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IND vs NZ 2nd T20: तिलक-नितीश ने भारत को जिताया, सीरीज में 2-0 की बढ़त

टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे T20 इंटरनेशनल मुकाबले में ऐसा पलटवार किया, जिसने मैच को आखिरी ओवर तक रोमांचक बनाए रखा। एक समय भारतीय टीम मुश्किल में थी और जीत की उम्मीद कमजोर पड़ती दिख रही थी। न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने भारतीय बल्लेबाजी को झकझोरते हुए लगातार विकेट निकाले। भारत का स्कोर 112 रन पर 6 विकेट हो गया था और लक्ष्य तक पहुंचने के लिए काफी तेजी से रन बनाने की जरूरत थी।

लेकिन इसके बाद मैदान पर तिलक वर्मा और नितीश कुमार रेड्डी ने मोर्चा संभाला। दोनों ने दबाव में घबराने के बजाय आक्रामक बल्लेबाजी की और सातवें विकेट के लिए सिर्फ 30 गेंदों में नाबाद 69 रन जोड़ दिए। इसी साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया। भारत ने 181 रन का लक्ष्य 19.5 ओवर में 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया और मुकाबला 4 विकेट से जीत लिया।

24 अक्टूबर 2026 को क्राइस्टचर्च में मिली इस जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की T20 सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली। तिलक वर्मा ने 26 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाए, जबकि नितीश रेड्डी ने 13 गेंदों पर नाबाद 26 रन की उपयोगी पारी खेली। तिलक को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बनाए 180 रन

क्राइस्टचर्च में खेले गए दूसरे T20 मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत में न्यूजीलैंड को दबाव में रखा। अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव ने शुरुआती विकेट लेकर मेजबान टीम को बड़ा स्कोर बनाने से रोकने की कोशिश की।

न्यूजीलैंड के सलामी बल्लेबाज टिम साइफर्ट 7 रन बनाकर आउट हुए, जबकि फिन एलन ने 16 रन बनाए। डेरिल मिचेल भी ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके और 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। शुरुआती झटकों के बाद न्यूजीलैंड की टीम दबाव में थी और भारतीय गेंदबाजों के पास मैच पर पकड़ बनाने का अच्छा मौका था।

हालांकि, ग्लेन फिलिप्स और बेवॉन जैकब्स ने शानदार साझेदारी करके पारी को संभाल लिया। दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ रन बनाने की गति बढ़ाई और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। फिलिप्स ने 43 गेंदों पर 70 रन बनाए। उनकी पारी में चार चौके और चार छक्के शामिल रहे।

दूसरी ओर, बेवॉन जैकब्स ने 46 गेंदों पर 58 रन की पारी खेली। उन्होंने पांच चौके और एक छक्का लगाया। फिलिप्स और जैकब्स के बीच चौथे विकेट के लिए 116 रन की अहम साझेदारी हुई। इसी साझेदारी के कारण न्यूजीलैंड की टीम शुरुआती झटकों से उबरने में सफल रही।

भारत ने अंतिम ओवरों में विकेट निकालने की कोशिश की, लेकिन न्यूजीलैंड 20 ओवर में 5 विकेट पर 180 रन बनाने में कामयाब रहा। भारतीय टीम के सामने जीत के लिए 181 रन का लक्ष्य था।

अर्शदीप सिंह ने शुरुआती विकेट दिलाए

भारतीय गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने 4 ओवर में 33 रन देकर 2 विकेट लिए। प्रिंस यादव ने भी एक विकेट हासिल किया। शुरुआती विकेट मिलने से भारत को उम्मीद थी कि न्यूजीलैंड को कम स्कोर पर रोका जा सकेगा।

लेकिन फिलिप्स और जैकब्स की साझेदारी ने भारत की योजना को चुनौती दी। दोनों ने धैर्य के साथ शुरुआत की और मौके मिलने पर बड़े शॉट लगाए। खासकर फिलिप्स ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया।

नितीश कुमार रेड्डी ने गेंदबाजी में भी योगदान दिया और जैकब्स का विकेट हासिल किया। इसके बावजूद न्यूजीलैंड 180 रन तक पहुंच गया। T20 क्रिकेट में यह ऐसा स्कोर था जिसे हासिल करना संभव था, लेकिन भारतीय टीम को अच्छी शुरुआत और बीच के ओवरों में विकेट बचाकर खेलने की जरूरत थी।

181 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया

लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम से तेज शुरुआत की उम्मीद थी। लेकिन न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। शुरुआत से ही विकेट गिरने लगे और टीम दबाव में आती चली गई।

अभिषेक शर्मा से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह 27 रन बनाकर आउट हो गए। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भी ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके। भारतीय टीम को लगातार विकेट गंवाने का नुकसान उठाना पड़ा।

न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने अपनी गेंदबाजी से मैच पर मजबूत पकड़ बना ली। उन्होंने भारतीय बल्लेबाजों को बांधकर रखा और महत्वपूर्ण विकेट निकाले। सैंटनर ने 4 ओवर में 21 रन देकर 4 विकेट लिए। उनकी गेंदबाजी ने भारत की रन गति को रोकने के साथ-साथ बल्लेबाजी क्रम को भी बिखेर दिया।

भारतीय टीम एक समय 70 रन पर 5 विकेट गंवा चुकी थी। ऐसी स्थिति में जीत के लिए सिर्फ रन बनाने की जरूरत नहीं थी, बल्कि विकेट बचाना भी बेहद जरूरी था। एक और विकेट गिरने पर दबाव और बढ़ सकता था।

सैंटनर की गेंदबाजी से भारत मुश्किल में

मिचेल सैंटनर ने दूसरे T20 में अपनी फिरकी से भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया। उन्होंने सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करते हुए बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने के लिए मजबूर किया। भारत के कई बल्लेबाज उनके सामने अपनी पारी लंबी नहीं कर सके।

सैंटनर के चार विकेटों ने मुकाबले को न्यूजीलैंड की तरफ झुका दिया। भारतीय टीम 112 रन पर 6 विकेट गंवा चुकी थी। अब जीत के लिए आखिरी पांच ओवरों में लगभग 68 रन बनाने थे। क्रीज पर मौजूद बल्लेबाजों के सामने मुश्किल चुनौती थी, क्योंकि विकेट कम बचे थे और रन गति काफी बढ़ानी थी।

क्रिकेट में इस तरह की स्थिति में बल्लेबाज अक्सर जोखिम लेने लगते हैं। लेकिन हर गेंद पर बड़ा शॉट लगाने की कोशिश विकेट गिरने का कारण भी बन सकती है। तिलक वर्मा ने शुरुआत में स्थिति को समझा और फिर मौका मिलने पर आक्रामक रुख अपनाया।

नमन धीर ने भी मैच में वापसी की उम्मीद जगाई

तिलक वर्मा के साथ नमन धीर ने भी भारत की पारी को संभालने में योगदान दिया। नमन ने 17 गेंदों पर 31 रन बनाए। उनकी पारी ने भारत को मैच में बने रहने का मौका दिया।

तिलक और नमन के बीच छठे विकेट के लिए 24 गेंदों में 42 रन की साझेदारी हुई। दोनों ने रन गति बढ़ाई और भारत की जीत की उम्मीद को जिंदा रखा। नमन ने कुछ महत्वपूर्ण बाउंड्री लगाईं, जिससे गेंदबाजों पर दबाव बढ़ा।

हालांकि, नमन धीर के आउट होने के बाद भारतीय टीम एक बार फिर मुश्किल में आ गई। अब भारत के पास केवल चार विकेट बचे थे और लक्ष्य तक पहुंचने के लिए तेजी से रन बनाने थे। इसी मोड़ पर तिलक वर्मा को नितीश कुमार रेड्डी का साथ मिला।

तिलक वर्मा ने संभाली जिम्मेदारी

तिलक वर्मा ने इस मुकाबले में दबाव के बीच शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने समझदारी से पारी आगे बढ़ाई और जरूरत के मुताबिक अपने शॉट्स में तेजी लाई। जब टीम को विकेट बचाने की जरूरत थी, तब उन्होंने संयम रखा। जब बड़े शॉट लगाने का मौका आया, तब उन्होंने गेंदबाजों पर हमला किया।

तिलक ने 26 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाए। उनकी पारी में छह चौके और एक छक्का शामिल था। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि वह अंत तक क्रीज पर टिके रहे और टीम को जीत दिलाकर ही लौटे।

तिलक की बल्लेबाजी में आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया। उन्होंने गेंद की दिशा और लंबाई के हिसाब से शॉट खेले और रन बनाने के मौके तलाशे। अंतिम ओवरों में उनकी आक्रामकता ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया।

इससे पहले सीरीज के पहले मुकाबले में तिलक बड़ी पारी नहीं खेल पाए थे। दूसरे मैच में उन्होंने अपने प्रदर्शन से आलोचनाओं का जवाब दिया। इस बार उन्होंने जिम्मेदारी निभाते हुए न केवल अर्धशतक पूरा किया, बल्कि मैच को जीत तक पहुंचाया।

नितीश कुमार रेड्डी ने दिया शानदार साथ

तिलक वर्मा की पारी जितनी अहम रही, नितीश कुमार रेड्डी का योगदान भी उतना ही महत्वपूर्ण था। नितीश ने दबाव के समय तिलक का साथ दिया और रन गति को बनाए रखा। उन्होंने 13 गेंदों पर नाबाद 26 रन बनाए।

दोनों बल्लेबाजों ने सातवें विकेट के लिए केवल 30 गेंदों में 69 रन जोड़े। इस साझेदारी ने भारत को मुश्किल स्थिति से निकालकर जीत के करीब पहुंचा दिया। नितीश ने मौका मिलने पर बाउंड्री लगाईं और तिलक पर पूरा दबाव नहीं आने दिया।

इस साझेदारी की खास बात यह थी कि दोनों बल्लेबाजों ने एक-दूसरे की भूमिका को समझा। तिलक ने पारी को संभालने और निर्णायक शॉट खेलने की जिम्मेदारी निभाई, जबकि नितीश ने तेजी से रन बनाकर आवश्यक रन गति बनाए रखी।

निचले क्रम के बल्लेबाजों से अक्सर उम्मीद की जाती है कि वे कुछ तेज रन जोड़ें, लेकिन यहां दोनों बल्लेबाजों ने मैच जिताने वाली साझेदारी कर दी। 30 गेंदों में 69 रन बनाना इस बात का प्रमाण था कि अंतिम ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों ने किस तरह मुकाबले पर कब्जा किया।

आखिरी तीन ओवरों में बदला मैच

मैच का सबसे रोमांचक हिस्सा अंतिम तीन ओवर रहे। भारत को जीत के लिए बड़ी संख्या में रन बनाने थे और छह विकेट गिर चुके थे। न्यूजीलैंड की टीम को लग रहा था कि वह मुकाबला अपने नाम कर सकती है।

लेकिन तिलक और नितीश ने दबाव में भी रन बनाने की गति कम नहीं होने दी। दोनों ने गेंदबाजों की गलतियों का फायदा उठाया और बाउंड्री के साथ जरूरी रन भी दौड़कर पूरे किए। हर ओवर के साथ मैच का समीकरण बदलता गया।

आखिरी ओवर में भारत को जीत के लिए कुछ रन चाहिए थे। जैकब डफी के ओवर में बल्लेबाजों ने समझदारी दिखाई। एक वाइड सहित जरूरी रन बने और आखिरी गेंद से पहले भारत जीत के करीब पहुंच गया। 19.5 ओवर पर नितीश कुमार रेड्डी ने गेंद को लेग साइड में खेलकर दो रन लिए और भारत को जीत दिला दी।

भारतीय खिलाड़ियों ने जीत के बाद राहत और खुशी का इजहार किया। यह जीत केवल एक बल्लेबाज की पारी का नतीजा नहीं थी, बल्कि मुश्किल समय में साझेदारी निभाने और आखिरी गेंद तक लड़ने का परिणाम थी।

भारत ने 4 विकेट से जीता दूसरा T20

न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 180 रन बनाए थे। जवाब में भारत ने 19.5 ओवर में 6 विकेट पर 181 रन बनाकर मुकाबला जीत लिया। भारत ने यह मैच चार विकेट से अपने नाम किया।

भारत की ओर से तिलक वर्मा ने नाबाद 51 रन बनाए, नमन धीर ने 31 रन जोड़े और नितीश कुमार रेड्डी 26 रन बनाकर नाबाद रहे। न्यूजीलैंड की तरफ से मिचेल सैंटनर सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने चार विकेट लिए।

न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी में ग्लेन फिलिप्स ने 70 और बेवॉन जैकब्स ने 58 रन बनाए। दोनों की साझेदारी ने टीम को 180 रन तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई। लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने आखिरी ओवरों में शानदार वापसी कर मेजबान टीम की मेहनत पर पानी फेर दिया।

पांच मैचों की सीरीज में भारत 2-0 से आगे

इस जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की T20 सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। सीरीज का पहला मुकाबला भी भारत ने जीता था और अब दूसरे मैच में रोमांचक जीत ने टीम की स्थिति मजबूत कर दी है।

हालांकि, सीरीज अभी समाप्त नहीं हुई है। न्यूजीलैंड के पास वापसी करने के मौके होंगे और भारतीय टीम को अगले मैच में भी बेहतर प्रदर्शन जारी रखना होगा। दूसरे T20 में बल्लेबाजी के दौरान शुरुआती विकेट गिरना भारत के लिए चिंता का विषय हो सकता है। टीम को यह देखना होगा कि आगे के मुकाबलों में मध्यक्रम को ऐसी कठिन स्थिति का सामना कम करना पड़े।

दूसरी ओर, तिलक वर्मा और नितीश कुमार रेड्डी की साझेदारी टीम के लिए सकारात्मक संकेत है। इस प्रदर्शन से पता चलता है कि दबाव के समय निचले मध्यक्रम के बल्लेबाज भी जिम्मेदारी निभा सकते हैं। टीम को जीत के लिए हमेशा शुरुआती बल्लेबाजों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होती, बशर्ते दूसरे खिलाड़ी मुश्किल हालात में योगदान दें।

तिलक वर्मा को मिला प्लेयर ऑफ द मैच

तिलक वर्मा को उनकी नाबाद अर्धशतकीय पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने जिस समय बल्लेबाजी की, उस वक्त भारत को तेज रन बनाने के साथ विकेट बचाने की भी जरूरत थी। उन्होंने दोनों कामों के बीच संतुलन बनाया और अंत तक टिके रहे।

तिलक की पारी का महत्व उनके 51 रन से आगे भी था। जब भारत 112 रन पर छह विकेट गंवा चुका था, तब टीम को ऐसे बल्लेबाज की जरूरत थी जो दबाव में फैसला ले सके। तिलक ने परिस्थितियों को समझते हुए नितीश के साथ साझेदारी की और लक्ष्य तक पहुंचने का रास्ता बनाया।

इस मैच ने एक बार फिर दिखाया कि T20 क्रिकेट में मुकाबला आखिरी ओवर तक बदल सकता है। एक टीम लंबे समय तक मजबूत स्थिति में रहने के बाद भी कुछ ओवरों में मैच गंवा सकती है, जबकि दूसरी टीम मुश्किल स्थिति से वापसी कर सकती है।

भारतीय टीम के लिए क्या रहे मैच के बड़े सबक?

भारत की जीत में कई सकारात्मक पहलू रहे। सबसे बड़ा सबक यह था कि दबाव में भी संयम बनाए रखना जरूरी है। तिलक और नितीश ने हर गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश नहीं की, बल्कि स्थिति के अनुसार बल्लेबाजी की।

दूसरा पहलू साझेदारी का रहा। जब विकेट लगातार गिर रहे थे, तब दोनों बल्लेबाजों ने एक-दूसरे का साथ दिया। एक बल्लेबाज के आउट होने के बाद टीम के सामने मुश्किल बढ़ सकती थी, लेकिन नितीश ने तिलक का साथ देकर मैच को भारत की ओर मोड़ दिया।

तीसरा पहलू आखिरी ओवरों में रन बनाने की क्षमता का रहा। भारत को 30 गेंदों में 69 रन चाहिए थे और टीम ने यह रन बना दिए। इस तरह की वापसी से टीम का आत्मविश्वास बढ़ सकता है, लेकिन शुरुआती विकेटों के जल्दी गिरने की समस्या पर ध्यान देना भी जरूरी होगा।

न्यूजीलैंड के लिए यह हार निराशाजनक रही होगी। टीम ने पहले बल्लेबाजी में अच्छा स्कोर बनाया और गेंदबाजी में भारत को 112/6 तक पहुंचा दिया था। लेकिन अंतिम ओवरों में रन रोकने और विकेट लेने में सफलता नहीं मिली। अगले मैच में टीम इस गलती को सुधारने की कोशिश करेगी।

ईशान किशन दूसरे T20 से बाहर, वैभव सूर्यवंशी को मौका?

http://तिलक वर्मा और नितीश कुमार रेड्डी ने 30 गेंदों पर 69 रन जोड़कर भारत को जीत दिलाई।

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