>

एनर्जी ड्रिंक के नुकसान: फैटी लिवर का जोखिम और 10 हेल्दी ड्रिंक्स

थकान दूर करने, देर तक जागने और तुरंत एनर्जी महसूस करने के लिए आजकल कई लोग एनर्जी ड्रिंक का सेवन करते हैं। बाजार में मिलने वाले रंग-बिरंगे कैन और बोतलों में मौजूद मीठे पेय युवाओं, विद्यार्थियों, जिम जाने वालों और कामकाजी लोगों के बीच लोकप्रिय हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इन ड्रिंक्स में मौजूद शुगर और कैफीन का शरीर पर क्या असर पड़ सकता है?

कुछ एनर्जी ड्रिंक्स में काफी मात्रा में चीनी और कैफीन होता है। इनका बार-बार या जरूरत से ज्यादा सेवन वजन बढ़ने, नींद खराब होने, दिल की धड़कन तेज होने और ब्लड प्रेशर बढ़ने जैसी समस्याओं से जुड़ा हो सकता है। अधिक चीनी वाले पेय नियमित रूप से पीने से मेटाबॉलिक स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ सकता है, जिससे फैटी लिवर का जोखिम बढ़ सकता है।

हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि एक एनर्जी ड्रिंक पीने से ही फैटी लिवर या किडनी डैमेज हो जाता है। इन बीमारियों के पीछे कई कारण हो सकते हैं। जोखिम इस बात पर निर्भर करता है कि कोई व्यक्ति कितनी मात्रा में पेय पीता है, उसकी जीवनशैली कैसी है और उसे पहले से कोई बीमारी है या नहीं।

अच्छी बात यह है कि रोजमर्रा की प्यास बुझाने के लिए महंगे एनर्जी ड्रिंक्स की जरूरत नहीं है। घर पर नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ, सत्तू का पेय और दूसरे कम चीनी वाले विकल्प तैयार किए जा सकते हैं। आइए जानते हैं एनर्जी ड्रिंक्स के संभावित नुकसान और 10 आसान होममेड हेल्दी ड्रिंक्स के बारे में।

एनर्जी ड्रिंक में क्या-क्या होता है?

बाजार में मिलने वाले एनर्जी ड्रिंक्स में आमतौर पर पानी, कैफीन, चीनी या दूसरे स्वीटनर, फ्लेवर और कुछ उत्पादों में विटामिन या अन्य पदार्थ शामिल हो सकते हैं। हर ब्रांड की सामग्री और मात्रा अलग होती है, इसलिए बोतल या कैन पर दिया गया लेबल पढ़ना जरूरी है।

कैफीन एक ऐसा पदार्थ है जो कुछ समय के लिए सतर्कता बढ़ा सकता है और नींद महसूस होने को कम कर सकता है। यही वजह है कि कुछ लोग पढ़ाई, रात में काम करने या लंबे समय तक जागने के लिए इसका सेवन करते हैं।

लेकिन कैफीन का असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता। ज्यादा मात्रा में लेने से बेचैनी, घबराहट, नींद न आना, सिरदर्द और दिल की धड़कन तेज होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अधिक संवेदनशील लोगों में कम मात्रा से भी परेशानी हो सकती है।

दूसरी तरफ, चीनी वाले एनर्जी ड्रिंक्स में अतिरिक्त कैलोरी भी होती है। अगर कोई व्यक्ति रोजाना ऐसे पेय पीता है और अपनी कुल कैलोरी की मात्रा पर ध्यान नहीं देता, तो लंबे समय में वजन बढ़ने का जोखिम बढ़ सकता है।

यह भी ध्यान रखें कि स्पोर्ट्स ड्रिंक और एनर्जी ड्रिंक एक ही चीज नहीं हैं। स्पोर्ट्स ड्रिंक में व्यायाम के दौरान पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई के लिए शुगर और नमक हो सकते हैं, जबकि एनर्जी ड्रिंक में अक्सर कैफीन जैसे उत्तेजक पदार्थ शामिल होते हैं।

ज्यादा शुगर से फैटी लिवर का जोखिम कैसे बढ़ सकता है?

लिवर शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है। यह पोषक तत्वों को प्रोसेस करने, ऊर्जा के भंडारण और शरीर से हानिकारक पदार्थों को हटाने सहित कई जरूरी काम करता है।

जब लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने लगता है, तो इसे मेटाबॉलिक डिसफंक्शन से जुड़ा स्टीटोटिक लिवर डिजीज यानी MASLD कहा जा सकता है। इसे पहले नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज के नाम से भी जाना जाता था।

मीठे पेय में मौजूद अतिरिक्त शुगर, खासकर ज्यादा मात्रा में फ्रक्टोज लेने से, लिवर में फैट बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। नियमित रूप से ज्यादा कैलोरी लेना, मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, कम शारीरिक गतिविधि और दूसरी मेटाबॉलिक समस्याएं भी फैटी लिवर के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।

इसका मतलब यह नहीं है कि हर मीठा पेय पीने वाले व्यक्ति को फैटी लिवर होगा। बीमारी का जोखिम कई कारकों पर निर्भर करता है। फिर भी, नियमित रूप से शुगर वाले पेय पीने के बजाय पानी और बिना अतिरिक्त चीनी वाले विकल्प चुनना बेहतर आदत है।

फैटी लिवर की समस्या शुरुआती चरण में अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं देती। कुछ लोगों में थकान या पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में असहजता हो सकती है, लेकिन केवल इन लक्षणों से बीमारी की पुष्टि नहीं की जा सकती।

अगर आपको डायबिटीज, मोटापा या लिवर से जुड़ी कोई समस्या है, तो डॉक्टर से जांच और उचित सलाह लेना जरूरी है।

क्या एनर्जी ड्रिंक से किडनी खराब हो सकती है?

किडनी शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने, खून से अपशिष्ट पदार्थों को फिल्टर करने और ब्लड प्रेशर के नियंत्रण में मदद करती है।

एनर्जी ड्रिंक पीने से हर व्यक्ति की किडनी खराब हो जाती है, ऐसा कहने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है। हालांकि, बहुत ज्यादा कैफीन, अधिक चीनी और कुछ परिस्थितियों में शरीर में पानी की कमी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ा सकती हैं।

कुछ लोगों में एनर्जी ड्रिंक के अत्यधिक सेवन के बाद किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याओं की रिपोर्ट भी सामने आई हैं, लेकिन ऐसी रिपोर्टों से यह साबित नहीं होता कि सामान्य मात्रा में सेवन करने से हर व्यक्ति को किडनी डैमेज होगा।

जिन लोगों को पहले से किडनी की बीमारी है, उन्हें पोटैशियम, सोडियम और तरल पदार्थों की मात्रा पर विशेष ध्यान देना पड़ सकता है। ऐसे लोगों के लिए नारियल पानी जैसे सामान्य रूप से हेल्दी माने जाने वाले पेय भी हमेशा उपयुक्त नहीं होते।

इसलिए किडनी के मरीज डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह के अनुसार ही पेय चुनें। स्वस्थ लोगों के लिए सामान्य परिस्थितियों में साफ पानी रोजमर्रा की हाइड्रेशन का सबसे सरल विकल्प है।

एनर्जी ड्रिंक के ज्यादा सेवन से हो सकती हैं ये समस्याएं

1. नींद प्रभावित होना: कैफीन के कारण देर रात तक जागना आसान लग सकता है, लेकिन इससे नींद की गुणवत्ता खराब हो सकती है। इसका असर अगले दिन की ऊर्जा और एकाग्रता पर पड़ सकता है।

2. दिल की धड़कन तेज होना: ज्यादा कैफीन लेने से कुछ लोगों को धड़कन तेज महसूस हो सकती है। जिन लोगों को पहले से हृदय संबंधी समस्या है, उन्हें विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

3. ब्लड प्रेशर बढ़ना: कैफीन कुछ लोगों में अस्थायी रूप से ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है। हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों को सेवन के बारे में चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

4. वजन बढ़ने का जोखिम: शुगर वाले पेय से अतिरिक्त कैलोरी मिलती है। अगर ये कैलोरी नियमित रूप से जरूरत से ज्यादा ली जाएं, तो वजन बढ़ सकता है।

5. दांतों को नुकसान: मीठे और एसिडिक पेय दांतों में कैविटी और इनेमल के क्षरण का जोखिम बढ़ा सकते हैं, खासकर बार-बार सेवन करने पर।

6. बेचैनी और घबराहट: ज्यादा कैफीन लेने पर कुछ लोगों में कंपकंपी, बेचैनी और चिंता जैसे लक्षण हो सकते हैं।

इन संभावित जोखिमों को देखते हुए एनर्जी ड्रिंक को रोजमर्रा की प्यास बुझाने वाला सामान्य पेय नहीं बनाना चाहिए।

घर पर बनाएं 10 हेल्दी होममेड ड्रिंक्स

नीचे दिए गए विकल्प घर पर आसानी से बनाए जा सकते हैं। इनमें अतिरिक्त चीनी और नमक की मात्रा कम रखना बेहतर है। ध्यान रहे, ये सामान्य खानपान के विकल्प हैं, किसी बीमारी का इलाज नहीं।

1. नींबू पानी

नींबू पानी गर्मी और रोजमर्रा की प्यास के लिए आसान विकल्प है। इसे बनाने के लिए एक गिलास साफ पानी में थोड़ा नींबू का रस मिलाएं। स्वाद के लिए पुदीने की पत्तियां डाल सकते हैं।

अतिरिक्त चीनी डालने से बचें या बहुत कम मात्रा में इस्तेमाल करें। नींबू में विटामिन C होता है, लेकिन नींबू पानी को शरीर में तुरंत ऊर्जा देने वाला कोई चमत्कारी पेय नहीं समझना चाहिए।

अगर आपको एसिडिटी की परेशानी होती है, तो नींबू की मात्रा कम रखें। दांतों के इनेमल की सुरक्षा के लिए बार-बार एसिडिक पेय पीने से बचें और बाद में सादे पानी से कुल्ला कर सकते हैं।

2. नारियल पानी

नारियल पानी में पोटैशियम सहित कुछ इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं। सामान्य परिस्थितियों में यह मीठे सॉफ्ट ड्रिंक्स का विकल्प बन सकता है।

इसे बिना अतिरिक्त चीनी के पिएं। नारियल पानी को सामान्य पानी की जगह हर समय पीना जरूरी नहीं है और यह सभी लोगों के लिए उपयुक्त भी नहीं है।

किडनी की बीमारी वाले लोगों, विशेष रूप से जिन्हें पोटैशियम सीमित रखने की सलाह मिली है, उन्हें डॉक्टर से पूछकर ही इसका सेवन करना चाहिए।

3. छाछ

छाछ भारतीय घरों में लंबे समय से इस्तेमाल होने वाला पेय है। इसे दही में पानी मिलाकर तैयार किया जा सकता है। चाहें तो थोड़ा भुना जीरा और पुदीना मिला सकते हैं।

छाछ से प्रोटीन और कैल्शियम सहित कुछ पोषक तत्व मिल सकते हैं। गर्मियों में भोजन के साथ इसका सेवन अच्छा विकल्प हो सकता है।

लेकिन इसमें ज्यादा नमक न डालें। हाई ब्लड प्रेशर और किडनी की समस्या वाले लोगों को नमक की मात्रा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। दूध से एलर्जी या लैक्टोज असहिष्णुता होने पर यह परेशानी पैदा कर सकती है।

4. सत्तू का पेय

सत्तू आमतौर पर भुने चने से बनाया जाता है। इसमें पानी मिलाकर नमकीन या बिना चीनी वाला पेय तैयार किया जा सकता है।

सत्तू से प्रोटीन और फाइबर मिलते हैं, जिससे यह केवल मीठे पेय की तुलना में ज्यादा संतोषजनक विकल्प हो सकता है। इसे तैयार करने के लिए पानी में सत्तू मिलाएं और स्वाद के लिए नींबू, जीरा या थोड़ी मात्रा में मसाले डालें।

अगर आप इसे वजन नियंत्रित करने के लिए पी रहे हैं, तो उसमें ज्यादा चीनी, गुड़ या अतिरिक्त कैलोरी वाली सामग्री न डालें। चने से एलर्जी वाले लोगों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

5. खीरा-पुदीना पानी

एक जग पानी में खीरे के कुछ टुकड़े और साफ पुदीने की पत्तियां डालकर कुछ देर रख दें। इससे पानी में हल्का स्वाद आ जाता है और बिना चीनी के इसे पीना आसान हो सकता है।

यह पेय शरीर में पानी की पूर्ति करने में मदद करता है, लेकिन इसे डिटॉक्स ड्रिंक समझना गलत होगा। शरीर से अपशिष्ट पदार्थ निकालने का काम मुख्य रूप से लिवर और किडनी करते हैं।

खीरे और पुदीने को अच्छी तरह धोकर इस्तेमाल करें और लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखे पानी को पीने से बचें।

6. बिना चीनी की ग्रीन टी

ग्रीन टी में कैटेचिन जैसे पौधों से मिलने वाले यौगिक होते हैं। इसमें कुछ मात्रा में कैफीन भी हो सकता है, हालांकि यह मात्रा उत्पाद और बनाने के तरीके के अनुसार बदलती है।

अगर आपको गर्म पेय पसंद है, तो बिना चीनी की ग्रीन टी मीठी चाय या शुगर वाले पेय का विकल्प बन सकती है।

लेकिन इसे एनर्जी ड्रिंक की तरह बार-बार पीना जरूरी नहीं है। कैफीन के प्रति संवेदनशील लोग इसे सीमित मात्रा में लें और सोने से पहले पीने से बचें।

7. घर का बना आम पन्ना

कच्चे आम से बना आम पन्ना गर्मियों में लोकप्रिय पेय है। इसे कच्चे आम को पकाकर, उसका गूदा निकालकर और पानी के साथ मिलाकर तैयार किया जा सकता है।

स्वाद के लिए जीरा और थोड़े मसाले इस्तेमाल किए जा सकते हैं। चीनी या गुड़ की मात्रा कम रखें, क्योंकि ज्यादा मीठा बनाने पर पेय में अतिरिक्त शुगर बढ़ जाएगी।

आम पन्ना स्वादिष्ट विकल्प हो सकता है, लेकिन इसे लू लगने या डिहाइड्रेशन का इलाज नहीं मानना चाहिए। तेज गर्मी में गंभीर कमजोरी, चक्कर या भ्रम होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

8. तरबूज का बिना चीनी वाला पेय

तरबूज में पानी की मात्रा अधिक होती है। इसके ताजे टुकड़ों को ब्लेंड करके बिना चीनी का पेय बनाया जा सकता है।

इसे छानने के बजाय गूदे के साथ लेना फाइबर बनाए रखने में मदद कर सकता है। हालांकि, फल का जूस या स्मूदी भी ज्यादा मात्रा में लेने पर अतिरिक्त कैलोरी और प्राकृतिक शुगर दे सकता है।

डायबिटीज वाले लोगों को अपनी कुल कार्बोहाइड्रेट मात्रा के अनुसार सेवन करना चाहिए। सामान्य तौर पर पूरे फल खाना भी अच्छा विकल्प है।

9. अदरक और नींबू का पानी

गुनगुने पानी में थोड़ा अदरक और नींबू मिलाकर हल्का स्वाद वाला पेय तैयार किया जा सकता है। इसमें अतिरिक्त चीनी डालना जरूरी नहीं है।

यह उन लोगों के लिए एक विकल्प है जो मीठे पेय कम करना चाहते हैं। हालांकि, अदरक और नींबू का पानी फैटी लिवर या किडनी की बीमारी को ठीक नहीं करता।

अगर आपको एसिडिटी होती है या अदरक से परेशानी होती है, तो इसका सेवन सीमित रखें। किसी बीमारी के इलाज के लिए केवल घरेलू पेय पर निर्भर न रहें।

10. सादा ठंडा पानी

सूची में सबसे सरल और उपयोगी विकल्प सादा पानी है। सामान्य परिस्थितियों में शरीर की हाइड्रेशन जरूरत पूरी करने के लिए पानी सबसे अच्छा शुरुआती विकल्प है।

आप चाहें तो इसमें बर्फ या खीरे का एक टुकड़ा डाल सकते हैं। पानी में चीनी, रंग या कैफीन नहीं होता और यह शरीर के सामान्य कार्यों के लिए जरूरी है।

हर व्यक्ति को एक ही मात्रा में पानी पीना जरूरी नहीं है। मौसम, शारीरिक गतिविधि, उम्र और स्वास्थ्य के अनुसार जरूरत बदलती है। हृदय या किडनी की बीमारी वाले कुछ लोगों को तरल पदार्थ सीमित रखने की सलाह दी जा सकती है।

रोजाना कितनी शुगर लेना ठीक है?

अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य दिशानिर्देशों के अनुसार, अतिरिक्त या फ्री शुगर का सेवन सीमित रखना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन वयस्कों और बच्चों में फ्री शुगर को कुल दैनिक ऊर्जा के 10 प्रतिशत से कम रखने की सलाह देता है। पांच प्रतिशत से कम रखने पर अतिरिक्त लाभ हो सकता है।

फ्री शुगर में खाद्य पदार्थों में मिलाई गई चीनी के साथ शहद, सिरप और फलों के रस में मौजूद शुगर भी शामिल हो सकती है।

इसलिए केवल चाय या मिठाई में मौजूद चीनी पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। पैक्ड जूस, सॉफ्ट ड्रिंक्स और मीठे एनर्जी ड्रिंक्स से भी दिनभर में शुगर की मात्रा बढ़ सकती है।

पेय खरीदते समय पोषण लेबल पर प्रति सर्विंग शुगर और कैफीन की मात्रा देखें। यदि एक कैन में दो सर्विंग दी गई हैं, तो पूरी कैन पीने पर दोनों सर्विंग की कुल मात्रा का हिसाब लगाएं।

किन लोगों को एनर्जी ड्रिंक से विशेष सावधानी रखनी चाहिए?

बच्चों और किशोरों को कैफीन वाले एनर्जी ड्रिंक्स से बचना चाहिए। गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को कुल कैफीन सेवन के बारे में डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

हाई ब्लड प्रेशर, दिल की धड़कन से जुड़ी समस्या, नींद की परेशानी या कैफीन के प्रति संवेदनशीलता वाले लोगों को भी सावधानी रखनी चाहिए।

एनर्जी ड्रिंक को शराब के साथ मिलाकर पीना जोखिमपूर्ण हो सकता है। कैफीन के कारण व्यक्ति को कम नशा महसूस हो सकता है, जबकि शराब का प्रभाव बना रहता है।

यदि किसी पेय के सेवन के बाद सीने में दर्द, बेहोशी, सांस लेने में कठिनाई या बहुत तेज और लगातार धड़कन जैसी समस्या हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

एनर्जी ड्रिंक कभी-कभार पीने और रोजाना बड़ी मात्रा में पीने के प्रभाव एक जैसे नहीं होते। मुख्य चिंता तब बढ़ती है, जब व्यक्ति नियमित रूप से अधिक चीनी और कैफीन वाले पेय का सेवन करता है। इससे नींद, वजन, मेटाबॉलिक स्वास्थ्य और कुछ लोगों में हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है।

जरूरत की खबर: इन 10 Food से पेट हो सकता है खराब, पाचन के लिए थाली में शामिल करें 14 चीजें

http://एनर्जी ड्रिंक और घर पर बने हेल्दी पेय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Shah Rukh Khan King: ₹175 करोड़ में बिके विदेशी राइट्स, Pathaan-Jawan का रिकॉर्ड चुनौती जाह्नवी कपूर पेड्डी विवाद पर बोलीं: रोल को लेकर शर्मिंदा हूं स्पेन में ट्रेन हादसा: 64 की मौत, हाई-स्पीड ट्रेनों की टक्कर प्रभास की Fauzi का टीजर हटाने की मांग, नेताजी के रिश्तेदार ने PM मोदी को टैग किया बीपी सिंह का निधन: CID और आहट के निर्माता नहीं रहे