंत्रण और अंगों के सही कामकाज के लिए बेहद जरूरी माना जाता है। गर्मी में सर्कुलेशन प्रभावित होने से सूजन बढ़ सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, हाई ब्लड प्रेशर मरीजों और मोटापे से जूझ रहे लोगों में हीट एडेमा का जोखिम ज्यादा हो सकता है।
डॉक्टरों का कहना है कि जो लोग पहली बार बहुत गर्म इलाके में जाते हैं, उनमें भी शरीर को मौसम के अनुसार ढलने में समय लग सकता है और इस दौरान सूजन की समस्या हो सकती है।
Hypertension से पीड़ित लोगों को गर्मियों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है क्योंकि गर्मी शरीर के सर्कुलेशन सिस्टम पर असर डाल सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक हीट एडेमा सामान्य सूजन जैसा लग सकता है, लेकिन अगर इसके साथ सांस लेने में दिक्कत, तेज दर्द या लगातार बढ़ती सूजन हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में पर्याप्त पानी पीना और शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी बचाव उपायों में शामिल है।
Hydration शरीर के तापमान और सामान्य कार्यों को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
डॉक्टर सलाह देते हैं कि लंबे समय तक धूप में रहने से बचें और ज्यादा देर तक लगातार खड़े या बैठे न रहें। बीच-बीच में शरीर को आराम देना जरूरी माना जाता है।
गर्मियों में हल्के और ढीले कपड़े पहनना भी शरीर को ठंडा रखने में मदद कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार तंग कपड़े ब्लड फ्लो को प्रभावित कर सकते हैं।
Coconut Water, नींबू पानी और पानी से भरपूर फल गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखने में मददगार माने जाते हैं।
कुछ डॉक्टर पैरों को ऊपर उठाकर आराम करने की भी सलाह देते हैं। इससे ब्लड फ्लो बेहतर हो सकता है और सूजन कम करने में मदद मिल सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बहुत ज्यादा नमक वाला भोजन भी शरीर में पानी रोक सकता है, जिससे सूजन बढ़ सकती है। इसलिए गर्मियों में संतुलित खानपान जरूरी माना जाता है।
Nutrition से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रखने वाला भोजन ज्यादा फायदेमंद होता है।
भारत में लगातार बढ़ती गर्मी और हीटवेव के कारण हीट से जुड़ी बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि लोग अक्सर हीट एडेमा को सामान्य सूजन समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार अगर सूजन बार-बार हो रही हो या लंबे समय तक बनी रहे तो मेडिकल जांच करवाना जरूरी हो सकता है क्योंकि कई बार यह दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकता है।
Heatwave के दौरान शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
डॉक्टरों का कहना है कि गर्मियों में बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना चाहिए क्योंकि उनका शरीर तापमान बदलाव के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो सकता है।
फिलहाल बढ़ती गर्मी के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों से सतर्क रहने, पर्याप्त पानी पीने और शरीर में किसी भी असामान्य सूजन को नजरअंदाज न करने की अपील कर रहे हैं।
