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मेनोपॉज: 40 के बाद ये 3 आदतें रखेंगी आपको फिट और स्वस्थ

महिलाओं के जीवन में एक समय ऐसा आता है जब शरीर में कई महत्वपूर्ण बदलाव होने लगते हैं। इस प्राकृतिक प्रक्रिया को मेनोपॉज (Menopause) कहा जाता है। आमतौर पर यह अवस्था 45 से 50 वर्ष की उम्र के बीच आती है, हालांकि कई मामलों में 40 वर्ष के बाद भी इसके शुरुआती संकेत दिखाई देने लगते हैं।

मेनोपॉज का मतलब है महिलाओं में मासिक धर्म का स्थायी रूप से बंद हो जाना। यह एक प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया है, लेकिन इस दौरान शरीर और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर कई तरह के प्रभाव पड़ सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर महिलाएँ 40 वर्ष की उम्र के बाद अपनी जीवनशैली में कुछ जरूरी बदलाव कर लें, तो मेनोपॉज से जुड़े कई शारीरिक और मानसिक प्रभावों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

डॉक्टरों के अनुसार तीन ऐसी महत्वपूर्ण आदतें हैं जिन्हें अपनाकर महिलाएँ इस दौर में भी खुद को स्वस्थ और फिट रख सकती हैं।

सबसे पहली आदत है नियमित व्यायाम।

व्यायाम शरीर को सक्रिय बनाए रखने के साथ-साथ हार्मोनल बदलावों से होने वाली समस्याओं को भी कम करने में मदद करता है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि रोजाना पैदल चलना, हल्की दौड़, साइकिल चलाना या योग जैसे व्यायाम करने से शरीर की ऊर्जा बनी रहती है और वजन भी नियंत्रित रहता है।

मेनोपॉज के दौरान कई महिलाओं को अचानक गर्मी लगना, पसीना आना या बेचैनी महसूस होने जैसी समस्याएँ होती हैं, जिन्हें हॉट फ्लैश कहा जाता है।

नियमित व्यायाम करने से इन लक्षणों की तीव्रता कम हो सकती है।

इसके अलावा व्यायाम हड्डियों को मजबूत बनाने में भी मदद करता है।

मेनोपॉज के बाद महिलाओं में हड्डियों के कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है, जिसे ऑस्टियोपोरोसिस कहा जाता है।

ऐसे में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और वेट-बियरिंग एक्सरसाइज हड्डियों की मजबूती बनाए रखने में सहायक होती हैं।

योग और प्राणायाम भी इस समय काफी फायदेमंद माने जाते हैं।

ये मानसिक तनाव को कम करने के साथ-साथ नींद की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाते हैं।

मेनोपॉज के दौरान कई महिलाओं को नींद से जुड़ी समस्याएँ भी होने लगती हैं।

योग और ध्यान इन समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं।

दूसरी महत्वपूर्ण आदत है संतुलित और पौष्टिक आहार लेना।

इस उम्र में शरीर को अधिक पोषण की आवश्यकता होती है।

विशेषज्ञों के अनुसार महिलाओं को अपने भोजन में हाई प्रोटीन और फाइबर से भरपूर आहार शामिल करना चाहिए।

प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है।

जबकि फाइबर पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के साथ-साथ वजन को नियंत्रित रखने में भी सहायक होता है।

मेनोपॉज के दौरान कैल्शियम और विटामिन-D का सेवन भी बेहद जरूरी होता है।

ये दोनों पोषक तत्व हड्डियों की मजबूती के लिए आवश्यक हैं।

इसके अलावा ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे अलसी, अखरोट और मछली भी इस समय लाभकारी होते हैं।

ओमेगा-3 शरीर में सूजन कम करने और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है।

महिलाओं को अपने भोजन में साबुत अनाज, दालें, फल और हरी सब्जियाँ भी शामिल करनी चाहिए।

साथ ही अत्यधिक चीनी, तले हुए भोजन और कैफीन के सेवन से बचना चाहिए।

संतुलित आहार शरीर को ऊर्जा देता है और हार्मोनल असंतुलन से होने वाली कई समस्याओं को कम करने में मदद करता है।

तीसरी महत्वपूर्ण आदत है नियमित स्वास्थ्य जांच करवाना।

मेनोपॉज के बाद महिलाओं में कई जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

जैसे कि हृदय रोग, मधुमेह और उच्च रक्तचाप।

इसलिए डॉक्टर सलाह देते हैं कि इस उम्र के बाद नियमित स्वास्थ्य जांच करवानी चाहिए।

हड्डियों की स्थिति जानने के लिए DEXA स्कैन कराया जा सकता है।

इसके अलावा हृदय स्वास्थ्य के लिए लिपिड प्रोफाइल टेस्ट और महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए मैमोग्राफी जैसे परीक्षण भी समय-समय पर करवाने चाहिए।

नियमित जांच से किसी भी बीमारी का पता शुरुआती चरण में लगाया जा सकता है।

जिससे समय पर उपचार संभव हो पाता है।

मेनोपॉज के दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों के कारण कई महिलाओं को मानसिक तनाव, चिंता या मूड स्विंग जैसी समस्याएँ भी हो सकती हैं।

ऐसे में परिवार और दोस्तों का सहयोग बेहद जरूरी होता है।

सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली इस समय महिलाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मेनोपॉज कोई बीमारी नहीं बल्कि जीवन का एक स्वाभाविक चरण है।

अगर महिलाएँ सही जानकारी और स्वस्थ आदतों को अपनाएँ, तो इस समय को भी वे ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ जी सकती हैं।

नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच जैसे सरल कदम महिलाओं को लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीने में मदद कर सकते हैं।

इसलिए 40 वर्ष के बाद से ही इन आदतों को अपनाना बेहद जरूरी माना जाता है।

http://menopause-health-tips-after-40

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